झारखंड के वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर ने 3 मार्च, 2025 को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट पेश किया।
बजट के मुख्य अंश
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2025-26 के लिए झारखंड का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) (मौजूदा कीमतों पर) 5,56,286 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जिसमें 2024-25 की तुलना में 10% की वृद्धि है।
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2025-26 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 1,36,653 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो 2024-25 के संशोधित अनुमान से 12% अधिक है। इसके अलावा राज्य को 8,747 करोड़ रुपए का कर्ज भी चुकाना होगा।
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2025-26 के लिए प्राप्तियां (उधारियों को छोड़कर) 1,25,400 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जिसमें 2024-25 के संशोधित अनुमान की तुलना में 13% की वृद्धि है।
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2025-26 में राजस्व अधिशेष जीएसडीपी का 2.6% (14,517 करोड़ रुपए) होने का अनुमान है, जबकि 2024-25 में संशोधित अनुमान चरण में राजस्व अधिशेष जीएसडीपी का 2.3% (11,864 करोड़ रुपए) था।
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2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 2% (11,253 करोड़ रुपए) पर लक्षित है। 2024-25 में, संशोधित अनुमान के अनुसार, राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2.3% होने की उम्मीद है जो 2% के बजटीय अनुमान से अधिक है।
नीतिगत विशिष्टताएं
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उच्च शिक्षा: उच्च शिक्षा में शोध को बढ़ावा देने के लिए सरकार झारखंड स्टूडेंट रिसर्च एंड इनोवेशन पॉलिसी, 2025 पेश करेगी। कौशल और फिन-टेक के लिए दो विश्वविद्यालय भी स्थापित किए जाएंगे।
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कौशल विकास: राज्य में युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कौशल विकास मिशन हेतु 585 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
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पशुपालन: पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना को 255 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके तहत 79,000 लाभार्थी लाभान्वित होंगे।
झारखंड की अर्थव्यवस्था
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रेखाचित्र 1: झारखंड में स्थिर मूल्यों पर (2011-12) जीएसडीपी नोट: ये आंकड़े स्थिर कीमतों (2011-12) के अनुसार हैं, जिसका अर्थ है कि विकास दर को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया गया है। |
2025-26 के बजट अनुमान
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2025-26 में 1,36,653 करोड़ रुपए के कुल व्यय (ऋण भुगतान को छोड़कर) का लक्ष्य है। यह 2024-25 के संशोधित अनुमान से 12% की वृद्धि है। इस व्यय को 1,25,400 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (उधारियों को छोड़कर) और 11,253 करोड़ रुपए की शुद्ध उधारी के माध्यम से पूरा करने का प्रस्ताव है। 2025-26 के लिए कुल प्राप्तियों (उधारियों के अलावा) में 2024-25 के संशोधित अनुमान से 13% की वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है।
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राज्य का अनुमान है कि 2025-26 में जीएसडीपी का 2.6% राजस्व अधिशेष (14,517 करोड़ रुपए) होगा, जबकि 2024-25 के संशोधित अनुमान चरण में जीएसडीपी का 2.3% राजस्व अधिशेष होगा।
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2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 2% (11,253 करोड़ रुपए) पर लक्षित है, जो 2024-25 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 2.3%) से कम है। वर्ष 2025-26 के लिए राज्यों के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी के 3.5% पर निर्धारित की गई है, जिसमें से 0.5% राज्यों द्वारा बिजली क्षेत्र में सुधार के कारण है।