मंत्रालय: 
वित्त
  • कराधान और अन्य कानून (संशोधन) बिल, 2026 को 4 अगस्त, 2026 को लोकसभा में पेश किया गया। बिल 5 जून, 2026 को जारी किए गए इनकम-टैक्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को निरस्त करता है और उसका स्थान लेने का प्रयास करता है। अध्यादेश के ज़रिए इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 में संशोधन करके सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले कुछ विदेशी निवेशकों को छूट दी गई थी। यह बिल 2025 के एक्ट में और संशोधन करता है ताकि कुछ अन्य संस्थाओं को भी छूट दी जा सके। यह: (i) फाइनांस एक्ट, 2026 और (ii) भुगतान और निपटान प्रणाली एक्ट, 2007 में भी संशोधन करता है।
  • सरकारी प्रतिभूतियों से मिलने वाला आय पर एफआईआई और बीआईएस को छूट: बिल विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआईज़) और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (बीआईएस) को निम्नलिखित पर इनकम टैक्स से छूट देता है: (i) सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश से मिलने वाला ब्याज, और (ii) ऐसी प्रतिभूतियों की बिक्री, विनिमय या हस्तांतरण से होने वाला पूंजीगत लाभ। यह छूट 1 अप्रैल, 2026 या उसके बाद होने वाली आय पर लागू होगी। ये बदलाव 2026 के अध्यादेश के ज़रिए किए गए थे। इससे पहले इनकम-टैक्स एक्ट के तहत, ब्याज आय पर 20%, अल्पकालिक पूंजीगत लाभ पर 30% और दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर 12.5% की दर से ​​टैक्स लगाया जाता था।

  • हीरे और इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबार में लगी विदेशी कंपनियां: यह बिल कुछ विदेशी कंपनियों को टैक्स छूट देने के लिए इनकम-टैक्स एक्ट में और संशोधन करता है। एक अधिसूचित विशेष क्षेत्र में कच्चे हीरों (रफ़ डायमंड्स) की बिक्री से होने वाली आय पर टैक्स नहीं लगेगा। यह छूट इन विदेशी कंपनियों पर लागू होगी: (i) जो हीरा खनन में लगी हैं या ऐसी कंपनियों की साइटहोल्डर हैं, और (ii) जो कच्चे हीरों की बिक्री से जुड़े ब्रोकर, एग्रीगेटर या टेंडर और नीलामी करने वाली संस्थाएं हैं। इसी तरह, कस्टम बॉन्डेड क्षेत्र के गोदाम में कलपुर्जों या घटकों के भंडारण से होने वाली आय पर भी टैक्स नहीं लगेगा। यह छूट उन विदेशी कंपनियों पर लागू होगी जो निर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरर कंपनियों को इनकी आपूर्ति करती हैं। इनमें फ़ोन, लैपटॉप, सर्वर और तैयार सामान के सब-असेंबली पार्ट्स शामिल हैं। ये दोनों छूट 1 अक्टूबर 2026 को या उसके बाद होने वाली आय पर लागू होंगी और 31 मार्च 2041 तक उपलब्ध रहेंगी।

इसके अलावा, इनकम-टैक्स एक्ट के तहत किसी विदेशी कंपनी की उस आय पर टैक्स नहीं लगता जो कैपिटल गुड्स, उपकरण या टूलिंग की आपूर्ति से होती है। यह नियम इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाले कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरर को की जाने वाली आपूर्ति पर लागू होता है। यह छूट 2030-31 तक उपलब्ध है। बिल में इस छूट की अवधि को बढ़ाकर 2040-41 तक किया गया है।

  • भारत के बाहर पंजीकृत लेकिन भारत से प्रबंधित किए जाने वाले निवेश फंड्स: इनकम-टैक्स एक्ट भारत के बाहर पंजीकृत लेकिन भारत से प्रबंधित होने वाले पात्र निवेश फंड्स के टैक्स से जुड़ी कुछ शर्तों को निर्दिष्ट करता है। अगर इन शर्तों को पूरा किया जाता है, तो फंड को भारत में व्यावसायिक संबंध रखने वाला नहीं माना जाता है और इस कारण उस पर भारत में टैक्स नहीं लगता है। यह बिल कई शर्तों को हटाता है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) न्यूनतम 25 सदस्यों की अनिवार्यता, (ii) किसी एक निवेशक की अधिकतम 10% हिस्सेदारी, (iii) 100 करोड़ रुपए के न्यूनतम मासिक औसत कॉर्पस (कुल फंड) की आवश्यकता, और (iv) किसी एक कंपनी में कॉर्पस का 25% से ज़्यादा निवेश करने पर रोक।

  • बिजनेस ट्रस्ट के स्पेशल पर्पज़ वेहिकल: फाइनांस एक्ट, 2026 के तहत, रियायती टैक्स दरों को चुनने वाली हर घरेलू कंपनी को देय इनकम टैक्स पर 10% का सरचार्ज लगाया जाता है। यह बिल बिज़नेस ट्रस्ट के स्पेशल पर्पस वेहिकल्स के लिए सरचार्ज की दर को बढ़ाकर 25% कर देता है। बिज़नेस ट्रस्ट (जैसे REITs और InvITs) एसेट्स खरीदने और उन्हें प्रबंधित करने के लिए निवेशकों से धन जुटाते हैं। यह बिल एक बिज़नेस ट्रस्ट के यूनिट होल्डर्स को ऐसे स्पेशल पर्पस वेहिकल से लाभांश के रूप में मिलने वाली आय पर टैक्स से छूट भी देता है।

  • डेटा सेंटर्स: इनकम-टैक्स एक्ट के तहत, कुछ निर्दिष्ट डेटा सेंटर्स से सेवा लेने पर कुछ खास विदेशी कंपनियों की आय को टैक्स से छूट मिलती है। यह बिल उन शर्तों को हटाता है जिनके अनुसार: (i) विदेशी कंपनी को केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाना चाहिए, और (ii) डेटा सेंटर को किसी अनुमोदित योजना के तहत स्थापित किया जाना चाहिए और इस संबंध में अधिसूचित किया जाना चाहिए। एक्ट के तहत, किसी भारतीय कंपनी के स्वामित्व वाले और उसके द्वारा संचालित डेटा सेंटर से ली गई सेवा पर छूट मिलती है। यह बिल इस छूट का दायरा उन डेटा सेंटर्स तक भी बढ़ाता है जिन्हें भारतीय कंपनी ने लीज़ पर लिया है और वह उन्हें चला रही है।

 

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