मंत्रालय: 
जनजातीय मामले
  • संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (पांचवां संशोधन) बिल, 2022 को 9 दिसंबर, 2022 को लोकसभा में पेश किया गया। यह बिल संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 में छत्तीसगढ़ से संबंधित प्रावधानों में संशोधन करता है। इस आदेश में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनुसूचित जनजाति माने जाने वाले आदिवासी समुदायों की सूची है।
     
  • छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजातियां: बिल छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जनजातियों की सूची में धनुहार, धनुवार, किसान, सौंरा, संवरा और बिंझिया समुदायों को शामिल करता है।
     
  • बिल में भुईंया, भुईयां और भूयां को भारिया भूमिया के समानार्थी शामिल किया गया है। इसमें पांडो समुदाय के नाम के तीन देवनागरी पाठों को भी शामिल किया गया है।
     
  • इसके अतिरिक्त बिल संविधान आदेश में कुछ आदिवासी समुदायों के नामों को मध्य प्रदेश पुनर्गठन एक्ट, 2000 के हिंदी संस्करणों के हिंदी नामों के साथ प्रतिस्थापित करता है। उदाहरण के लिए उरांव, धानका और धांगड़ समुदायों के नामों को प्रतिस्थापित किया जाएगा। 

 

अस्वीकरणः प्रस्तुत रिपोर्ट आपके समक्ष सूचना प्रदान करने के लिए प्रस्तुत की गई है। पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च (पीआरएस) के नाम उल्लेख के साथ इस रिपोर्ट का पूर्ण रूपेण या आंशिक रूप से गैर व्यावसायिक उद्देश्य के लिए पुनःप्रयोग या पुनर्वितरण किया जा सकता है। रिपोर्ट में प्रस्तुत विचार के लिए अंततः लेखक या लेखिका उत्तरदायी हैं। यद्यपि पीआरएस विश्वसनीय और व्यापक सूचना का प्रयोग करने का हर संभव प्रयास करता है किंतु पीआरएस दावा नहीं करता कि प्रस्तुत रिपोर्ट की सामग्री सही या पूर्ण है। पीआरएस एक स्वतंत्र, अलाभकारी समूह है। रिपोर्ट को इसे प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के उद्देश्यों अथवा विचारों से निरपेक्ष होकर तैयार किया गया है। यह सारांश मूल रूप से अंग्रेजी में तैयार किया गया था। हिंदी रूपांतरण में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता की स्थिति में अंग्रेजी के मूल सारांश से इसकी पुष्टि की जा सकती है।