
इस अंक की झलकियां
बजट सत्र का पहला भाग समाप्त
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा हुई और केंद्रीय बजट पेश किया गया। दूसरा भाग 10 मार्च, 2025 से 4 अप्रैल, 2025 तक आयोजित किया जाएगा।
एमपीसी ने रेपो रेट घटाकर 6.25% की
एमपीसी ने स्टैंडिंग डिपॉजिट फेसिलिटी रेट को घटाकर 6% करने का भी निर्णय लिया है। उसने विकास को समर्थन देते हुए मुद्रास्फीति को 4% के लक्ष्य के भीतर बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित रखने का निर्णय लिया है।
2024-25 की तीसरी तिमाही में जीडीपी 6.2% बढ़ी
सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं में 8.8% की वृद्धि का अनुमान है, इसके बाद वित्तीय, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सेवाओं (7.2%) का स्थान आता है। 2023-24 की तीसरी तिमाही में जीडीपी 9.5% बढ़ी थी।
केंद्रीय बजट 2025-26 पेश
सरकार ने 2025-26 में 50,65,345 करोड़ रुपए के खर्च का प्रस्ताव रखा है जो 2024-25 के संशोधित अनुमान से 7.4% अधिक है। राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4% अनुमानित है, जो 2024-25 के संशोधित अनुमान (4.8%) से कम है।
आय-कर बिल लोकसभा में पेश
बिल आय-कर एक्ट, 1961 के स्थान पर लाया गया है। इसमें एक्ट के अधिकांश प्रावधानों को बरकरार रखा गया है। बिल को लोकसभा की सिलेक्ट कमिटी को भेजा गया है।
सीबीएसई ने 10वीं कक्षा के लिए एक वर्ष में दो बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने के लिए ड्राफ्ट नीति जारी की
कक्षा 10 की परीक्षाएं वर्ष में दो बार आयोजित की जाएंगी: (i) 17 फरवरी से 6 मार्च, और (ii) 5 मई से 20 मई।
सहकारी क्षेत्र के लिए विश्वविद्यालय स्थापित करने वाला बिल लोकसभा में पेश
ग्रामीण प्रबंधन संस्थान, आणंद को "त्रिभुवन" सहकारी विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित किया जाएगा। विश्वविद्यालय सहकारी क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण बिल, 2025 राज्यसभा में पेश
यह बिल चूक की स्थिति में वायुयान जैसी परिसंपत्तियों के अधिकार सुरक्षित करने से संबंधित एक अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन को कानूनी प्रभाव प्रदान करता है।
संसद
Atri Prasad Rout (atri@prsindia.org)
बजट सत्र का पहला भाग समाप्त हुआ
संसद के बजट सत्र का पहला भाग 31 जनवरी, 2025 से 13 फरवरी, 2025 तक आयोजित किया गया था। दूसरा भाग 10 मार्च, 2025 से 4 अप्रैल, 2025 तक आयोजित किया जाएगा।
सत्र 31 जनवरी, 2025 को दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था। उसी दिन आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया गया। केंद्रीय बजट 1 फरवरी, 2025 को पेश किया गया।
इस सत्र के दौरान चार बिल्स को पेश, विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इनमें से "त्रिभुवन" सहकारी विश्वविद्यालय बिल, 2025 को 3 फरवरी, 2025 को लोकसभा में पेश किया गया था और वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण बिल, 2025 को 10 फरवरी, 2025 को राज्यसभा में पेश किया गया था। आय-कर बिल, 2025 को 13 फरवरी, 2025 को लोकसभा में पेश किया गया था। इस बिल को लोकसभा की सिलेक्ट कमिटी को भेजा गया है।
संसद में लंबित बिल्स में से 12 को विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) वक्फ (संशोधन) बिल, 2024, (ii) मर्चेंट शिपिंग बिल, 2024, (iii) रेलवे (संशोधन) बिल, 2024, (iv) तेल क्षेत्र (रेगुलेशन और विकास) संशोधन बिल, 2024, और (v) बॉयलर्स बिल, 2024।
सत्र के दौरान लेजिसलेटिव बिजनेस पर अधिक विवरण के लिए कृपया देखें।
मैक्रोइकोनॉमिक विकास
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
एमपीसी ने रेपो रेट घटाकर 6.25% की
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने पॉलिसी रेपो रेट (जिस दर पर आरबीआई बैंकों को ऋण देता है) को 6.5% से घटाकर 6.25% करने का फैसला किया है।[1] समिति के अन्य निर्णयों में निम्नलिखित शामिल हैं:
स्टैंडिंग डिपॉजिट फेसिलिटी रेट (जिस दर पर आरबीआई कोलेट्रल दिए बिना बैंकों से उधार लेता है) को 6.25% से घटाकर 6% कर दिया गया है।
मार्जिनल स्टैंडिंग फेसिलिटी रेट (जिस दर पर बैंक अतिरिक्त धन उधार ले सकते हैं) और बैंक रेट (जिस दर पर आरबीआई बिल्स ऑफ एक्सचेंज को खरीदता है) को 6.75% से घटाकर 6.5% कर दिया गया है।
एमपीसी ने तटस्थ रुख जारी रखने का फैसला किया है। उसने विकास को समर्थन देते हुए मुद्रास्फीति को 4% के लक्ष्य के भीतर बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित रखने का फैसला किया है।
2024-25 की तीसरी तिमाही में जीडीपी 6.2% बढ़ी
2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में भारत की जीडीपी (स्थिर कीमतों पर) 6.2% बढ़ी, जो 2023-24 की इसी तिमाही में दर्ज 9.5% की वृद्धि से धीमी है।[2] 2024-25 की दूसरी तिमाही में जीडीपी 5.6% बढ़ी थी।
रेखाचित्र 1: जीडीपी में तिमाही वृद्धि (%, वर्ष-दर-वर्ष)
स्रोत: एमओएसपीआई; पीआरएस।
दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, 2024-25 में जीडीपी में 6.5% की वृद्धि का अनुमान है, जो मोटे तौर पर पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार 6.4% की वृद्धि के समान है।[3] 2023-24 में जीडीपी वृद्धि दर 8.2% से संशोधित कर 9.2% कर दी गई है।
सभी क्षेत्रों में जीडीपी को सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) के संदर्भ में मापा जाता है। 2024-25 की तीसरी तिमाही में सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं में 8.8% की वृद्धि होने का अनुमान है, इसके बाद वित्तीय, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सेवाओं (7.2%), और निर्माण (7%) का स्थान रहेगा।
तालिका 1: सभी क्षेत्रों में जीवीए में वृद्धि (%, वर्ष-दर-वर्ष)
क्षेत्र |
ति 3 2023-24 |
ति 2 2024-25 |
ति 3 2024-25 |
कृषि |
1.5% |
4.1% |
5.6% |
खनन |
4.7% |
-0.3% |
1.4% |
मैन्यूफैक्चरिंग |
14.0% |
2.1% |
3.5% |
बिजली |
10.1% |
3.0% |
5.1% |
निर्माण |
10.0% |
8.7% |
7.0% |
व्यापार |
8.0% |
6.1% |
6.7% |
वित्तीय सेवाएं |
8.4% |
7.2% |
7.2% |
सार्वजनिक सेवाएं |
8.4% |
8.8% |
8.8% |
जीवीए |
8.0% |
5.8% |
6.2% |
जीडीपी |
9.5% |
5.6% |
6.2% |
नोट: जीवीए उत्पादों पर शुद्ध करों के बिना जीडीपी है।
स्रोत: एमओएसपीआई; पीआरएस।
2024-25 की तीसरी तिमाही में औद्योगिक उत्पादन 3.9% बढ़ा
2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) 3.9% बढ़ा, जो 2023-24 की इसी अवधि (6.1%) की तुलना में धीमा है।[4] 2024-25 की तीसरी तिमाही में खनन में 1.8% की वृद्धि हुई, जबकि 2023-24 की इसी अवधि में इस क्षेत्र में 8.2% की वृद्धि हुई थी। 2024-25 की तीसरी तिमाही में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में 4.3% की वृद्धि हुई जबकि बिजली क्षेत्र में 4.1% की वृद्धि हुई। उल्लेखनीय है कि आईआईपी में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र का वेटेज 78% है, जिसके बाद खनन (14%) और बिजली (8%) का स्थान आता है।
रेखाचित्र 2: आईआईपी में वृद्धि (%, वर्ष-दर-वर्ष)
स्रोत: एमओएसपीआई; पीआरएस।
वित्त
केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किया गया
Shrusti Singh (shrusti@prsindia.org)
वित्त मंत्री सुश्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2025 को 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश किया।[5] बजट की मुख्य विशेषताओं में निम्न शामिल हैं:
व्यय: सरकार को 2025-26 में 50,65,345 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान है जो 2024-25 के संशोधित अनुमान से 7.4% अधिक है।
प्राप्तियां: 2025-26 में प्राप्तियां (उधारियों के अलावा) 34,96,409 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो 2024-25 के संशोधित अनुमान (31,46,960 करोड़ रुपए) से 11.1% अधिक है।
जीडीपी: 2025-26 में केंद्र सरकार ने 10.1% की नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर (यानी, वास्तविक विकास जमा मुद्रास्फीति) का अनुमान लगाया है।
घाटा: 2025-26 में राजस्व घाटा जीडीपी के 1.5% पर लक्षित है, जो पिछले वर्ष (जीडीपी का 1.9%) से कम है। राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.4% है जो पिछले वर्ष (जीडीपी का 4.8%) से कम है।
कर प्रस्ताव: नई कर व्यवस्था के तहत टैक्स स्लैब को संशोधित किया गया है। 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय पर कर योग्य आय पर 100% छूट मिलेगी। टीडीएस और टीसीएस की सीमा बढ़ा दी गई है। स्टार्टअप्स और आईएफएससी को कुछ कर छूट बढ़ा दी गई है।
नीतिगत प्रस्ताव: बीमा क्षेत्र में उन कंपनियों के लिए एफडीआई सीमा 74% से बढ़ाकर 100% कर दी जाएगी जो अपना पूरा प्रीमियम भारत में निवेश करती हैं। एमएसएमई और स्टार्टअप्स को ऋण के लिए गारंटी कवर बढ़ाया जाएगा। एमएसएमई की परिभाषा को संशोधित किया जाएगा। निजी भागीदारी को आकर्षित करने के लिए परमाणु ऊर्जा कानूनों में संशोधन किया जाएगा। छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास के लिए एक मिशन शुरू किया जाएगा। विभिन्न कानूनों में कुछ अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए जन विश्वास 2.0 बिल पेश किया जाएगा। रेगुलेटरी सुधारों पर सुझाव देने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। फसल विविधीकरण और कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए एक योजना शुरू की जाएगी। किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाई जाएगी।
तालिका 2: केंद्रीय बजट की झलकियां (करोड़ रुपए में)
|
वास्तविक 2023-24 |
2024-25 संअ |
2025-26 बअ |
24-25 संअ से 25-26 बअ में परिवर्तन का % |
कुल व्यय |
44,43,447 |
47,16,487 |
50,65,345 |
7.4% |
कुल प्राप्तियां* |
27,88,804 |
31,46,960 |
34,96,409 |
11.1% |
राजस्व घाटा |
7,65,216 |
6,10,098 |
5,23,846 |
-14.1% |
जीडीपी का % |
2.6% |
1.9% |
1.5% |
|
राजकोषीय घाटा |
16,54,643 |
15,69,527 |
15,68,936 |
0.0% |
जीडीपी का % |
5.6% |
4.8% |
4.4% |
|
नोट: *उधारियों को छोड़कर। स्रोत: केंद्रीय बजट दस्तावेज़ 2025-26; पीआरएस।
केंद्रीय बजट 2025-26 के विश्लेषण के लिए कृपया यहां देखें।
आय-कर बिल लोकसभा में पेश
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
आय-कर बिल, 2025 को लोकसभा में पेश किया गया।[6] यह बिल आय-कर एक्ट, 1961 का स्थान लेने का प्रयास करता है।[7] बिल में 1961 के एक्ट के अधिकांश प्रावधानों को बरकरार रखा गया है। व्यक्तियों और निगमों के लिए कर की दरें और व्यवस्थाएं अपरिवर्तित रहेंगी। अधिकांश परिभाषाएं भी बरकरार रखी गई हैं। अपराधों और दंडों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बिल के लागू होने की तारीख 1 अप्रैल, 2026 प्रस्तावित है। इसे लोकसभा की सिलेक्ट कमिटी को भेज दिया गया है। मुख्य परिवर्तनों में निम्नलिखित शामिल हैं:
स्कीम बनाने की शक्ति: एक्ट सूचना के फेसलेस कलेक्शन और कर मामलों के निर्धारण का प्रावधान करता है। बिल में इन प्रावधानों को बरकरार रखा गया है। बिल केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि वह अधिक दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए नई स्कीम बना सकती है। ऐसा निम्नलिखित द्वारा किया जा सकता है: (i) प्रौद्योगिकी के माध्यम से निर्धारिती (एसेसी) के साथ इंटरफेस को समाप्त करना और (ii) पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं और कार्यात्मक विशेषज्ञता के माध्यम से संसाधन उपयोग को अनुकूलित करना। केंद्र सरकार की स्कीम्स को संसद के समक्ष रखा जाना चाहिए।
अघोषित आय: एक्ट के तहत, तलाशी के मामलों का निर्धारण करने के लिए अघोषित आय की परिभाषा में धन, सर्राफा (बुलियन), आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल हैं। बिल इस परिभाषा में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को शामिल करता है। इनमें ऐसा कोई भी कोड, संख्या या टोकन शामिल है जो क्रिप्टोग्राफ़िक तरीके से जनरेटेड है और एक्सचेंज की गई वैल्यू का डिजिटल रिप्रेजेंटेशन करता है। यह बदलाव फाइनांस बिल, 2025 में भी प्रस्तावित है।
वर्चुअल डिजिटल स्पेस: एक्ट आयकर अधिकारियों को इमारतों में प्रवेश करने और तलाशी लेने एवं ताले तोड़ने की अनुमति देता है। ऐसा तब किया जा सकता है, जब किसी व्यक्ति ने एक्ट के तहत समन जारी करने के बावजूद कुछ दस्तावेज या बही खाते प्रस्तुत नहीं किए हों। एक्ट अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ों का निरीक्षण करने का भी अधिकार देता है। बिल इन प्रावधानों को बरकरार रखता है और अधिकारियों को तलाशी और जब्ती की कार्यवाही के दौरान वर्चुअल डिजिटल स्पेस तक पहुंच प्राप्त करने की भी अनुमति देता है। अधिकारियों के पास किसी भी आवश्यक एक्सेस कोड को ओवरराइड करके पहुंच प्राप्त करने की शक्ति होगी। बिल में वर्चुअल डिजिटल स्पेस को एक ऐसे वातावरण, क्षेत्र या परिमंडल के रूप में परिभाषित किया गया है जो कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के माध्यम से निर्मित और अनुभव किया जाता है। इसमें ईमेल सर्वर, सोशल मीडिया एकाउंट, ऑनलाइन निवेश, ट्रेडिंग खाते और संपत्ति के स्वामित्व का विवरण स्टोर करने के लिए वेबसाइट्स शामिल हैं।
बिल के पीआरएस सारांश के लिए कृपया देखें।
व्यक्तियों और एमएसएमई के बिजनेस लोन पर फोरक्लोजर चार्ज माफ करने के प्रस्ताव पर टिप्पणियां आमंत्रित
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने बिजनेस लोन पर फोरक्लोजर चार्ज/प्री-पेमेंट पैनेल्टी लगाने से संबंधित एक ड्राफ्ट सर्कुलर जारी किया है।[8],[9] आरबीआई ने गौर किया कि सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) को स्वीकृत ऋणों में रेगुलेटेड संस्थाएं (जैसे बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां) अलग-अलग पद्धतियां अपनाती हैं। ये फोरक्लोजर चार्ज/प्री-पेमेंट पैनेल्टी लगाने से संबंधित हैं। लोन कॉन्ट्रैक्ट्स में प्रतिबंधात्मक धाराएं भी उधारकर्ताओं को बेहतर सेवा या कम ब्याज दरों का लाभ उठाने हेतु किसी अन्य ऋणदाता के पास जाने से हतोत्साहित करती हैं।
आरबीआई ने प्रस्ताव दिया है कि रेगुलेटेड संस्थाओं को व्यक्तियों और एमएसई को दिए गए फ्लोटिंग रेट बिजनेस लोन के फोरक्लोजर/प्री-पेमेंट के मामले में कोई शुल्क/जुर्माना नहीं लगाना चाहिए। एमएसई के लिए, यह प्रति उधारकर्ता 7.5 करोड़ रुपए की कुल स्वीकृत सीमा तक लागू होगा। ऐसे ऋणों के पूर्व भुगतान को बिना किसी न्यूनतम लॉक-इन अवधि के अनुमति दी जाएगी।
टिप्पणियां 21 मार्च, 2025 तक आमंत्रित हैं।
दक्षता विकास
Rutvik Upadhyaya (rutvik@prsindia.org)
कैबिनेट ने कौशल भारत कार्यक्रम को जारी रखने की मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कौशल भारत कार्यक्रम को जारी रखने की मंजूरी दी है।[10] कार्यक्रम में तीन योजनाएं शामिल हैं: (i) प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, जो अल्पकालिक और नौकरी के दौरान प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल विकास प्रदान करती है, (ii) प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना, जो एक प्रतिष्ठान से जुड़े प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण और पारिश्रमिक देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है, और (iii) जन शिक्षण संस्थान योजना, जिसका उद्देश्य व्यावसायिक प्रशिक्षण को वंचित समूहों के लिए सुलभ बनाना है।
कौशल भारत कार्यक्रम 2026 तक लागू किया जाएगा और 2022-23 एवं 2025-26 के बीच 8,800 करोड़ रुपए का परिव्यय होगा।
शिक्षा
Rutvik Upadhyaya (rutvik@prsindia.org)
सीबीएसई ने 10वीं कक्षा के लिए एक वर्ष में दो बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित ड्राफ्ट नीति जारी की
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने "2026 से 10वीं कक्षा के लिए दो परीक्षाओं की ड्राफ्ट योजना" जारी की।[11] ड्राफ्ट नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुरूप जारी की गई है, जिसमें विद्यार्थियों को एक वर्ष में दो बोर्ड परीक्षा देने की अनुमति देने की सिफारिश की गई है।[12] इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को दूसरे प्रयास में अपने स्कोर में सुधार करने का विकल्प देकर परीक्षा संबंधी दबाव को कम करना है।
ड्राफ्ट के अनुसार, कक्षा 10 के लिए सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं वर्ष में दो बार आयोजित की जाएंगी: (i) 17 फरवरी से 6 मार्च और (ii) 5 से 20 मई। दोनों परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम और परीक्षा केंद्र समान रहेंगे। दूसरी परीक्षा के परिणाम आने के बाद सभी विद्यार्थियों के लिए पासिंग डॉक्यूमेंट्स जारी किए जाएंगे। हालांकि पहली परीक्षा के परिणाम डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगे, और अगर विद्यार्थी दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहता है तो इसका उपयोग कक्षा 11 में प्रवेश के लिए किया जा सकता है।
जो विद्यार्थी पहली परीक्षा के परिणामों के आधार पर कक्षा 11 में प्रवेश के लिए अर्हता प्राप्त नहीं करते हैं, उन्हें कक्षा 11 में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है और उनके प्रवेश को दूसरी परीक्षा के परिणाम के आधार पर अंतिम रूप दिया जाएगा।
त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय बिल, 2025 लोकसभा में पेश किया गया
"त्रिभुवन" सहकारी विश्वविद्यालय बिल, 2025 को लोकसभा में पेश किया गया।[13] बिल में ग्रामीण प्रबंधन संस्थान, आणंद, गुजरात (आईआरएमए) को "त्रिभुवन" सहकारी विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने का प्रावधान है। वर्तमान में आईआरएमए एक सोसायटी के रूप में पंजीकृत है। बिल आईआरएमए को विश्वविद्यालय के भीतर एक स्कूल के रूप में रखता है। बिल में कहा गया है कि आईआरएमए की स्वायत्त पहचान विश्वविद्यालय के संस्थागत ढांचे के भीतर संरक्षित की जाएगी। बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
विश्वविद्यालय के उद्देश्य: विश्वविद्यालय सहकारी क्षेत्र में शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान करेगा और क्षमता निर्माण करेगा। साथ ही संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास गतिविधियां संचालित करेगा। यह डिग्री प्रोग्राम, दूरस्थ शिक्षा और ई-लर्निंग पाठ्यक्रम पेश करेगा और सहकारी क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र विकसित करेगा।
विश्वविद्यालय का गवर्नेंस: विश्वविद्यालय में एक वाइस-चांसलर होगा, जो विश्वविद्यालय का प्रमुख कार्यकारी और शैक्षणिक अधिकारी होगा। वाइस-चांसलर की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा तीन वर्ष की अवधि के लिए की जाएगी, और वह अगले दो वर्षों के लिए पुनःनियुक्ति का पात्र होगा। वाइस-चांसलर कार्यकारी परिषद का नेतृत्व करेगा जो विश्वविद्यालय का प्रमुख कार्यकारी निकाय होगा। केंद्र सरकार परिषद के गठन, उसकी शक्तियों और कार्यों तथा उसके सदस्यों के कार्यकाल की शर्तों को निर्दिष्ट करेगी।
विश्वविद्यालय में एक गवर्निंग बोर्ड होगा जिसके प्रमुख कार्यों में विश्वविद्यालय की व्यापक नीतियों और प्रोग्राम्स की समीक्षा करना, और उसकी विभिन्न प्रशासनिक परिषदों में सदस्यों को नियुक्त करना है। चांसलर बोर्ड का अध्यक्ष होगा, जो प्रतिष्ठित व्यक्ति होगा और केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा। चांसलर का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा। गवर्निंग बोर्ड के अन्य सदस्यों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) सहकारी क्षेत्र से संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के चार सचिव, (ii) सहकारी समिति क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्ति और (iii) नाबार्ड, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड जैसे बोर्ड्स के प्रमुख।
बिल के पीआरएस सारांश के लिए कृपया देखें।
नागरिक उड्डयन
Anirudh TR (anirudh@prsindia.rog)
वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण बिल, 2025 राज्यसभा में पेश
वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण बिल, 2025 को राज्यसभा में पेश किया गया।[14] यह बिल भारत में लागू होने वाले निम्नलिखित अंतरराष्ट्रीय समझौतों को कानूनी प्रभाव देने का प्रयास करता है: (i) मोबाइल उपकरणों में अंतरराष्ट्रीय हितों से संबंधित कन्वेंशन (2001 के केपटाउन कन्वेंशन के रूप में भी जाना जाता है), और (ii) विमान उपकरणों के विशिष्ट मामलों में मोबाइल उपकरणों में अंतरराष्ट्रीय हितों से संबंधित कन्वेंशन का प्रोटोकॉल।[15],[16] भारत ने 2008 में इन्हें स्वीकार किया था। कन्वेंशन और प्रोटोकॉल का उद्देश्य विमान, हेलीकॉप्टर और इंजन जैसे हाई-वैल्यू एसेट्स के अधिकार सुरक्षित करने में एकरूपता लाना है। बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
देनदारों के दायित्व: देनदारों को बकाये का रिकॉर्ड नागरिक उड्डयन निदेशालय (डीजीसीए) में जमा करना होगा। देनदार ऐसा व्यक्ति होता है जिसने किसी एविएशन एसेट को लीज़ पर या सशर्त खरीद समझौते के तहत लिया है, अथवा सुरक्षा समझौते के तहत एसेट को गिरवी रखा है।
चूक की स्थिति में उपाय: देनदार की चूक की स्थिति में कन्वेंशन लेनदार को कुछ उपाय सुझाता है। एक उपाय यह है कि दो कैलेंडर महीनों के भीतर या पारस्परिक रूप से सहमत अवधि, जो भी पहले हो, के भीतर एसेट का कब्ज़ा वापस ले लिया जाए। बिल में कहा गया है कि कोई भी उपाय करने से पहले लेनदार को चूक की जानकारी डीजीसीए को देनी होगी।
सरकारी एजेंसियों द्वारा एसेट्स को डिटेन करना: अगर किसी एसेट से संबंधित सेवाओं का बकाया भुगतान नहीं किया जाता है तो निम्नलिखित को एसेट को डिटेन करने का अधिकार होगा: (i) केंद्र सरकार, (ii) भारत में सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने वाली कोई अन्य इकाई, या (iii) एक अंतर-सरकारी संगठन, जिसका भारत एक सदस्य है।
बिल के पीआरएस सारांश के लिए कृपया देखें।
विदेश मामले
Rutvik Upadhyaya (rutvik@prsindia.org)
प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय वार्ता के लिए यूएसए और फ्रांस का दौरा किया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के लिए यूएसए और फ्रांस का दौरा किया। इन यात्राओं के दौरान सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर सहमति इस प्रकार है:
यूएसए
व्यापार: भारत और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 500 बिलियन USD करने का लक्ष्य रखा है।[17] दोनों देश 2025 तक पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते की पहले भाग पर बातचीत करेंगे। दोनों देश निम्नलिखित में बढ़ोतरी के जरिए व्यापार वृद्धि पर सहमत हुए: (i) यूएसए द्वारा भारत को औद्योगिक वस्तुओं का निर्यात, (ii) भारत द्वारा यूएसओ को श्रम-केंद्रित विनिर्मित उत्पादों का निर्यात, और (iii) कृषि वस्तुओं में व्यापार।
रक्षा: भारत और यूएसए 2025 में रक्षा साझेदारी के लिए एक नई दस-वर्षीय रूपरेखा पर हस्ताक्षर करेंगे। यूएसए भारत के साथ रक्षा बिक्री और सह-उत्पादन का विस्तार करेगा। भारत एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल्स, इन्फेंट्री कॉम्बैट वेहिकल्स और मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट्स जैसी वस्तुओं की खरीद पर ध्यान देगा।17 दोनों देश खरीद प्रणालियों में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए पारस्परिक रक्षा समझौतों पर बातचीत शुरू करने पर भी सहमत हुए।17
ऊर्जा: दोनों देश ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार को बढ़ाने और यूएसए को भारत के लिए कच्चे तेल और पेट्रोलियम के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने पर सहमत हुए।17 यूएसए में डिजाइन किए गए 17 परमाणु रिएक्टर बड़े पैमाने पर स्थानीयकरण और संभावित प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से भारत में बनाए जाएंगे।17
प्रौद्योगिकी: रक्षा, एआई, क्वांटम, महत्वपूर्ण खनिज, जैव प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसी महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की जाएगी।17 एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी लाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जाएगा।
फ्रांस
प्रौद्योगिकी: भारत और फ्रांस ने एक एआई डेक्लरेशन पर हस्ताक्षर किए।[18],[19] दोनों देश यह सुनिश्चित करने के लिए एक रूपरेखा स्थापित करने पर सहमत हुए कि एआई: (i) वैश्विक हित में विकसित किया गया है, (ii) मानवाधिकारों और प्राइवेसी का सम्मान करता है, और (iii) भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देता है।18 उन्होंने: (i) उन्नत और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के क्षेत्रों में सहयोग, और (ii) इंडो-फ्रेंच सेंटर ऑफ डिजिटल साइंसेज की स्थापना के साझा इरादों की घोषणा की।[20]
रक्षा: भारत और फ्रांस ने रक्षा क्षेत्र में आरएंडडी में सहयोग गहरा करने पर सहमति जताई।
[1] Resolution of the Monetary Policy Committee (MPC) February 5 to 7, 2025, Monetary Policy Statement, 2024-25, Reserve Bank of India, February 7, 2025, https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/PressRelease/PDFs/PR2094189B0DF105514A28A2FA834330E94B26.PDF.
[2] Press Note on Second Advance Estimates of Annual Gross Domestic Product for 2024-25, Ministry of Statistics and Programme Implementation, February 28, 2025, https://www.mospi.gov.in/sites/default/files/press_release/PRESS-NOTE-ON-SAE-2024-25-Q3-2024-25-FRE-2023-24-and-FE-2022-23-M.pdf.
[3] Press Note on First Advance Estimates of Gross Domestic Product for 2024-25, Ministry of Statistics and Programme Implementation, January 7, 2025, https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2025/jan/doc202517482201.pdf.
[4] India's Index of Industrial Production records growth of 3.2% in December 2024, Ministry of Statistics and Programme Implementation, February 12, 2025, https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2025/feb/doc2025212499901.pdf.
[5] Union Budget of India, 2025-26, https://www.indiabudget.gov.in/.
[6] The Income-Tax Bill, 2025, Lok Sabha, https://sansad.in/getFile/BillsTexts/LSBillTexts/Asintroduced/Income%20tax213202522837PM.pdf?source=legislation.
[7] The Income-Tax Act, 1961, https://incometaxindia.gov.in/documents/income-tax-act-1961-amended-by-finance-no.-2-act-2024.pdf.
[8] Responsible Lending Conduct – Levy of Foreclosure Charges/ Pre-payment Penalties on Loans, Reserve Bank of India, February 21, 2025, https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/Content/PDFs/LEVY21022025AB70CEA0786742FCAE18FE41F0CCF9B9.PDF.
[9] RBI invites comments on the draft circular on ‘Responsible Lending Conduct – Levy of Foreclosure Charges/ Pre-payment Penalties on Loans’, Reserve Bank of India, February 21, 2025, https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/PressRelease/PDFs/PR2231A266393353FA43A38221BBF2BBE786C9.PDF.
[10] “Cabinet Approves Continuation and Restructuring of Skill India Programme”, Cabinet, Press Information Bureau, February 7, 2025, https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2100845.
[11] “Draft Scheme for Two Examinations for Class X from 2026”, Central Board for Secondary Education, February 25, 2025, https://www.cbse.gov.in/cbsenew/documents/SCHEME_BOARD_EXAMS_POLICY_25022025.pdf.
[12] National Education Policy, Ministry of Education, https://www.education.gov.in/sites/upload_files/mhrd/files/NEP_Final_English_0.pdf.
[13] The Tribhuvan Sahkari University Bill, 2025, https://prsindia.org/files/bills_acts/bills_parliament/2025/Tribhuvan_Sahkari_University_Bill,_2025.pdf.
[14] The Protection of Interests in Aircraft Objects Bill, 2025, https://prsindia.org/files/bills_acts/bills_parliament/2025/Protection_of_Interests_in_Aircraft_Objects_Bill_2025.pdf.
[15] Convention on International Interests in Mobile Equipment, 2001, https://www.icao.int/sustainability/Documents/CPTConvention_AnnexA.pdf.
[16] Protocol to the Convention on International Interests in Mobile Equipment on Matters specific to Aircraft Equipment, 2001, https://www.icao.int/sustainability/Documents/CPTConvention_Protocol_AnnexB.pdf.
[17] “India-U.S. Join Statement”, Ministry of External Affairs, February 13, 2025, https://www.mea.gov.in/bilateral-documents.htm?dtl/39066.
[18] India – France Joint Statement on the visit of Shri Narendra Modi, Hon’ble Prime Minister of India to France (10-12 February 2025), Ministry of External Affairs, February 12, 2025, https://www.mea.gov.in/outoging-visit-detail.htm?39071/India++France+Joint+Statement+on+the+visit+of+Shri+Narendra+Modi+Honble+Prime+Minister+of+India+to+France+1012+February+2025.
[19] “India-France Declaration on Artificial Intelligence”, Ministry of External Affairs, February 12, 2025, https://www.mea.gov.in/bilateral-documents.htm?dtl/39034/IndiaFrance_Declaration_on_Artificial_Intelligence_February_12_2025.
[20] “Prime Minister holds bilateral talks with President of France”, Ministry of External Affairs, February 12, 2025, https://www.mea.gov.in/press-releases.htm?dtl/39030/Prime_Minister_holds_bilateral_talks_with_President_of_France_February_12_2025.
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