जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला ने 6 फरवरी, 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया। इस विश्लेषण के आंकड़े मुख्य रूप से 'बजट एट ए ग्लांस' दस्तावेज़ से लिए गए हैं क्योंकि वार्षिक वित्तीय विवरण ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है।

बजट के मुख्य अंश

  • जम्मू और कश्मीर का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2026-27 के लिए (वर्तमान कीमतों पर) 3,15,822 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 9.5% की वृद्धि दर्शाता है।

  • 2026-27 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 1,05,958 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (1,05,235 करोड़ रुपए) के लगभग बराबर है। इसके अतिरिक्त राज्य द्वारा 2026-27 में 7,809 करोड़ रुपए का ऋण चुकाया जाएगा।

  • 2026-27 के लिए प्राप्तियां (ऋण को छोड़कर) 91,273 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (91,151 करोड़ रुपए) के लगभग बराबर है।

  • 2026-27 में राजस्व अधिशेष जीएसडीपी का 3% (9,378 करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है, जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 2.8%) से अधिक है।

  • 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 4.6% (14,685 करोड़ रुपए) पर लक्षित है। संशोधित अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.9% रहने की उम्मीद है, जो बजट अनुमान (जीएसडीपी का 3%) से अधिक है।

नीतिगत विशिष्टताएं

  • फसल बीमा: जम्मू और कश्मीर में पुनर्गठित मौसम आधारित बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीआईएस) निम्नलिखित फसलों के लिए लागू की जाएगी: (i) सेब (पारंपरिक और उच्च घनत्व वाली किस्में), (ii) केसर (कश्मीर मंडल), और (iii) आम, लीची और केसर (जम्मू मंडल)। इस योजना के तहत कुल बीमा राशि 6,595 करोड़ रुपए होगी।

  • अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) परिवारों के लिए योजनाएं: एएवाई परिवारों के विद्यार्थियों को निम्नलिखित के लिए शुल्क नहीं देना होगा: (i) सरकारी स्कूल (कक्षा 9 से 12) और (ii) सरकारी डिग्री कॉलेज। यह केवल उन्हीं विद्यार्थियों के लिए लागू होगा जो किसी अन्य शिक्षा छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं। सभी एएवाई परिवारों को प्रति वर्ष छह निःशुल्क सिलेंडर प्रदान किए जाएंगे।

  • आंगनवाड़ी केंद्रों का अपग्रेडेशन: 1,000 आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक बाल विद्यालयों में बदला जाएगा, जिसकी लागत प्रति केंद्र 72,000 रुपए होगी।

  • माता-पिता विहीन बच्चों को सहायता: माता-पिता विहीन 6,000 बच्चों को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और बुनियादी जीवनयापन की जरूरतों के लिए प्रति माह 4,000 रुपए की सीधी सहायता राशि हस्तांतरित की जाएगी।

  • दिव्यांगजनों के लिए मुफ्त परिवहन: सभी दिव्यांगजनों को सरकारी सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी।

जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था

  • जीएसडीपी: 2025-26 में जम्मू और कश्मीर की जीएसडीपी में (स्थिर कीमतों पर) पिछले वर्ष की तुलना में 5.8% की वृद्धि का अनुमान है। तुलनात्मक रूप से भारत की जीडीपी में 2025-26 में पिछले वर्ष की तुलना में 7.4% की वृद्धि का अनुमान है।

  • क्षेत्र: 2025-26 में कृषि, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों का जम्मू और कश्मीर की अर्थव्यवस्था में क्रमशः 20%, 19% और 61% का योगदान होने का अनुमान है (वर्तमान कीमतों पर)।

  • प्रति व्यक्ति जीएसडीपी: 2025-26 में जम्मू और कश्मीर की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी (वर्तमान कीमतों पर) 2,06,189 रुपए होने का अनुमान है। यह 2024-25 की तुलना में 8% अधिक है। 2025-26 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी 2,51,393 रुपए होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7% की वृद्धि है।

रेखाचित्र 1: जम्मू-कश्मीर में स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी की वृद्धि (2011-12)

नोट: ये आंकड़े स्थिर कीमतों (2011-12) के अनुसार हैं, जिसका अर्थ है कि विकास दर को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया गया है।
स्रोत: एमओएसपीआई; पीआरएस।

2026-27 के लिए बजट अनुमान

  • वर्ष 2026-27 में कुल व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 1,05,958 करोड़ रुपए रहने का लक्ष्य है जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (1,05,235 करोड़ रुपए) के लगभग बराबर है। इस व्यय को 91,273 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) और 12,264 करोड़ रुपए के शुद्ध ऋण के माध्यम से पूरा करने का प्रस्ताव है। वर्ष 2026-27 के लिए कुल प्राप्तियां (ऋण को छोड़कर) वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (91,151 करोड़ रुपए) के लगभग बराबर रहने का अनुमान है।

  • राज्य सरकार ने 2026-27 में जीएसडीपी के 3% (9,378 करोड़ रुपए) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया है, जबकि संशोधित अनुमानों के अनुसार 2025-26 में यह राजस्व अधिशेष जीएसडीपी के 2.8% (7,991 करोड़ रुपए) था।

  • 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 4.6% (14,685 करोड़ रुपए) पर लक्षित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (जीएसडीपी के 4.9%) से कम है। 2025-26 में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान (जीएसडीपी के 3%) से अधिक रहने का अनुमान है।

तालिका 1: बजट 2026-27- मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

कुल व्यय

92,191

1,12,310

1,11,376

-1%

1,13,767

2%

(-) ऋण का पुनर्भुगतान

6,761

5,669

6,141

8%

7,809

27%

शुद्ध व्यय (E)

85,430

1,06,641

1,05,235

-1%

1,05,958

1%

कुल प्राप्तियां**

92,262

1,12,310

1,09,231

-3%

1,11,346

2%

(-) उधारियां

17,537

14,265

18,080

27%

20,073

11%

इनमें से केंद्रीय कैपेक्स लोन*

0

0

3,587

-

3,000

-16%

शुद्ध प्राप्तियां (R)

74,725

98,045

91,151

-7%

91,273

0.1%

राजकोषीय घाटा (E-R)*

10,705

8,596

14,084

64%

14,685

4%

जीएसडीपी का %

4%

3%

4.9%

 

4.6%

 

राजस्व अधिशेष

3,929

18,279

7,991

-56%

9,378

17%

जीएसडीपी का %

1.5%

6.3%

2.8%

 

3%

 

प्राथमिक घाटा

-170

-2,922

2,412

-183%

2,402

-0.4%

जीएसडीपी का %

-0.1%

-1%

0.8%

 

0.8%

 

जीएसडीपी

2,62,358

2,88,422

2,88,422

0%

3,15,822

9.5%

नोट: बअ बजट अनुमान है; संअ संशोधित अनुमान है। *राजकोषीय घाटा बजट एट अ ग्लांस से मेल नहीं खा सकता है, क्योंकि इस विवरण में एसएएससीआई ऋणों (पूंजीगत व्यय के लिए 50 वर्षों के ब्याज-मुक्त ऋण) को अनुदान के रूप में माना गया है। केंद्र शासित प्रदेशों को 2024-25 तक इस योजना के तहत ऋण प्रदान नहीं किए गए थे। **कुल प्राप्तियां बजट के संक्षिप्त विवरण से मेल नहीं खा सकती हैं, क्योंकि इस विवरण में सार्वजनिक खाते में प्राप्तियां, जैसे कि भविष्य निधि, भी शामिल हैं। इस विवरण में अल्पकालिक एडवांसेज़ और ओवरड्राफ्ट को छोड़कर प्राप्तियों और व्यय की जानकारी दी गई है।
स्रोत: बजट एट अ ग्लांस, जम्मू-कश्मीर बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 में व्यय

राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना

राज्यों द्वारा अधिक पूंजीगत व्यय को सुगम बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने 2020-21 में राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) शुरू की। इसके तहत, केंद्र सरकार राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए 50 वर्षों का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करती है। इस योजना में संशोधन किया गया और 2025-26 से विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों को भी ऋण प्रदान किया जाने लगा।

जम्मू और कश्मीर सरकार ने 2025-26 में इस योजना के तहत 3,587 करोड़ रुपए प्राप्त होने का अनुमान लगाया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत 27 जनवरी, 2026 तक जम्मू और कश्मीर को 1,642 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। 2026-27 में एसएएससीआई ऋण के रूप में 3,000 करोड़ रुपए प्राप्त होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 16% कम है।

स्रोत: अतारांकित प्रश्न संख्या 445, लोकसभा, वित्त मंत्रालय, 2 फरवरी, 2026; बजट एट अ ग्लांस, जम्मू और कश्मीर बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।

  • वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व व्यय 80,640 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (80,839 करोड़ रुपए) से मामूली रूप से कम है। इसमें वेतन, पेंशन, ब्याज, अनुदान और सबसिडी पर होने वाला व्यय शामिल है।

  • वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय 25,236 करोड़ रुपए प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान से 4% अधिक है। पूंजीगत व्यय परिसंपत्तियों के सृजन पर होने वाले व्यय को दर्शाता है।

  • वर्ष 2025-26 में पूंजीगत व्यय का अनुमान वर्ष के बजट अनुमान से 10% कम है। 

 

तालिका 2: बजट 2026-27 में व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राजस्व व्यय

70,472

79,703

80,839

1%

80,640

-0.2%

पूंजीगत परिव्यय

14,943

26,909

24,308

-10%

25,236

4%

राज्य द्वारा दिए गए ऋण

15

29

88

202%

82

-6%

शुद्ध व्यय

85,430

1,06,641

1,05,235

-1%

1,05,958

1%

स्रोत: बजट एट अ ग्लांस, जम्मू-कश्मीर बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

प्रतिबद्ध व्यय: राज्य के प्रतिबद्ध व्यय में आम तौर पर वेतन, पेंशन और ब्याज के भुगतान पर व्यय शामिल होता है। बजट के एक बड़े हिस्से को प्रतिबद्ध व्यय की मदों के लिए आवंटित करने से पूंजीगत परिव्यय जैसी अन्य व्यय प्राथमिकताओं पर फैसला लेने का राज्य का लचीलापन सीमित हो जाता है। वर्ष 2026-27 में जम्मू-कश्मीर द्वारा निर्धारित व्यय पर अनुमानित 52,743 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है जो अनुमानित राजस्व प्राप्ति का 59% है। इसमें वेतन (राजस्व प्राप्ति का 27%), पेंशन (18%) और ब्याज भुगतान (14%) पर व्यय शामिल है। 2024-25 में पूर्व-वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, राजस्व प्राप्तियों का 66% प्रतिबद्ध व्यय मदों पर खर्च किया गया था।

तालिका 3: 2026-27 में प्रतिबद्ध व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

वेतन

23,100

23,894

24,938

4%

24,683

-1%

पेंशन

14,805

15,300

16,011

5%

15,777

-1%

ब्याज भुगतान

10,875

11,518

11,672

1%

12,283

5%

कुल

48,780

50,712

52,621

4%

52,743

0%

स्रोत: बजट एट अ ग्लांस, जम्मू-कश्मीर बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 में प्राप्तियां

  • वर्ष 2026-27 के लिए कुल राजस्व प्राप्ति 90,018 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 1% अधिक है। इसमें से 31,800 करोड़ रुपए (35%) राज्य द्वारा अपने संसाधनों से जुटाए जाएंगे, और 58,218 करोड़ रुपए (65%) केंद्र से अनुदान के रूप में प्राप्त होंगे। वर्ष 2026-27 में केंद्र से प्राप्त अनुदान में वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 4% की वृद्धि होने का अनुमान है।

  • राज्य का स्वयं कर राजस्व: जम्मू और कश्मीर का कुल स्वयं कर राजस्व वर्ष 2026-27 में 20,700 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 1% अधिक है। जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 6.6% रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (7.1%) से कम है। 2024-25 के पूर्व-वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 5% था।

तालिका 4: राज्य सरकार की प्राप्तियों का ब्रेकअप (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राज्य के स्वयं कर

14,249

21,550

20,590

-4%

20,700

1%

राज्य के स्वयं गैर कर

6,872

10,355

12,104

17%

11,100

-8%

केंद्र से सहायतानुदान

53,280

58,624

56,136

-4%

58,218

4%

राजस्व प्राप्तियां

74,401

97,982*

88,830

-9%

90,018

1%

गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

324

63

2,321

3584%

1,255

-46%

शुद्ध प्राप्तियां

74,725

98,045

91,151

-7%

91,273

0.1%

नोट: *इसमें अतिरिक्त संसाधनों को जुटाकर बजट में शामिल किए गए 7,453 करोड़ रुपए भी शामिल हैं।
स्रोत: बजट एट अ ग्लांस, जम्मू-कश्मीर बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

बिजली पर राजस्व प्राप्ति और व्यय

जम्मू और कश्मीर को बिजली से गैर-कर राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्राप्त होता है। राज्य के राजस्व व्यय में बिजली खरीद पर होने वाला खर्च शामिल है। अन्य राज्यों में, ये लेनदेन राज्य के बजट से बाहर होते हैं और राज्य के स्वामित्व वाली बिजली वितरण कंपनियों के खातों से किए जाते हैं। 2026-27 में जम्मू और कश्मीर के बजट में बिजली से होने वाला गैर-कर राजस्व 7,100 करोड़ रुपए रखा गया है। यह राज्य के कुल गैर-कर राजस्व का 64% और राजस्व प्राप्तियों का 8% है। जहां तक खर्च का मामला है, 2026-27 में बिजली खरीद पर होने वाला खर्च 9,300 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो कुल राजस्व व्यय (80,640 करोड़ रुपए) का 12% है।

स्रोत: बजट एट अ ग्लांस, जम्मू-कश्मीर बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

  • 2026-27 में राज्य जीएसटी के स्वयं कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत (63% हिस्सा) होने का अनुमान है। राज्य जीएसटी से राजस्व में 2025-26 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 13% की वृद्धि होने का अनुमान है।

  • 2026-27 में बिक्री कर/वैट से राजस्व 2025-26 के संशोधित अनुमान से 16% कम रहने की उम्मीद है।

  • 2026-27 में स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क से राजस्व 2025-26 के संशोधित अनुमान से 42% कम रहने का अनुमान है। 2025-26 में इस स्रोत से राजस्व बजट अनुमान से 111% अधिक रहने की उम्मीद है (900 करोड़ रुपए के बजट अनुमान के मुकाबले 1,900 करोड़ रुपए)।

तालिका 5: राज्य के स्वयं कर राजस्व के मुख्य स्रोत (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राज्य जीएसटी

8,586

14,000

11,500

-18%

13,000

13%

सेल्स टैक्स/वैट

1,689

1,995

2,500

25%

2,100

-16%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

688

900

1,900

111%

1,100

-42%

राज्य उत्पाद शुल्क

2,272

2,990

2,990

0%

3,000

3.3%

स्रोत: बजट एट अ ग्लांस, जम्मू-कश्मीर बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

 

2026-27 के लिए घाटे और ऋण

जम्मू-कश्मीर के राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन एक्ट, 2006 में राज्य सरकार की बकाया देनदारियों, राजस्व घाटे और राजकोषीय घाटे को धीरे धीरे कम करने के वार्षिक लक्ष्यों का प्रावधान है।

बजटेतर उधारियां

बजटेतर उधारियां ऐसे ऋण होते हैं जो सीधे सरकार द्वारा नहीं लिए जाते बल्कि जिनका मूलधन और/या ब्याज सरकारी बजट से चुकाया जाता है। 16वें वित्त आयोग ने राज्यों के लिए बजट से बाहर लिए गए ऋणों की परंपरा को बंद करने और ऐसे सभी ऋणों को उनके बजट में शामिल करने का सुझाव दिया। उसने राजकोषीय घाटे और ऋण की परिभाषा का विस्तार करने का भी सुझाव दिया ताकि इसमें बजटेतर ऋणों को समान रूप से शामिल किया जा सके।

मार्च 2025 के अंत तक जम्मू और कश्मीर का बकाया बजटेतर ऋण 23,133 करोड़ रुपए (जीएसपीडी का 8.8%) था। इसमें दो सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं, (ii) जेकेपीडीडी/जेकेपीसीएल और (ii) जेकेआईडीएफसी के लिए लिए गए ऋण शामिल हैं। राज्य का कुल बकाया ऋण 2024-25 के अंत तक जीएसपीडी का 48% अनुमानित था। बजटेतर ऋण को शामिल करने पर बकाया ऋण बढ़कर जीएसडीपी का 56.8% हो जाएगा।

स्रोत: एफआरबीएम वक्तव्य, बजट एट ए ग्लांस, जम्मू और कश्मीर बजट दस्तावेज 2026-27; 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट खंड-I; पीआरएस।

  • राजस्व संतुलन: यह सरकार की राजस्व प्राप्तियों और राजस्व व्यय के बीच का अंतर होता है। राजस्व घाटे का यह अर्थ होता है कि सरकार को अपना व्यय पूरा करने के लिए उधार लेने की जरूरत है जोकि भविष्य में पूंजीगत परिसंपत्तियों का सृजन नहीं करेगा और न ही देनदारियों को कम करेगा। बजट में 2026-27 में 9,378 करोड़ रुपए (या जीएसडीपी में गिरावट का 3%) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया गया है।

  • राजकोषीय घाटा: यह कुल व्यय और कुल प्राप्तियों के बीच का अंतर होता है। इस अंतर को सरकार द्वारा उधार लेकर पूरा किया जाता है जिससे कुल देनदारियों में वृद्धि होती है। 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.6% रहने का अनुमान है। अगर 3,000 करोड़ रुपए के 50 वर्षीय ब्याज मुक्त ऋणों को अनुदान माना जाए, तो 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3.7% होगा।

  • बकाया देनदारियां: बकाया देनदारियां किसी वित्तीय वर्ष के अंत में कुल उधारी का संचय है। इसमें भविष्य निधि जैसे सार्वजनिक खातों पर बकाया देनदारियां भी शामिल हैं। 2024-25 के अंत में बकाया देनदारियां जीएसडीपी का 48% होने का अनुमान है जो 2023-24 (जीएसडीपी का 51%) की तुलना में कम है।

 

रेखाचित्र 2: राजस्व एवं राजकोषीय संतुलन (जीएसडीपी का %)

 

नोट: RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है। (+) अधिशेष को दर्शाता है और (-) घाटे को दर्शाता है।
स्रोत: मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति, जम्मू-कश्मीर बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।
 

रेखाचित्र 3: बकाया देनदारियां (जीएसडीपी का %)

 

स्रोत: बजट एट अ ग्लांस, जम्मू-कश्मीर बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

 

 

 

बकाया सरकारी गारंटी: राज्यों की बकाया देनदारियों में कुछ अन्य आकस्मिक देनदारियां शामिल नहीं हैं, जिनका भुगतान राज्यों को कुछ मामलों में करना पड़ सकता है। राज्य सरकारें वित्तीय संस्थानों से राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (एसपीएसई) के ऋणों की गारंटी देती हैं। मार्च 2025 तक राज्य की बकाया गारंटी लगभग 23,690 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो जम्मू और कश्मीर की जीएसडीपी का 9% है।

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