गुजरात के वित्त मंत्री श्री कनुभाई देसाई ने 18 फरवरी, 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया।
बजट के मुख्य अंश
-
गुजरात का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2026-27 के लिए (वर्तमान कीमतों पर) 33,24,676 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 की तुलना में 11% की वृद्धि दर्शाता है।
-
2026-27 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 3,60,122 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों से 13% अधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य द्वारा 43,252 करोड़ रुपए का ऋण चुकाया जाएगा।
-
2026-27 के लिए प्राप्तियां (ऋण को छोड़कर) 2,94,602 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 13% अधिक है।
-
वर्ष 2026-27 में राजस्व अधिशेष जीएसडीपी का 0.8% (25,587 करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 0.8%) के समान है।
-
वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 2% (65,520 करोड़ रुपए) पर लक्षित है। संशोधित अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 1.9% रहने की उम्मीद है, जो बजट अनुमान (जीएसडीपी का 2%) से कम है।
नीतिगत विशिष्टताएं
-
आर्थिक विकास: क्षेत्रीय आर्थिक योजना के तहत, गुजरात के छह क्षेत्रों को अवसंरचनात्मक विकास के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें उत्तर गुजरात, मध्य गुजरात, सौराष्ट्र, तटीय सौराष्ट्र, कच्छ और सूरत शामिल हैं। इसके लिए 6,600 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
-
शहरी विकास: अहमदाबाद और सूरत में मेट्रो रेल परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा। मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए 2,217 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
-
कृषि: राज्य के चारों क्षेत्रों में बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 112 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। दालों, तिलहन और कृषि प्रसंस्करण के लिए छह उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
-
जनजातीय विकास: जनजातीय क्षेत्रों में पांच औद्योगिक निगम स्थापित किए जाएंगे। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में जनजातीय विद्यार्थियों के लिए वार्षिक रखरखाव अनुदान 70,000 रुपए से बढ़ाकर 80,000 रुपए किया जाएगा।
|
गुजरात की अर्थव्यवस्था
|
रेखाचित्र 1: गुजरात में स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी की वृद्धि (2011-12) नोट: ये आंकड़े स्थिर कीमतों (2011-12) के अनुसार हैं, जिसका अर्थ है कि विकास दर को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया गया है। |
2026-27 के बजट अनुमान
-
वर्ष 2026-27 में कुल व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 3,60,122 करोड़ रुपए रहने का लक्ष्य है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमान से 13% अधिक है। इस व्यय की पूर्ति 2,94,602 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) और 56,748 करोड़ रुपए के शुद्ध ऋण से की जानी है। 2026-27 के लिए कुल प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 13% की वृद्धि होने की उम्मीद है।
-
राज्य ने 2026-27 में जीएसडीपी के 0.8% (25,587 करोड़ रुपए) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (जीएसडीपी के 0.8%) के समान है।
- 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2% (65,520 करोड़ रुपए) होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (जीएसडीपी के 1.9%) से अधिक है।
तालिका 1: बजट 2026-27- मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
कुल व्यय |
2,97,717 |
3,65,747 |
3,52,538 |
-4% |
4,03,374 |
14% |
|
(-) ऋण का पुनर्भुगतान |
29,126 |
33,596 |
34,027 |
1% |
43,252 |
27% |
|
शुद्ध व्यय (E) |
2,68,591 |
3,32,150 |
3,18,511 |
-4% |
3,60,122 |
13% |
|
कुल प्राप्तियां |
2,70,880 |
3,63,254 |
3,49,960 |
-4% |
3,94,602 |
13% |
|
(-) उधारियां |
51,253 |
89,501 |
89,501 |
0% |
1,00,000 |
12% |
|
इनमें से कैपेक्स लोन* |
5,958 |
6,000 |
6,000 |
0% |
7,000 |
17% |
|
शुद्ध प्राप्तियां (R) |
2,19,627 |
2,73,753 |
2,60,459 |
-5% |
2,94,602 |
13% |
|
राजकोषीय घाटा (E-R) |
48,965 |
58,397 |
58,052 |
-1% |
65,520 |
13% |
|
जीएसडीपी का % |
1.8% |
2.0% |
1.9% |
- |
2.0% |
- |
|
राजस्व अधिशेष |
18,943 |
19,695 |
23,725 |
20% |
25,587 |
8% |
|
जीएसडीपी का % |
0.7% |
0.7% |
0.8% |
- |
0.8% |
- |
|
प्राथमिक घाटा |
20,940 |
27,197 |
27,768 |
2% |
32,501 |
17% |
|
जीएसडीपी का % |
0.8% |
0.9% |
0.9% |
- |
1.0% |
- |
|
जीएसडीपी |
27,03,518 |
29,82,032 |
29,84,449 |
0.1% |
33,24,676 |
11% |
नोट: बअ बजट अनुमान है; संअ संशोधित अनुमान है। *केंद्र सरकार 2020-21 से राज्य सरकारों को पूंजीगत व्यय के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है। इन ऋणों को राज्य की उधार सीमा की गणना से बाहर रखा गया है।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
2026-27 में व्यय
|
|
तालिका 2: बजट 2026-27 में व्यय (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
राजस्व व्यय |
1,99,611 |
2,31,858 |
2,28,984 |
-1% |
2,46,016 |
7% |
|
पूंजीगत परिव्यय |
65,428 |
95,472 |
85,495 |
-10% |
1,07,160 |
25% |
|
राज्य द्वारा दिए गए ऋण |
3,552 |
4,821 |
4,033 |
-16% |
6,947 |
72% |
|
शुद्ध व्यय |
2,68,591 |
3,32,150 |
3,18,511 |
-4% |
3,60,122 |
13% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
प्रतिबद्ध व्यय: राज्य के प्रतिबद्ध व्यय में आम तौर पर वेतन, पेंशन और ब्याज के भुगतान पर व्यय शामिल होता है। बजट के एक बड़े हिस्से को प्रतिबद्ध व्यय की मदों के लिए आवंटित करने से पूंजीगत परिव्यय जैसी अन्य व्यय प्राथमिकताओं पर फैसला लेने का राज्य का लचीलापन सीमित हो जाता है। 2026-27 में गुजरात द्वारा प्रतिबद्ध व्यय पर 1,18,144 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान है जो उसकी अनुमानित राजस्व प्राप्तियों का 43% है। इसमें वेतन (राजस्व प्राप्तियों का 20%), पेंशन (11%), और ब्याज भुगतान (12%) पर खर्च शामिल है। 2024-25 में, वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, राजस्व प्राप्तियों का 47% प्रतिबद्ध व्यय पर खर्च किया गया।
तालिका 3: 2026-27 में प्रतिबद्ध व्यय (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
वेतन |
48,043 |
52,847 |
49,747 |
-6% |
54,722 |
10% |
|
पेंशन |
26,530 |
29,158 |
27,640 |
-5% |
30,403 |
10% |
|
ब्याज भुगतान |
28,025 |
31,201 |
30,284 |
-3% |
33,019 |
9% |
|
कुल |
1,02,598 |
1,13,206 |
1,07,670 |
-5% |
1,18,144 |
10% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
क्षेत्रवार व्यय: 2026-27 के दौरान राज्य के बजटीय व्यय का 62% हिस्सा निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए खर्च किया जाएगा। अनुलग्नक 1 में प्रमुख क्षेत्रों में गुजरात के व्यय की तुलना, अन्य राज्यों से की गई है।
तालिका 4: गुजरात बजट 2026-27 में क्षेत्रवार व्यय (करोड़ रुपए में)
|
क्षेत्र |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन |
बजट प्रावधान 2026-27 बअ |
|
शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति |
40,896 |
48,476 |
44,505 |
51,796 |
16% |
|
|
परिवहन |
22,902 |
24,980 |
23,782 |
29,929 |
26% |
|
|
शहरी विकास |
17,892 |
25,750 |
25,779 |
28,646 |
23% |
|
|
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण |
20,032 |
22,840 |
23,549 |
24,920 |
6% |
|
|
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण |
11,376 |
18,476 |
14,656 |
19,589 |
34% |
|
|
कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां |
9,943 |
14,144 |
16,900 |
16,280 |
-4% |
|
|
ऊर्जा |
15,564 |
18,444 |
15,475 |
14,832 |
-4% |
|
|
सामाजिक कल्याण एवं पोषण |
11,235 |
12,971 |
20,695 |
12,768 |
-38% |
|
|
पुलिस |
8,130 |
10,029 |
9,266 |
10,020 |
8% |
|
|
ग्रामीण विकास |
6,997 |
8,513 |
7,668 |
9,916 |
29% |
|
|
सभी क्षेत्र में कुल व्यय का % |
62% |
63% |
64% |
62% |
|
|
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
2026-27 में प्राप्तियां
-
वर्ष 2026-27 के लिए कुल राजस्व प्राप्ति 2,71,602 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 7% अधिक है। इसमें से 1,94,050 करोड़ रुपए (71%) राज्य द्वारा अपने संसाधनों से जुटाए जाएंगे, और 77,552 करोड़ रुपए (29%) केंद्र से आएंगे। केंद्र से प्राप्त संसाधन केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से (राजस्व प्राप्ति का 21.1%) और अनुदानों (राजस्व प्राप्ति का 7.5%) के रूप में होंगे।
-
हस्तांतरण: वर्ष 2026-27 में केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 57,254 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 18% अधिक है।
-
वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान का अनुमान 20,299 करोड़ रुपए है जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान से 8% कम है। वहीं वर्ष 2026-27 में वित्त आयोग द्वारा दिए जाने वाले अनुदान का अनुमान 4,042 करोड़ रुपए है, जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (8,654 करोड़ रुपए) से 53% कम है।
-
राज्य का स्वयं कर राजस्व: गुजरात का कुल स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 1,64,222 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 6% अधिक है। जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 4.9% रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (5.2%) से कम है। 2024-25 के वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 5.2% था।
-
गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां: 2026-27 में गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां 23,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (7,750 करोड़ रुपए) से 197% अधिक है। इसमें से 20,000 करोड़ रुपए राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश से प्राप्त होने का अनुमान है। 2025-26 में राज्य ने विनिवेश से 19,700 करोड़ रुपए की प्राप्ति का बजट बनाया था, हालांकि इस अनुमान को संशोधित करके 5,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है। 2023-24 और 2024-25 में विनिवेश से वास्तविक प्राप्तियां शून्य रहीं, जबकि प्रत्येक वर्ष के लिए बजट लक्ष्य 17,500 करोड़ रुपए था।
तालिका 5: राज्य सरकार की प्राप्तियों का ब्रेकअप (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
राज्य के स्वयं कर |
1,40,778 |
1,58,482 |
1,54,950 |
-2% |
1,64,222 |
6% |
|
राज्य के स्वयं गैर कर |
44,686 |
49,401 |
48,386 |
-2% |
57,254 |
18% |
|
केंद्रीय करों में हिस्सेदारी |
18,964 |
23,659 |
27,337 |
16% |
29,828 |
9% |
|
केंद्र से सहायतानुदान |
14,127 |
20,011 |
22,036 |
10% |
20,299 |
-8% |
|
राजस्व प्राप्तियां |
2,18,554 |
2,51,553 |
2,52,709 |
0.5% |
2,71,602 |
7% |
|
गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां |
1,072 |
22,200 |
7,750 |
-65% |
23,000 |
197% |
|
शुद्ध प्राप्तियां |
2,19,627 |
2,73,753 |
2,60,459 |
-4.9% |
2,94,602 |
13% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, गुजरात बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।
-
2026-27 में राज्य जीएसटी के स्वयं कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत (49% हिस्सा) होने का अनुमान है। राज्य के जीएसटी राजस्व में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 8% की वृद्धि होने का अनुमान है।
-
2026-27 में बिक्री कर/वैट से राजस्व में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 5% की वृद्धि होने की उम्मीद है।
तालिका 6: राज्य के स्वयं कर राजस्व के मुख्य स्रोत (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
राज्य जीएसटी |
65,840 |
80,520 |
74,100 |
-8% |
80,127 |
8% |
|
सेल्स टैक्स/वैट |
33,112 |
32,626 |
32,042 |
-2% |
33,780 |
5% |
|
स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क |
17,445 |
19,800 |
19,800 |
0% |
21,000 |
6% |
|
बिजली पर कर और ड्यूटी |
11,736 |
12,117 |
12,402 |
2% |
13,022 |
5% |
|
वाहन कर |
5,908 |
6,200 |
6,547 |
6% |
7,201 |
10% |
|
भूराजस्व |
4,801 |
5,181 |
5,885 |
14% |
6,031 |
2% |
|
राज्य उत्पाद शुल्क |
201 |
250 |
240 |
-4% |
264 |
10% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, राजस्व बजट, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
2026-27 के लिए घाटे और ऋण
|
राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (एसपीएसयू) का प्रदर्शन 16वें वित्त आयोग की 2024 की एक अध्ययन रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 10 वर्षों में एसपीएसयू में निवेश 6.7% की वार्षिक दर से बढ़ा है। इसमें इक्विटी पूंजी और दीर्घकालिक ऋण शामिल हैं। 2022-23 तक एसपीएसयू की संख्या 101 थी। एसपीएसयू को बजटीय सहायता 2012-13 में 15,341 करोड़ रुपए से बढ़कर 2022-23 में 23,822 करोड़ रुपए हो गई। अध्ययन में पाया गया कि हालांकि 2012-13 और 2022-23 के बीच एसपीएसयू की संख्या 81 से बढ़कर 101 हो गई है लेकिन जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में उनका टर्नओवर घट गया है। टर्नओवर 2012-13 में जीएसडीपी के 12.6% से घटकर 2022-23 में जीएसडीपी का 8.6% हो गया। अध्ययन में यह भी पाया गया कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था में उनका योगदान घटता है। इस अवधि के दौरान उनका कुल टर्नओवर 7.8% की वार्षिक दर से बढ़ा। अध्ययन में यह भी पाया गया कि एसपीएसयू बहुत कम या मामूली लाभांश दे रहे हैं। अध्ययन में पाया गया कि घाटे में चल रहे एसपीएसयू के विनिवेश से राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार हो सकता है। 2022-23 में 30 एसपीएसयू घाटे में थे। मार्च 2023 तक 21 एसपीएसयू की कुल संपत्ति शून्य से नीचे पहुंच गई थी। 16वें वित्त आयोग ने भी राज्यों को निष्क्रिय और कम प्रदर्शन करने वाले एसपीएसयू को लक्षित करने के लिए विनिवेश नीति बनाने का सुझाव दिया। 2024 के अध्ययन में यह उल्लेख किया गया था कि राज्य सरकार ने रणनीतिक विनिवेश पर एक समिति का गठन किया है। हालांकि इसका परिणाम या रणनीति सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। राज्य हाल के वर्षों में अपने विनिवेश लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाया है (विवरण के लिए पृष्ठ 6 देखें)। स्रोत: गुजरात राज्य के वित्त का मूल्यांकन, 16वें वित्त आयोग के लिए एक अध्ययन रिपोर्ट, दिसंबर 2024; रिपोर्ट संख्या 1 वर्ष 2024, राज्य वित्त लेखापरीक्षा रिपोर्ट 2022-23, कैग; पीआरएस। |
गुजरात के राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन एक्ट, 2005 में राज्य सरकार की बकाया देनदारियों, राजस्व घाटे और राजकोषीय घाटे को प्रगतिशील तरीके से कम करने के लक्ष्यों का प्रावधान है।
राजस्व संतुलन: यह सरकार की राजस्व प्राप्तियों और राजस्व व्यय के बीच का अंतर होता है। राजस्व घाटे का यह अर्थ होता है कि सरकार को अपना व्यय पूरा करने के लिए उधार लेने की जरूरत है जोकि भविष्य में पूंजीगत परिसंपत्तियों का सृजन नहीं करेगा और न ही देनदारियों को कम करेगा। बजट में 2026-27 में 25,587 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 0.8%) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया गया है। संशोधित अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में राजस्व अधिशेष 23,725 करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है जो बजट में अनुमानित 19,695 करोड़ रुपए से अधिक है।
राजकोषीय घाटा: यह कुल व्यय और कुल प्राप्तियों के बीच का अंतर होता है। इस अंतर को सरकार द्वारा उधार लेकर पूरा किया जाता है जिससे कुल देनदारियों में वृद्धि होती है। 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी) का 2% (65,520 करोड़ रुपए) होने का अनुमान है।
16वें वित्त आयोग ने राज्यों के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 2026-31 की अवधि के लिए जीएसडीपी का 3% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। पूंजीगत व्यय के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 50 साल के ब्याज मुक्त ऋणों को उधार सीमा शामिल नहीं किया जाएगा। 2026-27 में इस ऋण का अनुमान 7,000 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 0.21%) है। 2024-25 में, वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 1.8% था। पूंजीगत व्यय ऋणों को छोड़कर 2024-25 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 1.6% था।
बकाया सार्वजनिक ऋण: बकाया सार्वजनिक ऋण किसी वित्तीय वर्ष के अंत में कुल बकाया ऋणों का संचय होता है। 2026-27 के अंत में बकाया सार्वजनिक ऋण जीएसडीपी का 14.7% होने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 14.4%) से अधिक है।
|
रेखाचित्र 2: राजस्व एवं राजकोषीय संतुलन (जीएसडीपी का %)
नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है। (+) अधिशेष को दर्शाता है और (-) घाटे को दर्शाता है। |
रेखाचित्र 3: बकाया सार्वजनिक ऋण (जीएसडीपी का %)
नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। BE बजट अनुमान है। इसमें भविष्य निधि जैसे सार्वजनिक खातों पर देनदारियां शामिल नहीं हैं। |
बकाया सरकारी गारंटी: राज्यों के बकाया ऋण में कुछ अन्य आकस्मिक देनदारियां शामिल नहीं होती हैं जिनका भुगतान राज्यों को कुछ मामलों में करना पड़ सकता है। राज्य सरकारें वित्तीय संस्थानों से राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (एसपीएसई) के ऋण की गारंटी देती हैं। 31 मार्च, 2025 तक राज्य की बकाया गारंटी लगभग 1,421 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो 2025-26 में गुजरात की जीएसडीपी का 0.05% है।
अनुलग्नक 1: मुख्य क्षेत्रों में राज्य के व्यय की तुलना
निम्नलिखित रेखाचित्रों में गुजरात द्वारा 2026-27 में छह प्रमुख क्षेत्रों पर किए गए व्यय की तुलना सभी क्षेत्रों पर किए गए कुल व्यय के अनुपात से की गई है। क्षेत्र के लिए औसत, उस क्षेत्र में 31 राज्यों (गुजरात सहित) द्वारा किए जाने वाले औसत व्यय (2025-26 के बजटीय अनुमानों के आधार पर) को इंगित करता है।[1]
-
शिक्षा: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 14.7% शिक्षा के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा शिक्षा के लिए आवंटित औसत राशि (14.5%) से मामूली रूप से अधिक है।
-
स्वास्थ्य: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 7.1% स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा स्वास्थ्य के लिए आवंटित औसत राशि (6.2%) से अधिक है।
-
ग्रामीण विकास: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 2.8% ग्रामीण विकास के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा ग्रामीण विकास के लिए आवंटित औसत राशि (4.9%) से कम है।
-
शहरी विकास: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 8.1% शहरी विकास के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा शहरी विकास के लिए आवंटित औसत राशि (3.2%) से काफी अधिक है।
-
सड़कें और पुल: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 7.1% सड़कों और पुलों के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा सड़कों और पुलों के लिए आवंटित औसत राशि (4.3%) से अधिक है।
-
कृषि: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 4.6% कृषि के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा कृषि के लिए आवंटित औसत राशि (5.7%) से कम है।
नोट: 2024-25, 2025-26 (बअ), 2025-26 (संअ), और 2026-27 (बअ) के आंकड़े गुजरात के हैं।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय वक्तव्य, गुजरात बजट दस्तावेज 2026-27; विभिन्न राज्य बजट; पीआरएस।
अनुलग्नक 2: वर्ष 2026-31 के लिए 16वें वित्त आयोग के सुझाव
16वें वित्त आयोग (चेयर: डॉ. अरविंद पनगढ़िया) की रिपोर्ट 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश की गई। उसके सुझाव 2026-27 से 2030-31 तक की पांच-वर्षीय अवधि के लिए लागू होंगे। 16वें आयोग (एफसी) ने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों के हिस्से को 41% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। यह हिस्सा 15वें वित्त आयोग की अवधि (2021-26) के समान ही अपरिवर्तित बना हुआ है। विभाज्य पूल की गणना केंद्रीय सरकार द्वारा जुटाए गए कुल कर राजस्व में से कर वसूलने की लागत, उपकर और अधिभारों को घटाने के बाद की जाती है। 16वें वित्त आयोग ने राज्यों के हिस्से के निर्धारण के लिए संशोधित मानदंड प्रस्तावित किए हैं। 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट का संक्षिप्त सारांश यहां देखें। 16वें वित्त आयोग के सुझावों के आधार पर, गुजरात को 2026-31 की अवधि के लिए केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में 3.76% हिस्सा मिलेगा।
16वें वित्त आयोग ने पांच वर्षों की अवधि में 9.47 लाख करोड़ रुपए के अनुदानों का सुझाव दिया है। इनमें निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए अनुदान शामिल हैं: (i) शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकाय, और (ii) आपदा प्रबंधन। 16वें वित्त आयोग ने 15वें वित्त आयोग द्वारा सुझाए गए निम्नलिखित अनुदानों को बंद कर दिया है: (i) राजस्व घाटा अनुदान, (ii) शिक्षा, न्याय, सांख्यिकी और कृषि के लिए क्षेत्र-विशिष्ट अनुदान, और (iii) राज्य-विशिष्ट अनुदान। 2026-31 की अवधि के लिए गुजरात के लिए प्रस्तावित अनुदानों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) शहरी स्थानीय निकायों के लिए 23,764 करोड़ रुपए, (ii) ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 18,802 करोड़ रुपए, और (iii) आपदा प्रबंधन अनुदान के रूप में 8,459 करोड़ रुपए। इसके अतिरिक्त, वडोदरा और राजकोट अपशिष्ट जल प्रबंधन प्रणाली के विकास के लिए विशेष अवसंरचना अनुदान (प्रत्येक 5,000 करोड़ रुपए तक) के पात्र होंगे। राज्यों को एक लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले आस-पास के बड़े शहरी स्थानीय निकाय में अर्ध-शहरी गांवों के विलय के लिए एकमुश्त अनुदान भी प्राप्त होगा।
|
तालिका 7: केंद्र द्वारा हस्तांतरित करों में प्रत्येक राज्य का हिस्सा (100 में से)
|
तालिका 8: वर्ष 2026-31 के लिए राज्यवार अनुदान सहायता का विवरण (करोड़ रुपए में)
|
स्रोत: 14वें, 15वें और 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट्स; पीआरएस।
तालिका 9: केंद्रीय बजट 2026-27 के अनुसार राज्यों को हस्तांतरित कर (करोड़ रुपए में)
|
राज्य |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 संशोधित |
2026-27 बजटीय |
|
आंध्र प्रदेश |
51,564 |
56,374 |
64,362 |
|
अरुणाचल प्रदेश |
22,386 |
24,475 |
20,665 |
|
असम |
39,855 |
43,572 |
49,725 |
|
बिहार |
1,28,151 |
1,40,105 |
1,51,832 |
|
छत्तीसगढ़ |
43,409 |
47,459 |
50,427 |
|
गोवा |
4,918 |
5,377 |
5,571 |
|
गुजरात |
44,314 |
48,448 |
57,311 |
|
हरियाणा |
13,926 |
15,225 |
20,772 |
|
हिमाचल प्रदेश |
10,575 |
11,562 |
13,950 |
|
झारखंड |
42,135 |
46,066 |
51,236 |
|
कर्नाटक |
46,467 |
50,802 |
63,050 |
|
केरल |
24,527 |
26,815 |
36,355 |
|
मध्य प्रदेश |
1,00,019 |
1,09,348 |
1,12,134 |
|
महाराष्ट्र |
80,486 |
87,994 |
98,306 |
|
मणिपुर |
9,123 |
9,974 |
9,554 |
|
मेघालय |
9,773 |
10,684 |
9,631 |
|
मिजोरम |
6,371 |
6,965 |
8,608 |
|
नागालैंड |
7,250 |
7,926 |
7,341 |
|
ओड़िशा |
57,692 |
63,074 |
67,460 |
|
पंजाब |
23,023 |
25,171 |
30,464 |
|
राजस्थान |
76,779 |
83,940 |
90,446 |
|
सिक्किम |
4,944 |
5,405 |
5,113 |
|
तमिलनाडु |
51,971 |
56,819 |
62,531 |
|
तेलंगाना |
26,782 |
29,280 |
33,181 |
|
त्रिपुरा |
9,021 |
9,862 |
9,783 |
|
उत्तर प्रदेश |
2,28,565 |
2,49,885 |
2,68,911 |
|
उत्तराखंड |
14,245 |
15,573 |
17,415 |
|
पश्चिम बंगाल |
95,852 |
1,04,793 |
1,10,119 |
|
कुल |
12,74,121 |
13,92,971 |
15,26,255 |
नोट: 2024-25 के वास्तविक आंकड़े और 2025-26 के संशोधित अनुमान पिछले वर्षों में हुए अतिरिक्त या कम हस्तांतरण को समायोजित करने के बाद केंद्रीय बजट में प्रस्तुत किए गए हैं।
स्रोत: केंद्रीय बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।
अनुलग्नक 3: 2024-25 के बजटीय अनुमानों और वास्तविक के बीच तुलना
यहां तालिकाओं में 2024-25 के वास्तविक के साथ उस वर्ष के बजटीय अनुमानों के बीच तुलना की गई है।
तालिका 10: प्राप्तियों और व्यय की झलक (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 बअ |
2024-25 वास्तविक |
बअ से वास्तविक में परिवर्तन का % |
|
शुद्ध प्राप्तियां (1+2) |
2,47,445 |
2,19,627 |
-11% |
|
1. राजस्व प्राप्तियां (क+ख+ग+घ) |
2,29,653 |
2,18,554 |
-5% |
|
क. स्वयं कर राजस्व |
1,49,000 |
1,40,778 |
-6% |
|
ख. स्वयं गैर कर राजस्व |
19,675 |
18,964 |
-4% |
|
ग. केंद्रीय करों में हिस्सा |
42,195 |
44,686 |
6% |
|
घ. केंद्र से सहायतानुदान |
18,783 |
14,127 |
-25% |
|
2. गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां |
17,792 |
1,072 |
-94% |
|
3. उधारियां |
77,500 |
51,253 |
-34% |
|
इनमें केंद्रीय कैपेक्स लोन |
4,000 |
5,958 |
49% |
|
शुद्ध व्यय (4+5+6) |
2,99,363 |
2,68,591 |
-10% |
|
4. राजस्व व्यय |
2,19,832 |
1,99,611 |
-9% |
|
5. पूंजीगत परिव्यय |
75,689 |
65,428 |
-14% |
|
6. ऋण और अग्रिम |
3,842 |
3,552 |
-8% |
|
7. ऋण पुनर्भुगतान |
29,085 |
29,126 |
0.1% |
|
राजस्व अधिशेष |
9,821 |
18,943 |
93% |
|
राजस्व संतुलन (जीएसडीपी का %) |
0.4% |
0.7% |
|
|
राजकोषीय घाटा |
51,918 |
48,965 |
-6% |
|
राजकोषीय घाटा (जीएसडीपी का %) |
1.9% |
1.8% |
|
|
जीएसडीपी |
27,92,545 |
27,03,518 |
-3% |
स्रोत: गुजरात के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।
तालिका 11: राज्य के स्वयं कर राजस्व के घटक (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 बअ |
2024-25 वास्तविक |
बअ से वास्तविक में परिवर्तन का % |
|
भूराजस्व |
5,510 |
4,801 |
-13% |
|
राज्य जीएसटी |
74,597 |
65,840 |
-12% |
|
सेल्स टैक्स/वैट |
33,900 |
33,112 |
-2% |
|
बिजली पर टैक्स और ड्यूटी |
11,754 |
11,736 |
-0.2% |
|
वाहन कर |
5,600 |
5,908 |
5% |
|
बिजली पर टैक्स और ड्यूटी |
16,000 |
17,445 |
9% |
|
राज्य उत्पाद शुल्क |
155 |
201 |
30% |
स्रोत: गुजरात के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।
तालिका 12: मुख्य क्षेत्रों के लिए आवंटन (करोड़ रुपए में)
|
क्षेत्र |
2024-25 बअ |
2024-25 वास्तविक |
बअ से वास्तविक में परिवर्तन का % |
|
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण |
17,438 |
11,376 |
-35% |
|
ऊर्जा |
20,267 |
15,564 |
-23% |
|
ग्रामीण विकास |
8,555 |
6,997 |
-18% |
|
कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां |
11,857 |
9,943 |
-16% |
|
शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति |
44,579 |
40,896 |
-8% |
|
पुलिस |
8,712 |
8,130 |
-7% |
|
शहरी विकास |
18,634 |
17,892 |
-4% |
|
सामाजिक कल्याण एवं पोषण |
11,358 |
11,235 |
-1% |
|
परिवहन |
22,692 |
22,902 |
1% |
|
जिसमें सड़कें और पुल शामिल हैं |
18,781 |
19,430 |
3% |
|
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण |
19,348 |
20,032 |
4% |
स्रोत: गुजरात के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।
[1]31 राज्यों में दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर और पुद्दूचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत रिपोर्ट आपके समक्ष सूचना प्रदान करने के लिए प्रस्तुत की गई है। पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च (पीआरएस) के नाम उल्लेख के साथ इस रिपोर्ट का पूर्ण रूपेण या आंशिक रूप से गैर व्यावसायिक उद्देश्य के लिए पुनःप्रयोग या पुनर्वितरण किया जा सकता है। रिपोर्ट में प्रस्तुत विचार के लिए अंततः लेखक या लेखिका उत्तरदायी हैं। यद्यपि पीआरएस विश्वसनीय और व्यापक सूचना का प्रयोग करने का हर संभव प्रयास करता है किंतु पीआरएस दावा नहीं करता कि प्रस्तुत रिपोर्ट की सामग्री सही या पूर्ण है। पीआरएस एक स्वतंत्र, अलाभकारी समूह है। रिपोर्ट को इसे प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के उद्देश्यों अथवा विचारों से निरपेक्ष होकर तैयार किया गया है। यह सारांश मूल रूप से अंग्रेजी में तैयार किया गया था। हिंदी रूपांतरण में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता की स्थिति में अंग्रेजी के मूल सारांश से इसकी पुष्टि की जा सकती है।

