दिल्ली की वित्तमंत्री सुश्री अतिशी ने 4 मार्च, 2024 को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया।

बजट के मुख्य अंश

  • 2024-25 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 71,086 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2023-24 के संशोधित अनुमान से 2% अधिक है। 2024-25 में राज्य द्वारा 4,914 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाने का अनुमान है। संशोधित अनुमान के अनुसार, 2023-24 में व्यय बजट अनुमान से 5.2% कम होने की उम्मीद है।

  • 2024-25 के लिए प्राप्तियां (उधारियों को छोड़कर) 64,521 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जिसमें 2023-24 के संशोधित अनुमान की तुलना में 4% की वृद्धि है।

  • 2024-25 में राजस्व अधिशेष 3,231 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2023-24 के संशोधित अनुमान (4,966 करोड़ रुपए) से 35% कम है। 2023-24 में राजस्व अधिशेष 2022-23 के वास्तविक आंकड़े (14,457 करोड़ रुपए) से 65% कम होने का अनुमान है।

  • 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटा 6,565 करोड़  रुपए अनुमानित है, जो 2023-24 के संशोधित अनुमान की तुलना में 17% कम है। 2023-24 में, संशोधित चरण में, राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 0.7% (7,878 करोड़ रुपए) होने का अनुमान है। 2022-23 में दिल्ली ने राजकोषीय अधिशेष (जीएसडीपी का 0.4%) दर्ज किया है।   

नीतिगत विशिष्टताएं

  • मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना: आयकर देने वाली महिलाओं, मौजूदा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत आने वाली महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर प्रत्येक वयस्क महिला को प्रति माह 1,000 रुपए प्रदान किए जाएंगे। 2024-25 में इस योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

  • ई-बसें: लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए 2024-25 में 2,808 ई-बसें खरीदी जाएंगी। 2025 तक, दिल्ली में 10,000 से अधिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 80% ई-बसें होंगी।

  • मेट्रो कनेक्टिविटी: दिल्ली मेट्रो के चरण-4 पर काम जल्द ही शुरू होगा। इसमें तीन मेट्रो कॉरिडोर के 45 स्टेशन शामिल होंगे। इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 65 किलोमीटर होगी।

  • स्टार्टअप्स के लिए सीड मनी: बिजनेस ब्लास्टर्स सीनियर योजना के तहत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को स्टार्टअप्स के लिए सीड मनी और सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के लिए 15 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

दिल्ली की अर्थव्यवस्था

  • जीएसडीपी: 2023-24 में दिल्ली की जीएसडीपी (स्थिर कीमतों पर) 7.4% बढ़ने की उम्मीद है। इसकी तुलना में, 2023-24 में राष्ट्रीय जीडीपी 7.6% बढ़ने का अनुमान है।

  • क्षेत्र: 2023-24 में कृषि, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में क्रमशः 2%, 13% और 85% योगदान देने का अनुमान है (मौजूदा कीमतों पर)।

  • 2023-24 में सेवा क्षेत्र (स्थिर कीमतों पर) 7.4% बढ़ने का अनुमान है। यह 2022-23 की वृद्धि दर (8.7%) से कम है।

  • प्रति व्यक्ति जीएसडीपी: 2023-24 में (मौजूदा कीमतों पर) प्रति व्यक्ति जीएसडीपी 5,13,131 रुपए अनुमानित है, जो 2022-23 (4,78,739 रुपए) से 7.2% अधिक है।

रेखाचित्र 1: दिल्ली में स्थिर मूल्यों पर (2011-12) जीएसडीपी और विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि)

नोट: कृषि में खनन और उत्खनन शामिल है; मैन्यूफैक्चरिंग में निर्माण और बिजली शामिल है। ये आंकड़े स्थिर कीमतों (2011-12) के अनुसार हैं, जिसका अर्थ है कि विकास दर को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया गया है। स्रोत: दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25; पीआरएस।

2024-25 के लिए बजट अनुमान

  • 2024-25 में कुल व्यय (ऋण भुगतान को छोड़कर) 71,086 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। इसमें 2023-24 के संशोधित अनुमान से 1.7% की वृद्धि है। संशोधित अनुमान के अनुसार 2023-24 में व्यय बजट अनुमान से 5.2% कम रहने की उम्मीद है।

  • 2024-25 में व्यय को 64,521 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (उधारियों को छोड़कर) और 5,086 करोड़ रुपए की शुद्ध उधारी के माध्यम से पूरा करने का प्रस्ताव है। 2024-25 में कुल प्राप्तियों (उधार के अलावा) में 2023-24 के संशोधित अनुमान की तुलना में 4% की वृद्धि की उम्मीद है।

  • 2024-25 में राजस्व अधिशेष 3,231 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2023-24 के संशोधित अनुमान से 35% कम है। 2024-25 में 6,565 करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य है, जो 2023-24 के संशोधित अनुमान (7,878 करोड़ रुपए) से 17% कम है।

  • उल्लेखनीय है कि दिल्ली के बजट में कुछ प्रमुख क्षेत्रों पर व्यय शामिल नहीं है। उदाहरण के लिए, दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है। 2024-25 में दिल्ली पुलिस के स्थापना व्यय के लिए केंद्रीय बजट से 11,178 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

तालिका 1: बजट 2024-25 के मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)

मद

2022-23 वास्तविक

2023-24 बजटीय

2023-24 संशोधित

बअ 2023-24 से संअ 2023-24 में परिवर्तन का %

2024-25 बजटीय

संअ 2023-24 से बअ 2024-25 में परिवर्तन का %

कुल व्यय

64,110

78,800

74,900

-4.9%

76,000

1.5%

(-) ऋण का पुनर्भुगतान

4,715

5,040

4,994

-0.9%

4,914

-1.6%

शुद्ध व्यय (E)

59,395

73,760

69,906

-5.2%

71,086

1.7%

कुल प्राप्तियां

67,212

73,374

62,029

-15.5%

74,521

20.1%

(-) उधारियां 

3,251

10,000

0.01

-100%

10,000

100000000%

शुद्ध प्राप्तियां (R)

63,961

63,374

62,028

-2.1%

64,521

4.0%

राजकोषीय संतुलन (R-E)

4,565

-10,386

-7,878

-24.1%

-6,565

-16.7%

जीएसडीपी का %

0.4%

-

-0.7%

-

-

-

राजस्व अधिशेष

14,457

5,769

4,966

-13.9%

3,231

-34.9%

जीएसडीपी का %

1.4%

-

0.4%

-

-

-

प्राथमिक संतुलन

7,832

-7,291

-4,783

-34.4%

-3,899

-18.5%

जीएसडीपी का %

0.8%

-

-0.4%

-

-

-

जीएसडीपी*

10,14,866

-

11,07,746

-

-

-

नोट: बअ बजट अनुमान है; संअ संशोधित अनुमान है। राजकोषीय संतुलन और प्राथमिक संतुलन के लिए नेगेटिव (-) आंकड़े घाटे का संकेत देते हैं। *बजट स्तर पर जीएसडीपी का अनुमान 2023-24 और 2024-25 दोनों के लिए उपलब्ध नहीं है।
स्रोत: दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24; वार्षिक वित्तीय विवरण
, दिल्ली बजट 2024-25; पीआरएस।

2024-25 में व्यय

  • 2024-25 के लिए राजस्व व्यय 60,911 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो 2023-24 के संशोधित अनुमान से 8% अधिक है। राजस्व व्यय में वेतन, पेंशन, ब्याज और सबसिडी पर व्यय शामिल है।

  • 2024-25 के लिए पूंजीगत परिव्यय 5,919 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो 2023-24 के संशोधित अनुमान से 29% कम है। 2023-24 के संशोधित अनुमान की तुलना में 2024-25 में जिन क्षेत्रों में पूंजीगत परिव्यय में गिरावट का अनुमान है, वे इस प्रकार हैं: (i) परिवहन (2,433 करोड़ रुपए की गिरावट), (ii) शिक्षा (543 करोड़ रुपए की गिरावट), और (iii) स्वास्थ्य (402 करोड़ रुपए की गिरावट)।

  • 2023-24 में दिल्ली का पूंजी परिव्यय बजट से 25% कम होने का अनुमान है। पूंजीगत परिव्यय परिसंपत्तियों के निर्माण पर होने वाले व्यय को दर्शाता है। बजट अनुमान की तुलना में जिन क्षेत्रों में पूंजीगत परिव्यय में कमी आई है, वे इस प्रकार हैं: (i) सड़कें और पुल (950 करोड़ रुपए की गिरावट), (ii) शहरी विकास (776 करोड़ रुपए की गिरावट), और (iii) स्वास्थ्य (742 करोड़ रुपए की गिरावट)।

  • 2015-16 और 2021-22 के बीच, दिल्ली ने पूंजीगत परिव्यय पर औसतन बजट से 39% कम खर्च किया। विभिन्न राज्यों ने पूंजीगत परिव्यय की तुलना में जितना औसत कम खर्च किया, यह उसकी तुलना में बहुत अधिक है (19%)।

तालिका 2: बजट 2024-25 में व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2022-23 वास्तविक

2023-24 बजटीय

2023-24 संशोधित

बअ 2023-24 से संअ 2023-24 में परिवर्तन का %

2024-25 बजटीय

संअ 2023-24 से बअ 2024-25 में परिवर्तन का %

राजस्व व्यय

48,246

56,983

56,440

-1%

60,911

8%

पूंजीगत परिव्यय

8,065

11,189

8,338

-25%

5,919

-29%

राज्य द्वारा दिए गए ऋण 

3,084

5,587

5,128

-8%

4,256

-17%

शुद्ध व्यय

59,395

73,760

69,906

-5%

71,086

2%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, दिल्ली बजट 2024-25; पीआरएस।

प्रतिबद्ध व्यय: राज्य के प्रतिबद्ध व्यय में आम तौर पर वेतन, पेंशन और ब्याज के भुगतान पर व्यय शामिल होता है। बजट के एक बड़े हिस्से को प्रतिबद्ध व्यय की मदों के लिए आवंटित करने से पूंजीगत परिव्यय जैसी अन्य व्यय प्राथमिकताओं पर फैसला लेने का राज्य का लचीलापन सीमित हो जाता है। 2024-25 में दिल्ली में पेंशन और ब्याज भुगतान पर 2,669 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, जो इसकी राजस्व प्राप्तियों का 4% है। बजट में वेतन के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

कैग (2022) के अनुसार, 2019-20 में दिल्ली सरकार ने अपनी राजस्व प्राप्तियों का 29% प्रतिबद्ध व्यय के लिए खर्च किया। 2019-20 में वेतन और मजदूरी पर व्यय 11,070 करोड़ रुपए (राजस्व प्राप्तियों का 23%) था। 2019-20 में ब्याज और पेंशन व्यय क्रमशः 2,752 करोड़ रुपए (राजस्व प्राप्तियों का 6%) और 4 करोड़ रुपए था।

तालिका 3: 2024-25 में पेंशन और ब्याज व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2022-23 वास्तविक

2023-24 बजटीय

2023-24 संशोधित

बअ 2023-24 से संअ 2023-24 में परिवर्तन का %

2024-25 बजटीय

संअ 2023-24 से बअ 2024-25 में परिवर्तन का %

पेंशन

2

3

3

0%

3

0%

ब्याज भुगतान

3,266

3,094

3,094

0%

2,666

-14%

 स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, दिल्ली बजट 2024-25; पीआरएस। 

क्षेत्रवार व्यय: 2024-25 के दौरान दिल्ली के बजटीय व्यय का 78% हिस्सा निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए खर्च किया जाएगा। अनुलग्नक 1 में प्रमुख क्षेत्रों में दिल्ली के व्यय की तुलना, अन्य राज्यों से की गई है।

तालिका 4: दिल्ली बजट 2024-25 में क्षेत्रवार व्यय (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2022-23 वास्तविक

2023-24 बजटीय

2023-24 संशोधित

2024-25 बजटीय

संअ 2023-24 से बअ 2024-25 में परिवर्तन का %

बजटीय प्रावधान 2024-25

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

14,071

16,574

15,727

16,146

3%

  • माध्यमिक शिक्षा के लिए 11,296 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

8,250

9,742

8,969

8,685

-3%

  • शहरी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,982 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

परिवहन

7,822

8,481

10,226

6,865

-33%

  • दिल्ली परिवहन निगम के अनुदान के लिए 2,600 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

समाज कल्याण एवं पोषण

4,170

4,794

4,478

6,437

44%

  • मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

शहरी विकास

2,632

4,455

3,053

4,290

41%

  • अमृत 2.0 के तहत स्थानीय निकायों को अनुदान के लिए 1,110 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

जलापूर्ति एवं स्वच्छता

1,747

2,866

2,547

3,442

34%

  • दिल्ली जल बोर्ड को अनुदान के लिए 1,500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
  • अनाधिकृत कॉलोनियों में सीवेज सुविधा के लिए 836 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ऊर्जा

3,183

3,348

3,409

3,350

-2%

  • उपभोक्ताओं को बिजली सबसिडी के लिए 3,250 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

ग्रामीण विकास

129

152

221

922

316%

  • ग्रामीण गांवों के एकीकृत विकास के लिए विलेज बोर्ड को 730 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

पुलिस

91

398

180

338

88%

  • निर्भया फंड के तहत सेफ सिटी प्रोजेक्ट के लिए 242 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण

380

603

373

302

-19%

  • जल निकासी के लिए 210 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

सभी क्षेत्रों पर कुल व्यय का %

79%

79%

80%

78%

-2%

 

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, दिल्ली बजट 2024-25; पीआरएस।

2024-25 में प्राप्तियां

  • 2024-25 के लिए कुल राजस्व प्राप्तियां 64,142 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जिसमें 2023-24 के संशोधित अनुमान से 4% की वृद्धि है। इसमें से 59,750 करोड़ रुपए (93%) राज्य अपने संसाधनों से जुटाएगा, और 4,392 करोड़ रुपए (7%) केंद्र से सहायता अनुदान के रूप में आएंगे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली को केंद्रीय करों में हिस्सा नहीं मिलता है।

  • 2024-25 में केंद्र से अनुदान 4,392 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो 2023-24 के संशोधित अनुमान से 9% कम है। 2023-24 में, संशोधित अनुमान के अनुसार, अनुदान बजट अनुमान से 40% कम होने की उम्मीद है। यह कमी जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान (2,302 करोड़ रुपए कम) और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अनुदान (989 करोड़ रुपए कम) से अनुमानित कम प्राप्तियों के कारण है।

  • राज्य का स्वयं कर राजस्व: दिल्ली का कुल स्वयं कर राजस्व 2024-25 में 58,750 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2023-24 के संशोधित अनुमान से 6% अधिक है।

  • राज्य का स्वयं गैर कर राजस्व: दिल्ली का स्वयं गैर कर राजस्व 2024-25 में 1,000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। इसमें 2023-24 के संशोधित अनुमान से 27% की कमी है। 2023-24 में गैर कर राजस्व बजट अनुमान से 30% अधिक होने का अनुमान है। ये अंतर मुख्य रूप से चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से गैर-कर राजस्व में भिन्नता के कारण हैं। 2023-24 के संशोधित अनुमान के अनुसार, चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से राजस्व बजट से 285% अधिक (339 करोड़ रुपए अधिक) होने का अनुमान है। 2024-25 में इस मद में प्राप्तियां 2023-24 के संशोधित अनुमान की तुलना में 74% (338 करोड़ रुपए कम) कम होने का अनुमान है।

तालिका 5: राज्य सरकार की प्राप्तियों का ब्रेकअप (करोड़ रुपए में)

मद

2022-23 वास्तविक

2023-24 बजटीय

2023-24 संशोधित

बअ 2023-24 से संअ 2023-24 में परिवर्तन का %

2024-25 बजटीय

संअ 2023-24 से बअ 2024-25 में परिवर्तन का %

राज्य के स्वयं कर

47,363

53,565

55,200

3%

58,750

6%

राज्य के स्वयं गैर कर

581

1,050

1,361

30%

1,000

-27%

केंद्र से सहायतानुदान

14,769

8,137

4,846

-40%

4,392

-9%

राजस्व प्राप्तियां

62,703

62,752

61,406

-2%

64,142

4%

गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

1,258

622

622

0%

379

-39%

शुद्ध प्राप्तियां 

63,961

63,374

62,028

-2.1%

64,251

4%

बअ बजट अनुमान हैं, और संअ संशोधित अनुमान। स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, दिल्ली बजट 2024-25; पीआरएस।

  • 2024-25 में राज्य जीएसटी स्वयं कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत (53% हिस्सा) होने का अनुमान है। राज्य जीएसटी राजस्व में 2023-24 के संशोधित अनुमान की तुलना में 6% की वृद्धि अनुमानित है।

  • 2023-24 के संशोधित अनुमान की तुलना में 2024-25 में स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क से राजस्व में 9% की वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है।

  • 2023-24 के संशोधित अनुमान के अनुसार, कुछ स्वयं कर स्रोतों से राजस्व बजट अनुमान से अधिक होने का अनुमान है। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क (18% अधिक), बिक्री कर/वैट (16%), और वाहन कर (10%)।

तालिका 6 : राज्य के स्वयं कर राजस्व के मुख्य स्रोत (करोड़ रुपए में)

मद

2022-23 वास्तविक

2023-24 बजटीय

2023-24 संशोधित

बअ 2023-24 से संअ 2023-24 में परिवर्तन का %

2024-25 बजटीय

संअ 2023-24 से बअ 2024-25 में परिवर्तन का %

राज्य जीएसटी

27,324

31,500

32,200

2%

34,000

6%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

6,023

5,997

7,100

18%

7,750

9%

सेल्स टैक्स/वैट 

5,582

5,700

6,600

16%

7,000

6%

राज्य उत्पाद शुल्क

5,548

7,365

6,000

-19%

6,400

7%

वाहन कर

2,884

3,000

3,300

10%

3,600

9%

भूराजस्व

0.01

3

0.03

-99%

0.03

0%

जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान

12,817

3,802

1,500

-61%

-

-100%

स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, राजस्व बजट और दिल्ली बजट 2024-25; पीआरएस।

अनुलग्नक 1: मुख्य क्षेत्रों में राज्य के व्यय की तुलना

निम्नलिखित रेखाचित्रों में 2024-25 में छह मुख्य क्षेत्रों में अन्य राज्यों के औसत व्यय के अनुपात में दिल्ली के कुल व्यय की तुलना की गई है। क्षेत्र के लिए औसत, उस क्षेत्र में 31 राज्यों (दिल्ली सहित) द्वारा किए जाने वाले औसत व्यय (2023-24 के बजटीय अनुमानों के आधार पर) को इंगित करता है।[1]  उल्लेखनीय है कि दिल्ली में क्षेत्रीय खर्च अन्य राज्यों से भिन्न हो सकता है क्योंकि पुलिस केंद्र के तहत है, और राज्य में ग्रामीण या कृषि क्षेत्र न के बराबर है।

  • शिक्षा: 2024-25 में दिल्ली ने शिक्षा के लिए कुल व्यय का 24.2% आवंटित किया है। यह 2023-24 में राज्यों द्वारा शिक्षा के लिए औसत आवंटन (14.7%) से काफी अधिक है।

  • स्वास्थ्य: दिल्ली ने अपने कुल व्यय का 13% स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया है, जो राज्यों द्वारा स्वास्थ्य के लिए औसत आवंटन (6.2%) से काफी अधिक है।

  • सड़कें और पुल: दिल्ली ने सड़कों और पुलों पर अपने व्यय का 2.6% आवंटित किया है। यह राज्यों द्वारा सड़कों और पुलों के लिए औसत आवंटन (4.6%) से काफी कम है।

  • ऊर्जा: दिल्ली ने अपने व्यय का 5% ऊर्जा के लिए आवंटित किया है। यह राज्यों द्वारा ऊर्जा के लिए औसत आवंटन (4.7%) से अधिक है।

  • जलापूर्ति और स्वच्छता: दिल्ली ने अपने कुल व्यय का 5.2% जलापूर्ति और स्वच्छता के लिए आवंटित किया है, जो राज्यों द्वारा जलापूर्ति और स्वच्छता पर औसत व्यय (2.7%) से अधिक है।

  • शहरी विकास: दिल्ली ने शहरी विकास के लिए अपने कुल व्यय का 6.4% आवंटित किया है, जो राज्यों द्वारा औसत आवंटन (3.4%) से अधिक है।

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नोट: 2022-23, 2023-24 (BE), 2023-24 (RE), और 2024-25 (BE) के आंकड़े दिल्ली के लिए हैं।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, दिल्ली बजट 2024-25; विभिन्न राज्य बजट; पीआरएस।

[1]31 राज्यों में दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर और पुद्दूचेरी केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

अनुलग्नक 2: 2022-23 के बजटीय अनुमानों और वास्तविक के बीच तुलना

यहां तालिकाओं में 2022-23 के वास्तविक के साथ उस वर्ष के बजटीय अनुमानों के बीच तुलना की गई है।

तालिका 7: प्राप्तियों और व्यय की झलक (करोड़ रुपए में)

मद

2022-23 बअ

2022-23 वास्तविक

बअ से वास्तविक में % परिवर्तन

शुद्ध प्राप्तियां (1+2)

61,891

63,961

34%

1. राजस्व प्राप्तियां (क+ख+ग)

61,289

62,703

2%

क. स्वयं कर राजस्व

47,700

47,363

-1%

ख. स्वयं गैर कर राजस्व

1,000

581

-42%

ग. केंद्र से सहायतानुदान

12,589

14,759

17%

     इसमें जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान

10,000

12,817

28%

2. गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

602

1,258

109%

3. उधारियां

10,200

3,251

-68%

शुद्ध व्यय (4+5+6)

71,085

59,395

-16%

4. राजस्व व्यय

53,687

48,246

-10%

5. पूंजीगत परिव्यय

12,386

8,065

-35%

6. ऋण और अग्रिम

5,012

3,084

-38%

7. ऋण पुनर्भुगतान

4,715

4,715

0%

राजस्व अधिशेष

7,601

14,457

90%

राजस्व अधिशेष (जीएसडीपी का %)

-

1.4%

-

राजकोषीय संतुलन

-9,194

4,565

-150%

राजकोषीय संतुलन (जीएसडीपी का %)

-

0.4%

-

 राजकोषीय संतुलन के लिए, नेगेटिव (-) आंकड़े घाटे का संकेत देते हैं। 2022-23 में बजट स्तर पर जीएसडीपी अनुमान उपलब्ध नहीं है।
स्रोत: विभिन्न वर्षों के दिल्ली बजट दस्तावेज़; पीआरएस।
 

तालिका 8: राज्य के स्वयं कर राजस्व के घटक (करोड़ रुपए में)

कर मद

2022-23 बअ

2022-23 वास्तविक

बअ से वास्तविक में % परिवर्तन

भूराजस्व

3

0

-100%

राज्य उत्पाद शुल्क

9,500

5,548

-42%

राज्य जीएसटी

26,000

27,324

5%

सेल्स टैक्स/वैट

5,200

5,582

7%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

4,997

6,023

21%

वाहन कर

2,000

2,884

44%

 स्रोत: विभिन्न वर्षों के दिल्ली बजट दस्तावेज़; पीआरएस। 

तालिका 9: मुख्य क्षेत्रों के लिए आवंटन (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2022-23 बअ

2022-23 वास्तविक

बअ से वास्तविक में % परिवर्तन

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण

1,131

380

-66%

एससी, एसटी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक कल्याण

594

204

-66%

जलापूर्ति एवं स्वच्छता

3,557

1,747

-51%

ग्रामीण विकास

230

129

-44%

कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां

314

248

-21%

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

9,769

8,250

-16%

समाज कल्याण एवं पोषण

4,762

4,170

-12%

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

15,507

14,071

-9%

परिवहन

8,616

7,822

-9%

जिनमें से सड़कें और पुल

2,501

2,194

-12%

ऊर्जा

3,340

3,183

-5%

आवास

220

222

1%

पुलिस

60

91

52%

शहरी विकास

1,054

2,632

150%

 स्रोत: विभिन्न वर्षों के दिल्ली बजट दस्तावेज़; पीआरएस।
 

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