बिल का सारांश

केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026

 

  • केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 को 16 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में पेश किया गया। इसका उद्देश्य निम्नलिखित कानूनों में संशोधन करना है: (i) केंद्र शासित प्रदेश सरकार एक्ट, 1963, (ii) दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार एक्ट, 1991, और (iii) जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन एक्ट, 2019। यह पुद्दूचेरी, दिल्ली और जम्मू एवं कश्मीर की विधानसभा और संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के नियमों में बदलाव करता है। इस बिल के साथ दो अन्य बिल भी पेश किए गए हैं: (i) संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026, जो संसद द्वारा कानून के माध्यम से निर्दिष्ट जनगणना के आधार पर परिसीमन की अनुमति देता है, और (ii) परिसीमन बिल, 2026 जो परिसीमन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक आयोग के गठन का प्रावधान करता है।

  • निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन: बिल परिसीमन आयोग को विधानसभा और संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के पुननिर्धारण का अधिकार देता है। परिसीमन उस सबसे हालिया प्रकाशित जनगणना पर आधारित होगा, जो आयोग के गठन की तारीख तक उपलब्ध हो।

  • विधानसभाओं में सीटों की संख्या: संबंधित कानूनों में विधानसभा की सीटों की संख्या इस प्रकार निर्दिष्ट है: (i) पुद्दूचेरी में 30, (ii) दिल्ली में 70, और (iii) जम्मू और कश्मीर में 114। बिल में इसके विपरीत यह प्रावधान है कि परिसीमन आयोग सीटों की संख्या इस प्रकार निर्धारित करेगा कि वह उपरोक्त संख्या से कम न हो।

  • पुद्दूचेरी विधानसभा में मनोनीत सदस्य: वर्तमान में केंद्र सरकार विधानसभा में अधिकतम तीन सदस्यों को मनोनीत कर सकती है। बिल में प्रावधान है कि यह सीमा बढ़ाकर पांच कर दी जाएगी, जिनमें से दो महिलाएं होंगी। यह बढ़ोतरी परिसीमन के बाद लागू होगी।

  • जम्मू और कश्मीर में मनोनीत सदस्य: वर्तमान में लेफ्टिनेंट गवर्नर महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए दो सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं। बिल में प्रावधान है कि परिसीमन के बाद यह सीमा बढ़कर तीन हो जाएगी।

 

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