दिल्ली की मुख्यमंत्री सुश्री रेखा गुप्ता ने 24 मार्च, 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया।

बजट के मुख्य अंश

  • 2026-27 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 99,446 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 5% अधिक है। इसके अतिरिक्त, राज्य द्वारा 4,254 करोड़ रुपए का ऋण चुकाया जाएगा।

  • 2026-27 के लिए प्राप्तियां (ऋण को छोड़कर) 82,480 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (72,379 करोड़ रुपए) से 14% अधिक है। 2025-26 में प्राप्तियां बजट अनुमान से 11% कम रहने का अनुमान है।

  • 2026-27 में राजस्व अधिशेष 9,092 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (5,135 करोड़ रुपए) से अधिक है। 2025-26 में राजस्व अधिशेष बजट अनुमान से कम (9,661 करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है।

  • 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 16,966 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। संशोधित अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में राजकोषीय घाटा 22,289 करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है, जो प्रारंभिक बजट अनुमान (13,703 करोड़ रुपए) से अधिक है।

नीतिगत विशिष्टताएं

  • औद्योगिक नीतियां: दिल्ली सरकार ऐसी नीतियां लाएगी जिनका उद्देश्य दिल्ली को एक औद्योगिक शक्ति केंद्र में बदलना है। इनमें स्टार्ट-अप और इनक्यूबेशन नीति, दिल्ली सेमीकंडक्टर नीति, दिल्ली ड्रोन नीति और नई वेयरहाउसिंग नीति शामिल हैं।

  • प्रदूषण नियंत्रण: राज्य सरकार एक नई प्रदूषण नियंत्रण और आपातकालीन उपाय योजना शुरू करेगी जिसमें मैकेनिकल स्वीपर्स, सफाईकर्मी, एंटी-स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलर शामिल होंगे। इस योजना के लिए 300 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

  • कल्याण बोर्ड: निम्नलिखित व्यक्तियों के लिए अलग-अलग कल्याण बोर्ड स्थापित किए जाएंगे: (i) गिग वर्कर, (ii) ट्रांसजेंडर, और (iii) ऑटो टैक्सी चालक।

  • अनमोल योजना: अनमोल (एडवांस्ड न्यूबॉर्न मॉनिटरिंग एंड ऑप्टिमल लाइफकेयर) योजना नामक एक नई निगरानी पहल शुरू की जाएगी। इसके तहत नवजात शिशुओं के लिए 56 प्रकार के निःशुल्क परीक्षण किए जाएंगे।

  • मोबिलिटी: दिल्ली सरकार कक्षा 9 की लगभग 1.3 लाख छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें प्रदान करेगी।

  • दुर्गा योजना: दिल्ली सरकार ने दुर्गा (ड्राइविंग अपलिफ्टमेंट एंड रोजगार फॉर वूमेन ऑर ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो) योजना का प्रस्ताव रखा है। योजना के पहले चरण के तहत 1,000 महिलाओं और 100 ट्रांसजेंडर्स को ऑटो परमिट दिए जाएंगे।

दिल्ली की अर्थव्यवस्था

  • जीएसडीपी: 2025-26 में दिल्ली की जीएसडीपी में (स्थिर कीमतों पर) पिछले वर्ष की तुलना में 8.5% की वृद्धि का अनुमान है। तुलनात्मक रूप से, भारत की जीडीपी में 2025-26 में 7.4% की वृद्धि का अनुमान है।

  • क्षेत्र: 2025-26 में कृषि, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों का दिल्ली की अर्थव्यवस्था में क्रमशः 1%, 13% और 86% का योगदान होने का अनुमान है (वर्तमान कीमतों पर)।

  • प्रति व्यक्ति जीएसडीपी: 2025-26 में दिल्ली की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी का अनुमान 5,93,071 रुपए है, जो 2024-25 की तुलना में 7.5% की वृद्धि है। 2025-26 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी का अनुमान 2,51,393 रुपए है, जो 2024-25 की तुलना में 7% की वृद्धि है।

रेखाचित्र 1: दिल्ली में स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी की वृद्धि (2011-12)

नोट: ये आंकड़े स्थिर कीमतों (2011-12) के अनुसार हैं, जिसका अर्थ है कि विकास दर को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया गया है। स्रोत:  दिल्ली का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26; पीआरएस।

 

2026-27 के लिए बजट अनुमान

  • 2026-27 में कुल व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 99,446 करोड़ रुपए रहने का लक्ष्य है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमान से 5% की वृद्धि है। इस व्यय को 82,480 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) और 15,326 करोड़ रुपए के शुद्ध ऋण के माध्यम से पूरा करने का प्रस्ताव है। 2026-27 के लिए कुल प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 14% की वृद्धि होने की उम्मीद है।

  • राज्य सरकार ने 2026-27 में 9,092 करोड़ रुपए के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया है। 2025-26 में राजस्व अधिशेष 5,135 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो बजट अनुमान (9,661 करोड़ रुपए) से 47% कम है।

  • 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 16,966 करोड़ रुपए लक्षित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (22,290 करोड़ रुपए) से कम है। 2025-26 में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान (13,703 करोड़ रुपए) से 63% अधिक रहने का अनुमान है। इसका मुख्य कारण राजस्व प्राप्ति में अनुमानित कमी (बजट से 11% कम) है। 2024-25 में दिल्ली ने 5,724 करोड़ रुपए का राजकोषीय अधिशेष दर्ज किया (अधिक जानकारी के लिए अगले पृष्ठ देखें)।

तालिका 1: बजट 2026-27- मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

कुल व्यय

61,471

1,00,000

99,310

-1%

1,03,700

4%

(-) ऋण का पुनर्भुगतान

4,914

4,642

4,642

0%

4,254

-8%

शुद्ध व्यय (E)

56,557

95,358

94,668

-1%

99,446

5%

कुल प्राप्तियां

62,423

97,035

78,576

-19%

1,02,060

30%

(-) उधारियां

142

15,380

6,196

-60%

19,580

216%

इनमें केंद्रीय कैपेक्स लोन *

-

-

921

-

2,500

171%

शुद्ध प्राप्तियां (R)

62,281

81,655

72,379

-11%

82,480

14%

राजकोषीय घाटा (E-R)

5,724

-13,703

-22,289

63%

-16,966

-24%

जीएसडीपी का %

0.5%

-

-1.7%

-

-

 

राजस्व अधिशेष

12,247

9,661

5,135

-47%

9,092

77%

जीएसडीपी का %

1.0%

-

0.4%

-

-

 

प्राथमिक घाटा

8,390

-11,457

-19,032

66%

-14,233

-25%

जीएसडीपी का %

0.7%

-

-1.4%

-

-

-

जीएसडीपी

12,13,000

-

13,27,000

-

-

-

नोट: बअ बजट अनुमान है; संअ संशोधित अनुमान है। *केंद्र सरकार 2020-21 से राज्य सरकारों को पूंजीगत व्यय के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है। केंद्र शासित प्रदेशों को 2024-25 तक इस योजना के तहत ऋण उपलब्ध नहीं कराया गया था। राजकोषीय संतुलन और प्राथमिक संतुलन के लिए, नेगेटिव (-) संख्याएं घाटे को दर्शाती हैं और (+) संख्याएं अधिशेष को दर्शाती हैं।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण और बजट अभिभाषण, दिल्ली बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 में व्यय

दिल्ली जल बोर्ड

दिल्ली सरकार दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को ऋण और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। जलापूर्ति, जल निकासी और स्वच्छता जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत दिल्ली सरकार से प्राप्त सभी ऋणों को डीजेबी को 15 वर्षों के भीतर चुकाना होता है। कैग (2025) ने पाया कि डीजेबी का बकाया ऋण अप्रैल 2017 तक 25,140 करोड़ रुपए से बढ़कर मार्च 2022 तक 34,540 करोड़ रुपए हो गया। संचित ऋण पर ब्याज 32,055 करोड़ रुपए था। मार्च 2022 तक ब्याज सहित बकाया ऋण 66,595 करोड़ रुपए था। हालांकि डीजेबी ने 2013-14 से कोई भी ऋण नहीं चुकाया है। डीजेबी ने सरकार से ऋणों को अनुदान में परिवर्तित करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा इसे पानी के शुल्क की खराब बिलिंग के कारण राजस्व का नुकसान हुआ है, जो इसके प्रमुख राजस्व स्रोतों में से एक है। 2021-22 में पीने योग्य पानी का कुल वितरण 743 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) था, जिसके मुकाबले डीजेबी ने केवल 371 एमजीडी (50%) का बिल भेजा था। ट्रांसमिशन घाटा (वितरण के दौरान होने वाला नुकसान) भी 2017-18 के 16% से बढ़कर 2021-22 में 21% हो गया था।

स्रोत: रिपोर्ट संख्या 3, वर्ष 2025, दिल्ली जल बोर्ड का कामकाज, कैग; पीआरएस। 

  • 2026-27 के लिए राजस्व व्यय 72,900 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 9% अधिक है। इसमें वेतन, पेंशन, ब्याज, अनुदान और सबसिडी पर होने वाला व्यय शामिल है।

  • 2026-27 के लिए पूंजीगत परिव्यय 17,624 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 13% अधिक है। पूंजीगत परिव्यय परिसंपत्तियों के सृजन पर होने वाले व्यय को दर्शाता है।

  • 2026-27 में राज्य द्वारा दिए गए ऋण और अग्रिम 8,922 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 28% कम है। 2025-26 में, राज्य द्वारा दिए गए ऋण और अग्रिम बजट से 97% अधिक रहने का अनुमान है। इसका मुख्य कारण सड़क परिवहन के लिए दिए गए ऋणों में वृद्धि है।

तालिका 2: बजट 2026-27 में व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राजस्व व्यय

49,986

71,885

66,710

-7%

72,900

9%

पूंजीगत परिव्यय

3,695

17,224

15,638

-9%

17,624

13%

राज्य द्वारा दिए गए ऋण

2,876

6,250

12,320

97%

8,922

-28%

शुद्ध व्यय

56,557

95,358

94,668

-1%

99,446

5%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, दिल्ली बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

प्रतिबद्ध व्यय: राज्य के प्रतिबद्ध व्यय में आम तौर पर वेतन, पेंशन और ब्याज के भुगतान पर व्यय शामिल होता है। बजट के एक बड़े हिस्से को प्रतिबद्ध व्यय की मदों के लिए आवंटित करने से पूंजीगत परिव्यय जैसी अन्य व्यय प्राथमिकताओं पर फैसला लेने का राज्य का लचीलापन सीमित हो जाता है। 2026-27 में दिल्ली द्वारा ब्याज भुगतान पर 2,734 करोड़ रुपए (राजस्व प्राप्तियों का 3%) और पेंशन पर 6 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान है। बजट में वेतन संबंधी आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

तालिका 3: 2026-27 में प्रतिबद्ध व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

पेंशन

4

6

6

2%

6

-2%

ब्याज भुगतान

2,666

2,246

3,257

45%

2,734

-16%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, दिल्ली बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

क्षेत्रवार व्यय: 2026-27 के दौरान राज्य के बजटीय व्यय का 72% हिस्सा निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए खर्च किया जाएगा। अनुलग्नक 1 में प्रमुख क्षेत्रों में दिल्ली के व्यय की तुलना, अन्य राज्यों से की गई है।

तालिका 4: दिल्ली बजट 2026-27 में क्षेत्रवार व्यय (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन

बजटीय प्रावधान
(2026-27 बअ)

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

14,910

19,039

19,812

19,066

-4%

  • समग्र शिक्षा योजना के लिए 1,146 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

7,326

12,894

10,076

13,034

29%

  • पीएम आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के लिए 1,500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

परिवहन

5,625

10,677

13,833

10,303

-26%

  • दिल्ली परिवहन निगम को महिला यात्रियों के लिए सबसिडी के रूप में 250 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • महिला यात्रियों के लिए क्लस्टर बसों की सबसिडी के रूप में 200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सामाजिक कल्याण एवं पोषण

3,828

10,232

4,760

10,200

114%

  • महिला समृद्धि योजना के लिए 5,110 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ऊर्जा

3,638

3,843

4,306

3,938

-9%

  • उपभोक्ताओं को बिजली सबसिडी देने के लिए 3,500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

शहरी विकास

2,051

3,213

3,339

3,927

18%

  • अनाधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए पूंजीगत व्यय हेतु 800 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

जलापूर्ति एवं स्वच्छता

1,119

4,917

2,679

2,415

-10%

  • उपभोक्ताओं को जल सबसिडी के लिए 500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • अनाधिकृत कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति के लिए दिल्ली जल बोर्ड को अनुदान के रूप में 160 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ग्रामीण विकास

171

1,024

323

812

151%

  • विभिन्न ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के लिए पूंजीगत व्यय हेतु 787 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण

331

583

646

790

22%

  • सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए पूंजीगत व्यय हेतु 526 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

आवास

126

448

446

486

9%

  • झुग्गी-झोपड़ी (जेजे) क्लस्टर में अटल कैंटीन के लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) को अनुदान के रूप में 100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • नाइट शेल्टर्स के निर्माण और इन शेल्टर्स में भोजन की सुविधा प्रदान करने के लिए डीयूएसआईबी को अनुदान के रूप में 80 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।  

सभी क्षेत्रों पर कुल व्यय का %

73%

75%

73%

72%

-

 

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, दिल्ली बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 में प्राप्तियां

  • 2026-27 के लिए कुल राजस्व प्राप्ति 81,992 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 14% अधिक है। इसमें से 74,900 करोड़ रुपए (91%) दिल्ली द्वारा अपने संसाधनों से जुटाए जाएंगे, और 7,092 करोड़ रुपए (9%) केंद्र से अनुदान के रूप में प्राप्त होंगे (राजस्व प्राप्ति का 9%)।

  • 2026-27 में 7,092 करोड़ रुपए के केंद्रीय अनुदान का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों से 34% अधिक है। 2025-26 में केंद्र से मिलने वाले अनुदान का अनुमान बजट से 56% कम है। केंद्र सरकार द्वारा पूंजी परियोजनाओं के लिए अनुमानित 6,000 करोड़ रुपए के बजट के मुकाबले, संशोधित चरण में किसी भी प्रकार की प्राप्ति का अनुमान नहीं है।

  • राज्य का स्वयं कर राजस्व: दिल्ली का कुल स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 74,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 13% अधिक है।

  • गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां: गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां 2026-27 में 488 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 9% कम है। 2025-26 में गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां बजट अनुमान से 388% अधिक रहने का अनुमान है। इसका मुख्य कारण दिल्ली सरकार द्वारा दिए गए विविध ऋणों और अग्रिमों से अपेक्षित अधिक वसूली (534 करोड़ रुपए, जबकि बजट अनुमान 109 करोड़ रुपए था) है।

तालिका 5: राज्य सरकार की प्राप्तियों का ब्रेकअप (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राज्य के स्वयं कर

59,458

68,700

65,700

-4%

74,000

13%

राज्य के स्वयं गैर कर

911

750

850

13%

900

6%

केंद्र से सहायतानुदान

1,864

12,096

5,295

-56%

7,092

34%

राजस्व प्राप्तियां

62,233

81,546

71,845

-12%

81,992

14%

गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

48

110

534

388%

488

-9%

शुद्ध प्राप्तियां

62,281

81,655

72,379

-11%

82,480

14%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, दिल्ली बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

स्वयं राजस्व के रुझान

कैग (2025) ने पाया कि दिल्ली का स्वयं कर राजस्व और स्वयं गैर-कर राजस्व, जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में क्रमशः 5% और 0.15% से नीचे स्थिर हो गया है (तालिका 1)। कैग के अनुसार, यह स्थिति संसाधनों को प्रभावी ढंग से जुटाने में विफलता को दर्शाती है। उसने गौर किया कि इस मोर्चे पर सुधार से भौतिक और मानव पूंजी निर्माण में निवेश संभव होगा, और विकास को गति मिलेगी और संभावित विकास हासिल होगा।

तालिका 6: दिल्ली का स्वयं राजस्व जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में

वर्ष

स्वयं कर राजस्व

स्वयं गैर कर राजस्व

2019-20

4.61%

0.14%

2020-21

3.95%

0.13%

2021-22

4.54%

0.09%

2022-23

4.67%

0.06%

2023-24

4.85%

0.09%

2024-25

4.90%

0.08%

स्रोत: रिपोर्ट संख्या 1, वर्ष 2025, राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट 2023-24, कैग; पीआरएस।

  • 2026-27 में राज्य जीएसटी के स्वयं कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत (59% हिस्सा) होने का अनुमान है। राज्य जीएसटी राजस्व में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 9% की वृद्धि होने का अनुमान है।

  • स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क से राजस्व में 2026-27 में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 25% की वृद्धि की उम्मीद है।

  • राज्य उत्पाद शुल्क से राजस्व में 2026-27 में पिछले वर्ष की तुलना में 20% की वृद्धि होने का अनुमान है।

तालिका 7: राज्य के स्वयं कर राजस्व के मुख्य स्रोत (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राज्य जीएसटी

35,623

41,000

40,000

-2%

43,500

9%

स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क

7,651

9,000

8,780

-2%

11,000

25%

सेल्स टैक्स/वैट

7,241

8,000

7,500

-6%

8,500

13%

राज्य उत्पाद शुल्क

5,701

7,000

6,000

-14%

7,200

20%

वाहन कर

3,241

3,700

3,200

-14%

3,800

19%

भूराजस्व

0.02

0.03

220

-

0.01

-100%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, दिल्ली बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

अनुलग्नक 1: मुख्य क्षेत्रों में राज्य के व्यय की तुलना

निम्नलिखित रेखाचित्रों में दिल्ली द्वारा 2026-27 में छह प्रमुख क्षेत्रों पर किए गए व्यय की तुलना सभी क्षेत्रों पर किए गए कुल व्यय के अनुपात से की गई है। क्षेत्र के लिए औसत, उस क्षेत्र में 31 राज्यों (दिल्ली सहित) द्वारा किए जाने वाले औसत व्यय (2025-26 के बजटीय अनुमानों के आधार पर) को इंगित करता है।[1] दिल्ली में क्षेत्रीय व्यय अन्य राज्यों से भिन्न हो सकता है क्योंकि पुलिस केंद्र के अधीन है और राज्य में ग्रामीण या कृषि क्षेत्र नगण्य है।

  • शिक्षा: दिल्ली ने 2026-27 में अपने व्यय का 21.1% शिक्षा के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा शिक्षा के लिए आवंटित औसत राशि (14.5%) से अधिक है।

  • स्वास्थ्य: दिल्ली ने 2026-27 में अपने व्यय का 14.4% स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा स्वास्थ्य के लिए आवंटित औसत राशि (6.2%) से अधिक है।

  • शहरी विकास: दिल्ली ने 2026-27 में अपने व्यय का 4.3% शहरी विकास के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा शहरी विकास के लिए आवंटित औसत राशि (3.2%) से अधिक है।

  • जलापूर्ति एवं स्वच्छता: दिल्ली ने 2026-27 में अपने व्यय का 2.7% जलापूर्ति और स्वच्छता के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा जलापूर्ति और स्वच्छता के लिए आवंटित औसत राशि (2.8%) से मामूली रूप से कम है।

  • आवास: दिल्ली ने 2026-27 में अपने कुल व्यय का 0.5% आवास के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा आवास के लिए आवंटित औसत राशि (1.7%) से कम है।

  • ऊर्जा: दिल्ली ने 2026-27 में अपने कुल व्यय का 4.4% ऊर्जा के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा ऊर्जा के लिए आवंटित औसत राशि (5.3%) से कम है।

नोट: 2024-25, 2025-26 (बअ), 2025-26 (संअ), और 2026-27 (बअ) के आंकड़े दिल्ली के हैं।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय वक्तव्य, दिल्ली बजट दस्तावेज 2026-27; विभिन्न राज्य बजट; पीआरएस।

अनुलग्नक 2: 2024-25 के बजटीय अनुमानों और वास्तविक के बीच तुलना

यहां तालिकाओं में 2024-25 के वास्तविक के साथ उस वर्ष के बजटीय अनुमानों के बीच तुलना की गई है।

तालिका 8: प्राप्तियों और व्यय की झलक (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

शुद्ध प्राप्तियां (1+2)

64,521

62,281

-3%

1.  राजस्व प्राप्तियां (क+ख+ग+घ)

64,142

62,233

-3%

क.  स्वयं कर राजस्व

58,750

59,458

1%

ख.  स्वयं गैर कर राजस्व

1,000

911

-9%

ग.  केंद्रीय करों में हिस्सा

4,392

1,864

-58%

घ.  केंद्र से सहायतानुदान

379

48

-87%

2.  गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

10,000

142

-99%

शुद्ध व्यय (4+5+6)

71,086

56,557

-20%

4.  राजस्व व्यय

60,911

49,986

-18%

5.  पूंजीगत परिव्यय

5,919

3,695

-38%

6.  ऋण और अग्रिम

4,256

2,876

-32%

7.  ऋण पुनर्भुगतान

4,914

4,914

0%

राजस्व अधिशेष

3,231

12,247

279%

राजस्व अधिशेष (जीएसडीपी का %)

-

1.01%

-

राजकोषीय संतुलन

-6,565

5,724

-187%

राजकोषीय संतुलन (जीएसडीपी का %)

-

0.47%

-

राजकोषीय संतुलन के लिए, (+) अधिशेष को दर्शाता है और (-) घाटे को दर्शाता है।

स्रोत: दिल्ली के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस

तालिका 9: राज्य के स्वयं कर राजस्व के घटक (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

राज्य उत्पाद शुल्क

6,400

5,701

-11%

वाहन कर

3,600

3,241

-10%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

7,750

7,651

-1%

सेल्स टैक्स/वैट

7,000

7,241

3%

राज्य जीएसटी

34,000

35,623

5%

स्रोत: दिल्ली के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।

तालिका 10: मुख्य क्षेत्रों के लिए आवंटन (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

ग्रामीण विकास

922

171

-81%

पुलिस

338

92

-73%

जलापूर्ति एवं स्वच्छता

3,442

1,119

-68%

शहरी विकास

4,290

2,051

-52%

सामाजिक कल्याण एवं पोषण

6,437

3,828

-41%

आवास

191

126

-34%

परिवहन

6,865

5,625

-18%

इनमें से सड़कें और पुल

1,768

1,409

-20%

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण

202

168

-17%

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

8,685

7,326

-16%

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

16,146

14,910

-8%

कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां

241

256

6%

ऊर्जा

3,350

3,638

9%

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण

302

331

10%

स्रोत: दिल्ली के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।


[1]31 राज्यों में दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर और पुद्दूचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

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