इस अंक की झलकियां
2025-26 की चौथी तिमाही में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 4.8% की वृद्धि
2025-26 की चौथी तिमाही के दौरान मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में 5.1% की वृद्धि हुई, जबकि खनन और बिजली क्षेत्र में क्रमशः 4.3% और 2.7% की वृद्धि दर्ज की गई।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए अध्यादेश जारी
इस अध्यादेश के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) एक्ट, 1956 में संशोधन किया गया है जिसके तहत सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है।
नए श्रम संहिता के अंतर्गत अधिसूचित नियम
इन नियमों में कार्य स्थितियों और सामाजिक सुरक्षा लाभों से संबंधित नियमों, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने के ढांचे और ट्रेड यूनियनों की मान्यता के तरीके जैसे विवरण निर्दिष्ट किए गए हैं।
बीवी-जीरामजी के तहत ड्राफ्ट नियम जारी
राज्यों को मानक आवंटन के लिए, केंद्रीय करों के हस्तांतरण हेतु 16वें वित्त आयोग द्वारा सुझाए गए मापदंडों का उपयोग किया जाएगा। वेतन और बेरोजगारी भत्ता प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से दिया जाएगा।
कैबिनेट ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना को मंजूरी दी
इस योजना में अतिरिक्त ऋण के लिए निम्नलिखित को गारंटी कवरेज दिया गया है: (i) मौजूदा कार्यशील पूंजी सीमा वाले एमएसएमई और गैर-एमएसएमई, और (ii) मार्च 2026 तक बकाया ऋण सुविधाओं वाली यात्री एयरलाइन।
बीमा क्षेत्र में एफडीआई से संबंधित नियमों में संशोधन
इन संशोधनों के तहत बीमा क्षेत्र में स्वचालित मार्ग के जरिए 100% एफडीआई की अनुमति दी गई है। कंपनी के प्रबंधन में निवासी भारतीय व्यक्तियों की उपस्थिति संबंधी नियमों में भी ढील दी गई है।
कैबिनेट ने खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी
धान के लिए एमएसपी में 3% की वृद्धि की गई है। अन्य फसलों में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि ज्वार (9%), सूरजमुखी (8%), सोयाबीन (7%) और कपास (7%) में दर्ज की गई है।
कैबिनेट ने सतही कोयला गैसीकरण की संवर्धन योजना को मंजूरी दी
इस योजना के तहत नई परियोजनाओं के लिए संयंत्र और मशीनरी की लागत के अधिकतम 20% तक का वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। परियोजनाओं का चयन प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से किया जाएगा।
अवैध प्रवासन के कारण जनसांख्यिकीय परिवर्तन के अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय समिति
समिति अवैध प्रवासन से उत्पन्न चुनौतियों का अध्ययन करेगी और निर्वासन, सीमा प्रबंधन को मजबूत करने और केंद्र-राज्य समन्वय को बढ़ाने के संबंध में सुझाव देगी।
राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एक्ट, 2022 में संशोधन का ड्राफ्ट प्रस्तावित
संशोधनों का उद्देश्य डोपिंग में प्रतिबंधित पदार्थों और तरीकों की तस्करी या उनके इस्तेमाल को दंडनीय बनाना है।
विभिन्न देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता
प्रधानमंत्री ने यूएई, इटली, नीदरलैंड्स, स्वीडन और नॉर्वे जैसे देशों का दौरा किया। समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए और रणनीतिक साझेदारियों की घोषणा की गई।
मैक्रोइकोनॉमिक विकास
Ayush Stephen Toppo (ayush@prsindia.org)
2025-26 की चौथी तिमाही में औद्योगिक उत्पादन में 4.8% की वृद्धि
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में 4.8% की वृद्धि दर्ज की गई जो 2024-25 की इसी अवधि (4.0%) की तुलना में अधिक है।[1] खनन में 2025-26 की चौथी तिमाही में 4.3% की वृद्धि हुई, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह वृद्धि 2.4% थी। मैन्यूफैक्चरिंग में 5.1% की वृद्धि हुई, जबकि बिजली में 2.7% की वृद्धि दर्ज की गई। मार्च 2026 में बिजली की वृद्धि 0.82% रही, जो मार्च 2025 (7.5%) की तुलना में काफी कम है।
उल्लेखनीय कि आईआईपी में मैन्यूफैक्चरिंग का हिस्सा 78% है, उसके बाद खनन (14%) और बिजली (8%) आते हैं।
रेखाचित्र 1: आईआईरपी में वृद्धि (%, वर्ष दर वर्ष)
स्रोत: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय; पीआरएस।
कानून एवं न्याय
Vaishali Dhariwal (vaishali@prsindia.org)
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए अध्यादेश जारी
राष्ट्रपति ने 16 मई, 2026 को सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 को जारी किया।[2] यह अध्यादेश सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) एक्ट, 1956 में संशोधन करता है। इसके तहत सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है।
श्रम
Vaishali Dhariwal (vaishali@prsindia.org)
चार श्रम संहिताओं के अंतर्गत अधिसूचित नियम
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने निम्नलिखित संहिताओं के अंतर्गत नियम अधिसूचित किए हैं: (i) व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थिति संहिता, 2020, (ii) सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020, (iii) औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, और (iv) मजदूरी संहिता, 2019।[3],[4],[5],[6]
व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति: नियमों में यह प्रावधान है कि किसी भी प्रतिष्ठान में साप्ताहिक कार्य घंटे 48 घंटे से अधिक नहीं होने चाहिए। निर्दिष्ट शर्तों के आधार पर महिलाओं को सुबह 6 बजे से पहले या शाम 7 बजे के बाद काम पर रखा जा सकता है। इन शर्तों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) कर्मचारी की लिखित सहमति, (ii) आने-जाने के लिए पर्याप्त परिवहन, और (iii) सीसीटीवी निगरानी। गोदी कार्य, भवन निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों के प्रत्येक नियोक्ता को 40 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों के लिए निःशुल्क मेडिकल जांच की व्यवस्था करनी होगी। नियमों में पंजीकरण, रिकॉर्ड्स के रखरखाव और सुरक्षा समितियों जैसे आवश्यक निकायों के गठन के तरीके भी निर्दिष्ट हैं।
सामाजिक सुरक्षा: सामाजिक सुरक्षा (केंद्रीय) नियम, 2026 में बीमा, भविष्य निधि, ग्रैच्युटी और मातृत्व लाभ जैसे लाभों के प्रावधान के लिए प्रक्रियाएं निर्दिष्ट हैं। वे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अमल में लाने के लिए विभिन्न निकायों के गठन के तरीके को भी निर्दिष्ट करते हैं जिनमें केंद्रीय बोर्ड, राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड और राज्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड शामिल हैं। गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर सामाजिक सुरक्षा लाभों के पात्र तभी होंगे, जब वे न्यूनतम कार्य अवधि की शर्त को पूरा करते हों: पिछले वित्तीय वर्ष में किसी एक एग्रीगेटर के साथ कम से कम 90 दिन, या विभिन्न एग्रीगेटर्स को मिलकर कुल कम से कम 120 दिन।
औद्योगिक संबंध: ये नियम ट्रेड यूनियनों की मान्यता के तरीके, कार्य समिति और शिकायत निवारण समिति जैसे द्विपक्षीय निकायों का गठन और तालाबंदी या हड़ताल के नोटिस की प्रक्रिया को निर्दिष्ट करते हैं। अस्थायी छंटनी से कम से कम 15 दिन पहले, कर्मचारियों कटौती से 60 दिन पहले और संस्थान बंद करने से 90 दिन पहले केंद्र सरकार को आवेदन करना अनिवार्य है। नियमों में खनन, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा जैसे क्षेत्रों के लिए आदर्श स्थायी आदेश (मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर्स) भी निर्धारित किए गए हैं।
मजदूरी: मजदूरी संबंधी नियम निम्नलिखित का प्रावधान करते हैं: (i) दैनिक आधार पर न्यूनतम मजदूरी की गणना का तरीका, जिसके मानदंड केंद्र सरकार द्वारा एक विशेष या सामान्य आदेश के माध्यम से अलग से निर्दिष्ट किए जाएंगे, (ii) औद्योगिक श्रमिकों के लिए औसत उपभोक्ता सूचकांक के आधार पर वर्ष में दो बार, एक बार औसत 1 अप्रैल से पहले और फिर 1 अक्टूबर से पहले, परिवर्तनीय महंगाई भत्ते का संशोधन, और (iii) केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम आधारभूत मजदूरी का निर्धारण, जिसमें पांच वर्ष से अधिक का अंतराल किए बिना संशोधन किया जाएगा।
ग्रामीण विकास
Vaishali Dhariwal (vaishali@prsindia.org)
वीबी जीरामजी एक्ट, 2025 के तहत नियमों के ड्राफ्ट पर टिप्पणियां आमंत्रित
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025 के अंतर्गत ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं।[7],[8],[9],[10],[11],[12],[13],[14] यह एक्ट महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट, 2005 का स्थान लेता है और ग्रामीण परिवारों को गारंटीकृत मजदूरी वाला रोजगार प्रदान करता है।[15] यह एक्ट 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगा।[16] ये ड्राफ्ट नियम धनराशि आवंटन, शिकायत निवारण, प्रबंधन के ढांचे और मजदूरी भुगतान जैसे क्षेत्रों में विस्तृत विवरण निर्दिष्ट करते हैं। ड्राफ्ट नियमों की प्रमुख विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
राज्यों को धनराशि आवंटन: एक्ट में प्रावधान है कि केंद्र सरकार वस्तुनिष्ठ मापदंडों के आधार पर प्रत्येक राज्य के लिए धनराशि का मानक आवंटन निर्धारित करेगी। ड्राफ्ट नियमों में यह निर्दिष्ट है कि केंद्र सरकार इस उद्देश्य के लिए राज्यों के बीच केंद्रीय करों के वितरण हेतु 16वें वित्त आयोग द्वारा सुझाए गए मापदंडों का उपयोग करेगी। इन मापदंडों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित पद्धति के अनुसार अंतर-राज्यीय वितरण निर्धारित करने के लिए लागू किया जाएगा। दूसरे वर्ष से आगे, आवंटन का एक हिस्सा प्रदर्शन मानदंडों से भी जोड़ा जा सकता है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) समय पर वेतन भुगतान, (ii) सामाजिक ऑडिट नियमों का अनुपालन, (iii) एक वर्ष में पूर्ण किए गए कार्यों का प्रतिशत, और (iv) केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट कोई अन्य प्रदर्शन-संबंधी संकेतक। केंद्र शासित प्रदेशों के लिए, आवंटन प्रदर्शन मानदंडों और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ऐसे अन्य मानदंडों पर आधारित होगा।
वेतन और बेरोजगारी भत्ते का भुगतान: वेतन और बेरोजगारी भत्ता लाभार्थियों के बैंक या डाकघर खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। नकद भुगतान निषिद्ध है। हालांकि, असाधारण परिस्थितियों में केंद्र सरकार छूट दे सकती है।
प्रबंधन का ढांचा: इस एक्ट में निम्नलिखित प्रावधान हैं: (i) राज्यों को आवंटन संबंधी निर्णयों का सुझाव देना, अंतर-मंत्रालयी समन्वय की आवश्यकता वाले मामलों पर सलाह देने और उच्च स्तरीय निगरानी प्रदान करने के लिए एक राष्ट्रीय स्तरीय संचालन समिति, और (ii) कार्यान्वयन की निगरानी करने और केंद्र सरकार को सलाह देने के लिए एक केंद्रीय परिषद। ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, संचालन समिति की अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के सचिव करेंगे। सदस्यों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) पंचायती राज, पर्यावरण, जल संसाधन, कृषि और भूमि संसाधन के केंद्रीय मंत्रालयों या विभागों के संयुक्त सचिव या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी, और (ii) राज्य सरकारों के पांच प्रतिनिधि (राज्य सरकार के सचिव या उससे ऊपर के रैंक के)।
परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री करेंगे। इसके सदस्यों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) श्रम एवं रोजगार, पंचायत राज, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एवं जनजातीय मामलों जैसे केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के प्रतिनिधि, (ii) राज्य सरकारों के ग्रामीण विकास विभाग के छह प्रतिनिधि, (iii) केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किए जाने वाले राज्यों के आठ सदस्य, और (iv) पंचायती राज संस्थाओं, श्रमिक संगठनों और वंचित समूहों के 15 सदस्य, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किया जाएगा।
21 जून, 2026 तक टिप्पणियां आमंत्रित हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग
Ayush Stephen Toppo (ayush@prsindia.org)
मंत्रिमंडल ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी दे दी है।[17] यह योजना अल्पकालिक नकदी संकट का सामना कर रहे पात्र उधारकर्ताओं को दिए गए ऋणों के लिए ऋण संस्थानों को ऋण गारंटी प्रदान करती है। पात्र उधारकर्ताओं में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) मौजूदा कार्यशील पूंजी सीमा वाले लघु एवं मध्यम उद्यम और गैर-लघु उद्यम, और (ii) मार्च 2026 तक बकाया ऋण सुविधाओं वाली अनुसूचित यात्री एयरलाइन।
इस योजना के तहत 2025-26 की चौथी तिमाही में उपयोग की गई अधिकतम कार्यशील पूंजी के 20% तक अतिरिक्त ऋण कवर प्रदान किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपए होगी। एयरलाइंस के लिए, अतिरिक्त ऋण 100% तक होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 1,500 करोड़ रुपए होगी। चुकौती अवधि इस प्रकार होगी: (i) एयरलाइंस के लिए दो वर्ष की मोहलत (मोराटोरियम) सहित सात वर्ष, और (ii) अन्य कंपनियों के लिए एक वर्ष की मोहलत सहित पांच वर्ष। गारंटी कवरेज एमएसएमईज़ के लिए 100% और गैर- एमएसएमईज़ तथा एयरलाइंस के लिए 90% होगा। यह योजना 31 मार्च, 2027 तक स्वीकृत ऋणों पर लागू होगी।
निवेश प्रोत्साहन योजना को 2030-31 तक बढ़ाया गया
केंद्र सरकार ने निवेश प्रोत्साहन योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की अधिसूचना जारी की है।[18] यह योजना 2008 में शुरू की गई थी और इसके घटकों और कार्यान्वयन ढांचे में बदलाव के साथ क्रमिक चरणों में जारी रही है।[19] इसका उद्देश्य देश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाना है। योजना के प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं:
निवेशक लक्ष्यीकरण और सुविधा: यह घटक निवेश चक्र के दौरान निवेशकों को सहायता प्रदान करने के लिए सेवाएं उपलब्ध कराता है। इनमें स्थान विश्लेषण, नियामक परामर्श, परियोजना अनुमोदन और मंजूरी के लिए सहायता शामिल हैं।
निवेश प्रोत्साहन: यह घटक चिन्हित देशों और प्रत्येक लक्षित देश के भीतर विशिष्ट क्षेत्रों में सेक्टर लक्ष्यीकरण, आउटरीच और निवेश सरलीकरण पर ध्यान केंद्रित करता है। यह निवेश प्रोत्साहन गतिविधियों में राज्य सरकारों और उद्योग संघों को भी सहायता प्रदान करेगा।
विस्तार अवधि के लिए अनुमानित वित्तीय व्यय 996 करोड़ रुपए है।
भव्या योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश जारी
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्या) के कार्यान्वयन हेतु दिशानिर्देश जारी किए हैं।[20] इस योजना का उद्देश्य 2026-27 से 2031-32 के बीच 100 औद्योगिक पार्कों के विकास में सहयोग करना है। इसे दो या दो से अधिक चरणों में कार्यान्वित किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में 50 परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। प्रत्येक औद्योगिक पार्क का कार्यान्वयन एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) द्वारा किया जाएगा। दिशानिर्देशों की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
पात्रता मानदंड: राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकार या केंद्र शासित प्रदेश का कोई सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम इस योजना के अंतर्गत औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकता है। परियोजनाएं निजी विकासकर्ताओं के सहयोग से भी शुरू की जा सकती हैं। प्रस्ताव में न्यूनतम भूमि की शर्त पूरी होनी चाहिए: (i) उत्तर-पूर्वी और पहाड़ी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और गोवा में 25 एकड़, और (ii) अन्य राज्यों में 100 एकड़। अन्य पात्रता मानदंडों में शामिल हैं: (i) आवेदन के समय कम से कम 90% भार-मुक्त (विवाद मुक्त) भूमि का स्वामित्व, और (ii) योजना एवं विकास संबंधी शक्तियां सौंपना।
चयन प्रक्रिया: आवेदनों का मूल्यांकन मल्टीमोडल कनेक्टिविटी (विभिन्न परिवहन माध्यमों का जुड़ाव), औद्योगिक इकोसिस्टम, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और नीतिगत सरलीकरण जैसे मापदंडों पर किया जाएगा। सबसे उच्च रैंकिंग वाले आवेदनों को उनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की जांच और अनुमोदन के लिए राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति (एनएसएलसी) के विचारार्थ सूचीबद्ध किया जाएगा। एनएसएलसी प्रति राज्य परियोजनाओं की संख्या पर एक सीमा तय करने पर विचार कर सकती है।
वित्तीय सहायता: केंद्र सरकार राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं निवेश ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) के माध्यम से इक्विटी के रूप में या विशेष रूप से अनुमोदित होने पर ऋण के रूप में योगदान देगी। इक्विटी योगदान एसपीवी को हस्तांतरित भूमि के मूल्य से जुड़ा होगा और भूमि के मूल्य से अधिक नहीं होना चाहिए। अधिकतम वित्तपोषण एक करोड़ रुपए प्रति एकड़ तक होगा। निजी विकासकर्ताओं के सहयोग से परियोजनाओं के मामले में, वित्तपोषण 50 लाख रुपए प्रति एकड़ या अवसंरचना लागत का 50%, जो भी कम हो, तक सीमित होगा। बड़ी परियोजनाओं के मामले में, वित्तपोषण 1,000 एकड़ की सीमा तक सीमित होगा।
निजी भागीदारी: अगर कोई निजी डेवलपर मुख्य निवेशकों में से एक है, तो उसे विकसित भूमि का 25% तक हिस्सा स्वयं को आवंटित करने की अनुमति होगी। शेष हिस्सा एसपीवी द्वारा निर्धारित पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण तरीके से विभिन्न उद्योगों को आवंटित किया जाएगा।
वित्त
बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश संबंधी नियमों में संशोधन
Ayush Stephen Toppo (ayush@prsindia.org)
वित्त मंत्रालय ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर ऋण साधन) (दूसरा संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है।[21] ये विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर ऋण साधन) नियम, 2019 में संशोधन करते हैं।[22] 2019 के नियम भारत से बाहर रहने वाले व्यक्तियों द्वारा भारतीय गैर ऋण साधनों में किए जाने वाले निवेश को रेगुलेट करते हैं। इन संशोधनों की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:
बीमा कंपनियों में निवेश की सीमा को हटाना: 2019 के नियमों में स्वचालित मार्ग के तहत बीमा कंपनियों और बीमा मध्यस्थों में विदेशी निवेश पर 74% की सीमा निर्धारित की गई थी। बीमा एक्ट, 1938 में 2025 में संशोधन करके बीमा कंपनियों में 100% विदेशी निवेश की अनुमति दी गई। इसके बाद 2026 के नियमों ने 2019 के नियमों में निर्धारित सीमा को हटा दिया, जिससे 100% तक विदेशी निवेश की अनुमति मिल गई। हालांकि, भारतीय जीवन बीमा निगम में विदेशी निवेश की सीमा 20% है।
निवास संबंधी नियमों में छूट: 2019 के नियमों के तहत, विदेशी निवेश वाली किसी भारतीय बीमा कंपनी में निर्दिष्ट व्यक्तियों का निवासी भारतीय नागरिक होना अनिवार्य था। इन व्यक्तियों में निम्नलिखित शामिल थे: (i) निदेशक मंडल के अधिकांश सदस्य, (ii) इसके अधिकांश प्रमुख प्रबंधकीय व्यक्ति, और (iii) निदेशक मंडल के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी में से कम से कम एक। 2026 के नियमों में संशोधन करके अब निदेशक मंडल के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी में से कम से कम एक का निवासी भारतीय नागरिक होना अनिवार्य कर दिया गया है।
आरबीआई ने ऋण वसूली एजेंट्स के आचरण संबंधी निर्देशों पर टिप्पणियां आमंत्रित
Ayush Stephen Toppo (ayush@prsindia.org)
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 'ऋण वसूली और वसूली एजेंट्स की नियुक्ति में रेगुलेटेड संस्थाओं का आचरण' से संबंधित दिशानिर्देशों में संशोधन के ड्राफ्ट पर टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।[23] ये दिशानिर्देश वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों जैसी संस्थाओं पर लागू होते हैं। संशोधन के ड्राफ्ट की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
तकनीक आधारित वसूली पर प्रतिबंध: संशोधन के ड्राफ्ट में ऋण देने वाली संस्थाओं (जैसे बैंकों) को ऋण वसूली तंत्र के रूप में उधारकर्ता के मोबाइल डिवाइस को डिसेबल करने से प्रतिबंधित किया गया है। इसका एक अपवाद तब है जब ऋण उसी डिवाइस को खरीदने के लिए लिया गया हो। हालांकि यह निर्दिष्ट किया गया है कि डिवाइस की खरीद में धनराशि के इस्तेमाल वाले मामले में भी, बैंक इसे तब तक लॉक नहीं कर सकता, जब तक कि ऋण की देय तिथि बीते 90 दिन न हो गए हों और कई नोटिस न दिए जा चुके हों। इसके अलावा, बैंकों को एसओएस जैसी आवश्यक सुविधाओं को निष्क्रिय करने से भी प्रतिबंधित किया गया है।
शिकायत निवारण से पहले वसूली की कार्रवाइयों पर रोक: अगर कोई उधारकर्ता ऋण के बकाये या उसकी वसूली के संबंध में शिकायत दर्ज करता है, तो ऋण देने वाली संस्थाओं को शिकायत का निपटारा होने तक मामले को किसी भी वसूली एजेंट को नहीं भेजना चाहिए। वर्तमान में अगर ऋण देने वाली संस्था को लगता है कि शिकायत तुच्छ या परेशान करने के इरादे से की गई है तो वह मामले को आगे बढ़ा सकती है।
एडवांस में सूचना: ड़्राफ्ट संशोधनों के तहत ऋणदाता संस्थाओं के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे वसूली एजेंट द्वारा पहली बार व्यक्तिगत रूप से जाने से कम से कम एक दिन पहले उधारकर्ता को एसएमएस या ईमेल के जरिए (या पत्र के जरिए तीन दिन पहले) सूचित करें। वर्तमान नियमों के तहत नोटिस के लिए ऐसी कोई न्यूनतम समय सीमा निर्धारित नहीं है।
वसूली एजेंट्स के लिए अनिवार्य सर्टिफिकेशन: ड्राफ्ट संशोधन वसूली एजेंसियों को किसी भी ऐसे एजेंट को काम पर रखने से रोकते हैं जिसने एक विशेष प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनांस से सर्टिफिकेट हासिल नहीं किया हो।
सेबी ने म्यूचुअल फंड्स में थर्ड पार्टी भुगतान को मंजूरी देने के लिए ड्राफ्ट सर्कुलर जारी किया
Ayush Stephen Toppo (ayush@prsindia.org)
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कुछ परिस्थितियों में म्यूचुअल फंड में थर्ड पार्टी भुगतान की अनुमति देने के लिए एक ड्राफ्ट सर्कुलर जारी किया है।[24] यह ड्राफ्ट म्यूचुअल फंड्स के लिए मास्टर सर्कुलर में ऐसे भुगतानों से संबंधित मौजूदा ढांचे को बदलने का प्रयास करता है।[25] प्रमुख प्रस्तावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
म्यूचुअल फंड निवेश के लिए नियोक्ता द्वारा भुगतान: ड्राफ्ट सर्कुलर एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) को वेतन कटौती के माध्यम से म्यूचुअल फंड निवेश के लिए एकमुश्त भुगतान स्वीकार करने की अनुमति देता है। यह सुविधा निम्नलिखित को उपलब्ध होगी: (i) सभी सूचीबद्ध और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में पंजीकृत कंपनियां और (ii) एएमसी।
कमीशन के बदले म्यूचुअल फंड यूनिटों का आवंटन: वर्तमान में एएमसी म्यूचुअल फंड वितरक को नकद में ट्रेल कमीशन का भुगतान करती हैं। ड्राफ्ट सर्कुलर नकद के बदले म्यूचुअल फंड यूनिट्स के आवंटन का विकल्प प्रस्तावित करता है। केवल वे वितरक जो भारतीय म्यूचुअल फंड संघ के साथ पंजीकृत हैं और एएमसी की योजनाएं बेच रहे हैं, उन्हें यह विकल्प उपलब्ध होगा।
म्यूचुअल फंड के माध्यम से दान: ड्राफ्ट सर्कुलर निवेशकों को अपनी निवेश राशि या किसी योजना से मिलने वाले रिटर्न का एक हिस्सा गैर-सरकारी संगठनों को दान करने की अनुमति देता है।
एएमसी द्वारा अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपाय: मनी लॉन्ड्रिंग जैसे जोखिमों को रोकने के लिए, ड्राफ्ट में निम्नलिखित उपाय प्रस्तावित हैं: (i) भुगतानकर्ता और लाभार्थी दोनों के लिए केवाईसी, (ii) एक स्पष्ट लिखित निर्देश, और (iii) सभी रिकॉर्ड़्स की नियमित जांच के साथ अलग खातों के माध्यम से एक जांच योग्य, कैशलेस फंड रिकॉर्ड।
10 जून, 2026 तक टिप्पणियां आमंत्रित हैं।
एनपीओ द्वारा जारी जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश, सीएसआर गतिविधि में शामिल
Vedika Bhanote (vedika@prsindia.org)
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने (i) कंपनी एक्ट, 2013 की अनुसूची VII, और (ii) कंपनी (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी नीति) नियम, 2014 में संशोधनों को अधिसूचित किया है।[26],[27],[28] इन संशोधनों के तहत जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल में सबस्क्रिप्शन को पात्र कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) गतिविधि माना जाएगा। यह नियम सोशल स्टॉक एक्सचेंज के साथ पंजीकृत गैर लाभकारी संगठनों (एनपीओ) द्वारा जारी किए गए ऐसे इंस्ट्रूमेंट्स पर लागू होता है। ये परोपकारी कार्यों के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से जारी किए जाने वाले बॉन्ड होते हैं जो मैच्योरिटी पर न तो मूलधन लौटाते हैं और न ही इस पर कोई ब्याज देते हैं।
कंपनियां एक वित्तीय वर्ष में अपने कुल सीएसआर व्यय का 10% तक ऐसे इंस्ट्रूमेंट्स पर खर्च कर सकती हैं। ऐसी व्यवस्था के माध्यम से वित्तपोषित परियोजनाओं का प्रभाव मूल्यांकन करने से निवेश करने वाली कंपनियों को छूट दी जाएगी।
इस व्यवस्था से फंड जुटाने वाले एनपीओ के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह (i) एक ऐसी परियोजना शुरू करे जिसकी अवधि इस इंस्ट्रूमेंट के जारी होने से अगले अधिकतम तीन वित्तीय वर्षों तक की हो, (ii) बिना खर्च किए हुए पैसों को कंपनी एक्चट की अनुसूची VII में शामिल किसी भी फंड में ट्रांसफर करे, और (iii) सेबी को एक अनुपालन रिपोर्ट सौंपे। अनुसूची VII के तहत आने वाले फंड्स में प्रधानमंत्री राहत कोष, पीएम केयर्स फंड और स्वच्छ गंगा फंड शामिल हैं।[29]
कृषि
कैबिनेट ने खरीफ फसलों के लिए एमएसपी को मंजूर किया
Vaishali Dhariwal (vaishali@prsindia.org)
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्केटिंग सीज़न 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है (तालिका 1)।[30] एमएसपी से तात्पर्य उस सुनिश्चित मूल्य से है जिस पर केंद्र सरकार किसानों से फसलें खरीदती है। धान की एमएसपी में 3% की वृद्धि की गई है। अन्य फसलों में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिनमें ज्वार (9%), सूरजमुखी (8%), सोयाबीन (7%) और कपास (7%) शामिल हैं।
तालिका 1: 2026-27 के लिए खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (रुपए प्रति क्विंटल में)
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फसल |
2026-27 |
2025-26 |
% परिवर्तन |
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धान (सामान्य) |
2,441 |
2,369 |
3% |
|
ज्वार (संकर) |
4,023 |
3,699 |
9% |
|
बाजरा |
2,900 |
2,775 |
5% |
|
रागी |
5,205 |
4,886 |
7% |
|
मक्का |
2,410 |
2,400 |
0.4% |
|
तुअर/अरहर |
8,450 |
8,000 |
6% |
|
मूंग |
8,780 |
8,768 |
0.1% |
|
उड़द |
8,200 |
7,800 |
5% |
|
मूंगफली |
7,517 |
7,263 |
3% |
|
सूरजमुखी के बीज |
8,343 |
7,721 |
8% |
|
सोयाबीन (पीला) |
5,708 |
5,328 |
7% |
|
तिल |
10,346 |
9,846 |
5% |
|
कपास (मध्यम रेशा) |
8,267 |
7,710 |
7% |
स्रोत: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय; पीआरएस।
Navya Sriram (navya@prsindia.org)
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चीनी सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य 365 रुपए प्रति क्विंटल स्वीकृत किया है जोकि 10.25% की रिकवरी रेट पर आधारित रहेगा।[31] अगर रिकवरी रेट 10.25% से अधिक होता है, तो किसानों को प्रत्येक 0.1% वृद्धि पर 3.56 रुपए प्रति क्विंटल का प्रीमियम दिया जाएगा। अगर रिकवरी रेट इससे कम होता है, तो प्रत्येक 0.1% कमी पर एफआरपी में से 3.56 रुपए प्रति क्विंटल घटा दिए जाएंगे। हालांकि 9.5% से कम रिकवरी रेट होने पर मूल्य में और कटौती नहीं की जाएगी।
कैबिनेट ने कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए एक मिशन को मंजूरी दी
Vaishali Dhariwal (vaishali@prsindia.org)
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2026-27 से 2030-31 तक कपास उत्पादकता मिशन को 5,659 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय के साथ मंजूरी दी।[32] मिशन का मुख्य उद्देश्य होगा: (i) रोग और कीट प्रतिरोधी उच्च उपज वाली किस्मों के बीजों के विकास के माध्यम से कपास उत्पादकता बढ़ाना, (ii) मौजूदा और नवीनतम फसल उत्पादन प्रौद्योगिकियों का विस्तार करना, (iii) कपास गुणवत्ता परीक्षण अवसंरचना में सुधार करना और (iv) उच्च गुणवत्ता वाले कपास के निर्यात को बढ़ावा देना। शुरआत में इस मिशन में कपास उत्पादक 14 राज्यों के 140 जिले आएंगे।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण
Vaishali Dhariwal (vaishali@prsindia.org)
कैबिनेट ने सार्थक-पीडीएस व्यापक योजना को जारी रखने की मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्कीम ऑफ असिस्टेंट इन राशन ट्रांसपोर्ट एंड हैंडलिंग-इनकम विद ऑटोमेशन इन पीडीएस (सार्थक-पीडीएस) को मार्च 2031 तक एक मुख्य (अंब्रैला) योजना के रूप में जारी रखने को मंजूरी दे दी है।[33] सार्थक-पीडीएस राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट, 2013 के तहत राज्यों के भीतर अनाज को भेजने, उसके रखरखाव और सरकारी राशन की दुकानों के डीलरों के कमीशन के लिए सुनिश्चित वित्तीय सहायता देती है। इसके साथ ही, यह योजना सरकारी राशन व्यवस्था (पीडीएस) में तकनीक के इस्तेमाल से नए सुधार और उसे आधुनिक बनाने का काम भी करती है। इस बढ़ी हुई अवधि के लिए केंद्र सरकार का अनुमानित परिव्यय 25,530 करोड़ रुपए है।
कोयला
Vaishali Dhariwal (vaishali@prsindia.org)
कैबिनेट ने सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण को बढ़ावा देने की योजना को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक योजना को मंजूरी दे दी है।[34] कोयला गैसीकरण का अर्थ है, कोयले या लिग्नाइट को ज्वलनशील कृत्रिम गैस में परिवर्तित करना। सतही कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रोत्साहन चार किस्तों में दिए जाएंगे, जो संयंत्र और मशीनरी की लागत के अधिकतम 20% तक होंगे। एक परियोजना के लिए वित्तीय सहायता 5,000 करोड़ रुपए, एक उत्पाद के लिए 9,000 करोड़ रुपए और सभी परियोजनाओं के लिए एक इकाई या समूह के लिए 12,000 करोड़ रुपए तक सीमित है। परियोजनाओं का चयन प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना पर कुल अनुमानित व्यय 37,500 करोड़ रुपए है।
गृह मामले
Vaishali Dhariwal (vaishali@prsindia.org)
अवैध प्रवासन के कारण होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का अध्ययन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन
केंद्र सरकार ने अवैध प्रवासन और अन्य असामान्य कारणों से होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का अध्ययन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति [अध्यक्ष: न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलेकर (सेवानिवृत्त)] का गठन किया है।[35] समिति के विचारार्थ विषयों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) ऐसे परिवर्तनों के मूल कारणों की पहचान करना, (ii) धार्मिक या सामाजिक समुदायों के स्तर पर जनसंख्या संरचनात्मक परिवर्तनों का विश्लेषण करना, और (iii) अवैध अप्रवासियों के निर्वासन, सीमा प्रबंधन को सुदृढ़ करने और केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाने के तंत्रों पर सुझाव देना। समिति को एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। आवश्यकता पड़ने पर गृह मंत्रालय समिति का कार्यकाल छह महीने तक बढ़ा सकता है।
परिवहन
Ayush Stephen Toppo (ayush@prsindia.org)
मोटर वाहनों से संबंधित नियमों में संशोधन किए गए
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन (छठा संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है।[36] ये नियम केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन करते हैं।[37] 1989 के नियम मोटर वाहन पंजीकरण, लाइसेंसिंग, सुरक्षा मानकों और सड़क योग्यता से संबंधित प्रेमवर्क प्रदान करते हैं। प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
अनफिट वाहनों की फिर से टेस्टिंग: 2026 के नियमों में यह निर्दिष्ट है कि अगर किसी वाहन को अनफिट घोषित किए जाने के 180 दिनों के भीतर फिट घोषित नहीं किया जाता है, तो उस वाहन को 'एंड-ऑफ-लाइफ' वाले वाहन की श्रेणी में रखा जाएगा। 'एंड-ऑफ-लाइफ' के मायने ऐसे वाहन से है जो अब सड़क पर चलने योग्य या कानूनी रूप से उपयोगी नहीं माना जाता है।
ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर्स के स्वामित्व के लिए पात्रता मानदंड: पहले, वाहनों की मरम्मत, निर्माण या बिक्री से संबंधित कोई व्यक्ति सीधे तौर पर ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर का मालिक या संचालक नहीं बन सकता था। हालांकि उन्हें सहायक कंपनी बनाकर ऐसा करने की अनुमति थी। 2026 के नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि वाहनों की मरम्मत से संबंधित कोई भी सेवा केंद्र या व्यक्ति, उसी जिले में प्रत्यक्ष रूप से मालिक या संचालक होने के योग्य नहीं होगा, जहां ऐसे कार्य संचालित किए जाते हैं। इसके अलावा अन्य मामलों में सहायक कंपनी बनाने की शर्त को भी हटा दिया गया है।
वाहनों का फिटनेस टेस्ट: 1989 के नियमों के तहत, वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र निरीक्षण अधिकारी या अधिकृत टेस्ट सेंटर द्वारा निर्धारित टेस्ट किए जाने के बाद रीन्यू किया जाता था। 2026 के नियमों में यह जोड़ा गया है कि ऐसे सभी टेस्ट को जियो-टैग किए गए वीडियो में रिकॉर्ड किया जाना चाहिए और केंद्र सरकार द्वारा विकसित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अपलोड किया जाना चाहिए। पहले, 1989 के नियमों के तहत, वाहन फिटनेस टेस्ट में रिफ्लेक्टर, स्टीयरिंग गियर और स्पीडोमीटर की जांच शामिल थी। 2026 के नियमों में जांच की सूची में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट, स्पीड गवर्नर और सीट बेल्ट को भी शामिल किया गया है।
खेल
Vaishali Dhariwal (vaishali@prsindia.org)
राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एक्ट, 2022 में प्रस्तावित संशोधनों पर टिप्पणियां आमंत्रित
युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एक्ट, 2022 में संशोधन के ड्राफ्ट को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया है।[38] यह एक्ट विश्व एंटी डोपिंग संहिता के अनुसार खेलों में एंटी डोपिंग गतिविधियों को रेगुलेट करने के लिए राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी के गठन का प्रावधान करता है।[39]
संशोधन के ड्राफ्ट में अपराधों और दंड से संबंधित प्रावधान शामिल किए गए हैं। निम्नलिखित अपराधों के लिए पांच वर्ष तक की कैद, दो लाख रुपए तक का जुर्माना, या दोनों दंड दिए जा सकते हैं: (i) खेलों में डोपिंग के संबंध में किसी प्रतिबंधित पदार्थ या पद्धति की तस्करी करना, उसे बेचना, वितरित करना या उसे लेने की सलाह (प्रिस्क्राइब) देना, और (ii) किसी एथलीट को प्रतिबंधित पदार्थ या पद्धति देना (एडमिनिस्टर करना)। अगर ऐसे अपराध किसी नाबालिग के साथ किए जाते हैं, व्यावसायिक रूप से किए जाते हैं, या किसी संगठित अपराध गिरोह के हिस्से के रूप में किए जाते हैं, तो दंड बढ़कर 10 वर्ष तक की कैद, पांच लाख रुपए तक का जुर्माना, या दोनों भुगतने पड़ सकते हैं।
डोपिंग से संबंधित प्रतिबंधित पदार्थों या पद्धतियों का विज्ञापन या सशुल्क प्रचार करने पर एक वर्ष तक की कैद, एक लाख रुपए तक का जुर्माना या दोनों दंड भुगतने होंगे।
18 जून, 2026 तक टिप्पणियां आमंत्रित हैं।
विदेशी मामले
Navya Sriram (navya@prsindia.org)
यूएई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का दौरा किया।[40] दोनों देशों के बीच निम्नलिखित विषयों पर समझौते हुए: (i) कच्चे तेल, तरल प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम प्राकृतिक गैस के भंडारण और बिक्री पर रणनीतिक सहयोग, (ii) जहाज मरम्मत के क्लस्टर की स्थापना, (iii) रक्षा औद्योगिक सहयोग, और (iv) कुशल समुद्री कार्यबल को जुटाना, प्रशिक्षण देना और रोजगार प्रदान करना। भारतीय रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के हिस्से के रूप में यूएई में कच्चे तेल के भंडारण की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। दोनों देशों ने एक सुपर कंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने पर भी सहमति व्यक्त की।[41] यूएई की कंपनियां भारत में पांच बिलियन USD के निवेश की संभावनाओं का पता लगाएंगी।
इटली
प्रधानमंत्री की इटली यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की।[42] उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति व्यक्त की: (i) रक्षा औद्योगिक रोडमैप, (ii) उच्च शिक्षा रोडमैप, और (iii) भारत से इटली में नर्सों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए आशय की घोषणा। इसके अलावा, निम्नलिखित विषयों पर भी समझौते किए गए: (i) महत्वपूर्ण खनिज, (ii) समुद्री परिवहन और बंदरगाह, (iii) कृषि और समुद्री उत्पाद, और (iv) शिक्षा और अनुसंधान।
नीदरलैंड्स
प्रधानमंत्री की नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की। भारत-नीदरलैंड्स रणनीतिक साझेदारी (2026-2030) पर हस्ताक्षर किए गए।[43] उन्होंने सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, अक्षय ऊर्जा, कृषि और प्रवासन एवं गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
स्वीडन
प्रधानमंत्री ने स्वीडन का भी दौरा किया।[44] दोनों देशों ने एक संयुक्त कार्य योजना पर आधारित रणनीतिक साझेदारी की, जिसके चार स्तंभ इस प्रकार हैं: (i) स्थिरता और सुरक्षा के लिए रणनीतिक संवाद, (ii) अगली पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी, (iii) उभरती प्रौद्योगिकियां और विश्वसनीय संपर्क, और (iv) संयुक्त रूप से भविष्य का निर्माण- लोग, ग्रह और लचीलापन (संकट से उबरने की क्षमता)।[45] दोनों देशों ने निम्नलिखित विषयों पर भी चर्चा की: (i) व्यापार और निवेश संबंधों का विस्तार, (ii) प्रौद्योगिकी और नवाचार में सहयोग, (iii) हरित परिवर्तन, और (iv) विद्यार्थी, शोधकर्ता और कुशल कामगारों की गतिशीलता (मोबिलिटी)।[46]
नॉर्वे
नॉर्वे में प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की: (i) बाह्य अंतरिक्ष की खोज और उपयोग, (ii) स्वास्थ्य, (iii) सुरंगों के निर्माण और ढलान स्थिरता (स्लोप स्टेबिलिटी) के लिए परामर्श सेवाएं, (iv) जियोमॉडलिंग, और (v) महासागरीय ऊर्जा (अपतटीय पवन ऊर्जा सहित)।[47]
Navya Sriram (navya@prsindia.org)
तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें भारत, डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन ने भाग लिया। यह शिखर सम्मेलन 2022 में कोपेनहेगन और 2018 में स्टॉकहोम में आयोजित पिछले दो शिखर सम्मेलनों पर आधारित है। जिन प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की गई, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) संयुक्त राष्ट्र, बहुपक्षवाद और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, (ii) यूरोप और पश्चिम एशिया में विकास, (iii) रक्षा, (ii) व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग, (iv) जलवायु कार्रवाई और पर्यावरण, (v) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, नवाचार और अनुसंधान, और (vi) जन-से-जन संपर्क और पर्यटन।[48]
भारत-यूएस ने महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा तत्वों से संबंधित एक समझौते पर हस्ताक्षर किए
Vaishali Dhariwal (vaishali@prsindia.org)
भारत और युनाइटेड स्टेट्स ने 'महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा तत्वों के खनन और प्रसंस्करण की आपूर्ति सुनिश्चित करने' से संबंधित एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।[49] इस समझौते का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा तत्वों की आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग बढ़ाना है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) खनन और प्रसंस्करण, (ii) पुनर्चक्रण (रीसाइकलिंग), (iii) संबंधित निवेश, और (iv) महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा तत्वों के स्क्रैप का प्रभावी प्रबंधन।
[1] “India's Index of industrial production records growth of 4.1% in March 2026”, Press Information Bureau, Ministry of Statistics and Programme Implementation, April 28, 2026, https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2256241®=3&lang=2.
[2] Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026, Ministry of Law and Justice, May 16, 2026, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272639.pdf.
[3] G.S.R. 345(E), The Occupational Safety, Health, and Working Conditions Code (Central) Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Labour and Employment, May 8, 2026, https://www.labour.gov.in/static/uploads/2026/05/ee246f790cad0b8e99c3828f34fa09a6.pdf.
[4] G.S.R. 344(E), The Social Security Code (Central) Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Labour and Employment, May 8, 2026, https://www.labour.gov.in/static/uploads/2026/05/49aa9b62c2125499c37399b90e969d67.pdf.
[5] G.S.R. 342(E), The Industrial Relations Code (Central) Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Labour and Employment, May 8, 2026, https://www.labour.gov.in/static/uploads/2026/05/f05a2c220dcdec0ea9c55e84d9ff791f.pdf.
[6] G.S.R. 343(E), The Code on Wages (Central) Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Labour and Employment, May 8, 2026, https://www.labour.gov.in/static/uploads/2026/05/6eb0c35ba63b776487a025e5123b6b12.pdf.
[7] G.S.R. 396(E), Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB – G RAM G Objective Parameters for Normative Allocation Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Rural Development, May 22, 2026, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272814.pdf.
[8] G.S.R. 397(E), Transitional Provisions under Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB – G RAM G Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Rural Development, May 22, 2026, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272815.pdf.
[9] G.S.R. 400(E),Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB – G RAM G Administrative Expenses Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Rural Development, May 22, 2026, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272816.pdf.
[10] G.S.R. 403(E), Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB – G RAM G Manner and procedure of expenditure incurred by the State in excess of the Normative Allocation and expenses of the scheme for the Union Territories without legislature Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Rural Development, May 22, 2026, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272828.pdf.
[11] G.S.R. 401(E), Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB – G RAM G Grievance Redressal Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Rural Development, May 22, 2026, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272817.pdf.
[12] G.S.R. 398(E), Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB – G RAM G National Level Steering Committee Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Rural Development, May 22, 2026, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272823.pdf.
[13] G.S.R. 402(E), Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB – G RAM G Manner of Payment of Wages and Unemployment Allowance Rules-2026, The Gazette of India, Ministry of Rural Development, May 22, 2026, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272829.pdf.
[14] G.S.R. 399(E), The Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB – G RAM G Central Gramin Rozgar Guarantee (Central Council) Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Rural Development, May 22, 2026, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272830.pdf.
[15] The Viksit Bharat—Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) (VB–G RAM G) Act, 2025, https://prsindia.org/files/bills_acts/bills_parliament/2025/Viksit_Bharat_G_RAM_G_Act_2025.pdf.
[16] S.O. 2382(E), The Gazette of India, Ministry of Rural Development, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272413.pdf.
[17] “Cabinet approves Emergency Credit Line Guarantee Scheme 5.0”, Prime Minister’s Office, May 5, 2026, https://www.pmindia.gov.in/en/news_updates/cabinet-approves-emergency-credit-line-guarantee-scheme-5-0/.
[18] F. No. P-36017/33/2024, “Investment Promotion Section”, The Gazette of India, Ministry of Commerce and Industry, May 8, 2026, https://egazette.gov.in/(S(c5h4dsklw4440obcjmn1faga))/ViewPDF.aspx.
[19] “Scheme for Investment Promotion”, Department of Industrial Policy and Promotion, July 2025, https://www.dpiit.gov.in/static/uploads/2025/07/0309b6e8755214d019a3b9383e02078b.pdf.
[20] “Guidelines for implementation of Bharat Audyogik Vikas Yojana (BHAVYA)”, Department for Promotion of Industry and Internal Trade, May 23, 2026, https://www.dpiit.gov.in/static/uploads/2026/05/56bdc6d167272593fbeae8b4c44d6cc4.pdf.
[21] S.O. 2186(E), The Foreign Exchange Management (Non-debt Instruments) (Second Amendment) Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Finance, May 2, 2026, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272206.pdf.
[22] S.O. 3732(E), The Foreign Exchange Management (Non-debt Instruments) Rules, 2019, The Gazette of India, Ministry of Finance, October 17, 2019, https://enforcementdirectorate.gov.in/media/fema/ab93a739-71e4-4db5-977d-d6652850de2d_Foreign%20Exchange%20Management%20(Non-Debt%20Instrument)%20Rules,%202019%20-%20without%20amendment_2.pdf; S.O. 3411(E), The Foreign Exchange Management (Non-debt Instruments) (Second Amendment) Rules, 2021, The Gazette of India, Ministry of Finance, October 17, 2019, https://enforcementdirectorate.gov.in/media/fema/6ece3081-c1ff-4bd0-81a6-11f0610eccb5_Foreign%20Exchange%20Management%20(Non-Debt%20Instrument)%20(Second%20Amendment)%20Rules,%202021_0.pdf.
[23] Draft Amendment directions on ‘Conduct of Regulated Entities in Recovery of Loans and Engagement of Recovery Agents’, Reserve Bank of India, May 20, 2026, https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/PressRelease/PDFs/PR29893FBFE9E906944B2803A1943B6D0881D.PDF.
[24] Draft circular on enabling third party payments in Mutual Funds in certain scenarios, Securities and Exchange Board of India, May 20, 2026, https://www.sebi.gov.in/sebi_data/attachdocs/may-2026/1779276447538.pdf.
[25] Master Circular on Mutual Funds, Securities and Exchange Board of India, March 20, 2026, https://www.sebi.gov.in/sebi_data/attachdocs/mar-2026/1774024028162.pdf.
[26]“MCA facilitates Corporate Social Responsibility (CSR) through Zero Coupon Zero Principal Instrument by expanding the scope of Schedule VII of the Companies Act, 2013”, Press Information Bureau, Ministry of Corporate Affairs, May 29, 2026, https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2266792®=3&lang=1.
[27] G.S.R. 416(E), The Gazette of India, Ministry of Corporate Affairs, May 27, 2026, https://www.mca.gov.in/bin/dms/getdocument?mds=xzeqwefP%252FSW%252Fvr%252B8Y%252FNHKw%253D%253D&type=open.
[28] G.S.R. 415(E), The Companies (Corporate Social Responsibility Policy) Amendment Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Corporate Affairs, May 27, 2026, https://www.mca.gov.in/bin/dms/getdocument?mds=uVuliv0Uu%252BB9uZpsyUH8Eg%253D%253D&type=open.
[29] The Companies Act, 2013, https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/2114/5/A2013-18.pdf.
[30] ‘Cabinet approves Minimum Support Prices (MSP) for Kharif Crops for Marketing Season 2026-27,’ Press Information Bureau, Cabinet Committee on Economic Affairs, May 13, 2026, https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2260617®=3&lang=1.
[31] “Cabinet approves Fair and Remunerative Price of Rs.365/qtl for Sugarcane Farmers for season 2026-27”, Ministry of Consumer Affairs, Food & Public Distribution, Press Information Bureau, May 5, 2026, https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2258142®=3&lang=1.
[32] ‘Cabinet approves “Mission for Cotton Productivity” with Rs.5659.22 crore Outlay for Self-Sufficiency in Cotton and Competitiveness in Global Textile Markets by 2030-31’ Press Information Bureau, Cabinet, May 5, 2026, https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2258111®=3&lang=1.
[33] 'Cabinet approves Integration and Continuation of two schemes viz. (i) "Assistance to State Agencies for intra-State movement of foodgrains and FPS dealers' margin under NFSA" and (ii) "Scheme for Modernization and Reforms through Technology in Public Distribution System (SMART PDS)" under umbrella scheme SARTHAK-PDS', Press Information Bureau, Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution, May 27, 2026, https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2265788®=3&lang=1.
[34] ‘Cabinet approves Scheme for Promotion of Surface Coal/Lignite Gasification Projects with a financial outlay of Rs.37,500 crore’ Press Information Bureau, Ministry of Coal, May 13, 2026, https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2260622®=3&lang=1.
[35] 'The Government of India constitutes the High-Level Committee on Demographic Change', Press Information Bureau, Ministry of Home Affairs, May 26, 2026, https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2265494®=3&lang=2.
[36] G.S.R. 349(E), Central Motor Vehicles (Sixth Amendment) Rules, 2026, The Gazette of India, Ministry of Road Transport and Highways, May 8, 2026, https://egazette.gov.in/WriteReadData/2026/272469.pdf.
[37] The Central Motor Vehicle Rules, 1989, https://ebook.commerciallawpublishers.com/fa/cmvr/mobile/index.html.
[38] 'Notice for Public Consultation: Proposal for amendment in the National Anti-Doping Act, 2022’ Ministry of Youth Affairs and Sports, Department of Sports, May 19, 2026, https://yas.nic.in/sites/default/files/20260508-NADA-Amendment%20Final%20draft_0.pdf.
[39] National Anti-Doping Act, 2022, https://prsindia.org/files/bills_acts/acts_parliament/2022/The%20National%20Anti%20Doping%20Act%202022.pdf.
[40]“Prime Minister’s Visit to the United Arab Emirates”, Press Release, Ministry of External Affairs, May 15, 2026, https://www.mea.gov.in/press-releases.htm?dtl/41146/Prime_Ministers_visit_to_the_United_Arab_Emirates_May_15_2026.
[41]“List of Outcomes: Prime Minister’s Visit to the UAE”, Press Release, Ministry of External Affairs, May 15, 2026,https://www.mea.gov.in/bilateral-documents.htm?dtl/41145/List_of_Outcomes_Prime_Ministers_Visit_to_the_UAE_May_15_2026.
[42] “List of Outcomes: Prime Minister’s visit to Italy”, Press Release, Ministry of External Affairs, May 20, 2026, https://www.mea.gov.in/bilateral-documents.htm?dtl/41201/List_of_Outcomes_Prime_Ministers_visit_to_Italy_May_1920_2026.
[43] “Prime Minister holds official talks with the Prime Minister of Netherlands”, Press Release , Ministry of External Affairs, May 16, 2026, https://www.mea.gov.in/press-releases.htm?dtl/41163/Prime_Minister_holds_official_talks_with_Prime_Minister_of_Netherlands_May_16_2026.
[44]“Prime Minister holds bilateral talks with Prime Minister of Sweden”, Press Release, Ministry of External Affairs, May 18, 2026, https://www.mea.gov.in/press-releases.htm?dtl/41170/Prime_Minister_holds_bilateral_talks_with_Prime_Minister_of_Sweden.
[45] “Joint Action Plan for the India-Sweden Strategic Partnership”, Press Release, Ministry of External Affairs, May 18, 2026, https://www.mea.gov.in/bilateral-documents.htm?dtl/41173/Joint_Action_Plan_20262030__for_the_implementation_of_the_IndiaSweden_Strategic_Partnership.
[46] “Joint Statement of the India- Sweden Strategic Partnership”, Press Release , Ministry of External Affairs, May 18, 2026, https://www.mea.gov.in/bilateral-documents.htm?dtl/41172/Joint_Statement_on_the_IndiaSweden_Summit_Establishment_of_a_Strategic_Partnership.
[47] “List of Outcomes: Prime Minister’s visit to Norway”, Press Release, Ministry of External Affairs, May 19, 2026, https://www.mea.gov.in/bilateral-documents.htm?dtl/41180/List_of_Outcomes_Prime_Ministers_visit_to_Norway_May_18__19_2026.
[48] “Joint Statement: 3rd India Nordic Summit”, Press Release, Ministry of External Affairs, May 19, 2026, https://www.mea.gov.in/bilateral-documents.htm?dtl/41190/Joint_Statement_3rd_IndiaNordic_Summit_May_19_2026.
[49] “India-US Framework on “Securing of Supply in the Mining and Processing of Critical Minerals and Rare Earths” Press Release, Ministry of External Affairs, May 26, 2026, https://www.mea.gov.in/press-releases.htm?dtl/41236/IndiaUS_Framework_on_Securing_of_Supply_in_the_Mining_and_Processing_of_Critical_Minerals_and_Rare_Earths.
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