उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने 11 फरवरी, 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया।

बजट के मुख्य अंश

  • 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) (वर्तमान कीमतों पर) 39.8 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 28% की वृद्धि दर्शाता है। केंद्रीय बजट में 2026-27 में देश के लिए 10% की वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया है।

  • 2026-27 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 8.51 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 26% अधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य द्वारा 61,795 करोड़ रुपए का ऋण चुकाया जाएगा।

  • 2026-27 के लिए प्राप्तियां (ऋण को छोड़कर) 7.32 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 26% अधिक है।

  • वर्ष 2026-27 में राजस्व अधिशेष जीएसडीपी का 1.6% (64,458 करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है, जबकि 2025-26 के संशोधित अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में राजस्व अधिशेष जीएसडीपी का 2.4% (74,348 करोड़ रुपए) था।

  • वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3% (1.18 लाख करोड़ रुपए) पर लक्षित है। 2025-26 में, संशोधित अनुमानों के अनुसार, राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3% रहने की उम्मीद है जो 2025-26 के बजट में निर्धारित आंकड़े के समान है।

नीतिगत विशिष्टताएं

  • प्रौद्योगिकी: राज्य सरकार निम्नलिखित क्षेत्रों में मिशन शुरू करेगी: (i) नई और उभरती प्रौद्योगिकियां और (ii) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)। इसके तहत डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। एक डिजिटल उद्यमिता कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

  • लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई): एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र नामक एक नई योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के लिए 2026-27 में 575 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

  • कौशल विकास: मौजूदा कौशल विकास केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। महिलाओं के लिए अलग केंद्रों सहित नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

  • शहरी विकास: मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरणों के अंतर्गत अवसंरचना सुविधाओं के विकास के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के लिए 750 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

  • कृषि: कृषि विपणन और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

  • व्यापार सुगमता: अगले चरण में 'जन विश्वास' के सिद्धांत के तहत उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। लाइसेंस और पंजीकरण संबंधी नियमों को सरल बनाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था

  • जीएसडीपी: 2024-25 में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी में (स्थिर कीमतों पर) पिछले वर्ष की तुलना में 9% की वृद्धि का अनुमान है। तुलनात्मक रूप से, भारत की जीडीपी में 2024-25 में 6.5% की वृद्धि का अनुमान है।

  • क्षेत्र: 2024-25 में कृषि, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों का उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में क्रमशः 27%, 26% और 47% का योगदान होने का अनुमान है (वर्तमान कीमतों पर)।

  • प्रति व्यक्ति जीएसडीपी: 2024-25 में उत्तर प्रदेश में 1,24,366 रुपए प्रति व्यक्ति जीएसडीपी का अनुमान है, जो 2023-24 की तुलना में 11.6% की वृद्धि है। अनुमान है कि 2024-25 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी 2023-24 की तुलना में 9% बढ़कर 2,34,859 रुपए हो जाएगी।

रेखाचित्र 1: उत्तर प्रदेश में स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी (2011-12)

नोट: ये आंकड़े स्थिर कीमतों (2011-12) के अनुसार हैं, जिसका अर्थ है कि विकास दर को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया गया है। स्रोत: एमओएसपीआई; पीआरएस।

 2026-27 का बजट अनुमान

राजकोषीय घाटे का वित्त पोषण

2024-25 और 2025-26 में राजकोषीय घाटे का वित्तपोषण उधार, भविष्य निधि जैसे सार्वजनिक खातों में प्राप्तियों और नकदी शेष को मिला-जुलाकर किया गया। वर्ष 2026-27 में राज्य ने इन सभी प्राप्तियों को ध्यान में रखने के बाद भी 55,060 करोड़ रुपए के घाटे का अनुमान लगाया है। इससे संकेत मिलता है कि प्रस्तावित व्यय को पूरा करने के लिए अतिरिक्त स्रोतों की आवश्यकता हो सकती है।

तालिका 1: राजकोषीय घाटे का वित्त पोषण (करोड़ रु. में)

विशेष

2024-25

2025-26

संअ

2026-27

बअ

राजकोषीय घाटा (A)

62,258

91,670

1,18,481

प्रारंभिक नकद शेष (B)

154

20,241

-96

शुद्ध उधारियां (C)

35,048

61,833

54,017

आकस्मिता कोष (D)

37

0

0

लोक लेखा (E)

26,833

9,500

9,500

समापन नकद शेष
(A- (B+C+D+E))

-186

-96

-55,060

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

  • वर्ष 2026-27 में कुल व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 8,50,901 करोड़ रुपए रहने का लक्ष्य है। यह वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान से 26% अधिक है। इस व्यय की पूर्ति 7,32,420 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) और 54,017 करोड़ रुपए के शुद्ध ऋण से प्रस्तावित है। वर्ष 2026-27 के लिए कुल प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) में वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 26% की वृद्धि होने की उम्मीद है।

  • राज्य सरकार वर्ष 2026-27 में जीएसडीपी के 1.6% (64,458 करोड़ रुपए) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगा रही है जो संशोधित अनुमानों के अनुसार वर्ष 2025-26 के 2.4% (जीएसडीपी का 2.4%) से कम है।

  • 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3% (1,18,481 करोड़ रुपए) पर लक्षित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (जीएसडीपी का 3%) के समान है।

तालिका 2: बजट 2026-27- मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

कुल व्यय

6,03,148

8,08,736

7,16,231

-11%

9,12,696

27%

(-) ऋण का पुनर्भुगतान

29,945

51,403

41,476

-19%

61,795

49%

शुद्ध व्यय (E)

5,73,203

7,57,333

6,74,755

-11%

8,50,901

26%

कुल प्राप्तियां

5,75,939

7,79,243

6,86,394

-12%

8,48,233

24%

(-) उधारियां

64,994

1,13,310

1,03,310

-9%

1,15,813

12%

शुद्ध प्राप्तियां (R)

5,10,945

6,65,933

5,83,084

-12%

7,32,420

26%

राजकोषीय घाटा (E-R)

62,258

91,400

91,670

0%

1,18,481

29%

जीएसडीपी का %

2.1%

3.0%

3.0%

 

3.0%

 

राजस्व अधिशेष**

59,327

79,516

74,348

-6%

64,458

-13%

जीएसडीपी का %

2.0%

2.6%

2.4%

 

1.6%

 

प्राथमिक घाटा

10,716

27,304

31,312

15%

49,560

58%

जीएसडीपी का %

0.4%

0.9%

1.0%

 

1.2%

 

जीएसडीपी

29,78,224

30,77,500

31,00,914

1%

39,75,500

28%

नोट: बअ बजट अनुमान है; संअ संशोधित अनुमान है। *केंद्र सरकार 2020-21 से राज्य सरकारों को पूंजीगत व्यय के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है। इन ऋणों को राज्य की उधार सीमा की गणना से बाहर रखा गया है। उत्तर प्रदेश को 2024-25 में इस मद पर 17,224 करोड़ रुपए प्राप्त हुए।
** (+) अधिशेष को दर्शाता है और (-) घाटे को दर्शाता है।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 में व्यय

  • 2026-27 के लिए राजस्व व्यय 6,64,471 करोड़ रुपए प्रस्तावित है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 31% अधिक है। राजस्व व्यय में वेतन, पेंशन, ब्याज, अनुदान और सबसिडी का भुगतान शामिल है। 2026-27 में राजस्व व्यय में वृद्धि का मुख्य कारण पेंशन (43% वृद्धि), सामान्य शिक्षा (26%), ग्रामीण विकास (83%), स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को अनुदान (39%) और ऊर्जा (38%) पर अपेक्षित व्यय में वृद्धि है।

  • 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय 1,77,744 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 11% अधिक है। पूंजीगत व्यय परिसंपत्तियों के सृजन पर होने वाले व्यय को दर्शाता है।

पूंजीगत परिव्यय का अल्प उपयोग

2021-22 और 2024-25 के बीच उत्तर प्रदेश ने औसतन अपने पूंजीगत व्यय बजट से 28% कम खर्च किया।

तालिका 3: पूंजीगत व्यय (करोड़ रुपए में)

वर्ष

बअ

वास्तविक

बअ से वास्तविक में % परिवर्तन

2021-22

1,13,768

71,443

-37%

2022-23

1,23,920

93,028

-25%

2023-24

1,47,492

1,10,555

-25%

2024-25

1,54,747

1,14,001

-26%

स्रोत: उत्तर प्रदेश के संबंधित वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।

तालिका 4: बजट 2026-27 में व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

2025-26 बअ से 2025-26 संअ में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

2025-26 संअ से 2026-27 बअ में परिवर्तन का %

राजस्व व्यय

4,50,886

5,83,175

5,05,494

-13%

6,64,471

31%

पूंजीगत परिव्यय

1,14,001

1,65,243

1,59,781

-3%

1,77,744

11%

राज्य द्वारा दिए गए ऋण

8,315

8,915

9,480

6%

8,686

-8%

शुद्ध व्यय

5,73,203

7,57,333

6,74,755

-11%

8,50,901

26%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

प्रतिबद्ध व्यय: राज्य के प्रतिबद्ध व्यय में आम तौर पर वेतन, पेंशन और ब्याज के भुगतान पर व्यय शामिल होता है। बजट के एक बड़े हिस्से को प्रतिबद्ध व्यय की मदों के लिए आवंटित करने से पूंजीगत परिव्यय जैसी अन्य व्यय प्राथमिकताओं पर फैसला लेने का राज्य का लचीलापन सीमित हो जाता है। 2026-27 में उत्तर प्रदेश द्वारा प्रतिबद्ध व्यय पर 3,53,743 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान है जो उसकी अनुमानित राजस्व प्राप्तियों का 49% है। इसमें वेतन (राजस्व प्राप्तियों का 25%), पेंशन (14%), और ब्याज भुगतान (9%) पर खर्च शामिल है। 2024-25 में, वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, राजस्व प्राप्तियों का 50% प्रतिबद्ध व्यय पर खर्च किया गया।

तालिका 5: 2026-27 में प्रतिबद्ध व्यय (करोड़ रुपए में)

प्रतिबद्ध व्यय

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

2025-26 बअ से 2025-26 संअ में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

2025-26 संअ से 2026-27 बअ में परिवर्तन का %

वेतन

1,36,709

1,79,111

1,51,969

-15%

1,82,921

20%

पेंशन

65,601

90,720

71,171

-22%

1,01,901

43%

ब्याज भुगतान

51,542

64,096

60,358

-6%

68,921

14%

कुल

2,53,852

3,33,927

2,83,498

-15%

3,53,743

25%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

क्षेत्रवार व्यय: 2026-27 के दौरान राज्य के बजटीय व्यय का 60% हिस्सा निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए खर्च किया जाएगा। अनुलग्नक 1 में प्रमुख क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के व्यय की तुलना, अन्य राज्यों से की गई है।

तालिका 6: उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 में क्षेत्रवार व्यय (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2024-25 वास्तविक

2025-26

बअ

2025-26

संअ

2026-27

बअ

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन

बजटीय प्रावधान

2026-27 बअ

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

82,646

1,03,553

84,654

1,08,154

28%

  • गैर-सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को सहायता के लिए 55,792 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक शिक्षा के लिए 7,738 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ऊर्जा

48,145

49,987

48,561

56,621

17%

  • बिजली सबसिडी के लिए 21,500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

32,147

49,036

42,962

53,326

24%

  • शहरी स्वास्थ्य सेवाओं (एलोपैथी) के लिए 5,793 करोड़ रुपए और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं (एलोपैथी) के लिए 6,818 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

परिवहन

42,062

50,919

48,909

50,391

3%

  • सड़कों और पुलों पर पूंजीगत व्यय के लिए 38,592 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ग्रामीण विकास

27,495

36,063

30,877

49,044

59%

  • प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लिए 6,102 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • मनरेगा के लिए 5,544 करोड़ रुपए और आजीविका मिशन के लिए 4,580 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सामाजिक कल्याण एवं पोषण

30,349

36,897

36,580

42,263

16%

  • वृद्धावस्था/किसान पेंशन के लिए 8,950 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए 3,500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

पुलिस

31,935

38,777

32,176

41,898

30%

  • जिला पुलिस के लिए 27,200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां

17,009

24,215

20,504

30,938

51%

  • निजी ट्यूबवेलों को बिजली आपूर्ति के लिए सबसिडी हेतु 2,400 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • डीजल पंपों को सौर पंपों में परिवर्तित करने की राज्य योजना के लिए 638 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

शहरी विकास

17,977

25,946

22,397

27,532

23%

  • प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के लिए 6,842 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सभी क्षेत्रों पर कुल व्यय का %

65%

62%

62%

60%

-

 

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 में प्राप्तियां

  • वर्ष 2026-27 के लिए कुल राजस्व प्राप्ति 7,28,928 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान से 26% अधिक है। इसमें से 3,61,245 करोड़ रुपए (50%) राज्य अपने संसाधनों से जुटाएगा और 3,67,683 करोड़ रुपए (50%) केंद्र सरकार से प्राप्त होंगे। केंद्र सरकार से प्राप्त संसाधन राज्य सरकार के केंद्रीय करों में हिस्सेदारी (राजस्व प्राप्ति का 36.9%) और अनुदानों (राजस्व प्राप्ति का 13.6%) के रूप में होंगे।

  • राज्य का स्वयं कर राजस्व: उत्तर प्रदेश का कुल स्वयं कर राजस्व वर्ष 2026-27 में 3,34,491 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान से 48% अधिक है। जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 8.4% रहने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (7.3%) से अधिक है। 2024-25 के वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 7.1% था।

  • राज्य का स्वयं गैर-कर राजस्व: उत्तर प्रदेश का स्वयं गैर-कर राजस्व 2025-26 के संशोधित अनुमान के अनुसार 13,664 करोड़ रुपए से बढ़कर 2026-27 में लगभग दोगुना होकर 26,754 करोड़ रुपए अनुमानित है। यह वृद्धि मुख्य रूप से निम्नलिखित में वृद्धि के कारण हुई है: (i) खनन से प्राप्त कनसेशन फी, किराया और रॉयल्टी, (ii) ग्रामीण बिजलीकरण के लिए उत्तर प्रदेश विद्युत निगम की शेयर पूंजी की प्राप्ति, और (iii) ब्याज आय।

  • हस्तांतरण: 2026-27 में केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 2,68,911 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 8% अधिक है।

  • 2026-27 में केंद्र से प्राप्त अनुदान 98,772 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 10% अधिक है। 2026-27 में केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान 2024-25 की तुलना में लगभग दोगुने होने की उम्मीद है। इसका मुख्य कारण केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) के लिए अनुदान में अपेक्षित वृद्धि है। सीएसएस के लिए अनुदान 2026-27 में 77,994 करोड़ रुपए और 2025-26 में 70,961 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। 2024-25 में वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, सीएसएस के लिए अनुदान 31,955 करोड़ रुपए था। 

तालिका 7: राज्य सरकार की प्राप्तियों का ब्रेकअप (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राज्य के स्वयं कर

2,12,243

2,95,000

2,26,181

-23%

3,34,491

48%

राज्य के स्वयं गैर कर

16,785

24,604

13,664

-44%

26,754

96%

केंद्रीय करों में हिस्सेदारी

2,30,855

2,55,172

2,49,885

-2%

2,68,911

8%

केंद्र से सहायतानुदान

50,330

87,915

90,112

2%

98,772

10%

राजस्व प्राप्तियां

5,10,213

6,62,691

5,79,842

-13%

7,28,928

26%

गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

732

3,242

3,242

0%

3,492

8%

शुद्ध प्राप्तियां

5,10,945

6,65,933

5,83,084

-12.4%

7,32,420

26%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

  • 2026-27 में राज्य जीएसटी के स्वयं कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत (45% हिस्सा) होने का अनुमान है। राज्य जीएसटी राजस्व में 2025-26 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 79% की वृद्धि होने का अनुमान है। औसतन, उत्तर प्रदेश का राज्य जीएसटी राजस्व 2021-22 और 2024-25 के बीच बजट अनुमानों से 23% कम रहा है।

  • राज्य उत्पाद शुल्क से राजस्व 2026-27 में 2025-26 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 17% अधिक होने का अनुमान है। बिक्री कर/वैट से राजस्व 2026-27 में 2025-26 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 43% अधिक होने की उम्मीद है।

  • 2025-26 के लिए राज्य जीएसटी राजस्व स्रोतों के संशोधित अनुमान इस वर्ष के बजट अनुमानों से कम हैं।

स्थानीय निकायों द्वारा जुटाया गया राजस्व कम

ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों को अपने राजस्व स्रोतों (ओएसआर) को एकत्र करने का अधिकार दिया जा सकता है। हालांकि 16वें वित्त आयोग ने पाया कि ये स्थानीय निकाय केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दिए जाने वाले अनुदानों पर अत्यधिक निर्भर हैं। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण स्थानीय निकायों का ओएसआर कृषि जीडीपी का 0.05% था जो केरल (2.38%) और महाराष्ट्र (1.21%) जैसे राज्यों की तुलना में काफी कम है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों का ओएसआर गैर-कृषि जीडीपी का 0.20% था। यह भी महाराष्ट्र (1.4%) और गुजरात (0.84%) जैसे राज्यों की तुलना में काफी कम था। आयोग ने पाया कि स्पष्ट प्रशासनिक प्रावधानों की कमी, क्षमता संबंधी बाधाओं और कमजोर प्रवर्तन तंत्रों के कारण स्थानीय निकाय अपने राजस्व स्रोतों का अधिकतम उपयोग करने में विफल रहते हैं।

स्रोत: 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट खंड-I; पीआरएस।

तालिका 8: राज्य के स्वयं कर राजस्व के मुख्य स्रोत (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राज्य जीएसटी

82,872

1,30,425

83,692

-36%

1,49,956

79%

राज्य उत्पाद शुल्क

52,575

63,000

60,728

-4%

71,278

17%

सेल्स टैक्स/वैट

32,098

45,300

33,684

-26%

48,115

43%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

30,198

38,150

32,332

-15%

43,802

35%

वाहन कर

11,044

14,000

12,360

-12%

15,808

28%

बिजली पर कर और ड्यूटी

3,038

3,500

3,051

-13%

4,715

55%

भूराजस्व

414

625

334

-47%

817

145%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

 

2026-27 के लिए घाटे और ऋण

वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति

16वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि राज्य के स्वामित्व वाली बिजली वितरण कंपनियों को बार-बार दिए जाने वाले बेलआउट और निरंतर समर्थन के कारण राज्यों की आर्थिक स्थिति गंभीर तनाव में है। उत्तर प्रदेश में सरकारी स्वामित्व वाली वितरण कंपनियां लगातार घाटे में चल रही हैं। मार्च 2025 तक वितरण कंपनियों का संचित घाटा लगभग एक लाख करोड़ रुपए था। 2024-25 में वितरण कंपनियों ने 10,796 करोड़ रुपए का घाटा दर्ज किया जो 2023-24 (7,436 करोड़ रुपए) से अधिक है। 2024-25 में उत्तर प्रदेश में वितरण कंपनियों का कुल तकनीकी और वाणिज्यिक (एटीएंडसी) घाटा 19.6% था जो राष्ट्रीय औसत (15%) से अधिक है।

वितरण कंपनियों का बकाया ऋण राज्य सरकार के लिए एक आकस्मिक देनदारी है। उदय योजना के तहत देनदारियों को राज्य द्वारा अपने ऊपर लेने सहित पिछले हस्तक्षेपों ने राज्य के ऋण और घाटे में वृद्धि की है। 31 मार्च, 2025 तक उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी वितरण कंपनियों के 94,213 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 3.2%) के बकाया ऋणों की गारंटी दी थी।

राज्य सरकारें उपभोक्ताओं के लिए बिजली को किफायती बनाए रखने के लिए सबसिडी भी प्रदान करती हैं। उत्तर प्रदेश में वितरण कंपनियों द्वारा वसूल की जाने वाली सबसिडी 2018-19 और 2024-25 के बीच 11% की वार्षिक दर से बढ़कर 10,070 करोड़ रुपए से 19,095 करोड़ रुपए हो गई है। 2024-25 में बिजली सबसिडी राज्य के राजस्व का 3.7% थी जो 2018-19 में 3.1% थी।

स्रोत: 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट खंड-I; बिजली इकाइयों के प्रदर्शन पर रिपोर्ट (2020-21 से 2024-25); विद्युत वित्त निगम; वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज (2026-27); पीआरएस।

उत्तर प्रदेश के राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन एक्ट, 2004 में राज्य सरकार की बकाया देनदारियों, राजस्व घाटे और राजकोषीय घाटे को प्रगतिशील तरीके से कम करने के लक्ष्यों का प्रावधान है।

राजस्व संतुलन: यह सरकार की राजस्व प्राप्तियों और राजस्व व्यय के बीच का अंतर होता है। राजस्व घाटे का यह अर्थ होता है कि सरकार को अपना व्यय पूरा करने के लिए उधार लेने की जरूरत है जोकि भविष्य में पूंजीगत परिसंपत्तियों का सृजन नहीं करेगा और न ही देनदारियों को कम करेगा। बजट में 2026-27 में 64,458 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 1.6%) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया गया है।

राजकोषीय घाटा: यह कुल व्यय और कुल प्राप्तियों के बीच का अंतर होता है। इस अंतर को सरकार द्वारा उधार लेकर पूरा किया जाता है जिससे कुल देनदारियों में वृद्धि होती है। 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3% (28,900 करोड़ रुपए) होने का अनुमान है। 16वें वित्त आयोग ने 2026-31 की अवधि के लिए राज्यों के वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी का 3% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। उधार सीमा निर्धारित करते समय केंद्र सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय के लिए दिए गए 50 वर्षों के ब्याज मुक्त ऋणों को शामिल नहीं किया जाएगा। संशोधित अनुमानों के अनुसार 2025-26 में राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3% रहने की उम्मीद है। यह उस वर्ष के लिए बजट अनुमान (जीएसडीपी का 3%) के समान है।

बकाया देनदारियां: बकाया देनदारियां किसी वित्तीय वर्ष के अंत में कुल उधारी का संचय होता है। इसमें भविष्य निधि जैसे सार्वजनिक खातों पर बकाया देनदारियां भी शामिल हैं। 2026-27 के अंत में बकाया देनदारियां जीएसडीपी का 23.1% होने का अनुमान है जो 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 27.6%) से कम है।

रेखाचित्र 2: राजस्व एवं राजकोषीय संतुलन (जीएसडीपी का %)  

 

नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है। (+) अधिशेष को दर्शाता है और (-) घाटे को दर्शाता है।  
स्रोत: मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति, उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
 

रेखाचित्र 3: बकाया देनदारियां (जीएसडीपी का %)  

नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है।
स्रोत: मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति, उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

बकाया सरकारी गारंटी: राज्यों के बकाया ऋण में कुछ अन्य देनदारियां शामिल नहीं हैं जो आकस्मिक प्रकृति की होती हैं और जिन्हें राज्यों को कुछ मामलों में चुकाना पड़ सकता है। राज्य सरकारें वित्तीय संस्थानों से राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (एसपीएसई) के उधार की गारंटी देती हैं। 31 मार्च, 2025 तक राज्य की बकाया गारंटी लगभग 1,71,924 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी का 5.8% है।

 

 

अनुलग्नक 1: मुख्य क्षेत्रों में राज्य के व्यय की तुलना

निम्नलिखित रेखाचित्रों में उत्तर प्रदेश द्वारा 2026-27 में छह प्रमुख क्षेत्रों पर किए गए व्यय की तुलना सभी क्षेत्रों पर किए गए कुल व्यय के अनुपात से की गई है। क्षेत्र के लिए औसत, उस क्षेत्र में 31 राज्यों (झारखंड सहित) द्वारा किए जाने वाले औसत व्यय (2025-26 के बजटीय अनुमानों के आधार पर) को इंगित करता है।[1]

  • शिक्षा: उत्तर प्रदेश ने 2026-27 में अपने व्यय का 12.8% शिक्षा के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा शिक्षा के लिए आवंटित औसत राशि (14.5%) से कम है।

  • ऊर्जा: उत्तर प्रदेश ने 2026-27 में अपने व्यय का 6.7% ऊर्जा के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा ऊर्जा के लिए आवंटित औसत राशि (5.3%) से अधिक है।

  • स्वास्थ्य: उत्तर प्रदेश ने 2026-27 में अपने व्यय का 6.3% स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा स्वास्थ्य के लिए आवंटित औसत राशि (6.2%) से मामूली रूप से अधिक है।

  • सड़क और पुल: उत्तर प्रदेश ने 2026-27 में अपने व्यय का 5.6% सड़कों और पुलों के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा सड़कों और पुलों के लिए आवंटित औसत राशि (4.3%) से अधिक है।

  • ग्रामीण विकास: उत्तर प्रदेश ने 2026-27 में अपने व्यय का 5.8% ग्रामीण विकास के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा ग्रामीण विकास के लिए आवंटित औसत राशि (4.9%) से अधिक है।

  • कृषि: उत्तर प्रदेश ने 2026-27 में अपने व्यय का 3.7% कृषि के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा कृषि के लिए आवंटित औसत राशि (5.7%) से कम है।

 

नोट: 2024-25, 2025-26 (बअ), 2025-26 (संअ), और 2026-27 (बअ) के आंकड़े उत्तर प्रदेश के हैं।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय वक्तव्य, उत्तर प्रदेश बजट दस्तावेज 2026-27; विभिन्न राज्य बजट; पीआरएस।

अनुलग्नक 2: वर्ष 2026-31 के लिए 16वें वित्त आयोग के सुझाव

16वें वित्त आयोग (चेयर: डॉ. अरविंद पनगढ़िया) की रिपोर्ट 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश की गई। उसके सुझाव 2026-27 से 2030-31 तक की पांच-वर्षीय अवधि के लिए लागू होंगे। 16वें आयोग (एफसी) ने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों के हिस्से को 41% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। यह हिस्सा 15वें वित्त आयोग की अवधि (2021-26) के समान ही अपरिवर्तित बना हुआ है। विभाज्य पूल की गणना केंद्रीय सरकार द्वारा जुटाए गए कुल कर राजस्व में से कर वसूलने की लागत, उपकर और अधिभारों को घटाने के बाद की जाती है। 16वें वित्त आयोग ने राज्यों के हिस्से के निर्धारण के लिए संशोधित मानदंड प्रस्तावित किए हैं। 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट का संक्षिप्त सारांश यहां देखें। 16वें वित्त आयोग के सुझावों के आधार पर, उत्तर प्रदेश को 2026-31 की अवधि के लिए केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में 17.62% हिस्सा मिलेगा।

16वें वित्त आयोग ने पांच वर्षों की अवधि में 9.47 लाख करोड़ रुपए के अनुदानों का सुझाव दिया है। इनमें निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए अनुदान शामिल हैं: (i) शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकाय, और (ii) आपदा प्रबंधन। 16वें वित्त आयोग ने 15वें वित्त आयोग द्वारा सुझाए गए निम्नलिखित अनुदानों को बंद कर दिया है: (i) राजस्व घाटा अनुदान, (ii) शिक्षा, न्याय, सांख्यिकी और कृषि के लिए क्षेत्र-विशिष्ट अनुदान, और (iii) राज्य-विशिष्ट अनुदान। 2026-31 की अवधि के लिए बिहार के लिए प्रस्तावित अनुदानों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) शहरी स्थानीय निकायों के लिए 33,543 करोड़ रुपए, (ii) ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 83,261 करोड़ रुपए, और (iii) आपदा प्रबंधन अनुदान के रूप में 15,321 करोड़ रुपए। इसके अतिरिक्त, लखनऊ और कानपुर को अपशिष्ट जल प्रबंधन प्रणाली के विकास के लिए विशेष अवसंरचना अनुदान (5,000 करोड़ रुपए तक) मिलेगा। राज्यों को एक लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले आस-पास के बड़े शहरी स्थानीय निकाय में अर्ध-शहरी गांवों के विलय के लिए एकमुश्त अनुदान भी प्राप्त होगा।

तालिका 9: केंद्र द्वारा हस्तांतरित करों में प्रत्येक राज्य का हिस्सा (100 में से)

राज्य

14वां विआ (2015-2020)

15वां विआ (2021-26)

16वां विआ (2026-31)

आंध्र प्रदेश

4.31

4.05

4.22

अरुणाचल प्रदेश

1.37

1.76

1.35

असम

3.31

3.13

3.26

बिहार

9.67

10.06

9.95

छत्तीसगढ़

3.08

3.41

3.30

गोवा

0.38

0.39

0.37

गुजरात

3.08

3.48

3.76

हरियाणा

1.08

1.09

1.36

हिमाचल प्रदेश

0.71

0.83

0.91

जम्मू और कश्मीर

1.85

-

-

झारखंड

3.14

3.31

3.36

कर्नाटक

4.71

3.65

4.13

केरल

2.50

1.93

2.38

मध्य प्रदेश

7.55

7.85

7.35

महाराष्ट्र

5.52

6.32

6.44

मणिपुर

0.62

0.72

0.63

मेघालय

0.64

0.77

0.63

मिजोरम

0.46

0.50

0.56

नागालैंड

0.50

0.57

0.48

ओड़िशा

4.64

4.53

4.42

पंजाब

1.58

1.81

2.00

राजस्थान

5.50

6.03

5.93

सिक्किम

0.37

0.39

0.34

तमिलनाडु

4.02

4.08

4.10

तेलंगाना

2.44

2.10

2.17

त्रिपुरा

0.64

0.71

0.64

उत्तर प्रदेश

17.96

17.94

17.62

उत्तराखंड

1.05

1.12

1.14

पश्चिम बंगाल

7.32

7.52

7.22

 

तालिका 10: वर्ष 2026-31 के लिए राज्यवार अनुदान सहायता का विवरण (करोड़ रुपए में)

राज्य

ग्रामीण स्थानीय निकाय अनुदान

शहरी स्थानीय निकाय अनुदान

आपदा प्रबंधन अनुदान

आंध्र प्रदेश

16,627

12,158

6,125

अरुणाचल प्रदेश

1,698

233

616

असम

14,580

3,249

5,243

बिहार

51,923

9,169

13,615

छत्तीसगढ़

11,664

4,990

2,481

गोवा

174

726

112

गुजरात

18,802

23,764

8,459

हरियाणा

8,270

7,834

2,922

हिमाचल प्रदेश

3,744

435

2,682

झारखंड

14,231

6,093

2,806

कर्नाटक

18,889

18,483

6,419

केरल

3,308

16,683

1,935

मध्य प्रदेश

32,033

16,016

11,697

महाराष्ट्र

32,817

46,803

29,619

मणिपुर

1,262

609

259

मेघालय

1,479

377

437

मिजोरम

567

377

284

नागालैंड

697

667

408

ओड़िशा

18,715

5,078

8,900

पंजाब

8,486

7,834

2,477

राजस्थान

31,467

12,680

9,211

सिक्किम

218

203

455

तमिलनाडु

16,930

25,069

8,486

तेलंगाना

9,968

11,548

2,774

त्रिपुरा

1,176

1,016

356

उत्तर प्रदेश

83,261

33,543

15,321

उत्तराखंड

4,047

2,497

4,954

पश्चिम बंगाल

28,203

22,023

6,869

स्रोत: 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट; पीआरएस।

स्रोत: 14वें, 15वें और 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट्स; पीआरएस।

तालिका 11: केंद्रीय बजट 2026-27 के अनुसार राज्यों को हस्तांतरित कर (करोड़ रुपए में)

राज्य

2024-25 वास्तविक

2025-26 संशोधित

2026-27 बजटीय

आंध्र प्रदेश

51,564

56,374

64,362

अरुणाचल प्रदेश

22,386

24,475

20,665

असम

39,855

43,572

49,725

बिहार

1,28,151

1,40,105

1,51,832

छत्तीसगढ़

43,409

47,459

50,427

गोवा

4,918

5,377

5,571

गुजरात

44,314

48,448

57,311

हरियाणा

13,926

15,225

20,772

हिमाचल प्रदेश

10,575

11,562

13,950

झारखंड

42,135

46,066

51,236

कर्नाटक

46,467

50,802

63,050

केरल

24,527

26,815

36,355

मध्य प्रदेश

1,00,019

1,09,348

1,12,134

महाराष्ट्र

80,486

87,994

98,306

मणिपुर

9,123

9,974

9,554

मेघालय

9,773

10,684

9,631

मिजोरम

6,371

6,965

8,608

नागालैंड

7,250

7,926

7,341

ओड़िशा

57,692

63,074

67,460

पंजाब

23,023

25,171

30,464

राजस्थान

76,779

83,940

90,446

सिक्किम

4,944

5,405

5,113

तमिलनाडु

51,971

56,819

62,531

तेलंगाना

26,782

29,280

33,181

त्रिपुरा

9,021

9,862

9,783

उत्तर प्रदेश

2,28,565

2,49,885

2,68,911

उत्तराखंड

14,245

15,573

17,415

पश्चिम बंगाल

95,852

1,04,793

1,10,119

कुल

12,74,121

13,92,971

15,26,255


नोट: 2024-25 के वास्तविक आंकड़े और 2025-26 के संशोधित अनुमान पिछले वर्षों में हुए अतिरिक्त या कम हस्तांतरण को समायोजित करने के बाद केंद्रीय बजट में प्रस्तुत किए गए हैं। स्रोत: केंद्रीय बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।

 

 

अनुलग्नक 3: 2024-25 के बजटीय अनुमानों और वास्तविक के बीच तुलना

यहां तालिकाओं में 2024-25 के वास्तविक के साथ उस वर्ष के बजटीय अनुमानों के बीच तुलना की गई है।

तालिका 12: प्राप्तियों और व्यय की झलक (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

शुद्ध प्राप्तियां (1+2)

6,10,101

5,10,945

-16%

1.  राजस्व प्राप्तियां (क+ख+ग+घ)

6,06,802

5,10,213

-16%

क.  स्वयं कर राजस्व

2,70,086

2,12,243

-21%

ख.  स्वयं गैर कर राजस्व

24,435

16,785

-31%

ग.  केंद्रीय करों में हिस्सा

2,18,817

2,30,855

6%

घ.  केंद्र से सहायतानुदान

93,465

50,330

-46%

2.  गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

3,299

732

-78%

3.  उधारियां

1,11,233

64,994

-42%

शुद्ध व्यय (4+5+6)

6,96,632

5,73,203

-18%

4.  राजस्व व्यय

5,32,655

4,50,886

-15%

5.  पूंजीगत परिव्यय

1,54,747

1,14,001

-26%

6.  ऋण और अग्रिम

9,229

8,315

-10%

7.  ऋण पुनर्भुगतान

39,806

29,945

-25%

राजस्व अधिशेष

74,147

59,327

-20%

राजस्व अधिशेष (जीएसडीपी का %)

2.97%

1.99%

 

राजकोषीय घाटा

86,531

62,258

-28%

राजकोषीय घाटा (जीएसडीपी का %)

3.46%

2.09%

 

जीएसडीपी

24,99,076

29,78,224

19%

स्रोत: उत्तर प्रदेश के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।

तालिका 13: राज्य के स्वयं कर राजस्व के घटक (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

भूराजस्व

863

414

-52%

बिजली पर टैक्स और ड्यूटी

5,777

3,038

-47%

राज्य जीएसटी

1,14,249

82,872

-27%

सेल्स टैक्स/वैट

42,733

32,098

-25%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

35,652

30,198

-15%

वाहन कर

12,505

11,044

-12%

राज्य उत्पाद शुल्क

58,308

52,575

-10%

स्रोत: उत्तर प्रदेश के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।

तालिका 14: मुख्य क्षेत्रों के लिए आवंटन (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

आवास

7,400

2,582

-65%

जलापूर्ति एवं स्वच्छता

28,054

18,703

-33%

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण

22,843

15,525

-32%

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

42,774

32,147

-25%

शहरी विकास

23,744

17,977

-24%

ग्रामीण विकास

35,993

27,495

-24%

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण

6,424

4,958

-23%

कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां

21,533

17,009

-21%

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

1,00,335

82,646

-18%

पुलिस

37,398

31,935

-15%

सामाजिक कल्याण एवं पोषण

34,747

30,349

-13%

परिवहन

44,600

42,062

-6%

जिसमें सड़कें एवं पुल शामिल हैं

40,686

37,347

-8%

ऊर्जा

45,832

48,145

5%

स्रोत: उत्तर प्रदेश के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।


[1] 31 राज्यों में दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर और पुद्दूचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

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