उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 मार्च, 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया।

बजट के मुख्य अंश

  • उत्तराखंड का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2026-27 के लिए (वर्तमान कीमतों पर) 4,27,716 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है जो 2025-26 की तुलना में 12% की वृद्धि है।

  • 2026-27 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 83,543 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 10% अधिक है। इसके अतिरिक्त राज्य द्वारा 28,161 करोड़ रुपए का ऋण चुकाया जाएगा।

  • 2026-27 के लिए प्राप्तियां (ऋण को छोड़कर) 67,553 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 8% अधिक है।

  • 2026-27 में राजस्व अधिशेष जीएसडीपी का 0.6% (2,536 करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है, जो कि 2025-26 के संशोधित अनुमान के अनुसार जीएसडीपी के 0.6% (2,461 करोड़ रुपए) के राजस्व अधिशेष के समान है।

  • 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3.7% (15,989 करोड़ रुपए) पर लक्षित है। संशोधित अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3.4% रहने की उम्मीद है जो बजट अनुमान (जीएसडीपी का 2.9%) से अधिक है।

नीतिगत विशिष्टताएं

  • रोजगार एवं कौशल विकास: रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री हब और स्पोक (एसपीओसी- सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्ट्रैक्ट) मॉडल स्थापित किया जाएगा। इस मॉडल के अंतर्गत, कौशल विकास पर विशेष ध्यान देते हुए पॉलिटेक्निक, आईटीआई, उच्च शिक्षा संस्थान और माध्यमिक शिक्षा संस्थानों को एकीकृत किया जाएगा।

  • मंदिर विकास: मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत 14 मंदिरों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। केदारखंड माला मिशन के अंतर्गत केदारनाथ, मध्यमहेश्वर, तुंगनाथ, रुद्रनाथ और कल्पेश्वर जैसे प्रमुख मंदिरों में अवसंरचनात्मक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था

  • जीएसडीपी: 2024-25 में उत्तराखंड की जीएसडीपी में (स्थिर कीमतों पर) पिछले वर्ष की तुलना में 6.4% की वृद्धि का अनुमान है। तुलनात्मक रूप से भारत की जीडीपी में 2024-25 में 6.5% की वृद्धि का अनुमान है।

  • क्षेत्र: 2024-25 में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में कृषि, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों का योगदान क्रमशः 10%, 41% और 49% रहने का अनुमान है (वर्तमान कीमतों पर)।

  • प्रति व्यक्ति जीएसडीपी: 2024-25 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी (वर्तमान कीमतों पर) 2,96,012 रुपए होने का अनुमान है, जो 2023-24 की तुलना में 9.8% की वृद्धि है। तुलनात्मक रूप से, अखिल भारतीय स्तर पर प्रति व्यक्ति जीडीपी 2024-25 में 2,34,859 रुपए होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9% की वृद्धि है।

रेखाचित्र 1: उत्तराखंड में स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी की वृद्धि (2011-12)
 

नोट: ये आंकड़े स्थिर कीमतों (2011-12) के अनुसार हैं, जिसका अर्थ है कि विकास दर को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया गया है।
स्रोत: आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय, उत्तराखंड; पीआरएस।

2026-27 के लिए बजट अनुमान

  • 2026-27 में कुल व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 83,543 करोड़ रुपए रहने का लक्ष्य है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमान से 10% अधिक है। इस व्यय को 67,553 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) और 14,429 करोड़ रुपए के शुद्ध ऋण से पूरा करने का प्रस्ताव है। 2026-27 के लिए कुल प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) में 2025-26 के संशोधित अनुमान से 8% की वृद्धि होने की उम्मीद है।

  • राज्य सरकार ने 2026-27 में जीएसडीपी के 0.6% (2,536 करोड़ रुपए) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया है, जो संशोधित अनुमानों के अनुसार 2025-26 के राजस्व अधिशेष के समान है।

  • 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3.7% (15,989 करोड़ रुपए) पर लक्षित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (जीएसडीपी के 3.4%) से अधिक है।   

तालिका 1: बजट 2026-27- मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

कुल व्यय

90,806

1,01,175

1,01,611

0.4%

1,11,703

10%

(-) ऋण का पुनर्भुगतान

28,994

26,006

26,006

0%

28,161

8%

जिसमें से आरबीआई से प्राप्त डब्ल्यूएमए*

25,073

19,500

19,500

0%

21,000

8%

शुद्ध व्यय (E)

61,812

75,170

75,605

1%

83,543

10%

कुल प्राप्तियां

91,219

1,01,035

1,02,216

1%

1,10,143

8%

(-) उधारियां

39,709

38,470

39,550

3%

42,590

8%

जिसमें से आरबीआई से प्राप्त डब्ल्यूएमए *

25,905

19,500

19,500

0%

21,000

8%

इनमें से केंद्रीय कैपेक्स लोन **

2,456

1,500

2,000

33%

2,110

5%

शुद्ध प्राप्तियां (R)

51,510

62,565

62,666

0.2%

67,553

8%

राजकोषीय घाटा (E-R)

10,302

12,605

12,940

3%

15,989

24%

जीएसडीपी का %

3.0%

2.9%

3.4%

-

3.7%

-

राजस्व अधिशेष

1,458

2,586

2,461

-5%

2,536

3%

जीएसडीपी का %

0.4%

0.6%

0.6%

-

0.6%

-

प्राथमिक घाटा

4,727

5,615

6,314

12%

8,060

28%

जीएसडीपी का %

1.4%

1.3%

1.7%

-

1.9%

-

जीएसडीपी

3,47,981

4,29,308

3,81,889

-11%

4,27,716

12%

नोट: बअ बजट अनुमान है; संअ संशोधित अनुमान है। * डब्ल्यूएमए (वेज़ एंड मीन्स एडवांसेज) आरबीआई से प्राप्त अल्पकालिक अग्रिम होते हैं। ये ऐसे अल्पकालिक ऋण होते हैं जिन्हें वर्ष के दौरान कई बार लिया जा सकता है और आमतौर पर इनका भुगतान वर्ष के भीतर ही कर दिया जाता है। **केंद्र सरकार 2020-21 से राज्य सरकारों को पूंजीगत व्यय के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है। इन ऋणों को राज्य की उधार सीमा की गणना से बाहर रखा गया है।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तराखंड बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 में व्यय

  • 2026-27 के लिए राजस्व व्यय 64,989 करोड़ रुपए प्रस्तावित है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 8% अधिक है। इसमें वेतन, पेंशन, ब्याज, अनुदान और सबसिडी पर होने वाला व्यय शामिल है।

  • 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय 18,153 करोड़ रुपए प्रस्तावित है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 22% अधिक है। पूंजीगत व्यय परिसंपत्तियों के सृजन पर होने वाले व्यय को दर्शाता है। पूंजीगत व्यय के आवंटन में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि वाले क्षेत्र हैं: (i) कृषि (799 करोड़ रुपए की वृद्धि), (ii) परिवहन (558 करोड़ रुपए की वृद्धि), और (iii) शहरी विकास (385 करोड़ रुपए की वृद्धि)। 

तालिका 2: बजट 2026-27 में व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राजस्व व्यय

50,016

59,955

60,178

0.4%

64,989

8%

पूंजीगत परिव्यय

11,106

14,763

14,883

1%

18,153

22%

राज्य द्वारा दिए गए ऋण

691

452

544

20%

400

-26%

शुद्ध व्यय

61,812

75,170

75,605

1%

83,543

10%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तराखंड बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

प्रतिबद्ध व्यय: राज्य के प्रतिबद्ध व्यय में आम तौर पर वेतन, पेंशन और ब्याज के भुगतान पर व्यय शामिल होता है। बजट के एक बड़े हिस्से को प्रतिबद्ध व्यय की मदों के लिए आवंटित करने से पूंजीगत परिव्यय जैसी अन्य व्यय प्राथमिकताओं पर फैसला लेने का राज्य का लचीलापन सीमित हो जाता है। 2026-27 में उत्तराखंड द्वारा निर्धारित व्यय पर अनुमानित 41,172 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है जो अनुमानित राजस्व प्राप्ति का 40% है। इसमें वेतन (राजस्व प्राप्ति का 33%), पेंशन (16%) और ब्याज भुगतान (12%) पर व्यय शामिल है। 2024-25 में, वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, राजस्व प्राप्ति का 62% निर्धारित व्यय मदों पर खर्च किया गया था।

सरकारी नौकरियों में रिक्तियां

मार्च 2025 तक उत्तराखंड में 2.39 लाख सरकारी पदों की स्वीकृति हुई थी जिनमें से 1.73 लाख पद भरे गए और 66,317 पद रिक्त थे (28%)। श्रेणीवार रिक्ति दरें इस प्रकार थीं: (i) ग्रुप-ए में 37%, (ii) ग्रुप-बी में 30%, (iii) ग्रुप-सी में 26% और (iv) ग्रुप-डी में 30%।

स्रोत: “राजपत्रित और गैर-राजपत्रित पदों का विवरण”, उत्तराखंड बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।

तालिका 3: 2026-27 में प्रतिबद्ध व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

वेतन

17,619

20,770

20,298

-2%

22,105

9%

पेंशन

8,479

9,917

9,872

-0.5%

11,137

13%

ब्याज भुगतान

5,575

6,990

6,626

-5%

7,929

20%

कुल

31,672

37,678

36,796

-2%

41,172

12%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तराखंड बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

क्षेत्रवार व्यय: 2026-27 के दौरान राज्य के बजटीय व्यय का 56% हिस्सा निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए खर्च किया जाएगा। अनुलग्नक 1 में प्रमुख क्षेत्रों में उत्तराखंड के व्यय की तुलना, अन्य राज्यों से की गई है।

तालिका 4: उत्तराखंड बजट 2026-27 में क्षेत्रवार व्यय (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन

बजटीय प्रावधान
(2026-27 बअ)

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

11,370

12,466

12,338

13,201

7%

  • सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के लिए 3,780 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। 
  • सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के लिए 4,285 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

कृषि एवं संबंधित गतिविधियां

3,150

5,051

5,158

6,078

18%

  • बागवानी और सब्जियों की फसलों के लिए 710 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ग्रामीण विकास

3,680

4,363

4,332

5,533

28%

  • विकसित भारत रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 705 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

4,029

4,748

4,862

4,916

1%

  • ग्रामीण क्षेत्रों में एलोपैथिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,452 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • शहरी क्षेत्रों में एलोपैथिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 798 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सामाजिक कल्याण एवं पोषण

4,117

4,509

4,677

4,556

-3%

  • बाल कल्याण के लिए 1,105 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत पेंशन के लिए 699 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। 

पुलिस

2,555

2,856

2,944

3,348

14%

  • जिला पुलिस के लिए 1,691 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

परिवहन

2,835

2,648

2,990

3,038

2%

  • सड़कों और पुलों पर पूंजीगत व्यय के लिए 2,106 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

जलापूर्ति और स्वच्छता

1,135

3,131

2,566

2,475

-4%

  • जल जीवन मिशन के लिए 1,352 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रमों के लिए 746 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

शहरी विकास

1,194

1,161

1,517

1,931

27%

  • लघु एवं मध्यम शहरों के एकीकृत विकास के लिए 1,710 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ऊर्जा

814

1,403

1,549

1,749

13%

  • बिजली के ट्रांसमिशन और वितरण के लिए 1,228 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सभी क्षेत्रों पर कुल व्यय का %

57%

57%

57%

56%

 

 

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तराखंड बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 में प्राप्तियां

  • 2026-27 के लिए कुल राजस्व प्राप्ति 67,526 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 8% अधिक है। इसमें से 31,620 करोड़ रुपए (47%) राज्य अपने संसाधनों से जुटाएगा, और 35,906 करोड़ रुपए (53%) केंद्र से प्राप्त होंगे। केंद्र से प्राप्त संसाधन केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से (राजस्व प्राप्ति का 26%) और अनुदानों (राजस्व प्राप्ति का 27%) के रूप में होंगे।

  • हस्तांतरण: 2026-27 में केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 17,415 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 12% अधिक है।

  • 2026-27 में 18,491 करोड़ रुपए के केंद्रीय अनुदान का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों से 2% अधिक है।

  • राज्य का स्वयं कर राजस्व: उत्तराखंड का कुल स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 25,913 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 9% अधिक है। 2026-27 में जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 6.1% रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (23,680 करोड़ रुपए) से कम है। 2024-25 के वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 6% था।

तालिका 5: राज्य सरकार की प्राप्तियों का ब्रेकअप (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राज्य के स्वयं कर

20,879

24,015

23,680

-1%

25,913

9%

राज्य के स्वयं गैर कर

4,182

4,395

5,198

18%

5,707

10%

केंद्रीय करों में हिस्सेदारी

14,387

15,903

15,573

-2%

17,415

12%

केंद्र से सहायतानुदान

12,026

18,227

18,188

-0.2%

18,491

2%

राजस्व प्राप्तियां

51,473

62,541

62,639

0.2%

67,526

8%

गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

37

24

26

9%

27

4%

शुद्ध प्राप्तियां

51,510

62,565

62,666

0.2%

67,553

8%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तराखंड बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

  • 2026-27 में राज्य जीएसटी के स्वयं कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत (47% हिस्सा) होने का अनुमान है। राज्य के जीएसटी राजस्व में 2025-26 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 10% की वृद्धि होने का अनुमान है।

  • राज्य उत्पाद शुल्क राजस्व में 2026-27 में 2025-26 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 11% की वृद्धि होने का अनुमान है।

  • बिक्री कर/वैट राजस्व 2026-27 में 2025-26 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 5% अधिक होने की उम्मीद है।

स्थानीय निकायों को हस्तांतरण

पांचवें राज्य वित्त आयोग के सुझावों के आधार पर, 2021 से 2026 तक की पांच वर्षीय अवधि के दौरान, राज्य के स्वयं कर राजस्व का 11% हिस्सा स्थानीय निकायों को आवंटित किया गया है। यह राशि शहरी स्थानीय निकायों और ग्रामीण स्थानीय निकायों के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाती है। छठे राज्य वित्त आयोग का गठन जनवरी 2025 में किया गया था और इसने मार्च 2026 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके सुझाव 2026 से 2031 के बीच की पांच साल की अवधि के लिए होंगे।

स्रोत: उत्तराखंड राज्य के वित्त का मूल्यांकन, 16वां वित्त आयोग; पीआरएस।

तालिका 6: राज्य के स्वयं कर राजस्व के मुख्य स्रोत (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 वास्तविक

2025-26 बजटीय

2025-26 संशोधित

बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का %

2026-27 बजटीय

संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का %

राज्य जीएसटी

9,264

11,221

11,075

-1%

12,200

10%

राज्य उत्पाद शुल्क

4,362

5,060

4,850

-4%

5,384

11%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

2,602

2,799

2,809

0%

3,092

10%

सेल्स टैक्स/वैट

2,607

2,501

2,520

1%

2,652

5%

वाहन कर

1,474

1,604

1,606

0%

1,703

6%

बिजली पर कर और ड्यूटी

365

550

550

0%

550

0%

भूराजस्व

19

30

20

-34%

32

62%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, उत्तराखंड बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।

2026-27 के लिए घाटे और ऋण

उत्तराखंड के राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन एक्ट, 2005 में राज्य सरकार की बकाया देनदारियों, राजस्व घाटे और राजकोषीय घाटे को लगातार कम करने के लक्ष्यों का प्रावधान है।

सबसिडी और हस्तांतरण

16वें वित्त आयोग ने कहा कि उत्तराखंड ने 2025-26 में सबसिडी और हस्तांतरण पर जीएसडीपी का 0.93% खर्च करने का बजट बनाया था। यह 21 राज्यों द्वारा 2025-26 में सबसिडी और हस्तांतरण के लिए किए गए औसत आवंटन (जीएसडीपी का 2.7%) से कम था। हालांकि 2018-19 और 2025-26 के बीच जीएसडीपी में सबसिडी और हस्तांतरण का हिस्सा बढ़ गया। यह वृद्धि स्वास्थ्य संबंधी सबसिडी और नकद हस्तांतरण में वृद्धि के कारण हुई है।

 

क्षेत्र

2018-19 वास्तविक

2025-26 बअ

राशि

जीएसडीपी का %

राशि

जीएसडीपी का %

कुल

1,540

0.67%

4,009

0.93%

इसमें

 

 

 

 

सामाजिक सुरक्षा

851

0.37%

1,735

0.40%

स्वास्थ्य

-

-

560

0.13%

शिक्षा

93

0.04%

269

0.06%

खाद्य पदार्थ

75

0.03%

181

0.04%

नकद हस्तांतरण

-

-

158

0.04%

स्रोत: 16वीं वित्त आयोग रिपोर्ट खंड I; पीआरएस। 

राजस्व संतुलन: यह सरकार की राजस्व प्राप्तियों और राजस्व व्यय के बीच का अंतर होता है। राजस्व घाटे का यह अर्थ होता है कि सरकार को अपना व्यय पूरा करने के लिए उधार लेने की जरूरत है जोकि भविष्य में पूंजीगत परिसंपत्तियों का सृजन नहीं करेगा और न ही देनदारियों को कम करेगा। बजट में 2026-27 में 2,536 करोड़ रुपए (या जीडीपी का 0.6%) के राजस्व अधिशेष का अनुमान लगाया गया है।

राजकोषीय घाटा: यह कुल व्यय और कुल प्राप्तियों का अंतर होता है। इस अंतर को सरकार द्वारा उधार लेकर पूरा किया जाता है जिससे कुल देनदारियों में वृद्धि होती है। 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3.7% (15,989 करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है। 16वें वित्त आयोग ने राज्यों के लिए 2026-31 की अवधि के लिए वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी का 3% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। उधार सीमा निर्धारित करते समय केंद्र सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय के लिए दिए गए 50 साल के ब्याज मुक्त ऋणों को शामिल नहीं किया जाएगा। 2026-27 में केंद्रीय पूंजीगत व्यय ऋण 2,110 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।

संशोधित अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3.4% रहने की उम्मीद है। यह बजट अनुमान (जीएसडीपी का 2.9%) से अधिक है।

बकाया देनदारियां: बकाया देनदारियां किसी वित्तीय वर्ष के अंत में कुल उधारी का संचय होता है। इसमें भविष्य निधि जैसे सार्वजनिक खातों पर बकाया देनदारियां भी शामिल हैं। 2026-27 के अंत में बकाया देनदारियां जीएसडीपी का 28.5% होने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 28%) से अधिक है। 

रेखाचित्र 2: राजस्व एवं राजकोषीय संतुलन (जीएसडीपी का %)

 

नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है। (+) अधिशेष को दर्शाता है और (-) घाटे को दर्शाता है।
स्रोत: मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति, उत्तराखंड बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।

रेखाचित्र 3: बकाया देनदारियां (जीएसडीपी का %)

नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है।
स्रोत: मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति, उत्तराखंड बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।

बकाया सरकारी गारंटी: राज्यों की बकाया देनदारियों में कुछ अन्य आकस्मिक देनदारियां शामिल नहीं हैं, जिनका भुगतान राज्यों को कुछ मामलों में करना पड़ सकता है। राज्य सरकारें वित्तीय संस्थानों से राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (एसपीएसई) के ऋणों की गारंटी देती हैं। 2025-26 तक राज्य की बकाया गारंटी लगभग 121 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो उत्तराखंड की जीएसडीपी का 0.03% है।

अनुलग्नक 1: मुख्य क्षेत्रों में राज्य के व्यय की तुलना

निम्नलिखित रेखाचित्रों में उत्तराखंड द्वारा 2026-27 में छह प्रमुख क्षेत्रों पर किए गए व्यय की तुलना सभी क्षेत्रों पर किए गए कुल व्यय के अनुपात से की गई है। क्षेत्र के लिए औसत, उस क्षेत्र में 31 राज्यों (उत्तराखंड सहित) द्वारा किए जाने वाले औसत व्यय (2025-26 के बजटीय अनुमानों के आधार पर) को इंगित करता है।[1]

  • शिक्षा: उत्तराखंड ने 2026-27 में अपने व्यय का 15.9% शिक्षा के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा शिक्षा के लिए आवंटित औसत राशि (14.5%) से अधिक है।

  • स्वास्थ्य: उत्तराखंड ने 2026-27 में अपने व्यय का 5.9% स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा स्वास्थ्य के लिए आवंटित औसत राशि (6.2%) से कम है।

  • ग्रामीण विकास: उत्तराखंड ने 2026-27 में अपने व्यय का 6.7% ग्रामीण विकास के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा ग्रामीण विकास के लिए आवंटित औसत राशि (4.9%) से अधिक है।

  • कृषि: उत्तराखंड ने 2026-27 में अपने व्यय का 7.3% कृषि के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा कृषि के लिए आवंटित औसत राशि (5.7%) से अधिक है।

  • सड़कें और पुल: उत्तराखंड ने 2026-27 में अपने व्यय का 3.2% सड़कों और पुलों के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा सड़कों और पुलों के लिए किए गए औसत आवंटन (4.3%) से कम है।

  • पुलिस: उत्तराखंड ने 2026-27 में अपने व्यय का 4% पुलिस के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा पुलिस के लिए किए गए औसत आवंटन (4%) के बराबर है।

नोट: 2024-25, 2025-26 (बअ), 2025-26 (संअ), और 2026-27 (बअ) के आंकड़े उत्तराखंड के हैं।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय वक्तव्य, उत्तराखंड बजट दस्तावेज 2026-27; विभिन्न राज्य बजट; पीआरएस।

अनुलग्नक 2: 2026-31 के लिए 16वें वित्त आयोग के सुझाव

16वें वित्त आयोग (चेयर: डॉ. अरविंद पनगढ़िया) की रिपोर्ट 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश की गई। उसके सुझाव 2026-27 से 2030-31 तक की पांच-वर्षीय अवधि के लिए लागू होंगे। 16वें आयोग (एफसी) ने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों के हिस्से को 41% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। यह हिस्सा 15वें वित्त आयोग की अवधि (2021-26) के समान ही अपरिवर्तित बना हुआ है। विभाज्य पूल की गणना केंद्रीय सरकार द्वारा जुटाए गए कुल कर राजस्व में से कर वसूलने की लागत, उपकर और अधिभारों को घटाने के बाद की जाती है। 16वें वित्त आयोग ने राज्यों के हिस्से के निर्धारण के लिए संशोधित मानदंड प्रस्तावित किए हैं। 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट का संक्षिप्त सारांश यहां देखें। 16वें वित्त आयोग के सुझावों के आधार पर, उत्तराखंड को 2026-31 की अवधि के लिए केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में 1.14% हिस्सा मिलेगा।

16वें वित्त आयोग ने पांच वर्षों की अवधि में 9.47 लाख करोड़ रुपए के अनुदानों का सुझाव दिया है। इनमें निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए अनुदान शामिल हैं: (i) शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकाय, और (ii) आपदा प्रबंधन। 16वें वित्त आयोग ने 15वें वित्त आयोग द्वारा सुझाए गए निम्नलिखित अनुदानों को बंद कर दिया है: (i) राजस्व घाटा अनुदान, (ii) शिक्षा, न्याय, सांख्यिकी और कृषि के लिए क्षेत्र-विशिष्ट अनुदान, और (iii) राज्य-विशिष्ट अनुदान। 2026-31 की अवधि के लिए उत्तराखंड के लिए प्रस्तावित अनुदानों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) शहरी स्थानीय निकायों के लिए 2,497 करोड़ रुपए, (ii) ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 4,047 करोड़ रुपए, और (iii) आपदा प्रबंधन अनुदान के रूप में 4,954 करोड़ रुपए। राज्यों को एक लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले आस-पास के बड़े शहरी स्थानीय निकाय में अर्ध-शहरी गांवों के विलय के लिए एकमुश्त अनुदान भी प्राप्त होगा।

तालिका 7: केंद्र द्वारा हस्तांतरित करों में प्रत्येक राज्य का हिस्सा (100 में से)

राज्य

ग्रामीण स्थानीय निकाय

शहरी स्थानीय निकाय

आपदा प्रबंधन

आंध्र प्रदेश

4.31

4.05

4.22

अरुणाचल प्रदेश

1.37

1.76

1.35

असम

3.31

3.13

3.26

बिहार

9.67

10.06

9.95

छत्तीसगढ़

3.08

3.41

3.30

गोवा

0.38

0.39

0.37

गुजरात

3.08

3.48

3.76

हरियाणा

1.08

1.09

1.36

हिमाचल प्रदेश

0.71

0.83

0.91

जम्मू एवं कश्मीर

1.85

-

-

झारखंड

3.14

3.31

3.36

कर्नाटक

4.71

3.65

4.13

केरल

2.50

1.93

2.38

मध्य प्रदेश

7.55

7.85

7.35

महाराष्ट्र

5.52

6.32

6.44

मणिपुर

0.62

0.72

0.63

मेघालय

0.64

0.77

0.63

मिजोरम

0.46

0.50

0.56

नागालैंड

0.50

0.57

0.48

ओड़िशा

4.64

4.53

4.42

पंजाब

1.58

1.81

2.00

राजस्थान

5.50

6.03

5.93

सिक्किम

0.37

0.39

0.34

तमिलनाडु

4.02

4.08

4.10

तेलंगाना

2.44

2.10

2.17

त्रिपुरा

0.64

0.71

0.64

उत्तर प्रदेश

17.96

17.94

17.62

उत्तराखंड

1.05

1.12

1.14

पश्चिम बंगाल

7.32

7.52

7.22

 

तालिका 8: 2026-31 के लिए राज्यवार अनुदान सहायता का विवरण (करोड़ रुपए में)

राज्य

ग्रामीण स्थानीय निकाय

शहरी स्थानीय निकाय

आपदा प्रबंधन

आंध्र प्रदेश

16,627

12,158

6,125

अरुणाचल प्रदेश

1,698

233

616

असम

14,580

3,249

5,243

बिहार

51,923

9,169

13,615

छत्तीसगढ़

11,664

4,990

2,481

गोवा

174

726

112

गुजरात

18,802

23,764

8,459

हरियाणा

8,270

7,834

2,922

हिमाचल प्रदेश

3,744

435

2,682

झारखंड

14,231

6,093

2,806

कर्नाटक

18,889

18,483

6,419

केरल

3,308

16,683

1,935

मध्य प्रदेश

32,033

16,016

11,697

महाराष्ट्र

32,817

46,803

29,619

मणिपुर

1,262

609

259

मेघालय

1,479

377

437

मिजोरम

567

377

284

नागालैंड

697

667

408

ओड़िशा

18,715

5,078

8,900

पंजाब

8,486

7,834

2,477

राजस्थान

31,467

12,680

9,211

सिक्किम

218

203

455

तमिलनाडु

16,930

25,069

8,486

तेलंगाना

9,968

11,548

2,774

त्रिपुरा

1,176

1,016

356

उत्तर प्रदेश

83,261

33,543

15,321

उत्तराखंड

4,047

2,497

4,954

पश्चिम बंगाल

28,203

22,023

6,869

 

स्रोत: 14वें, 15वें और 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट्स; पीआरएस।

तालिका 9: केंद्रीय बजट 2026-27 के अनुसार राज्यों को हस्तांतरित कर (करोड़ रुपए में)

राज्य

2024-25 वास्तविक

2025-26 संशोधित

2026-27 बजटीय

आंध्र प्रदेश

51,564

56,374

64,362

अरुणाचल प्रदेश

22,386

24,475

20,665

असम

39,855

43,572

49,725

बिहार

1,28,151

1,40,105

1,51,832

छत्तीसगढ़

43,409

47,459

50,427

गोवा

4,918

5,377

5,571

गुजरात

44,314

48,448

57,311

हरियाणा

13,926

15,225

20,772

हिमाचल प्रदेश

10,575

11,562

13,950

झारखंड

42,135

46,066

51,236

कर्नाटक

46,467

50,802

63,050

केरल

24,527

26,815

36,355

मध्य प्रदेश

1,00,019

1,09,348

1,12,134

महाराष्ट्र

80,486

87,994

98,306

मणिपुर

9,123

9,974

9,554

मेघालय

9,773

10,684

9,631

मिजोरम

6,371

6,965

8,608

नागालैंड

7,250

7,926

7,341

ओड़िशा

57,692

63,074

67,460

पंजाब

23,023

25,171

30,464

राजस्थान

76,779

83,940

90,446

सिक्किम

4,944

5,405

5,113

तमिलनाडु

51,971

56,819

62,531

तेलंगाना

26,782

29,280

33,181

त्रिपुरा

9,021

9,862

9,783

उत्तर प्रदेश

2,28,565

2,49,885

2,68,911

उत्तराखंड

14,245

15,573

17,415

पश्चिम बंगाल

95,852

1,04,793

1,10,119

कुल

12,74,121

13,92,971

15,26,255

नोट: 2024-25 के वास्तविक आंकड़े और 2025-26 के संशोधित अनुमान पिछले वर्षों में हुए अतिरिक्त या कम हस्तांतरण को समायोजित करने के बाद केंद्रीय बजट में प्रस्तुत किए गए हैं।
स्रोत: केंद्रीय बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।

अनुलग्नक 3: 2024-25 के बजटीय अनुमानों और वास्तविक के बीच तुलना

यहां तालिकाओं में 2024-25 के वास्तविक के साथ उस वर्ष के बजटीय अनुमानों के बीच तुलना की गई है।

तालिका 10: प्राप्तियों और व्यय की झलक (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

शुद्ध प्राप्तियां (1+2)

60,677

51,510

-15%

1.  राजस्व प्राप्तियां (क+ख+ग+घ)

60,553

51,473

-15%

क.  स्वयं कर राजस्व

22,509

20,879

-7%

ख.  स्वयं गैर कर राजस्व

4,873

4,182

-14%

ग.  केंद्रीय करों में हिस्सा

13,637

14,387

6%

घ.  केंद्र से सहायतानुदान

19,533

12,026

-38%

2.  गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

124

37

-70%

3.  उधारियां

27,920

39,709

42%

      इनमें केंद्रीय कैपेक्स लोन

1,500

2,456

64%

शुद्ध व्यय (4+5+6)

70,094

61,812

-12%

4.  राजस्व व्यय

55,816

50,016

-10%

5.  पूंजीगत परिव्यय

13,780

11,106

-19%

6.  ऋण और अग्रिम

498

691

39%

7.  ऋण पुनर्भुगतान

19,137

28,994

52%

राजस्व अधिशेष

4,737

1,458

-69%

राजस्व अधिशेष (जीएसडीपी का %)

1.2%

0.4%

-

राजकोषीय घाटा

9,416

10,302

9%

राजकोषीय घाटा (जीएसडीपी का %)

2.40%

2.96%

-

स्रोत: उत्तराखंड के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।

तालिका 11: राज्य के स्वयं कर राजस्व के घटक (करोड़ रुपए में)

मद

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

भूराजस्व

50

19

-63%

बिजली पर टैक्स और ड्यूटी

550

365

-34%

राज्य जीएसटी

10,201

9,264

-9%

वाहन कर

1,550

1,474

-5%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

2,665

2,602

-2%

राज्य उत्पाद शुल्क

4,439

4,362

-2%

सेल्स टैक्स/वैट

2,504

2,607

4%

स्रोत: उत्तराखंड के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।

तालिका 12: मुख्य क्षेत्रों के लिए आवंटन (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2024-25 बअ

2024-25 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

ऊर्जा

1,263

814

-36%

आवास

508

354

-30%

कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां

4,450

3,150

-29%

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण

529

383

-28%

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण

2,175

1,721

-21%

ग्रामीण विकास

4,552

3,680

-19%

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

4,574

4,029

-12%

सामाजिक कल्याण एवं पोषण

4,572

4,117

-10%

जलापूर्ति एवं स्वच्छता

1,186

1,135

-4%

पुलिस

2,667

2,555

-4%

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

11,700

11,370

-3%

परिवहन

2,894

2,835

-2%

शहरी विकास

1,129

1,194

6%

स्रोत: उत्तराखंड के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।


[1]31 राज्यों में दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर और पुद्दूचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत रिपोर्ट आपके समक्ष सूचना प्रदान करने के लिए प्रस्तुत की गई है। पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च (पीआरएस) के नाम उल्लेख के साथ इस रिपोर्ट का पूर्ण रूपेण या आंशिक रूप से गैर व्यावसायिक उद्देश्य के लिए पुनःप्रयोग या पुनर्वितरण किया जा सकता है। रिपोर्ट में प्रस्तुत विचार के लिए अंततः लेखक या लेखिका उत्तरदायी हैं। यद्यपि पीआरएस विश्वसनीय और व्यापक सूचना का प्रयोग करने का हर संभव प्रयास करता है किंतु पीआरएस दावा नहीं करता कि प्रस्तुत रिपोर्ट की सामग्री सही या पूर्ण है। पीआरएस एक स्वतंत्र, अलाभकारी समूह है। रिपोर्ट को इसे प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के उद्देश्यों अथवा विचारों से निरपेक्ष होकर तैयार किया गया है। यह सारांश मूल रूप से अंग्रेजी में तैयार किया गया था। हिंदी रूपांतरण में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता की स्थिति में अंग्रेजी के मूल सारांश से इसकी पुष्टि की जा सकती है।