उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री श्री सुरेश खन्ना ने 20 फरवरी 2025 को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट पेश किया।

बजट के मुख्य अंश

  • 2025-26 के लिए उत्तर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) (मौजूदा कीमतों पर) 30.8 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है जिसमें 2024-25 की तुलना में 12% की वृद्धि है।

  • 2025-26 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 7,57,333 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जिसमें 2024-25 के संशोधित अनुमान की तुलना में 17% की वृद्धि है। इसके अलावा राज्य को 51,403 करोड़ रुपए का कर्ज भी चुकाना होगा।

  • 2025-26 के लिए प्राप्तियां (उधारियों को छोड़कर) 6,65,933 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जिसमें 2024-25 के संशोधित अनुमान की तुलना में 21% की वृद्धि है। 

  • 2025-26 में राजस्व अधिशेष जीएसडीपी का 2.6% (79,516 करोड़ रुपए) होने का अनुमान है जबकि 2024-25 में संशोधित अनुमान चरण में राजस्व अधिशेष जीएसडीपी का 2.1% (59,008 करोड़ रुपए) था। 

  • 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3% (91,400 करोड़ रुपए) पर लक्षित है। 2024-25 में, संशोधित अनुमान के अनुसार, राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3.4% होने की उम्मीद है।

नीतिगत विशिष्टताएं

  • सड़कें: 1,050 करोड़ रुपए की लागत से चार नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, (ii) गंगा एक्सप्रेसवे, (iii) विंध्य एक्सप्रेसवे और (iv) बुंदेलखंड-रीवा एक्सप्रेसवे। कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम योजना के तहत नई ग्रामीण सड़कें बनाई जाएंगी और मौजूदा सड़कों की मरम्मत की जाएगी। इसके लिए 200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

  • डिफेंस कॉरिडोर: 461 करोड़ रुपए की लागत से बुंदेलखंड-रीवा एक्सप्रेसवे के किनारे एक डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे 9,500 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित होने का अनुमान है।  . 

  • डेटा सेंटर: राज्य की मौजूदा डेटा सेंटर नीति में तीन डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इस लक्ष्य को संशोधित कर राज्य भर में 900 MW क्षमता वाले आठ डेटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे। 

  • सौर ऊर्जा: कोल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से जालौन में 500 MW की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की जाएगी। इस परियोजना पर 2,500 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान है। झांसी में 200 MW का सोलर प्रोजेक्ट भी लगाया जाएगा।  

  • आवासीय विद्यालय: अटल आवासीय विद्यालयों की नामांकन क्षमता 360 से बढ़ाकर 1,000 की जाएगी। इन स्कूलों में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाती है।

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