पायोजा अहलूवालिया - अक्टूबर 2, 2021
2 अक्टूबर, 2021 को स्वच्छ भारत अभियान (एसबीएम) के सात साल पूरे हुए हैं। 2 अक्टूबर, 2019 को स्वच्छ भारत के लक्ष्य को पूरा करने के मकसद से इसे 2 अक्टूबर, 2014 को शुरू किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य देश को खुले में शौच से मुक्त करना, मैला ढोने की प्रथा को समाप्त करना और वैज्ञानिक तरीके से...
आदित्य कुमार - सितंबर 20, 2021 
ट्रिब्यूनल्स परंपरागत अदालती व्यवस्था के ही समान प्रणाली है। ट्रिब्यूनल्स को दो मुख्य कारणों से स्थापित किया जाता है- तकनीकी मामलों में विवाद होने की स्थिति में विशेष ज्ञान प्रदान करना और न्यायालयों के दबाव को कम करना। भारत में कुछ ट्रिब्यूनल्स अधीनस्थ अदालतों के स्तर के हैं और उनके निर्णयों के...
अप्रैल 2020 में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कहा गया था कि कोविड-19 महामारी के कारण विश्व स्तर पर करीब 2.5 करोड़ नौकरियां समाप्त हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त उसमें कहा गया था कि महामारी के कारण भारत में 40 करोड़ अनौपचारिक श्रमिक गरीबी के गर्त में गिर सकत...
भारत 25 मार्च, 2020 से लॉकडाउन में है। इस दौरान अनिवार्य वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन और सप्लाई न करने वाली गतिविधियों को पूरी तरह या आंशिक रूप से रोक दिया गया था। यात्री रेलों और हवाई उड़ानों को भी बंद कर दिया गया था। लॉकडाउन ने प्रवासियों को ब...
1 जून, 2020 को आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम दर्जे के उद्यमों (एमएसएमईज़) की परिभाषा में संशोधन को मंजूरी दी।[1] इस ब्लॉग में हम एमएसएमईज़ की परिभाषा में कैबिनेट द्वारा मंजूर परिवर्तनों पर चर्चा कर रहे हैं और एमएसएमईज़ के वर्गीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ मानदंडों...
दल-बदल विरोधी कानून सोमवार को फिर नाकाम साबित हुआ। इस बार यह पुडुचेरी में हुआ है। कांग्रेस-द्रमुक सरकार के मुखिया वी नारायणसामी को अपना बहुमत साबित करने के लिए कहा गया था, पर उन्होंने सदन से ‘वाकआउट’ करना बेहतर समझा। वहां पर सियासी संकट रविवार को तब गहरा गया था, जब सत्तारूढ़ गठबंधन से दो ...
ज्यादातर विधानसभाएं अपने काम और विधायी जानकारी को न के बराबर सार्वजनिक करती हैं। कर्नाटक विधानसभा का तीन दिन का सत्र पिछले हफ्ते खत्म हो गया। जब सत्र चालू होता है, तो विधानसभा की कार्यवाही केंद्र में होती है। लेकिन यहां ऐसा नहीं है। स्पीकर विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी का एक फैसला कार्यवाही के दौरान ख...
देश की संसद डीएनए तकनीक के उपयोग का नियमन करने के लिए एक कानून पारित करने वाली है। हर व्यक्ति का डीएनए अनोखा होता है, तो इसका उपयोग व्यक्ति की सुनिश्चित पहचान के लिए किया जा सकता है। वैश्विक रूप से इस तकनीक का उपयोग सुरक्षा एजेंसियां भगोड़ों और अपराध पीड़ितों की पहचान के लिए करती हैं। डीएनए जांच का उप...
साल 2019 के बजट सत्र के समापन के साथ 16वीं लोकसभा का अवसान हो गया. पिछले पांच वर्षों के दौरान 133 विधेयक पारित हुए- खास तौर से वित्त, स्वास्थ्य, कानून और न्याय, शिक्षा से जुड़े.  पिछली दो लोकसभाओं- 14वीं और 15वीं- की तुलना में 16वीं लोकसभा में निचले सदन में एक राजनीतिक दल का बहुमत था. इस लोक...
आपराधिक मामलों में फंसे नेताओं के चुनाव लड़ने पर फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे संसद के विवेक पर छोड़ दिया है. अब समस्या यह है कि क्या संसद खुद कोई ऐसा कानून बनायेगी, जिससे कि संसद को दागदार छवि वाले नेताओं से मुक्त बनाया जा सके? क्योंकि, आज एक भी ऐसी पार्टी नहीं है, जिसमें ऐसे नेता न हों, जिनक...