बिल का सारांश

ट्रिब्यूनल सुधार बिल, 2026

 

  • ट्रिब्यूनल सुधार बिल, 2026 को 10 अगस्त, 2026 को लोकसभा में पेश किया गया। बिल ट्रिब्यूनल सुधार एक्ट, 2021 को निरस्त करने का प्रयास करता है। 2021 का एक्ट अलग-अलग ट्रिब्यूनल्स में नियुक्तियों और सेवा की शर्तों का प्रावधान करता है। यह बिल इन मामलों को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तय करने का प्रावधान करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने 2021 के एक्ट के कुछ प्रावधानों को इसलिए खारिज कर दिया था क्योंकि वे शक्तियों के बंटवारे और न्यायपालिका की स्वतंत्रता के सिद्धांतों के विरुद्ध थे।

  • राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग: यह बिल राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल्स आयोग की स्थापना करता है। इसके कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) ट्रिब्यूनल में रिक्त पदों को भरने के लिए चयन प्रक्रिया का संचालन करना, (ii) ट्रिब्यूनल के कामकाज की समीक्षा करना, (iii) ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष या सदस्यों के आचरण के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों की जांच की निगरानी करना, और (iv) राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल्स डेटा ग्रिड का विकास और उसका रखरखाव करना।

  • आयोग की संरचना: आयोग में निम्नलिखित सदस्य होंगे: (i) एक अध्यक्ष, जो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे हों, (ii) दो न्यायिक सदस्य, जो उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या न्यायाधीश रहे हों, और (iii) दो तकनीकी सदस्य। तकनीकी सदस्यों के पास पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनांस, कानून, अकाउंटेंसी, बैंकिंग, मैनेजमेंट या टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कम से कम 25 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा, या 70 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो)। आयोग में सभी नियुक्तियां केंद्र सरकार करेगी। अध्यक्ष और न्यायिक सदस्यों की नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद की जाएगी। आयोग का एक सचिवालय होगा, जिसके प्रमुख केंद्र सरकार के सचिव होंगे।

  • ट्रिब्यूनल के लिए चयन प्रक्रिया: आयोग ट्रिब्यूनल में नियुक्तियों का सुझाव देने के लिए खोज-सह-चयन समिति का गठन करेगा। इस समिति की अध्यक्षता: (i) ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष की नियुक्ति के मामले में आयोग के अध्यक्ष करेंगे, और (ii) सदस्य की नियुक्ति के मामले में आयोग के न्यायिक सदस्य करेंगे। आयोग के अध्यक्ष समिति के लिए निम्नलिखित में से किसी एक को नामित करेंगे: (i) ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष की नियुक्ति के मामले में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश, या (ii) सदस्य की नियुक्ति के मामले में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश। समिति के अन्य सदस्यों में निम्नलिखित शामिल होंगे: (i) आयोग का एक तकनीकी सदस्य, (ii) केंद्र सरकार द्वारा नामित सरकार का एक सचिव, (iii) दो विशेषज्ञ सदस्य, और (iv) आयोग का सचिव। विशेषज्ञ सदस्यों और आयोग के सचिव को वोट देने का अधिकार नहीं होगा। समिति के अध्यक्ष के पास निर्णायक वोट (कास्टिंग वोट) होगा। सचिवालय आयोग के नियमों के अनुसार संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों को पैनल में शामिल करेगा।

  • समिति हर रिक्त पद के लिए सरकार को दो विकल्प देगी- एक नाम नियुक्ति के लिए देगी, और दूसरा नाम वेटिंग लिस्ट में रखेगी। केंद्र सरकार को इस सुझाव के तीन महीने के अंदर नियुक्ति करनी होगी।

  • कार्यकाल: ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष और सदस्य का कार्यकाल पांच वर्ष होगा, या एक निर्दिष्ट आयु सीमा तक, जो भी पहले हो। अध्यक्ष के लिए आयु सीमा 70 वर्ष और सदस्यों के लिए 67 वर्ष होगी।

  • दोबारा नियुक्तियां: ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष और सदस्यों की दोबारा नियुक्ति पर विचार किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए निम्नलिखित शर्तें अनिवार्य होंगी: (i) उनके पिछले कार्यकाल के प्रदर्शन की समीक्षा करना, और (ii) सदस्य के मामले में, संबंधित ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष के साथ सलाह-मशविरा करना।

  • सदस्यों को हटाना: केंद्र सरकार आयोग या ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष या सदस्य को उनके पद से हटा सकती है, अगर वह व्यक्ति: (i) दिवालिया घोषित हो जाता है, (ii) नैतिक रूप से गलत आचरण वाले किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, (iii) शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम हो जाता है, (iv) अपने पद का दुरुपयोग करता है, या (v) कोई ऐसा वित्तीय या अन्य हित प्राप्त कर लेता है जो उसके कार्यों पर प्रतिकूल असर डालता है। ट्रिब्यूनल के अध्यक्षों और सदस्यों को हटाने के अतिरिक्त कारणों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) अगर वे अपने कर्तव्यों को पूरा करने में असमर्थ या कार्य में अकुशल पाए जाते हैं, या (ii) अगर वे अपने पद पर रहते हुए किसी अन्य लाभकारी या सवैतनिक कार्य में शामिल होते हैं।

  • नियुक्ति और सेवा की शर्तें: केंद्र सरकार नियमों के तहत निम्नलिखित निर्धारित करेगी: (i) योग्यताएं, (ii) चयन का तरीका, (iii) वेतन और भत्ते, (iv) इस्तीफा, बर्खास्तगी और सेवा की अन्य शर्तें।

 

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