छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने 24 फरवरी, 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया।
बजट के मुख्य अंश
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छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2026-27 के लिए (वर्तमान कीमतों पर) 7,09,553 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12% की वृद्धि दर्शाता है।
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2026-27 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 1,72,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों से 10% अधिक है। इसके अतिरिक्त, राज्य द्वारा 12,300 करोड़ रुपए का ऋण चुकाया जाएगा। 2025-26 में व्यय बजट से 5% कम रहने का अनुमान है, जिसमें पूंजीगत व्यय बजट अनुमान से 38% कम है।
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2026-27 के लिए प्राप्तियां (ऋण को छोड़कर) 1,43,100 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 10% अधिक है। 2025-26 में, प्राप्तियां (ऋण को छोड़कर) बजट से 8% कम रहने का अनुमान है।
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2026-27 में राजस्व घाटा जीएसडीपी का 0.3% (2,000 करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है। 2025-26 में, राज्य ने 2,804 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 0.4%) के राजस्व अधिशेष का बजट बनाया था, हालांकि, संशोधित अनुमानों के अनुसार, 10,000 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 1.6%) का राजस्व घाटा होने की उम्मीद है।
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2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 4.1% (28,900 करोड़ रुपए) पर लक्षित है। 2025-26 में, संशोधित अनुमानों के अनुसार, राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.2% रहने की उम्मीद है, जो बजट अनुमान (जीएसडीपी का 3.8%) से अधिक है।
नीतिगत विशिष्टताएं
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शहरी विकास: नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में बुनियादी ढांचे, नागरिक सेवाओं और स्वच्छता में सुधार के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के लिए 2026-27 में 200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
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कनेक्टिविटी: द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना 2026-27 के लिए 200 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत, राज्य के आर्थिक केंद्रों को कम से कम दो लेन की सड़कों से जोड़ा जाएगा।
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महिला सशक्तीकरण: महिलाओं के नाम पर पंजीकृत भूमि, भवन और अचल संपत्तियों की खरीद पर स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में 50% की छूट प्रदान की जाएगी।
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शिक्षा: राज्य के अबूझमाड़ और जगरगोंडा क्षेत्रों में शिक्षा शहर विकसित किए जाएंगे। इस पहल के लिए 100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को किराये की आवासीय सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना शुरू की जाएगी।
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छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था
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रेखाचित्र 1: छत्तीसगढ़ में स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी की वृद्धि (2011-12) नोट: ये आंकड़े स्थिर कीमतों (2011-12) के अनुसार हैं, जिसका अर्थ है कि विकास दर को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया गया है। |
2026-27 के लिए बजट अनुमान
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2026-27 में कुल व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 1,72,000 करोड़ रुपए रहने का लक्ष्य है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमान से 10% अधिक है। इस व्यय को 1,43,100 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) और 27,900 करोड़ रुपए के शुद्ध ऋण से पूरा करने का प्रस्ताव है। 2026-27 के लिए कुल प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) में 2025-26 के संशोधित अनुमान से 10% की वृद्धि की उम्मीद है।
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राज्य ने 2026-27 में जीएसडीपी के 0.3% (2,000 करोड़ रुपए) के राजस्व घाटे का अनुमान लगाया है। 2025-26 में राज्य ने 2,804 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 0.4%) के राजस्व अधिशेष का बजट बनाया था, हालांकि, संशोधित अनुमानों के अनुसार, 10,000 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 1.6%) के राजस्व घाटे का अनुमान है।
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2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 4.1% (28,900 करोड़ रुपए) पर लक्षित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (जीएसडीपी का 4.2%) से कम है। 2025-26 में, राजकोषीय घाटा प्रारंभिक बजट अनुमान (जीएसडीपी का 3.8%) से अधिक रहने की उम्मीद है।
तालिका 1: बजट 2026-27- मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)
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मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
कुल व्यय |
1,56,637 |
1,76,337 |
1,67,337 |
-5% |
1,84,300 |
10% |
|
(-) ऋण का पुनर्भुगतान |
10,871 |
11,337 |
11,337 |
0% |
12,300 |
8% |
|
शुद्ध व्यय (E) |
1,45,766 |
1,65,000 |
1,56,000 |
-5% |
1,72,000 |
10% |
|
कुल प्राप्तियां |
1,53,782 |
1,75,437 |
1,66,337 |
-5% |
1,83,300 |
10% |
|
(-) उधारियां |
33,463 |
34,337 |
36,737 |
7% |
40,200 |
9% |
|
इनमें से केंद्रीय कैपेक्स लोन* |
6,104 |
4,000 |
8,000 |
100% |
8,500 |
6% |
|
शुद्ध प्राप्तियां (R) |
1,20,319 |
1,41,100 |
1,29,600 |
-8% |
1,43,100 |
10% |
|
राजकोषीय घाटा (E-R) ^ |
25,447 |
23,900 |
26,400 |
10% |
28,900 |
9% |
|
जीएसडीपी का % |
4.5% |
3.8% |
4.2% |
|
4.1% |
|
|
राजस्व संतुलन** |
-5,099 |
2,804 |
-10,000 |
-457% |
-2,000 |
-80% |
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जीएसडीपी का % |
-0.9% |
0.4% |
-1.6% |
|
-0.3% |
|
|
प्राथमिक घाटा |
16,495 |
14,385 |
16,121 |
12% |
17,917 |
11% |
|
जीएसडीपी का % |
2.9% |
2.3% |
2.6% |
|
2.5% |
|
|
जीएसडीपी |
5,65,845 |
6,35,917 |
6,31,290 |
-1% |
7,09,553 |
12% |
नोट: बअ बजट अनुमान है; संअ संशोधित अनुमान है। *केंद्र सरकार 2020-21 से राज्य सरकारों को पूंजीगत व्यय के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है। इन ऋणों को राज्य की उधार सीमा की गणना से बाहर रखा गया है। ^ राजकोषीय घाटे की गणना के लिए, राज्य सरकार ने सार्वजनिक खाते की प्राप्तियों को गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियों के रूप में शामिल किया है। इससे राजकोषीय घाटा कम होता है। हमारी गणनाओं में सार्वजनिक खाते की प्राप्तियों को शामिल नहीं किया गया है। ** (+) अधिशेष को दर्शाता है और (-) घाटे को दर्शाता है।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, छत्तीसगढ़ बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
2026-27 में व्यय
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सबसिडी और हस्तांतरण पर व्यय छत्तीसगढ़ ने 2023-24 में जीएसडीपी का 8.1% (41,607 करोड़ रुपए) हिस्सा सबसिडी और हस्तांतरण पर खर्च किया, जो सभी राज्यों के औसत (जीएसडीपी का 2.6%) से अधिक है। 2018-19 और 2023-24 के बीच इस व्यय में 18% की वार्षिक दर से वृद्धि हुई है। इसमें कृषि सबसिडी (कृषक उन्नति योजना), नकद हस्तांतरण (महतारी वंदन योजना), खाद्य सबसिडी और बिजली सबसिडी पर खर्च शामिल है। 2026-27 में राज्य ने अपने राजस्व का 17% हिस्सा कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना और बिजली सबसिडी पर खर्च करने का अनुमान लगाया है। 16वें वित्त आयोग ने पाया कि विभिन्न राज्यों में सबसिडी और हस्तांतरण को सहायता, अनुदान या अन्य व्यय के रूप में गलत तरीके से वर्गीकृत किया जा रहा है। आयोग ने एकाउंटिंग और डिस्क्लोजर के लिए एक समान दृष्टिकोण अपनाने का सुझाव दिया है। स्रोत: 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट; एमओएसपीआई; पीआरएस। |
-
2026-27 के लिए राजस्व व्यय 1,45,000 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 4% अधिक है। इसमें वेतन, पेंशन, ब्याज और सबसिडी जैसे व्यय शामिल हैं।
-
2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय 26,500 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 63% अधिक है। यह जलापूर्ति और स्वच्छता, सड़कों और पुलों तथा सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण जैसे क्षेत्रों के लिए आवंटन में वृद्धि के कारण है। पूंजीगत व्यय परिसंपत्तियों के निर्माण पर किए गए व्यय को दर्शाता है।
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2025-26 में पूंजीगत व्यय बजट से 38% कम रहने का अनुमान है। यह जलापूर्ति और स्वच्छता (बजट से 82% कम) और सड़कों और पुलों (36% कम) जैसे क्षेत्रों में कम व्यय के कारण है।
तालिका 2: बजट 2026-27 में व्यय (करोड़ रुपए में)
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मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
राजस्व व्यय |
1,25,390 |
1,38,196 |
1,39,500 |
1% |
1,45,000 |
4% |
|
पूंजीगत परिव्यय |
20,055 |
26,341 |
16,300 |
-38% |
26,500 |
63% |
|
राज्य द्वारा दिए गए ऋण |
322 |
463 |
200 |
-57% |
500 |
150% |
|
शुद्ध व्यय |
1,45,766 |
1,65,000 |
1,56,000 |
-5% |
1,72,000 |
10% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, छत्तीसगढ़ बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
प्रतिबद्ध व्यय: राज्य के प्रतिबद्ध व्यय में आम तौर पर वेतन, पेंशन और ब्याज के भुगतान पर व्यय शामिल होता है। बजट के एक बड़े हिस्से को प्रतिबद्ध व्यय की मदों के लिए आवंटित करने से पूंजीगत परिव्यय जैसी अन्य व्यय प्राथमिकताओं पर फैसला लेने का राज्य का लचीलापन सीमित हो जाता है। 2026-27 में छत्तीसगढ़ द्वारा निर्धारित व्यय पर अनुमानित 57,293 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है जो अनुमानित राजस्व प्राप्ति का 40% है। इसमें वेतन (राजस्व प्राप्ति का 26%), पेंशन (6%) और ब्याज भुगतान (8%) पर व्यय शामिल है। 2024-25 में, वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, राजस्व प्राप्ति का 40% निर्धारित व्यय मदों पर खर्च किया गया था।
तालिका 3: 2026-27 में प्रतिबद्ध व्यय (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
वेतन |
30,906 |
36,944 |
34,202 |
-7% |
37,303 |
9% |
|
पेंशन |
8,511 |
10,334 |
9,007 |
-13% |
9,007 |
0% |
|
ब्याज भुगतान |
8,952 |
9,515 |
10,279 |
8% |
10,983 |
7% |
|
कुल |
48,369 |
56,793 |
53,488 |
-6% |
57,293 |
7% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, बजट का संक्षिप्त विवरण, छत्तीसगढ़ बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।
क्षेत्रवार व्यय: 2026-27 के दौरान राज्य के बजटीय व्यय का 74% हिस्सा निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए खर्च किया जाएगा। अनुलग्नक 1 में प्रमुख क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के व्यय की तुलना, अन्य राज्यों से की गई है।
तालिका 4: छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 में क्षेत्रवार व्यय (करोड़ रुपए में)
|
क्षेत्र |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन |
बजटीय प्रावधान |
|
कृषि एवं संबंधित गतिविधियां |
26,905 |
26,754 |
36,011 |
30,708 |
-15% |
|
|
शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति |
21,908 |
26,730 |
22,003 |
27,068 |
23% |
|
|
सामाजिक कल्याण एवं पोषण |
12,557 |
10,710 |
13,231 |
13,323 |
1% |
|
|
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण |
8,972 |
11,205 |
9,826 |
11,153 |
14% |
|
|
ग्रामीण विकास |
5,358 |
7,627 |
5,649 |
9,586 |
70% |
|
|
परिवहन |
7,129 |
8,537 |
5,922 |
9,060 |
53% |
|
|
ऊर्जा |
9,895 |
6,248 |
6,242 |
8,225 |
32% |
|
|
पुलिस |
6,526 |
7,897 |
6,782 |
7,901 |
16% |
|
|
शहरी विकास |
4,245 |
5,601 |
4,878 |
5,847 |
20% |
|
|
आवास |
7,559 |
9,138 |
8,507 |
4,410 |
-48% |
|
|
सभी क्षेत्रों पर कुल व्यय का प्रतिशत |
76% |
73% |
76% |
74% |
|
|
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, छत्तीसगढ़ बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
2026-27 में प्राप्तियां
|
|
तालिका 6: राज्य सरकार की प्राप्तियों का ब्रेकअप (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
राज्य के स्वयं कर |
44,765 |
54,000 |
45,500 |
-16% |
52,000 |
14% |
|
राज्य के स्वयं गैर कर |
17,421 |
22,000 |
21,000 |
-5% |
25,000 |
19% |
|
केंद्रीय करों में हिस्सेदारी |
43,844 |
50,000 |
48,000 |
-4% |
51,000 |
6% |
|
केंद्र से सहायतानुदान |
14,261 |
15,000 |
15,000 |
0% |
15,000 |
0% |
|
राजस्व प्राप्तियां |
1,20,290 |
1,41,000 |
1,29,500 |
-8% |
1,43,000 |
10% |
|
गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां |
28 |
100 |
100 |
0% |
100 |
0% |
|
शुद्ध प्राप्तियां |
1,20,319 |
1,41,100 |
1,29,600 |
-8% |
1,43,100 |
10% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, छत्तीसगढ़ बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
-
2026-27 में राज्य जीएसटी के स्वयं कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत (34% हिस्सा) होने का अनुमान है। राज्य जीएसटी राजस्व में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 21% की वृद्धि होने का अनुमान है। 2025-26 में, एसजीएसटी राजस्व बजट से 21% कम रहने का अनुमान है।
-
2026-27 में बिक्री कर/वैट से राजस्व, 2025-26 के संशोधित अनुमान से मामूली रूप से (1%) कम रहने की उम्मीद है।
-
स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क से राजस्व में 2026-27 में 2025-26 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 41% की वृद्धि होने का अनुमान है। 2025-26 में, इस मद के अंतर्गत राजस्व बजट से 20% कम रहने की उम्मीद है।
तालिका 7: राज्य के स्वयं कर राजस्व के मुख्य स्रोत (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
राज्य जीएसटी |
16,299 |
18,611 |
14,746 |
-21% |
17,780 |
21% |
|
राज्य उत्पाद शुल्क |
10,142 |
12,500 |
11,500 |
-8% |
12,500 |
9% |
|
बिजली पर कर और ड्यूटी |
5,063 |
6,000 |
5,800 |
-3% |
6,500 |
12% |
|
सेल्स टैक्स/वैट |
6,880 |
8,789 |
6,203 |
-29% |
6,166 |
-1% |
|
स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क |
2,969 |
4,000 |
3,200 |
-20% |
4,500 |
41% |
|
वाहन कर |
2,318 |
3,000 |
3,000 |
0% |
3,500 |
17% |
|
भूराजस्व |
819 |
1,000 |
1,000 |
0% |
1,000 |
0% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, छत्तीसगढ़ बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
2026-27 के लिए घाटे और ऋण
छत्तीसगढ़ के राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन एक्ट, 2005 में राज्य सरकार की बकाया देनदारियों, राजस्व घाटे और राजकोषीय घाटे को लगातार कम करने के लक्ष्यों का प्रावधान है।
राजस्व संतुलन: यह सरकार की राजस्व प्राप्तियों और राजस्व व्यय के बीच का अंतर होता है। राजस्व घाटे का यह अर्थ होता है कि सरकार को अपना व्यय पूरा करने के लिए उधार लेने की जरूरत है जोकि भविष्य में पूंजीगत परिसंपत्तियों का सृजन नहीं करेगा और न ही देनदारियों को कम करेगा। बजट में 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपए (या जीडीपी का 0.3%) के राजस्व घाटे का अनुमान लगाया गया है।
राजकोषीय घाटा: यह कुल व्यय और कुल प्राप्तियों के बीच का अंतर होता है। इस अंतर को सरकार द्वारा उधार लेकर पूरा किया जाता है जिससे कुल देनदारियों में वृद्धि होती है। 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.1% (28,900 करोड़ रुपए) होने का अनुमान है। 16वें वित्त आयोग ने 2026-31 की अवधि के लिए राज्यों के वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी का 3% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। उधार सीमा निर्धारित करते समय केंद्र सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय के लिए दिए गए 50 वर्षो के ब्याज मुक्त ऋणों को शामिल नहीं किया जाएगा। 2026-27 में केंद्रीय पूंजीगत व्यय ऋण के लिए 8,500 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 1.2%) का बजट निर्धारित किया गया है।
संशोधित अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.2% (26,400 करोड़ रुपए) रहने की उम्मीद है। यह जीएसडीपी के 3.8% के बजट अनुमान से अधिक है। केंद्रीय पूंजीगत व्यय ऋण (8,000 करोड़ रुपए) को छोड़कर, संशोधित अनुमानों अनुसार 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2.9% रहने की उम्मीद है।
बकाया देनदारियां: बकाया देनदारियां किसी वित्तीय वर्ष के अंत में कुल उधारी का संचय होता है। इसमें भविष्य निधि जैसे सार्वजनिक खातों पर बकाया देनदारियां भी शामिल हैं। 2026-27 के अंत में, बकाया देनदारियां जीएसडीपी का 21.4% होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 21%) से अधिक है। 16वें वित्त आयोग में राज्य के ऋण-से-जीएसडीपी अनुपात में लगातार वृद्धि देखी गई। राज्य की बकाया देनदारियां (जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में) 2011-12 में 11.5% से बढ़कर 2023-24 में 24.7% हो गईं।
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रेखाचित्र 2: राजस्व एवं राजकोषीय संतुलन (जीएसडीपी का %)
नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है। (+) अधिशेष को दर्शाता है और (-) घाटे को दर्शाता है। |
रेखाचित्र 3: बकाया देनदारियां (जीएसडीपी का %)
नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है। |
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बजटेतर उधारियां बजटेतर उधार ऐसे उधार होते हैं जो सीधे सरकार द्वारा नहीं लिए जाते, बल्कि जिनकी मूल राशि और/या ब्याज का भुगतान सरकारी बजट से किया जाता है। कैग के अनुसार, मार्च 2024 तक छत्तीसगढ़ पर 7,293 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 1.4%) का बजटेतर उधार बकाया था। 2017-18 और 2023-24 के बीच राज्य सरकार ने बजटेतर उधार की मूल राशि के रूप में 1,634 करोड़ रुपए चुकाए। इसके अतिरिक्त, तालिका 8 में दर्शाए अनुसार, सरकार ने इन बजटेतर उधारियों पर ब्याज का भी भुगतान किया। 16वें वित्त आयोग ने छत्तीसगढ़ ग्रामीण आवास निगम द्वारा बजटेतर उधार के माध्यम से 1,792 करोड़ रुपए के अनुदान और हस्तांतरण के वित्तपोषण (मार्च 2023 तक) पर गौर किया। उसने बजटेतर उधार की परंपरा को खत्म करने और इस तरह की सभी उधारियों को बजट के दायरे में लाने का सुझाव दिया। |
तालिका 8: बजटेतर उधारियों पर ब्याज भुगतान (करोड़ रुपए में)
स्रोत:कैग; पीआरएस। |
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स्रोत: 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट खंड-I; रिपोर्ट संख्या 3 वर्ष 2025, वर्ष 2023-24 के लिए स्टेट फाइनांस ऑडिट रिपोर्ट, कैग; पीआरएस। |
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बकाया सरकारी गारंटी: राज्यों की बकाया देनदारियों में कुछ अन्य आकस्मिक देनदारियां शामिल नहीं हैं, जिनका भुगतान राज्यों को कुछ मामलों में करना पड़ सकता है। राज्य सरकारें वित्तीय संस्थानों से राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (एसपीएसई) के ऋणों की गारंटी देती हैं। जनवरी 2026 तक, बकाया गारंटी लगभग 17,888 करोड़ रुपए (2025-26 के जीएसडीपी का 2.8%) होने का अनुमान है। यह मार्च 2025 के अंत में बकाया गारंटी (20,763 करोड़ रुपए) से 14% कम है।
अनुलग्नक 1: मुख्य क्षेत्रों में राज्य के व्यय की तुलना
निम्नलिखित रेखाचित्रों में छत्तीसगढ़ द्वारा 2026-27 में छह प्रमुख क्षेत्रों पर किए गए व्यय की तुलना सभी क्षेत्रों पर किए गए कुल व्यय के अनुपात से की गई है। क्षेत्र के लिए औसत, उस क्षेत्र में 31 राज्यों (छत्तीसगढ़ सहित) द्वारा किए जाने वाले औसत व्यय (2025-26 के बजटीय अनुमानों के आधार पर) को इंगित करता है।[1]
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शिक्षा: छत्तीसगढ़ ने 2026-27 में अपने व्यय का 15.8% शिक्षा के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा शिक्षा के लिए आवंटित औसत राशि (14.5%) से अधिक है।
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स्वास्थ्य: छत्तीसगढ़ ने 2026-27 में अपने व्यय का 6.5% स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा स्वास्थ्य के लिए आवंटित औसत राशि (6.2%) से मामूली रूप से अधिक है।
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ग्रामीण विकास: छत्तीसगढ़ ने 2026-27 में अपने व्यय का 5.6% ग्रामीण विकास के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा ग्रामीण विकास के लिए आवंटित औसत राशि (4.9%) से अधिक है।
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कृषि: छत्तीसगढ़ ने 2026-27 में अपने व्यय का 17.9% कृषि के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा कृषि के लिए आवंटित औसत राशि (5.7%) से काफी अधिक है।
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सड़कें और पुल: छत्तीसगढ़ ने 2026-27 में अपने व्यय का 5.1% सड़कों और पुलों के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा सड़कों और पुलों के लिए आवंटित औसत राशि (4.3%) से अधिक है।
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सिंचाई: छत्तीसगढ़ ने 2026-27 में अपने व्यय का 2.6% सिंचाई के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा सिंचाई के लिए आवंटित औसत राशि (3.4%) से कम है।
नोट: 2024-25, 2025-26 (बअ), 2025-26 (संअ), और 2026-27 (बअ) के आंकड़े छत्तीसगढ़ के हैं।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय वक्तव्य, छत्तीसगढ़ बजट दस्तावेज 2026-27; विभिन्न राज्य बजट; पीआरएस।
अनुलग्नक 2: 2026-31 के लिए 16वें वित्त आयोग के सुझाव
16वें वित्त आयोग (चेयर: डॉ. अरविंद पनगढ़िया) की रिपोर्ट 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश की गई। उसके सुझाव 2026-27 से 2030-31 तक की पांच-वर्षीय अवधि के लिए लागू होंगे। 16वें आयोग (एफसी) ने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों के हिस्से को 41% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। यह हिस्सा 15वें वित्त आयोग की अवधि (2021-26) के समान ही अपरिवर्तित बना हुआ है। विभाज्य पूल की गणना केंद्रीय सरकार द्वारा जुटाए गए कुल कर राजस्व में से कर वसूलने की लागत, उपकर और अधिभारों को घटाने के बाद की जाती है। 16वें वित्त आयोग ने राज्यों के हिस्से के निर्धारण के लिए संशोधित मानदंड प्रस्तावित किए हैं। 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट का संक्षिप्त सारांश यहां देखें। 16वें वित्त आयोग के सुझावों के आधार पर, छत्तीसगढ़ को 2026-31 की अवधि के लिए केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में 3.30% हिस्सा मिलेगा।
16वें वित्त आयोग ने पांच वर्षों की अवधि में 9.47 लाख करोड़ रुपए के अनुदानों का सुझाव दिया है। इनमें निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए अनुदान शामिल हैं: (i) शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकाय, और (ii) आपदा प्रबंधन। 16वें वित्त आयोग ने 15वें वित्त आयोग द्वारा सुझाए गए निम्नलिखित अनुदानों को बंद कर दिया है: (i) राजस्व घाटा अनुदान, (ii) शिक्षा, न्याय, सांख्यिकी और कृषि के लिए क्षेत्र-विशिष्ट अनुदान, और (iii) राज्य-विशिष्ट अनुदान। 2026-31 की अवधि के लिए छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्तावित अनुदानों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) शहरी स्थानीय निकायों के लिए 4,990 करोड़ रुपए, (ii) ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 11,664 करोड़ रुपए, और (iii) आपदा प्रबंधन अनुदान के रूप में 2,481 करोड़ रुपए। इसके अतिरिक्त रायपुर अपशिष्ट जल प्रबंधन प्रणाली के विकास के लिए विशेष अवसंरचना अनुदान (5,000 करोड़ रुपए तक) का पात्र होगा। राज्यों को एक लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले आस-पास के बड़े शहरी स्थानीय निकाय में अर्ध-शहरी गांवों के विलय के लिए एकमुश्त अनुदान भी प्राप्त होगा।
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तालिका 9: केंद्र द्वारा हस्तांतरित करों में प्रत्येक राज्य का हिस्सा (100 में से)
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तालिका 10: 2026-31 के लिए राज्यवार अनुदान सहायता का विवरण (करोड़ रुपए में)
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स्रोत: 14वें, 15वें और 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट्स; पीआरएस।
तालिका 11: केंद्रीय बजट 2026-27 के अनुसार राज्यों को हस्तांतरित कर (करोड़ रुपए में)
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राज्य |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 संशोधित |
2026-27 बजटीय |
|
आंध्र प्रदेश |
51,564 |
56,374 |
64,362 |
|
अरुणाचल प्रदेश |
22,386 |
24,475 |
20,665 |
|
असम |
39,855 |
43,572 |
49,725 |
|
बिहार |
1,28,151 |
1,40,105 |
1,51,832 |
|
छत्तीसगढ़ |
43,409 |
47,459 |
50,427 |
|
गोवा |
4,918 |
5,377 |
5,571 |
|
गुजरात |
44,314 |
48,448 |
57,311 |
|
हरियाणा |
13,926 |
15,225 |
20,772 |
|
हिमाचल प्रदेश |
10,575 |
11,562 |
13,950 |
|
झारखंड |
42,135 |
46,066 |
51,236 |
|
कर्नाटक |
46,467 |
50,802 |
63,050 |
|
केरल |
24,527 |
26,815 |
36,355 |
|
मध्य प्रदेश |
1,00,019 |
1,09,348 |
1,12,134 |
|
महाराष्ट्र |
80,486 |
87,994 |
98,306 |
|
मणिपुर |
9,123 |
9,974 |
9,554 |
|
मेघालय |
9,773 |
10,684 |
9,631 |
|
मिजोरम |
6,371 |
6,965 |
8,608 |
|
नागालैंड |
7,250 |
7,926 |
7,341 |
|
ओड़िशा |
57,692 |
63,074 |
67,460 |
|
पंजाब |
23,023 |
25,171 |
30,464 |
|
राजस्थान |
76,779 |
83,940 |
90,446 |
|
सिक्किम |
4,944 |
5,405 |
5,113 |
|
तमिलनाडु |
51,971 |
56,819 |
62,531 |
|
तेलंगाना |
26,782 |
29,280 |
33,181 |
|
त्रिपुरा |
9,021 |
9,862 |
9,783 |
|
उत्तर प्रदेश |
2,28,565 |
2,49,885 |
2,68,911 |
|
उत्तराखंड |
14,245 |
15,573 |
17,415 |
|
पश्चिम बंगाल |
95,852 |
1,04,793 |
1,10,119 |
|
कुल |
12,74,121 |
13,92,971 |
15,26,255 |
नोट: 2024-25 के वास्तविक आंकड़े और 2025-26 के संशोधित अनुमान पिछले वर्षों में हुए अतिरिक्त या कम हस्तांतरण को समायोजित करने के बाद केंद्रीय बजट में प्रस्तुत किए गए हैं।
स्रोत: केंद्रीय बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।
अनुलग्नक 3: 2024-25 के बजटीय अनुमानों और वास्तविक के बीच तुलना
यहां तालिकाओं में 2024-25 के वास्तविक के साथ उस वर्ष के बजटीय अनुमानों के बीच तुलना की गई है।
तालिका 12: प्राप्तियों और व्यय की झलक (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 बअ |
2024-25 वास्तविक |
बअ से वास्तविक में परिवर्तन का % |
|
शुद्ध प्राप्तियां (1+2) |
1,26,050 |
1,20,319 |
-5% |
|
1. राजस्व प्राप्तियां (क+ख+ग+घ) |
1,25,900 |
1,20,290 |
-4% |
|
क. स्वयं कर राजस्व |
49,700 |
44,765 |
-10% |
|
ख. स्वयं गैर कर राजस्व |
18,700 |
17,421 |
-7% |
|
ग. केंद्रीय करों में हिस्सा |
44,000 |
43,844 |
-0.4% |
|
घ. केंद्र से सहायतानुदान |
13,500 |
14,261 |
6% |
|
2. गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां |
150 |
28 |
-81% |
|
3. उधारियां |
29,110 |
33,463 |
15% |
|
इनमें केंद्रीय कैपेक्स लोन |
3,400 |
6,104 |
80% |
|
शुद्ध व्यय (4+5+6) |
1,47,440 |
1,45,766 |
-1% |
|
4. राजस्व व्यय |
1,24,840 |
1,25,390 |
0.4% |
|
5. पूंजीगत परिव्यय |
22,300 |
20,055 |
-10% |
|
6. ऋण और अग्रिम |
300 |
322 |
7% |
|
7. ऋण पुनर्भुगतान |
9,360 |
10,871 |
16% |
|
राजस्व संतुलन* |
1,060 |
-5,099 |
-581% |
|
राजस्व संतुलन (जीएसडीपी का %) |
0.19% |
-0.90% |
|
|
राजकोषीय घाटा |
21,390 |
25,447 |
19% |
|
राजकोषीय घाटा (जीएसडीपी का %) |
3.81% |
4.50% |
|
नोट: * (+) अधिशेष का संकेत है और (-) घाटे का संकेत है।
स्रोत: छत्तीसगढ़ के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।
तालिका 13: राज्य के स्वयं कर राजस्व के घटक (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 बअ |
2024-25 वास्तविक |
बअ से वास्तविक में परिवर्तन का % |
|
भूराजस्व |
1,200 |
819 |
-32% |
|
सेल्स टैक्स/वैट |
9,960 |
6,880 |
-31% |
|
राज्य उत्पाद शुल्क |
11,000 |
10,142 |
-8% |
|
राज्य जीएसटी |
17,446 |
16,299 |
-7% |
|
बिजली पर टैक्स और ड्यूटी |
5,000 |
5,063 |
1% |
|
वाहन कर |
2,200 |
2,318 |
5% |
|
स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क |
2,800 |
2,969 |
6% |
स्रोत: छत्तीसगढ़ के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।
तालिका 14: मुख्य क्षेत्रों के लिए आवंटन (करोड़ रुपए में)
|
क्षेत्र |
2024-25 बअ |
2024-25 वास्तविक |
बअ से वास्तविक में परिवर्तन का % |
|
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण |
1,262 |
555 |
-56% |
|
जलापूर्ति और स्वच्छता |
5,437 |
3,733 |
-31% |
|
ग्रामीण विकास |
7,414 |
5,358 |
-28% |
|
शहरी विकास |
5,296 |
4,245 |
-20% |
|
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण |
10,459 |
8,972 |
-14% |
|
शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति |
25,340 |
21,908 |
-14% |
|
आवास |
8,548 |
7,559 |
-12% |
|
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण |
2,923 |
2,630 |
-10% |
|
पुलिस |
7,134 |
6,526 |
-9% |
|
परिवहन |
6,939 |
7,129 |
3% |
|
जिसमें सड़कें और पुल शामिल हैं |
6,855 |
7,081 |
3% |
|
कृषि एवं संबंधित गतिविधियां |
23,357 |
26,905 |
15% |
|
ऊर्जा |
7,224 |
9,895 |
37% |
|
सामाजिक कल्याण एवं पोषण |
8,073 |
12,557 |
56% |
स्रोत: छत्तीसगढ़ के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।
[1] 31 राज्यों में दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर और पुद्दूचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत रिपोर्ट आपके समक्ष सूचना प्रदान करने के लिए प्रस्तुत की गई है। पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च (पीआरएस) के नाम उल्लेख के साथ इस रिपोर्ट का पूर्ण रूपेण या आंशिक रूप से गैर व्यावसायिक उद्देश्य के लिए पुनःप्रयोग या पुनर्वितरण किया जा सकता है। रिपोर्ट में प्रस्तुत विचार के लिए अंततः लेखक या लेखिका उत्तरदायी हैं। यद्यपि पीआरएस विश्वसनीय और व्यापक सूचना का प्रयोग करने का हर संभव प्रयास करता है किंतु पीआरएस दावा नहीं करता कि प्रस्तुत रिपोर्ट की सामग्री सही या पूर्ण है। पीआरएस एक स्वतंत्र, अलाभकारी समूह है। रिपोर्ट को इसे प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के उद्देश्यों अथवा विचारों से निरपेक्ष होकर तैयार किया गया है। यह सारांश मूल रूप से अंग्रेजी में तैयार किया गया था। हिंदी रूपांतरण में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता की स्थिति में अंग्रेजी के मूल सारांश से इसकी पुष्टि की जा सकती है।

