गुजरात के वित्त मंत्री श्री कनुभाई देसाई ने 18 फरवरी, 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया।

बजट के मुख्य अंश

  • गुजरात का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2026-27 के लिए (वर्तमान कीमतों पर) 33,24,676 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 की तुलना में 11% की वृद्धि दर्शाता है।

  • 2026-27 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 3,60,122 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों से 13% अधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य द्वारा 43,252 करोड़ रुपए का ऋण चुकाया जाएगा।

  • 2026-27 के लिए प्राप्तियां (ऋण को छोड़कर) 2,94,602 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 13% अधिक है।

  • वर्ष 2026-27 में राजस्व अधिशेष जीएसडीपी का 0.8% (25,587 करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 0.8%) के समान है।

  • वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 2% (65,520 करोड़ रुपए) पर लक्षित है। संशोधित अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 1.9% रहने की उम्मीद है, जो बजट अनुमान (जीएसडीपी का 2%) से कम है।

नीतिगत विशिष्टताएं

  • आर्थिक विकास: क्षेत्रीय आर्थिक योजना के तहत, गुजरात के छह क्षेत्रों को अवसंरचनात्मक विकास के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें उत्तर गुजरात, मध्य गुजरात, सौराष्ट्र, तटीय सौराष्ट्र, कच्छ और सूरत शामिल हैं। इसके लिए 6,600 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

  • शहरी विकास: अहमदाबाद और सूरत में मेट्रो रेल परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा। मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए 2,217 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

  • कृषि: राज्य के चारों क्षेत्रों में बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 112 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। दालों, तिलहन और कृषि प्रसंस्करण के लिए छह उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

  • जनजातीय विकास: जनजातीय क्षेत्रों में पांच औद्योगिक निगम स्थापित किए जाएंगे। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में जनजातीय विद्यार्थियों के लिए वार्षिक रखरखाव अनुदान 70,000 रुपए से बढ़ाकर 80,000 रुपए किया जाएगा।

गुजरात की अर्थव्यवस्था

  • जीएसडीपी: 2024-25 में गुजरात की जीएसडीपी में (स्थिर कीमतों पर) पिछले वर्ष की तुलना में 7.4% की वृद्धि का अनुमान है। तुलनात्मक रूप से, भारत की जीडीपी में 2024-25 में 6.5% की वृद्धि का अनुमान है।

  • क्षेत्र: 2024-25 में कृषि, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों का गुजरात की अर्थव्यवस्था में क्रमशः 19.5%, 43.9% और 36.6% का योगदान होने का अनुमान है (वर्तमान कीमतों पर)।

  • प्रति व्यक्ति जीएसडीपी: 2024-25 में गुजरात की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी का अनुमान 3,71,016 रुपए है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9% अधिक है। 2024-25 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी का अनुमान 2,34,859 रुपए है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9% अधिक है।

रेखाचित्र 1: गुजरात में स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी की वृद्धि (2011-12)

नोट: ये आंकड़े स्थिर कीमतों (2011-12) के अनुसार हैं, जिसका अर्थ है कि विकास दर को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया गया है।
स्रोत: गुजरात सामाजिक आर्थिक समीक्षा 2025-26; पीआरएस।

2026-27 के बजट अनुमान

  • वर्ष 2026-27 में कुल व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 3,60,122 करोड़ रुपए रहने का लक्ष्य है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमान से 13% अधिक है। इस व्यय की पूर्ति 2,94,602 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) और 56,748 करोड़ रुपए के शुद्ध ऋण से की जानी है। 2026-27 के लिए कुल प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 13% की वृद्धि होने की उम्मीद है।

  • राज्य ने 2026-27 में जीएसडीपी के 0.8% (25,587 करोड़ रुपए) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (जीएसडीपी के 0.8%) के समान है।

  • 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2% (65,520 करोड़ रुपए) होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (जीएसडीपी के 1.9%) से अधिक है।

तालिका 1: बजट 2026-27- मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

कुल व्यय

2,97,717

3,65,747

3,52,538

-4%

4,03,374

14%

(-) ऋण का पुनर्भुगतान

29,126

33,596

34,027

1%

43,252

27%

शुद्ध व्यय (E)

2,68,591

3,32,150

3,18,511

-4%

3,60,122

13%

कुल प्राप्तियां

2,70,880

3,63,254

3,49,960

-4%

3,94,602

13%

(-) उधारियां

51,253

89,501

89,501

0%

1,00,000

12%

इनमें से कैपेक्स लोन*

5,958

6,000

6,000

0%

7,000

17%

शुद्ध प्राप्तियां (R)

2,19,627

2,73,753

2,60,459

-5%

2,94,602

13%

राजकोषीय घाटा (E-R)

48,965

58,397

58,052

-1%

65,520

13%

जीएसडीपी का %

1.8%

2.0%

1.9%

-

2.0%

-

राजस्व अधिशेष

18,943

19,695

23,725

20%

25,587

8%

जीएसडीपी का %

0.7%

0.7%

0.8%

-

0.8%

-

प्राथमिक घाटा

20,940

27,197

27,768

2%

32,501

17%

जीएसडीपी का %

0.8%

0.9%

0.9%

-

1.0%

-

जीएसडीपी

27,03,518

29,82,032

29,84,449

0.1%

33,24,676

11%

नोट: बअ बजट अनुमान है; संअ संशोधित अनुमान है। *केंद्र सरकार 2020-21 से राज्य सरकारों को पूंजीगत व्यय के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है। इन ऋणों को राज्य की उधार सीमा की गणना से बाहर रखा गया है।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 में व्यय

  • वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व व्यय 2,46,016 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों से 7% अधिक है। इसमें वेतन, पेंशन, ब्याज, अनुदान और सबसिडी पर होने वाला व्यय शामिल है।

  • वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय 1,07,160 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान से 25% अधिक है। पूंजीगत व्यय से तात्पर्य सड़कों और भवनों जैसी संपत्तियों के निर्माण पर होने वाले व्यय से है। वर्ष 2026-27 में, जिन क्षेत्रों में पूंजीगत व्यय में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि हुई है, उनमें परिवहन (4,073 करोड़ रुपए की वृद्धि), शहरी विकास (3,413 करोड़ रुपए की वृद्धि), और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण (3,193 करोड़ रुपए की वृद्धि) शामिल हैं।

  • वर्ष 2026-27 में राज्य द्वारा दिए जाने वाले ऋण और अग्रिम की अनुमानित राशि 6,947 करोड़ रुपए है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 72% अधिक है। वर्ष 2026-27 में शहरी विकास के लिए ऋण राशि 2,643 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।

गुजरात में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना

कैग (2024) की एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2022 तक गुजरात के सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और पैरामेडिक्स, दोनों की 23% कमी थी। 33 जिलों में से केवल 19 जिलों में जिला अस्पताल थे। आपातकालीन सेवाएं 13 जिला अस्पतालों में आंशिक रूप से उपलब्ध थीं।

कैग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 के उस सुझाव को दोहराया जिसमें राज्यों को अपने बजट का कम से कम 8% स्वास्थ्य पर आवंटित करने के लिए कहा गया था। 2026-27 में गुजरात ने अपने बजट का 7.1% स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर खर्च करने का अनुमान लगाया है (24,920 करोड़ रुपए)। कैग के अन्य प्रमुख सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) रिक्त पदों को भरना, (ii) अस्पताल में भर्ती और बाह्य रोगी सेवाओं को अधिकतम करना, (iii) गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की कवरेज बढ़ाना और (iv) आवश्यक दवाओं की दरों को समय पर अंतिम रूप देना।

स्रोत: रिपोर्ट संख्या 5 वर्ष 2024, गुजरात में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन, कैग; पीआरएस।

 

तालिका 2: बजट 2026-27 में व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राजस्व व्यय

1,99,611

2,31,858

2,28,984

-1%

2,46,016

7%

पूंजीगत परिव्यय

65,428

95,472

85,495

-10%

1,07,160

25%

राज्य द्वारा दिए गए ऋण

3,552

4,821

4,033

-16%

6,947

72%

शुद्ध व्यय

2,68,591

3,32,150

3,18,511

-4%

3,60,122

13%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

प्रतिबद्ध व्यय: राज्य के प्रतिबद्ध व्यय में आम तौर पर वेतन, पेंशन और ब्याज के भुगतान पर व्यय शामिल होता है। बजट के एक बड़े हिस्से को प्रतिबद्ध व्यय की मदों के लिए आवंटित करने से पूंजीगत परिव्यय जैसी अन्य व्यय प्राथमिकताओं पर फैसला लेने का राज्य का लचीलापन सीमित हो जाता है। 2026-27 में गुजरात द्वारा प्रतिबद्ध व्यय पर 1,18,144 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान है जो उसकी अनुमानित राजस्व प्राप्तियों का 43% है। इसमें वेतन (राजस्व प्राप्तियों का 20%), पेंशन (11%), और ब्याज भुगतान (12%) पर खर्च शामिल है। 2024-25 में, वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, राजस्व प्राप्तियों का 47% प्रतिबद्ध व्यय पर खर्च किया गया।

तालिका 3: 2026-27 में प्रतिबद्ध व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

वेतन

48,043

52,847

49,747

-6%

54,722

10%

पेंशन

26,530

29,158

27,640

-5%

30,403

10%

ब्याज भुगतान

28,025

31,201

30,284

-3%

33,019

9%

कुल

1,02,598

1,13,206

1,07,670

-5%

1,18,144

10%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

क्षेत्रवार व्यय: 2026-27 के दौरान राज्य के बजटीय व्यय का 62% हिस्सा निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए खर्च किया जाएगा। अनुलग्नक 1 में प्रमुख क्षेत्रों में गुजरात के व्यय की तुलना, अन्य राज्यों से की गई है।

तालिका 4: गुजरात बजट 2026-27 में क्षेत्रवार व्यय (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन

बजट प्रावधान 2026-27 बअ

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

40,896

48,476

44,505

51,796

16%

  • समग्र शिक्षा अभियान के लिए 1,951 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

परिवहन

22,902

24,980

23,782

29,929

26%

  • सड़कों एवं पुलों पर पूंजीगत परिव्यय के लिए 21,310 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

शहरी विकास

17,892

25,750

25,779

28,646

23%

  • स्वर्णिम जयंती मुख्य मंत्री शहरी विकास योजना के लिए 13,446 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

20,032

22,840

23,549

24,920

6%

  • आरोग्य सुरक्षा योजना के लिए 3,256 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण

11,376

18,476

14,656

19,589

34%

  • सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं के तहत पूंजीगत परिव्यय के लिए 15,279 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां

9,943

14,144

16,900

16,280

-4%

  • किसान क्रेडिट कार्ड लाभार्थियों को तीन लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करने हेतु 1,539 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ऊर्जा

15,564

18,444

15,475

14,832

-4%

  • किसानों को मुफ्त बिजली प्रदान करने हेतु डिस्कॉम्स को सबसिडी देने के लिए 7,926 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सामाजिक कल्याण एवं पोषण

11,235

12,971

20,695

12,768

-38%

  • विशेष पोषण कार्यक्रम के लिए 2,815 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

पुलिस

8,130

10,029

9,266

10,020

8%

  • जिला पुलिस के लिए 8,243 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ग्रामीण विकास

6,997

8,513

7,668

9,916

29%

  • रोजगार और आजीविका के लिए विकसित भारत गारंटी मिशन (ग्रामीण) के लिए 1,5000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सभी क्षेत्र में कुल व्यय का %

62%

63%

64%

62%

 

 

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 में प्राप्तियां

  • वर्ष 2026-27 के लिए कुल राजस्व प्राप्ति 2,71,602 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 7% अधिक है। इसमें से 1,94,050 करोड़ रुपए (71%) राज्य द्वारा अपने संसाधनों से जुटाए जाएंगे, और 77,552 करोड़ रुपए (29%) केंद्र से आएंगे। केंद्र से प्राप्त संसाधन केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से (राजस्व प्राप्ति का 21.1%) और अनुदानों (राजस्व प्राप्ति का 7.5%) के रूप में होंगे।

  • हस्तांतरण: वर्ष 2026-27 में केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 57,254 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 18% अधिक है।

  • वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान का अनुमान 20,299 करोड़ रुपए है जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान से 8% कम है। वहीं वर्ष 2026-27 में वित्त आयोग द्वारा दिए जाने वाले अनुदान का अनुमान 4,042 करोड़ रुपए है, जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (8,654 करोड़ रुपए) से 53% कम है।

  • राज्य का स्वयं कर राजस्व: गुजरात का कुल स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 1,64,222 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 6% अधिक है। जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 4.9% रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (5.2%) से कम है। 2024-25 के वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 5.2% था।

  • गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां: 2026-27 में गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां 23,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (7,750 करोड़ रुपए) से 197% अधिक है। इसमें से 20,000 करोड़ रुपए राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश से प्राप्त होने का अनुमान है। 2025-26 में राज्य ने विनिवेश से 19,700 करोड़ रुपए की प्राप्ति का बजट बनाया था, हालांकि इस अनुमान को संशोधित करके 5,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है। 2023-24 और 2024-25 में विनिवेश से वास्तविक प्राप्तियां शून्य रहीं, जबकि प्रत्येक वर्ष के लिए बजट लक्ष्य 17,500 करोड़ रुपए था।

तालिका 5: राज्य सरकार की प्राप्तियों का ब्रेकअप (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राज्य के स्वयं कर

1,40,778

1,58,482

1,54,950

-2%

1,64,222

6%

राज्य के स्वयं गैर कर

44,686

49,401

48,386

-2%

57,254

18%

केंद्रीय करों में हिस्सेदारी

18,964

23,659

27,337

16%

29,828

9%

केंद्र से सहायतानुदान

14,127

20,011

22,036

10%

20,299

-8%

राजस्व प्राप्तियां

2,18,554

2,51,553

2,52,709

0.5%

2,71,602

7%

गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

1,072

22,200

7,750

-65%

23,000

197%

शुद्ध प्राप्तियां

2,19,627

2,73,753

2,60,459

-4.9%

2,94,602

13%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, गुजरात बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।

  • 2026-27 में राज्य जीएसटी के स्वयं कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत (49% हिस्सा) होने का अनुमान है। राज्य के जीएसटी राजस्व में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 8% की वृद्धि होने का अनुमान है।

  • 2026-27 में बिक्री कर/वैट से राजस्व में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 5% की वृद्धि होने की उम्मीद है।

तालिका 6: राज्य के स्वयं कर राजस्व के मुख्य स्रोत (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राज्य जीएसटी

65,840

80,520

74,100

-8%

80,127

8%

सेल्स टैक्स/वैट

33,112

32,626

32,042

-2%

33,780

5%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

17,445

19,800

19,800

0%

21,000

6%

बिजली पर कर और ड्यूटी

11,736

12,117

12,402

2%

13,022

5%

वाहन कर

5,908

6,200

6,547

6%

7,201

10%

भूराजस्व

4,801

5,181

5,885

14%

6,031

2%

राज्य उत्पाद शुल्क

201

250

240

-4%

264

10%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, राजस्व बजट, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 के लिए घाटे और ऋण

राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (एसपीएसयू) का प्रदर्शन

16वें वित्त आयोग की 2024 की एक अध्ययन रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 10 वर्षों में एसपीएसयू में निवेश 6.7% की वार्षिक दर से बढ़ा है। इसमें इक्विटी पूंजी और दीर्घकालिक ऋण शामिल हैं। 2022-23 तक एसपीएसयू की संख्या 101 थी। एसपीएसयू को बजटीय सहायता 2012-13 में 15,341 करोड़ रुपए से बढ़कर 2022-23 में 23,822 करोड़ रुपए हो गई।

अध्ययन में पाया गया कि हालांकि 2012-13 और 2022-23 के बीच एसपीएसयू की संख्या 81 से बढ़कर 101 हो गई है लेकिन जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में उनका टर्नओवर घट गया है। टर्नओवर 2012-13 में जीएसडीपी के 12.6% से घटकर 2022-23 में जीएसडीपी का 8.6% हो गया। अध्ययन में यह भी पाया गया कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था में उनका योगदान घटता है। इस अवधि के दौरान उनका कुल टर्नओवर 7.8% की वार्षिक दर से बढ़ा। अध्ययन में यह भी पाया गया कि एसपीएसयू बहुत कम या मामूली लाभांश दे रहे हैं।

अध्ययन में पाया गया कि घाटे में चल रहे एसपीएसयू के विनिवेश से राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार हो सकता है। 2022-23 में 30 एसपीएसयू घाटे में थे। मार्च 2023 तक 21 एसपीएसयू की कुल संपत्ति शून्य से नीचे पहुंच गई थी। 16वें वित्त आयोग ने भी राज्यों को निष्क्रिय और कम प्रदर्शन करने वाले एसपीएसयू को लक्षित करने के लिए विनिवेश नीति बनाने का सुझाव दिया। 2024 के अध्ययन में यह उल्लेख किया गया था कि राज्य सरकार ने रणनीतिक विनिवेश पर एक समिति का गठन किया है। हालांकि इसका परिणाम या रणनीति सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। राज्य हाल के वर्षों में अपने विनिवेश लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाया है (विवरण के लिए पृष्ठ 6 देखें)।

स्रोत: गुजरात राज्य के वित्त का मूल्यांकन, 16वें वित्त आयोग के लिए एक अध्ययन रिपोर्ट, दिसंबर 2024; रिपोर्ट संख्या 1 वर्ष 2024, राज्य वित्त लेखापरीक्षा रिपोर्ट 2022-23, कैग; पीआरएस।

गुजरात के राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन एक्ट, 2005 में राज्य सरकार की बकाया देनदारियों, राजस्व घाटे और राजकोषीय घाटे को प्रगतिशील तरीके से कम करने के लक्ष्यों का प्रावधान है।

राजस्व संतुलन: यह सरकार की राजस्व प्राप्तियों और राजस्व व्यय के बीच का अंतर होता है। राजस्व घाटे का यह अर्थ होता है कि सरकार को अपना व्यय पूरा करने के लिए उधार लेने की जरूरत है जोकि भविष्य में पूंजीगत परिसंपत्तियों का सृजन नहीं करेगा और न ही देनदारियों को कम करेगा। बजट में 2026-27 में 25,587 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 0.8%) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया गया है। संशोधित अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में राजस्व अधिशेष 23,725 करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है जो बजट में अनुमानित 19,695 करोड़ रुपए से अधिक है।

राजकोषीय घाटा: यह कुल व्यय और कुल प्राप्तियों के बीच का अंतर होता है। इस अंतर को सरकार द्वारा उधार लेकर पूरा किया जाता है जिससे कुल देनदारियों में वृद्धि होती है। 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी) का 2% (65,520 करोड़ रुपए) होने का अनुमान है।

16वें वित्त आयोग ने राज्यों के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 2026-31 की अवधि के लिए जीएसडीपी का 3% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। पूंजीगत व्यय के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 50 साल के ब्याज मुक्त ऋणों को उधार सीमा शामिल नहीं किया जाएगा। 2026-27 में इस ऋण का अनुमान 7,000 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 0.21%) है। 2024-25 में, वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 1.8% था। पूंजीगत व्यय ऋणों को छोड़कर 2024-25 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 1.6% था।

बकाया सार्वजनिक ऋ: बकाया सार्वजनिक ऋण किसी वित्तीय वर्ष के अंत में कुल बकाया ऋणों का संचय होता है। 2026-27 के अंत में बकाया सार्वजनिक ऋण जीएसडीपी का 14.7% होने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 14.4%) से अधिक है।  

रेखाचित्र 2: राजस्व एवं राजकोषीय संतुलन (जीएसडीपी का %)

 

नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है। (+) अधिशेष को दर्शाता है और (-) घाटे को दर्शाता है।
स्रोत: मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
 

रेखाचित्र 3: बकाया सार्वजनिक ऋण (जीएसडीपी का %)

नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। BE बजट अनुमान है। इसमें भविष्य निधि जैसे सार्वजनिक खातों पर देनदारियां शामिल नहीं हैं।
स्रोत: मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति, गुजरात बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

 

बकाया सरकारी गारंटी: राज्यों के बकाया ऋण में कुछ अन्य आकस्मिक देनदारियां शामिल नहीं होती हैं जिनका भुगतान राज्यों को कुछ मामलों में करना पड़ सकता है। राज्य सरकारें वित्तीय संस्थानों से राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (एसपीएसई) के ऋण की गारंटी देती हैं। 31 मार्च, 2025 तक राज्य की बकाया गारंटी लगभग 1,421 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो 2025-26 में गुजरात की जीएसडीपी का 0.05% है।

 

अनुलग्नक 1: मुख्य क्षेत्रों में राज्य के व्यय की तुलना

निम्नलिखित रेखाचित्रों में गुजरात द्वारा 2026-27 में छह प्रमुख क्षेत्रों पर किए गए व्यय की तुलना सभी क्षेत्रों पर किए गए कुल व्यय के अनुपात से की गई है। क्षेत्र के लिए औसत, उस क्षेत्र में 31 राज्यों (गुजरात सहित) द्वारा किए जाने वाले औसत व्यय (2025-26 के बजटीय अनुमानों के आधार पर) को इंगित करता है।[1]

  • शिक्षा: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 14.7% शिक्षा के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा शिक्षा के लिए आवंटित औसत राशि (14.5%) से मामूली रूप से अधिक है।

  • स्वास्थ्य: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 7.1% स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा स्वास्थ्य के लिए आवंटित औसत राशि (6.2%) से अधिक है।

  • ग्रामीण विकास: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 2.8% ग्रामीण विकास के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा ग्रामीण विकास के लिए आवंटित औसत राशि (4.9%) से कम है।

  • शहरी विकास: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 8.1% शहरी विकास के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा शहरी विकास के लिए आवंटित औसत राशि (3.2%) से काफी अधिक है।

  • सड़कें और पुल: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 7.1% सड़कों और पुलों के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा सड़कों और पुलों के लिए आवंटित औसत राशि (4.3%) से अधिक है।

  • कृषि: गुजरात ने 2026-27 में अपने व्यय का 4.6% कृषि के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा कृषि के लिए आवंटित औसत राशि (5.7%) से कम है।

नोट: 2024-25, 2025-26 (बअ), 2025-26 (संअ), और 2026-27 (बअ) के आंकड़े गुजरात के हैं।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय वक्तव्य, गुजरात बजट दस्तावेज 2026-27; विभिन्न राज्य बजट; पीआरएस।

अनुलग्नक 2: वर्ष 2026-31 के लिए 16वें वित्त आयोग के सुझाव

16वें वित्त आयोग (चेयर: डॉ. अरविंद पनगढ़िया) की रिपोर्ट 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश की गई। उसके सुझाव 2026-27 से 2030-31 तक की पांच-वर्षीय अवधि के लिए लागू होंगे। 16वें आयोग (एफसी) ने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों के हिस्से को 41% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। यह हिस्सा 15वें वित्त आयोग की अवधि (2021-26) के समान ही अपरिवर्तित बना हुआ है। विभाज्य पूल की गणना केंद्रीय सरकार द्वारा जुटाए गए कुल कर राजस्व में से कर वसूलने की लागत, उपकर और अधिभारों को घटाने के बाद की जाती है। 16वें वित्त आयोग ने राज्यों के हिस्से के निर्धारण के लिए संशोधित मानदंड प्रस्तावित किए हैं। 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट का संक्षिप्त सारांश यहां देखें। 16वें वित्त आयोग के सुझावों के आधार पर, गुजरात को 2026-31 की अवधि के लिए केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में 3.76% हिस्सा मिलेगा।

16वें वित्त आयोग ने पांच वर्षों की अवधि में 9.47 लाख करोड़ रुपए के अनुदानों का सुझाव दिया है। इनमें निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए अनुदान शामिल हैं: (i) शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकाय, और (ii) आपदा प्रबंधन। 16वें वित्त आयोग ने 15वें वित्त आयोग द्वारा सुझाए गए निम्नलिखित अनुदानों को बंद कर दिया है: (i) राजस्व घाटा अनुदान, (ii) शिक्षा, न्याय, सांख्यिकी और कृषि के लिए क्षेत्र-विशिष्ट अनुदान, और (iii) राज्य-विशिष्ट अनुदान। 2026-31 की अवधि के लिए गुजरात के लिए प्रस्तावित अनुदानों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) शहरी स्थानीय निकायों के लिए 23,764 करोड़ रुपए, (ii) ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 18,802 करोड़ रुपए, और (iii) आपदा प्रबंधन अनुदान के रूप में 8,459 करोड़ रुपए। इसके अतिरिक्त, वडोदरा और राजकोट अपशिष्ट जल प्रबंधन प्रणाली के विकास के लिए विशेष अवसंरचना अनुदान (प्रत्येक 5,000 करोड़ रुपए तक) के पात्र होंगे। राज्यों को एक लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले आस-पास के बड़े शहरी स्थानीय निकाय में अर्ध-शहरी गांवों के विलय के लिए एकमुश्त अनुदान भी प्राप्त होगा।

तालिका 7: केंद्र द्वारा हस्तांतरित करों में प्रत्येक राज्य का हिस्सा (100 में से)

राज्य

14वां विआ (2015-2020)

15वां विआ (2021-26)

16वां विआ (2026-31)

आंध्र प्रदेश

4.31

4.05

4.22

अरुणाचल प्रदेश

1.37

1.76

1.35

असम

3.31

3.13

3.26

बिहार

9.67

10.06

9.95

छत्तीसगढ़

3.08

3.41

3.30

गोवा

0.38

0.39

0.37

गुजरात

3.08

3.48

3.76

हरियाणा

1.08

1.09

1.36

हिमाचल प्रदेश

0.71

0.83

0.91

जम्मू एवं कश्मीर

1.85

-

-

झारखंड

3.14

3.31

3.36

कर्नाटक

4.71

3.65

4.13

केरल

2.50

1.93

2.38

मध्य प्रदेश

7.55

7.85

7.35

महाराष्ट्र

5.52

6.32

6.44

मणिपुर

0.62

0.72

0.63

मेघालय

0.64

0.77

0.63

मिजोरम

0.46

0.50

0.56

नागालैंड

0.50

0.57

0.48

ओड़िशा

4.64

4.53

4.42

पंजाब

1.58

1.81

2.00

राजस्थान

5.50

6.03

5.93

सिक्किम

0.37

0.39

0.34

तमिलनाडु

4.02

4.08

4.10

तेलंगाना

2.44

2.10

2.17

त्रिपुरा

0.64

0.71

0.64

उत्तर प्रदेश

17.96

17.94

17.62

उत्तराखंड

1.05

1.12

1.14

पश्चिम बंगाल

7.32

7.52

7.22

 

तालिका 8: वर्ष 2026-31 के लिए राज्यवार अनुदान सहायता का विवरण (करोड़ रुपए में)

राज्य

ग्रामीण स्थानीय निकाय

शहरी स्थानीय निकाय

आपदा प्रबंधन

आंध्र प्रदेश

16,627

12,158

6,125

अरुणाचल प्रदेश

1,698

233

616

असम

14,580

3,249

5,243

बिहार

51,923

9,169

13,615

छत्तीसगढ़

11,664

4,990

2,481

गोवा

174

726

112

गुजरात

18,802

23,764

8,459

हरियाणा

8,270

7,834

2,922

हिमाचल प्रदेश

3,744

435

2,682

झारखंड

14,231

6,093

2,806

कर्नाटक

18,889

18,483

6,419

केरल

3,308

16,683

1,935

मध्य प्रदेश

32,033

16,016

11,697

महाराष्ट्र

32,817

46,803

29,619

मणिपुर

1,262

609

259

मेघालय

1,479

377

437

मिजोरम

567

377

284

नागालैंड

697

667

408

ओड़िशा

18,715

5,078

8,900

पंजाब

8,486

7,834

2,477

राजस्थान

31,467

12,680

9,211

सिक्किम

218

203

455

तमिलनाडु

16,930

25,069

8,486

तेलंगाना

9,968

11,548

2,774

त्रिपुरा

1,176

1,016

356

उत्तर प्रदेश

83,261

33,543

15,321

उत्तराखंड

4,047

2,497

4,954

पश्चिम बंगाल

28,203

22,023

6,869

 

स्रोत: 14वें, 15वें और 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट्स; पीआरएस।

तालिका 9: केंद्रीय बजट 2026-27 के अनुसार राज्यों को हस्तांतरित कर (करोड़ रुपए में)

राज्य

2024-25 वास्तविक

2025-26 संशोधित

2026-27 बजटीय

आंध्र प्रदेश

51,564

56,374

64,362

अरुणाचल प्रदेश

22,386

24,475

20,665

असम

39,855

43,572

49,725

बिहार

1,28,151

1,40,105

1,51,832

छत्तीसगढ़

43,409

47,459

50,427

गोवा

4,918

5,377

5,571

गुजरात

44,314

48,448

57,311

हरियाणा

13,926

15,225

20,772

हिमाचल प्रदेश

10,575

11,562

13,950

झारखंड

42,135

46,066

51,236

कर्नाटक

46,467

50,802

63,050

केरल

24,527

26,815

36,355

मध्य प्रदेश

1,00,019

1,09,348

1,12,134

महाराष्ट्र

80,486

87,994

98,306

मणिपुर

9,123

9,974

9,554

मेघालय

9,773

10,684

9,631

मिजोरम

6,371

6,965

8,608

नागालैंड

7,250

7,926

7,341

ओड़िशा

57,692

63,074

67,460

पंजाब

23,023

25,171

30,464

राजस्थान

76,779

83,940

90,446

सिक्किम

4,944

5,405

5,113

तमिलनाडु

51,971

56,819

62,531

तेलंगाना

26,782

29,280

33,181

त्रिपुरा

9,021

9,862

9,783

उत्तर प्रदेश

2,28,565

2,49,885

2,68,911

उत्तराखंड

14,245

15,573

17,415

पश्चिम बंगाल

95,852

1,04,793

1,10,119

कुल

12,74,121

13,92,971

15,26,255

नोट: 2024-25 के वास्तविक आंकड़े और 2025-26 के संशोधित अनुमान पिछले वर्षों में हुए अतिरिक्त या कम हस्तांतरण को समायोजित करने के बाद केंद्रीय बजट में प्रस्तुत किए गए हैं।
स्रोत: केंद्रीय बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।

 

 

अनुलग्नक 3: 2024-25 के बजटीय अनुमानों और वास्तविक के बीच तुलना

यहां तालिकाओं में 2024-25 के वास्तविक के साथ उस वर्ष के बजटीय अनुमानों के बीच तुलना की गई है।

तालिका 10: प्राप्तियों और व्यय की झलक (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

शुद्ध प्राप्तियां (1+2)

2,47,445

2,19,627

-11%

1.  राजस्व प्राप्तियां (क+ख+ग+घ)

2,29,653

2,18,554

-5%

क.  स्वयं कर राजस्व

1,49,000

1,40,778

-6%

ख.  स्वयं गैर कर राजस्व

19,675

18,964

-4%

ग.  केंद्रीय करों में हिस्सा

42,195

44,686

6%

घ.  केंद्र से सहायतानुदान

18,783

14,127

-25%

2.  गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

17,792

1,072

-94%

3.  उधारियां

77,500

51,253

-34%

      इनमें केंद्रीय कैपेक्स लोन

4,000

5,958

49%

शुद्ध व्यय (4+5+6)

2,99,363

2,68,591

-10%

4.  राजस्व व्यय

2,19,832

1,99,611

-9%

5.  पूंजीगत परिव्यय

75,689

65,428

-14%

6.  ऋण और अग्रिम

3,842

3,552

-8%

7.  ऋण पुनर्भुगतान

29,085

29,126

0.1%

राजस्व अधिशेष

9,821

18,943

93%

राजस्व संतुलन (जीएसडीपी का %)

0.4%

0.7%

 

राजकोषीय घाटा

51,918

48,965

-6%

राजकोषीय घाटा (जीएसडीपी का %)

1.9%

1.8%

 

जीएसडीपी

27,92,545

27,03,518

-3%

स्रोत: गुजरात के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।

तालिका 11: राज्य के स्वयं कर राजस्व के घटक (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

भूराजस्व

5,510

4,801

-13%

राज्य जीएसटी

74,597

65,840

-12%

सेल्स टैक्स/वैट

33,900

33,112

-2%

बिजली पर टैक्स और ड्यूटी

11,754

11,736

-0.2%

वाहन कर

5,600

5,908

5%

बिजली पर टैक्स और ड्यूटी

16,000

17,445

9%

राज्य उत्पाद शुल्क

155

201

30%

स्रोत: गुजरात के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।

तालिका 12: मुख्य क्षेत्रों के लिए आवंटन (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण

17,438

11,376

-35%

ऊर्जा

20,267

15,564

-23%

ग्रामीण विकास

8,555

6,997

-18%

कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां

11,857

9,943

-16%

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

44,579

40,896

-8%

पुलिस

8,712

8,130

-7%

शहरी विकास

18,634

17,892

-4%

सामाजिक कल्याण एवं पोषण

11,358

11,235

-1%

परिवहन

22,692

22,902

1%

जिसमें सड़कें और पुल शामिल हैं

18,781

19,430

3%

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

19,348

20,032

4%

स्रोत: गुजरात के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।


[1]31 राज्यों में दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर और पुद्दूचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत रिपोर्ट आपके समक्ष सूचना प्रदान करने के लिए प्रस्तुत की गई है। पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च (पीआरएस) के नाम उल्लेख के साथ इस रिपोर्ट का पूर्ण रूपेण या आंशिक रूप से गैर व्यावसायिक उद्देश्य के लिए पुनःप्रयोग या पुनर्वितरण किया जा सकता है। रिपोर्ट में प्रस्तुत विचार के लिए अंततः लेखक या लेखिका उत्तरदायी हैं। यद्यपि पीआरएस विश्वसनीय और व्यापक सूचना का प्रयोग करने का हर संभव प्रयास करता है किंतु पीआरएस दावा नहीं करता कि प्रस्तुत रिपोर्ट की सामग्री सही या पूर्ण है। पीआरएस एक स्वतंत्र, अलाभकारी समूह है। रिपोर्ट को इसे प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के उद्देश्यों अथवा विचारों से निरपेक्ष होकर तैयार किया गया है। यह सारांश मूल रूप से अंग्रेजी में तैयार किया गया था। हिंदी रूपांतरण में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता की स्थिति में अंग्रेजी के मूल सारांश से इसकी पुष्टि की जा सकती है।