बिल का सारांश

खान और खनिज (विकास और रेगुलेशन) संशोधन बिल, 2026

 

  • खान और खनिज (विकास और रेगुलेशन) संशोधन बिल, 2026 को 10 अगस्त, 2026 को लोकसभा में पेश किया गया। बिल खान और खनिज (विकास और रेगुलेशन) एक्ट, 1957 में संशोधन करने का प्रयास करता है। यह एक्ट खनन क्षेत्र को रेगुलेट करता है।

  • खनिज युक्त भूमि का रेगुलेशन: एक्ट केंद्र सरकार को खानों के रेगुलेशन और खनिजों के विकास को नियंत्रित करने का अधिकार देता है। यह बिल केंद्र सरकार को खनिज युक्त भूमि के रेगुलेशन को नियंत्रित करने का अधिकार भी देता है। खनिज युक्त भूमि ऐसी ज़मीन होती है जिसमें केंद्र सरकार द्वारा नियमों के तहत निर्धारित मापदंडों के अनुसार खनिज मौजूद हों।

  • राज्यों की लेवी पर रोक: यह बिल राज्य सरकारों को निर्दिष्ट लेवी लगाने से रोकता है, जब तक कि वे केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों या प्रतिबंधों के अनुसार न हों। यह प्रतिबंध निम्नलिखित पर लगने वाले किसी भी टैक्स, सेस या ऐसी ही दूसरी लेवी पर लागू होगा: (i) खनिज अधिकारों पर, या (ii) खनिज युक्त भूमि पर, चाहे वे खनिज की मात्रा, खनिज के मूल्य, रॉयल्टी या किसी अन्य आधार पर तय की गई हों। इस संशोधन कानून के लागू होने से पहले राज्यों का जो भी टैक्स बकाया है या वसूला नहीं गया है, वह अमान्य माना जाएगा (यानी रद्द माना जाएगा)। हालांकि जो टैक्स पहले जमा या वसूला जा चुका है, उसे वापस नहीं किया जाएगा।

 

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