बिहार के वित्त मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 3 फरवरी, 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया।

बजट के मुख्य अंश

  • बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2026-27 के लिए (वर्तमान कीमतों पर) 13.1 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 की तुलना में 15% की वृद्धि दर्शाता है। केंद्रीय बजट में 2026-27 में देश के लिए 10% वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।

  • 2026-27 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 3,24,925 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (4,00,465 करोड़ रुपए) से 19% कम है। इसके अतिरिक्त, राज्य द्वारा 22,665 करोड़ रुपए का ऋण चुकाया जाएगा। 2025-26 में, संशोधित अनुमानों के अनुसार, व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) बजट अनुमान (2,94,075 करोड़ रुपए) से 36% अधिक रहने का अनुमान है।

  • 2026-27 के लिए प्राप्तियां (ऋण को छोड़कर) 2,85,813 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 7% अधिक है। 2025-26 में प्राप्तियां बजट से 2% अधिक होने का अनुमान है।

  • 2026-27 में राजस्व अधिशेष जीएसडीपी का 0.1% (1,143 करोड़ रुपए) होने का अनुमान है, जबकि संशोधित अनुमानों के अनुसार 2025-26 में राजस्व घाटा जीएसडीपी का 6.7% (76,315 करोड़ रुपए) था। 2025-26 में, बजट चरण में 8,831 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 0.8%) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया गया था।

  • 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3% (39,112 करोड़ रुपए) पर लक्षित है। 2025-26 में, संशोधित अनुमानों के अनुसार, राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 11.8% रहने की उम्मीद है, जो बजट अनुमान (जीएसडीपी का 3%) से काफी अधिक है।

नीतिगत विशिष्टताएं

  • सात निश्चय-3: सरकार 2025 से 2030 के बीच सात निश्चय-3 रोडमैप लागू करेगी। प्रमुख लक्ष्यों में प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना, औद्योगीकरण में तेजी लाना, किसानों की आय बढ़ाना, शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं में सुधार करना, नए नियोजित शहर विकसित करना और जीवन स्तर को सुगम बनाना शामिल है।

  • किसानों को आय सहायता: राज्य सरकार जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना शुरू करेगी। इस राज्य योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष 3,000 रुपए दिए जाएंगे। यह केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत दिए जाने वाले 6,000 रुपए प्रति वर्ष के अतिरिक्त होगा।

  • औद्योगिक हब: अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत गया में औद्योगिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) का दूसरा चरण विकसित किया जाएगा। एक रक्षा कॉरिडोर, एक फार्मास्युटिकल पार्क और एक फिनटेक सिटी भी विकसित की जाएगी।

  • परिवहन: पांच नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे। सार्वजनिक बसों को सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित किया जाएगा। 2,000 से अधिक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

बिहार की अर्थव्यवस्था

  • जीएसडीपी: 2024-25 में बिहार की जीएसडीपी में (स्थिर कीमतों पर) पिछले वर्ष की तुलना में 8.6% की वृद्धि का अनुमान है। तुलनात्मक रूप से, भारत की जीडीपी में 2024-25 में 6.5% की वृद्धि का अनुमान है।

  • क्षेत्र: 2024-25 में कृषि, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों का बिहार की अर्थव्यवस्था में क्रमशः 23%, 23% और 54% का योगदान होने का अनुमान है (वर्तमान कीमतों पर)।

  • प्रति व्यक्ति जीएसडीपी: 2024-25 में बिहार की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी (वर्तमान कीमतों पर) का अनुमान 76,490 रुपए है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13% अधिक है। भारत के प्रति व्यक्ति जीडीपी का अनुमान 2024-25 में 2,34,859 रुपए है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9% अधिक है।

रेखाचित्र 1: बिहार में स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी (2011-12)  
नोट: ये आंकड़े स्थिर कीमतों (2011-12) के अनुसार हैं, जिसका अर्थ है कि विकास दर को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया गया है। स्रोत: एमओएसपीआई; पीआरएस।

 

2026-27 के लिए बजट अनुमान

संशोधित अनुमानों और वास्तविक आंकड़ों के बीच अंतर

पिछले कुछ वर्षों से व्यय का संशोधित अनुमान बजट राशि से काफी अधिक रहा है। हालांकि बाद में जारी किए गए वास्तविक आंकड़े संशोधित अनुमानों से काफी कम हैं (तालिका 1)। इसलिए हमने इस दस्तावेज़ में अपने विश्लेषण के लिए दो वर्षों की वार्षिक वृद्धि का उपयोग किया है।

तालिका 1: कुल व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) — अनुमान और वास्तविक आंकड़े (करोड़ रुपए में)

वर्ष

बजट अनुमान

संशोधित अनुमान

वास्तविक

2022-23

2,23,021

2,70,849

2,17,553

2023-24

2,38,327

2,91,392

2,29,103

2024-25

2,56,333

3,27,425

2,59,996

2025-26

2,94,075

4,00,465

-

स्रोत: बिहार के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।

  • वर्ष 2026-27 में कुल व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 3,24,925 करोड़ रुपए रहने का लक्ष्य है। यह 2024-25 की तुलना में 12% की वार्षिक वृद्धि है। इस व्यय को 2,85,813 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) और 39,275 करोड़ रुपए के शुद्ध ऋण से पूरा करने का प्रस्ताव है। 2026-27 के लिए कुल प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) में 2024-25 की तुलना में 14% की वार्षिक वृद्धि का अनुमान है।

  • राज्य ने वर्ष 2026-27 में जीएसडीपी के 0.1% (1,143 करोड़ रुपए) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया है। तुलनात्मक रूप से, वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, राज्य ने 2024-25 में जीएसडीपी के 0.04% के राजस्व घाटे का सामना किया।

  • 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3% (39,112 करोड़ रुपए) पर लक्षित है। यह 2024-25 के वास्तविक घाटे (जीएसडीपी का 4.2%) से कम है। 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 11.8%) अनुमत राजकोषीय घाटे की सीमा (केंद्रीय कैपेक्स लोन्स को छोड़कर जीएसडीपी का 3.5%) से काफी अधिक है।

तालिका 2: बजट 2026-27- मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

% परिवर्तन

(25-26 बअ से 25-26 संअ)

2026-27 बजटीय

% परिवर्तन (25-26 संअ से 26-27 बअ)

24-25 से 26-27 तक वार्षिक परिवर्तन

कुल व्यय

2,81,939

3,16,895

4,23,284

34%

3,47,590

-18%

11%

(-) ऋण का पुनर्भुगतान

21,944

22,820

22,820

0%

22,665

-1%

2%

शुद्ध व्यय (E)

2,59,996

2,94,075

4,00,465

36%

3,24,925

-19%

12%

कुल प्राप्तियां

2,84,822

3,17,095

3,29,831

4%

3,47,753

5%

10%

(-) उधारियां

66,049

55,738

63,738

14%

61,939

-3%

-3%

जिनमें से कैपेक्स लोन*

14,791

0

8,000

-

0

-100%

-100%

शुद्ध प्राप्तियां (R)

2,18,773

2,61,357

2,66,093

2%

2,85,813

7%

14%

राजकोषीय घाटा (E-R)

41,222

32,718

1,34,371

311%

39,112

-71%

-3%

जीएसडीपी का %

4.2%

3.0%

11.8%

-

3.0%

-

-

राजस्व संतुलन**

-357

8,831

-76,315

-964%

1,143

-101%

-

जीएसडीपी का %

-0.04%

0.8%

-6.7%

-

0.1%

-

-

प्राथमिक घाटा

21,544

9,704

1,11,357

1047%

13,748

-88%

-20%

जीएसडीपी का %

2.2%

0.9%

9.8%

-

1.1%

-

-

जीएसडीपी

9,91,997

10,97,264

11,39,595

4%

13,09,155

15%

15%

नोट: बअ बजट अनुमान है; संअ संशोधित अनुमान है। *केंद्र सरकार 2020-21 से राज्य सरकारों को पूंजीगत व्यय के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है। इन ऋणों को राज्य की उधार सीमा की गणना से बाहर रखा गया है।
** (+) अधिशेष को दर्शाता है और (-) घाटे को दर्शाता है। स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, बिहार बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

 

 

2026-27 में व्यय

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना सितंबर 2025 में शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार से एक महिला को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। 1.56 करोड़ महिलाओं को 10,000 रुपए का प्रारंभिक अनुदान दिया जा चुका है। उद्यम शुरू करने पर दो लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकती है।

  • 2026-27 के लिए राजस्व व्यय 2,84,134 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जिसमें 2024-25 की तुलना में 14% की वार्षिक वृद्धि है। इसमें वेतन, पेंशन, ब्याज, अनुदान और सबसिडी पर होने वाला व्यय शामिल है।

  • 2025-26 में राजस्व व्यय का संशोधित अनुमान बजट अनुमान से 36% अधिक है। यह बिजली सबसिडी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को नकद हस्तांतरण जैसे मदों के लिए बढ़े हुए आवंटन के कारण है।

  • 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय 39,377 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो 2024-25 के वास्तविक व्यय (38,527 करोड़ रुपए) के लगभग बराबर है। पूंजीगत व्यय परिसंपत्तियों के निर्माण पर होने वाले व्यय को दर्शाता है। 2025-26 में पूंजीगत व्यय प्रारंभिक बजट अनुमान से 37% अधिक (15,179 करोड़ रुपए अधिक) होने का अनुमान है। जिन क्षेत्रों के लिए अनुमान अधिक है, उनमें परिवहन (2,901 करोड़ रुपए अधिक) और ग्रामीण विकास (2,450 करोड़ रुपए अधिक) शामिल हैं।

तालिका 3: बजट 2026-27 में व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

% परिवर्तन

(25-26 बअ से 25-26 संअ)

2026-27 बजटीय

% परिवर्तन (25-26 संअ से 26-27 बअ)

24-25 से 26-27 तक वार्षिक परिवर्तन

राजस्व व्यय

2,19,015

2,52,000

3,41,883

36%

2,84,134

-17%

14%

पूंजीगत परिव्यय

38,527

40,532

55,711

37%

39,377

-29%

1%

राज्य द्वारा दिए गए ऋण

2,453

1,543

2,870

86%

1,414

-51%

-24%

शुद्ध व्यय

2,59,996

2,94,075

4,00,465

36%

3,24,925

-19%

12%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, बिहार बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

प्रतिबद्ध व्यय: राज्य के प्रतिबद्ध व्यय में आम तौर पर वेतन, पेंशन और ब्याज के भुगतान पर व्यय शामिल होता है। बजट के एक बड़े हिस्से को प्रतिबद्ध व्यय की मदों के लिए आवंटित करने से पूंजीगत परिव्यय जैसी अन्य व्यय प्राथमिकताओं पर फैसला लेने का राज्य का लचीलापन सीमित हो जाता है। 2026-27 में बिहार द्वारा प्रतिबद्ध व्यय पर 1,33,494 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान है जो उसकी अनुमानित राजस्व प्राप्तियों का 47% है। इसमें वेतन (राजस्व प्राप्तियों का 26%), पेंशन (12%), और ब्याज भुगतान (9%) पर खर्च शामिल है। 2024-25 में निर्धारित व्यय राजस्व प्राप्तियों का 39% था। 2026-27 में वेतन पर व्यय 2024-25 की तुलना में 38% की वार्षिक दर से बढ़ने का अनुमान है। शिक्षा विभाग द्वारा वेतन पर व्यय 2024-25 में 14,561 करोड़ रुपए से बढ़कर 2026-27 में 36,658 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।

 

तालिका 4: 2026-27 में प्रतिबद्ध व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

% परिवर्तन

(25-26 बअ से 25-26 संअ)

2026-27 बजटीय

% परिवर्तन (25-26 संअ से 26-27 बअ)

24-25 से 26-27 तक वार्षिक परिवर्तन

वेतन

38,466

51,690

66,784

29%

72,960

9%

38%

पेंशन

26,140

33,389

33,391

0%

35,170

5%

16%

ब्याज भुगतान

19,678

23,014

23,014

0%

25,364

10%

14%

कुल

84,283

1,08,094

1,23,188

14%

1,33,494

8%

26%

स्रोत: बजट-एक नजर में, वार्षिक वित्तीय विवरण, बिहार बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

क्षेत्रवार व्यय: 2026-27 के दौरान राज्य के बजटीय व्यय का 69% हिस्सा निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए खर्च किया जाएगा। अनुलग्नक 1 में प्रमुख क्षेत्रों में बिहार के व्यय की तुलना, अन्य राज्यों से की गई है।

तालिका 5: बिहार बजट 2026-27 में क्षेत्रवार व्यय (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2024-25 वास्तविक

2025-26

बअ

2025-26

संअ

2026-27

बअ

% परिवर्तन (25-26 संअ से 26-27 बअ)

24-25 से 26-27 तक वार्षिक परिवर्तन

बजटीय प्रावधान 2026-27 बअ

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

57,139

63,335

91,254

70,141

-23%

11%

  • समग्र शिक्षा अभियान के लिए 12,107 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ग्रामीण विकास

23,151

30,150

35,521

30,387

-14%

15%

  • मनरेगा के लिए 3,192 करोड़ रुपए और वीवी-जी-राम-जी के लिए 1,890 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सामाजिक कल्याण एवं पोषण

15,862

15,012

51,374

24,710

-52%

25%

  • महिला सशक्तिकरण के लिए 9,052 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं (संशोधित अनुमानों के अनुसार 2025-26 में 21,050 करोड़ रुपए)।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

15,013

19,184

21,150

20,230

-4%

16%

 

  • प्रधानमंत्री-एबीएचआईएम योजना के लिए 1,495 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ऊर्जा

20,262

13,401

23,535

18,649

-21%

-4%

 

  • सस्ती बिजली पर सबसिडी के लिए 15,702 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

पुलिस

11,824

14,653

15,495

16,840

9%

19%

  • जिला पुलिस के लिए 9,455 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

शहरी विकास

8,514

10,928

14,742

14,050

-5%

29%

  • प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के लिए 2,842 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

परिवहन

13,035

9,297

13,181

10,178

-23%

-12%

  • सड़कों और पुलों पर पूंजीगत व्यय के लिए 5,034 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां

6,251

8,039

10,315

8,463

-18%

16%

  • कृषि मशीनीकरण पर प्रस्तुत रिपोर्ट के लिए 176 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण

6,594

9,238

11,284

8,422

-25%

13%

  • सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण पर पूंजीगत व्यय के लिए 5,814 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सभी क्षेत्रों पर कुल व्यय का %

69%

66%

72%

69%

 

 

 

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, बिहार बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

 

2026-27 में प्राप्तियां

  • वर्ष 2026-27 के लिए कुल राजस्व प्राप्ति 2,85,277 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जिसमें 2024-25 की तुलना में 14% की वार्षिक वृद्धि है। इसमें से 75,203 करोड़ रुपए (26%) राज्य अपने संसाधनों से जुटाएगा, और 2,10,074 करोड़ रुपए (74%) केंद्र से प्राप्त होंगे। केंद्र से प्राप्त संसाधन केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से (राजस्व प्राप्ति का 55%) और अनुदानों (राजस्व प्राप्ति का 18%) के रूप में होंगे।

  • हस्तांतरण: वर्ष 2026-27 में केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 1,58,178 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जिसमें 2024-25 की तुलना में 11% की वार्षिक वृद्धि है।

  • 2026-27 में 51,896 करोड़ रुपए का केंद्रीय अनुदान अनुमानित है है, जो 2024-25 की तुलना में 32% की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) के लिए अनुदान में अपेक्षित वृद्धि के कारण है। सीएसएस के लिए अनुदान 2026-27 में 44,003 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। 2024-25 में, वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, सीएसएस के लिए अनुदान 21,217 करोड़ रुपए था, जो उस वर्ष के बजट अनुमान (45,370 करोड़ रुपए) से 53% कम था।

  • राज्य का स्वयं कर राजस्व: बिहार राज्य का कुल स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 65,800 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2024-25 की तुलना में 11% की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है। जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 5% अनुमानित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (5.2%) और 2024-25 के वास्तविक आंकड़ों (5.4%) से कम है।

तालिका 6: राज्य सरकार की प्राप्तियों का ब्रेकअप (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

% परिवर्तन

(25-26 बअ से 25-26 संअ)

2026-27 बजटीय

% परिवर्तन (25-26 संअ से 26-27 बअ)

24-25 से 26-27 तक वार्षिक परिवर्तन

राज्य के स्वयं कर

53,578

59,520

59,520

0%

65,800

11%

11%

राज्य के स्वयं गैर कर

5,781

8,221

8,221

0%

9,403

14%

28%

केंद्रीय करों में हिस्सेदारी

1,29,435

1,38,516

1,43,069

3%

1,58,178

11%

11%

केंद्र से सहायतानुदान

29,863

54,575

54,758

0.3%

51,896

-5%

32%

राजस्व प्राप्तियां

2,18,658

2,60,831

2,65,568

2%

2,85,277

7%

14%

गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

115

525

525

0%

536

2%

116%

शुद्ध प्राप्तियां

2,18,773

2,61,357

2,66,093

1.8%

2,85,813

7%

14%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, बिहार बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

स्थानीय निकायों द्वारा जुटाया गया राजस्व कम

ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों को अपने राजस्व स्रोतों (ओएसआर) को एकत्रित करने का अधिकार दिया जा सकता है। हालांकि 16वें वित्त आयोग ने पाया कि ये स्थानीय निकाय केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दिए जाने वाले अनुदानों पर अत्यधिक निर्भर हैं। बिहार में ग्रामीण स्थानीय निकायों का ओएसआर कृषि जीडीपी का 0.03% था, जो केरल (2.38%) और महाराष्ट्र (1.21%) जैसे राज्यों की तुलना में काफी कम है। इसी प्रकार बिहार के शहरी स्थानीय निकायों का ओएसआर गैर-कृषि जीडीपी का 0.09% था। यह भी महाराष्ट्र (1.4%) और गुजरात (0.84%) जैसे राज्यों की तुलना में काफी कम था। आयोग ने पाया कि स्पष्ट प्रशासनिक प्रावधानों की कमी, क्षमता संबंधी बाधाओं और कमजोर प्रवर्तन तंत्रों के कारण स्थानीय निकाय अपने राजस्व स्रोतों का अधिकतम उपयोग करने में विफल रहते हैं।

स्रोत: 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट खंड-I; पीआरएस।   

  • 2026-27 में राज्य जीएसटी के स्वयं कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत (58% हिस्सा) होने का अनुमान है। राज्य जीएसटी राजस्व में 2024-25 की तुलना में 14% की वार्षिक वृद्धि का अनुमान है।

  • 2026-27 में बिक्री कर/वैट से राजस्व में 2024-25 की तुलना में 1% की वार्षिक वृद्धि का अनुमान है।

  • 2026-27 में बिजली पर करों और शुल्कों से राजस्व 950 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2024-25 (1,570 करोड़ रुपए) से कम है।

  • 2025-26 में, राज्य जीएसटी से राजस्व के संशोधित अनुमान बजट अनुमानों के समान हैं। इसका तात्पर्य है कि सरकार अपने बजट लक्ष्यों को पूरा करने की उम्मीद करती है। 2024-25 में, वास्तविक एसजीएसटी राजस्व बजट अनुमान से 8% कम था (देखें तालिका 12)।

तालिका 7: राज्य के स्वयं कर राजस्व के मुख्य स्रोत (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

% परिवर्तन

(25-26 बअ से 25-26 संअ)

2026-27 बजटीय

% परिवर्तन (25-26 संअ से 26-27 बअ)

24-25 से 26-27 तक वार्षिक परिवर्तन

राज्य जीएसटी

29,003

34,009

34,009

0%

38,000

12%

14%

सेल्स टैक्स/वैट

10,554

11,200

11,200

0%

10,775

-4%

1%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

7,976

8,250

8,250

0%

10,000

21%

12%

वाहन कर

3,678

4,070

4,070

0%

5,000

23%

17%

बिजली पर कर और ड्यूटी

1,570

1,016

1,016

0%

950

-6%

-22%

भूराजस्व

571

700

700

0%

800

14%

18%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, राजस्व बजट, बिहार बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

 

2026-27 के लिए घाटे, ऋण और एफआरबीएम लक्ष्य

बिहार के राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन एक्ट, 2006 में राज्य सरकार की बकाया देनदारियों, राजस्व घाटे और राजकोषीय घाटे को प्रगतिशील तरीके से कम करने के लक्ष्यों का प्रावधान है।

आर्थिक विकास में क्षेत्रीय असमानताएं

2023-24 में बिहार की प्रति व्यक्ति जीडीपी 68,624 रुपए थी, जो देश के सभी राज्यों में सबसे कम है। अखिल भारतीय स्तर पर प्रति व्यक्ति जीडीपी 2,15,935 रुपए थी। जिलों के अनुसार प्रति व्यक्ति जीडीपी में काफी अंतर है। 2023-24 में पटना में प्रति व्यक्ति जीडीपी सबसे अधिक (2,41,220 रुपए) दर्ज की गई, उसके बाद बेगूसराय (1,05,600 रुपए) का स्थान रहा। अन्य सभी जिलों में प्रति व्यक्ति जीडीपी 2023-24 में एक लाख रुपए से कम थी। 11 जिलों में प्रति व्यक्ति जीडीपी 2023-24 में 50,000 रुपए से भी कम थी। शिवहर और अररिया में प्रति व्यक्ति जीडीपी सबसे कम क्रमशः 38,214 रुपए और 44,134 रुपए दर्ज की गई।

स्रोत: 2025-26 के लिए जीडीपी के अग्रिम अनुमान, राष्ट्रीय लेखा, एमओएसपीआई; बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26; पीआरएस। 

राजस्व संतुलन: यह सरकार की राजस्व प्राप्तियों और राजस्व व्यय के बीच का अंतर होता है। राजस्व घाटे का यह अर्थ होता है कि सरकार को अपना व्यय पूरा करने के लिए उधार लेने की जरूरत है जोकि भविष्य में पूंजीगत परिसंपत्तियों का सृजन नहीं करेगा और न ही देनदारियों को कम करेगा। बजट में 2026-27 में 1,143 करोड़ रुपए (या जीएसडीपी का 0.1%) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया गया है। बिहार ने 2024-25 में राजस्व घाटा (जीएसडीपी का 0.04%) दर्ज किया था।

राजकोषीय घाटा: यह कुल व्यय और कुल प्राप्तियों के बीच का अंतर होता है। इस अंतर को सरकार द्वारा उधार लेकर पूरा किया जाता है जिससे कुल देनदारियों में वृद्धि होती है। 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3% रहने का अनुमान है। 16वें वित्त आयोग ने 2026-31 की अवधि के लिए राज्यों के वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी का 3% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। उधार सीमा निर्धारित करते समय केंद्र सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय के लिए दिए गए 50 वर्षों के ब्याज मुक्त ऋणों को शामिल नहीं किया जाएगा। 2024-25 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.2% था। केंद्रीय पूंजीगत व्यय ऋणों (कैपेक्स लोन्स) को छोड़कर, 2024-25 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2.7% था।

बकाया देनदारियां: बकाया देनदारियां किसी वित्तीय वर्ष के अंत में कुल उधारी का संचय होता है। इसमें भविष्य निधि जैसे सार्वजनिक खातों पर बकाया देनदारियां भी शामिल हैं। 2026-27 के अंत तक अनुमानित बकाया ऋण जीएसडीपी का 34% होगा। 16वें वित्त आयोग ने पाया कि बड़े राज्यों में बिहार का ऋण-जीडीपी अनुपात अपेक्षाकृत अधिक है। आयोग ने यह भी कहा कि केंद्र से मिलने वाली धनराशि पर राज्य की निर्भरता और अपने राजस्व स्रोतों को जुटाने की सीमित क्षमता को देखते हुए, बिहार का ऋण स्तर चिंता का विषय है।

रेखाचित्र 2: राजस्व एवं राजकोषीय संतुलन (जीएसडीपी का %)

नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है। ** (+) अधिशेष को दर्शाता है और (-) घाटे को दर्शाता है।  
स्रोत: मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति, बिहार बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
 

रेखाचित्र 3: बकाया ऋण (जीएसडीपी का %)

नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। BE बजट अनुमान है। 2025-26 के BE उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए BE दिया गया है। स्रोत: बजट-एक नजर में, मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति, बिहार बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

बकाया सरकारी गारंटी: राज्यों के बकाया ऋण में कुछ अन्य देनदारियां शामिल नहीं हैं जो आकस्मिक प्रकृति की हैं और जिन्हें राज्यों को कुछ मामलों में चुकाना पड़ सकता है। राज्य सरकारें वित्तीय संस्थाओं से राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (एसपीएसई) के उधार की गारंटी देती हैं। मार्च, 2026 तक राज्य की बकाया गारंटी लगभग 32,008 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो बिहार की जीएसडीपी का 2.4% है।

उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने में विलंब

कैग (2025) ने कहा कि मार्च 2024 तक 49,649 उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) अभी तक प्राप्त नहीं हुए थे, जिनकी राशि 70,878 करोड़ रुपए थी। उपयोगिता प्रमाण पत्र एक निर्धारित अवधि के भीतर एकाउंटेंट जनरल (एकाउंट्स और पात्रता) को प्रस्तुत किए जाने आवश्यक हैं। कैग ने कहा कि इन प्रमाण पत्रों के अभाव में, यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि वितरित धनराशि का उपयोग इच्छित उद्देश्यों के लिए ही किया गया है। कैग ने आगे कहा कि इन प्रमाण पत्रों के लंबे समय तक लंबित रहने से धन के गबन, दुरुपयोग और हेराफेरी का खतरा बढ़ जाता है।

स्रोत: रिपोर्ट संख्या 1/2025, एसएफएआर रिपोर्ट वर्ष 2023-24, कैग; पीआरएस।

 

अनुलग्नक 1: मुख्य क्षेत्रों में राज्य के व्यय की तुलना

निम्नलिखित रेखाचित्रों में बिहार द्वारा 2026-27 में छह प्रमुख क्षेत्रों पर किए गए व्यय की तुलना सभी क्षेत्रों पर किए गए कुल व्यय के अनुपात से की गई है। क्षेत्र के लिए औसत, उस क्षेत्र में 31 राज्यों (बिहार सहित) द्वारा किए जाने वाले औसत व्यय (2025-26 के बजटीय अनुमानों के आधार पर) को इंगित करता है।[1]

  • शिक्षा: बिहार ने 2026-27 में अपने व्यय का 21.7% शिक्षा के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा शिक्षा के लिए आवंटित औसत राशि (14.5%) से अधिक है।

  • स्वास्थ्य: बिहार ने 2026-27 में अपने व्यय का 6.3% स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा स्वास्थ्य के लिए आवंटित औसत राशि (6.2%) से अधिक है।

  • ग्रामीण विकास: बिहार ने 2026-27 में अपने व्यय का 9.4% ग्रामीण विकास के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा ग्रामीण विकास के लिए आवंटित औसत राशि (4.9%) से अधिक है।

  • सड़कें और पुल: बिहार ने 2026-27 में अपने व्यय का 2.9% सड़कों और पुलों के लिए आवंटित किया है। यह 2024-25 में राज्यों द्वारा सड़कों और पुलों के लिए आवंटित औसत राशि (4.3%) से कम है।

  • कृषि: बिहार ने 2026-27 में अपने व्यय का 2.6% कृषि के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा कृषि के लिए आवंटित औसत राशि (5.7%) से कम है।

  • पुलिस: बिहार ने 2026-27 में अपने व्यय का 5.2% पुलिस पर आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा पुलिस के लिए किए गए औसत आवंटन (4.0%) से अधिक है।

नोट: 2024-25, 2025-26 (बअ), 2025-26 (संअ), और 2026-27 (बअ) के आंकड़े बिहार के हैं।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय वक्तव्य, बिहार बजट दस्तावेज 2026-27; विभिन्न राज्य बजट; पीआरएस।

अनुलग्नक 2: वर्ष 2026-31 के लिए 16वें वित्त आयोग के सुझाव

16वें वित्त आयोग (चेयर: डॉ. अरविंद पनगढ़िया) की रिपोर्ट 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश की गई। उसके सुझाव 2026-27 से 2030-31 तक की पांच-वर्षीय अवधि के लिए लागू होंगे। 16वें आयोग (एफसी) ने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों के हिस्से को 41% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। यह हिस्सा 15वें वित्त आयोग की अवधि (2021-26) के समान ही अपरिवर्तित बना हुआ है। विभाज्य पूल की गणना केंद्रीय सरकार द्वारा जुटाए गए कुल कर राजस्व में से कर वसूलने की लागत, उपकर और अधिभारों को घटाने के बाद की जाती है। 16वें वित्त आयोग ने राज्यों के हिस्से के निर्धारण के लिए संशोधित मानदंड प्रस्तावित किए हैं। 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट का संक्षिप्त सारांश यहां देखें। 16वें वित्त आयोग के सुझावों के आधार पर, बिहार को 2026-31 की अवधि के लिए केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में 9.95% हिस्सा मिलेगा।

16वें वित्त आयोग ने पांच वर्षों की अवधि में 9.47 लाख करोड़ रुपए के अनुदानों का सुझाव दिया है। इनमें निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए अनुदान शामिल हैं: (i) शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकाय, और (ii) आपदा प्रबंधन। 16वें वित्त आयोग ने 15वें वित्त आयोग द्वारा सुझाए गए निम्नलिखित अनुदानों को बंद कर दिया है: (i) राजस्व घाटा अनुदान, (ii) शिक्षा, न्याय, सांख्यिकी और कृषि के लिए क्षेत्र-विशिष्ट अनुदान, और (iii) राज्य-विशिष्ट अनुदान। 2026-31 की अवधि के लिए बिहार के लिए प्रस्तावित अनुदानों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) शहरी स्थानीय निकायों के लिए 9,169 करोड़ रुपए, (ii) ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 51,923 करोड़ रुपए, और (iii) आपदा प्रबंधन अनुदान के रूप में 13,615 करोड़ रुपए। इसके अतिरिक्त, पटना अपशिष्ट जल प्रबंधन प्रणाली के विकास के लिए विशेष अवसंरचना अनुदान (5,000 करोड़ रुपए तक) के लिए पात्र होगा। राज्यों को एक लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले आस-पास के बड़े शहरी स्थानीय निकाय में अर्ध-शहरी गांवों के विलय के लिए एकमुश्त अनुदान भी प्राप्त होगा।

तालिका 8: केंद्र द्वारा हस्तांतरित करों में प्रत्येक राज्य का हिस्सा (100 में से)

राज्य

14वां विआ (2015-2020)

15वां विआ (2021-26)

16वां विआ (2026-31)

आंध्र प्रदेश

4.31

4.05

4.22

अरुणाचल प्रदेश

1.37

1.76

1.35

असम

3.31

3.13

3.26

बिहार

9.67

10.06

9.95

छत्तीसगढ़

3.08

3.41

3.30

गोवा

0.38

0.39

0.37

गुजरात

3.08

3.48

3.76

हरियाणा

1.08

1.09

1.36

हिमाचल प्रदेश

0.71

0.83

0.91

जम्मू एवं कश्मीर

1.85

-

-

झारखंड

3.14

3.31

3.36

कर्नाटक

4.71

3.65

4.13

केरल

2.50

1.93

2.38

मध्य प्रदेश

7.55

7.85

7.35

महाराष्ट्र

5.52

6.32

6.44

मणिपुर

0.62

0.72

0.63

मेघालय

0.64

0.77

0.63

मिजोरम

0.46

0.50

0.56

नागालैंड

0.50

0.57

0.48

ओड़िशा

4.64

4.53

4.42

पंजाब

1.58

1.81

2.00

राजस्थान

5.50

6.03

5.93

सिक्किम

0.37

0.39

0.34

तमिलनाडु

4.02

4.08

4.10

तेलंगाना

2.44

2.10

2.17

त्रिपुरा

0.64

0.71

0.64

उत्तर प्रदेश

17.96

17.94

17.62

उत्तराखंड

1.05

1.12

1.14

पश्चिम बंगाल

7.32

7.52

7.22

 

तालिका 9: वर्ष 2026-31 के लिए राज्यवार अनुदान सहायता का विवरण (करोड़ रुपए में)

राज्य

ग्रामीण स्थानीय निकाय

शहरी स्थानीय निकाय

आपदा प्रबंधन

आंध्र प्रदेश

16,627

12,158

6,125

अरुणाचल प्रदेश

1,698

233

616

असम

14,580

3,249

5,243

बिहार

51,923

9,169

13,615

छत्तीसगढ़

11,664

4,990

2,481

गोवा

174

726

112

गुजरात

18,802

23,764

8,459

हरियाणा

8,270

7,834

2,922

हिमाचल प्रदेश

3,744

435

2,682

झारखंड

14,231

6,093

2,806

कर्नाटक

18,889

18,483

6,419

केरल

3,308

16,683

1,935

मध्य प्रदेश

32,033

16,016

11,697

महाराष्ट्र

32,817

46,803

29,619

मणिपुर

1,262

609

259

मेघालय

1,479

377

437

मिजोरम

567

377

284

नागालैंड

697

667

408

ओड़िशा

18,715

5,078

8,900

पंजाब

8,486

7,834

2,477

राजस्थान

31,467

12,680

9,211

सिक्किम

218

203

455

तमिलनाडु

16,930

25,069

8,486

तेलंगाना

9,968

11,548

2,774

त्रिपुरा

1,176

1,016

356

उत्तर प्रदेश

83,261

33,543

15,321

उत्तराखंड

4,047

2,497

4,954

पश्चिम बंगाल

28,203

22,023

6,869

 

Sources:  Reports of the 14th, 15th, and 16th Finance Commission; PRS.

तालिका 10: केंद्रीय बजट 2026-27 के अनुसार राज्यों को हस्तांतरित कर (करोड़ रुपए में)

राज्य

2024-25 वास्तविक

2025-26 संशोधित

2026-27 बजटीय

आंध्र प्रदेश

51,564

56,374

64,362

अरुणाचल प्रदेश

22,386

24,475

20,665

असम

39,855

43,572

49,725

बिहार

1,28,151

1,40,105

1,51,832

छत्तीसगढ़

43,409

47,459

50,427

गोवा

4,918

5,377

5,571

गुजरात

44,314

48,448

57,311

हरियाणा

13,926

15,225

20,772

हिमाचल प्रदेश

10,575

11,562

13,950

झारखंड

42,135

46,066

51,236

कर्नाटक

46,467

50,802

63,050

केरल

24,527

26,815

36,355

मध्य प्रदेश

1,00,019

1,09,348

1,12,134

महाराष्ट्र

80,486

87,994

98,306

मणिपुर

9,123

9,974

9,554

मेघालय

9,773

10,684

9,631

मिजोरम

6,371

6,965

8,608

नागालैंड

7,250

7,926

7,341

ओड़िशा

57,692

63,074

67,460

पंजाब

23,023

25,171

30,464

राजस्थान

76,779

83,940

90,446

सिक्किम

4,944

5,405

5,113

तमिलनाडु

51,971

56,819

62,531

तेलंगाना

26,782

29,280

33,181

त्रिपुरा

9,021

9,862

9,783

उत्तर प्रदेश

2,28,565

2,49,885

2,68,911

उत्तराखंड

14,245

15,573

17,415

पश्चिम बंगाल

95,852

1,04,793

1,10,119

कुल

12,74,121

13,92,971

15,26,255

नोट: 2024-25 के वास्तविक आंकड़े और 2025-26 के संशोधित अनुमान पिछले वर्षों में हुए अतिरिक्त या कम हस्तांतरण को समायोजित करने के बाद केंद्रीय बजट में प्रस्तुत किए गए हैं।
स्रोत: केंद्रीय बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।

अनुलग्नक 3: 2024-25 के बजटीय अनुमानों और वास्तविक के बीच तुलना

यहां तालिकाओं में 2024-25 के वास्तविक के साथ उस वर्ष के बजटीय अनुमानों के बीच तुलना की गई है।

तालिका 11: प्राप्तियों और व्यय की झलक (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

शुद्ध प्राप्तियां (1+2)

2,27,238

2,18,773

-4%

1.  राजस्व प्राप्तियां (क+ख+ग+घ)

2,26,799

2,18,658

-4%

क.  स्वयं कर राजस्व

54,300.00

53,578

-1%

ख.  स्वयं गैर कर राजस्व

7,326

5,781

-21%

ग.  केंद्रीय करों में हिस्सा

1,13,012.00

1,29,435

15%

घ.  केंद्र से सहायतानुदान

52,161

29,863

-43%

2.  गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

439.00

115

-74%

3.  उधारियां

51,688

66,049

28%

      जिनमें केंद्रीय कैपेक्स लोन

0

14,791

-

शुद्ध व्यय (4+5+6)

2,56,333

2,59,996

1%

4.  राजस्व व्यय

2,25,677

2,19,015

-3%

5.  पूंजीगत परिव्यय

29,416

38,527

31%

6.  ऋण और अग्रिम

1,240

2,453

98%

7.  ऋण पुनर्भुगतान

22,393

21,944

-2%

राजस्व संतुलन*

1,121

-357

-68%

राजस्व संतुलन (जीएसडीपी का %)

0.10%

-0.04%

-

राजकोषीय घाटा

29,095

41,222

42%

राजकोषीय घाटा (जीएसडीपी का %)

2.98%

4.20%

-

* (+) अधिशेष का संकेत है और (-) घाटे का संकेत है।
स्रोत: बिहार के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।

तालिका 12: राज्य के स्वयं कर राजस्व के घटक (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

राज्य जीएसटी

31,565

29,003

-8%

भूराजस्व

600

571

-5%

वाहन कर

3,700

3,678

-1%

सेल्स टैक्स /वैट

10,010

10,554

5%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

7,500

7,976

6%

बिजली पर टैक्स और ड्यूटी

750

1,570

109%

स्रोत: बिहार के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।

तालिका 13: मुख्य क्षेत्रों के लिए आवंटन (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां

7,943

6,251

-21%

जलापूर्ति एवं स्वच्छता

3,836

3,019

-21%

शहरी विकास

10,370

8,514

-18%

ग्रामीण विकास

27,101

23,151

-15%

पुलिस

13,528

11,824

-13%

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण

3,667

3,399

-7%

आवास

5,317

5,096

-4%

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

14,488

15,013

4%

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

54,605

57,139

5%

सामाजिक कल्याण एवं पोषण

14,718

15,862

8%

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण

5,388

6,594

22%

परिवहन

8,151

13,035

60%

जिसमें सड़कें और पुल शामिल हैं

7,723

12,583

63%

ऊर्जा

11,334

20,262

79%

स्रोत: बिहार के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।


[1] 31 राज्यों में दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर और पुद्दूचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

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