पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 8 मार्च, 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया।
बजट के मुख्य अंश
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पंजाब का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2026-27 के लिए (वर्तमान कीमतों पर) 9,80,635 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10% की वृद्धि दर्शाता है।
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2026-27 में व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 1,66,711 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 7% अधिक है। इसके अतिरिक्त, राज्य द्वारा 13,726 करोड़ रुपए का ऋण (आरबीआई से अल्पकालिक अग्रिमों को छोड़कर) चुकाया जाएगा।
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2026-27 के लिए प्राप्तियां (ऋण को छोड़कर) 1,26,740 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 7% अधिक है।
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वर्ष 2026-27 में राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.2% (21,955 करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है, जो वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 3%) से कम है। वर्ष 2025-26 में राजस्व घाटा बजट अनुमान (जीएसडीपी का 2.7%) से अधिक रहने की उम्मीद है।
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वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 4.1% (39,971 करोड़ रुपए) पर लक्षित है। संशोधित अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.2% रहने की उम्मीद है, जो बजट अनुमान (जीएसडीपी का 3.8%) से अधिक है।
नीतिगत विशिष्टताएं
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महिलाओं के लिए नकद हस्तांतरण योजना: राज्य सरकार मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना शुरू करेगी। इस योजना के तहत, राज्य 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की सहायता प्रदान करेगी। अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए की सहायता दी जाएगी। योजना के लिए इस वित्तीय वर्ष में 9,300 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
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शिक्षा: राज्य सरकार द्वारा सिख्यां क्रांति 2.0 शुरू की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य बुनियादी साक्षरता को मजबूत करने और करियर परामर्श जैसे उपायों के माध्यम से स्कूली शिक्षा में बदलाव लाना है।
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राशन किट: राज्य सरकार मेरी रसोई योजना शुरू करेगी। इस योजना का उद्देश्य कमजोर परिवारों को मुफ्त त्रैमासिक राशन किट प्रदान करके उनकी खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है। योजना के लिए 2026-27 में 900 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
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बागवानी: राज्य सरकार जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी के साथ साझेदारी में अगले 10 वर्षों में जलवायु परिवर्तन के अनुकूल और उच्च मूल्य वाली बागवानी को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यक्रम लागू करेगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 2035 तक फलों और सब्जियों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रफल को 300% तक बढ़ाना है।
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जलापूर्ति और स्वच्छता: राज्य सरकार नल जल मित्र पहल शुरू करेगी। इस पहल के तहत, प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक व्यक्ति को सामुदायिक स्तर पर जल सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
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पंजाब की अर्थव्यवस्था
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रेखाचित्र 1: पंजाब में स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी की वृद्धि (2011-12) नोट: ये आंकड़े स्थिर कीमतों (2011-12) के अनुसार हैं, जिसका अर्थ है कि विकास दर को मुद्रास्फीति के लिए समायोजित किया गया है। |
2026-27 के बजट अनुमान
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वर्ष 2026-27 में कुल व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) 1,66,711 करोड़ रुपए रहने का लक्ष्य है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमान से 7% अधिक है। इस व्यय को 1,26,740 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) और 38,471 करोड़ रुपए के शुद्ध ऋण से पूरा करने का प्रस्ताव है। 2026-27 के लिए कुल प्राप्तियों (ऋण को छोड़कर) में 2025-26 के संशोधित अनुमान से 7% की वृद्धि होने की उम्मीद है।
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राज्य ने 2026-27 में जीएसडीपी के 2.2% (21,955 करोड़ रुपए) के राजस्व घाटे का अनुमान लगाया है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 3%) से कम है। 2025-26 में राजस्व घाटा बजट से अधिक रहने की उम्मीद है।
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2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 4.1% (39,971 करोड़ रुपए) पर लक्षित है जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों (जीएसडीपी का 4.2%) से मामूली रूप से कम है।
तालिका 1: बजट 2026-27- मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
कुल व्यय |
2,12,461 |
2,36,081 |
2,53,601 |
7% |
2,60,437 |
3% |
|
(-) ऋण का पुनर्भुगतान |
79,515 |
89,449 |
98,199 |
10% |
93,726 |
-5% |
|
इसमें आरबीआई से डब्ल्यूएमए* |
66,577 |
71,250 |
80,000 |
12% |
80,000 |
0% |
|
शुद्ध व्यय (E) |
1,32,946 |
1,46,632 |
1,55,402 |
6% |
1,66,711 |
7% |
|
कुल प्राप्तियां |
2,07,153 |
2,33,581 |
2,53,601 |
9% |
2,58,937 |
2% |
|
(-) उधारियां |
1,13,918 |
1,21,150 |
1,35,435 |
12% |
1,32,197 |
-2% |
|
इसमें आरबीआई से डब्ल्यूएमए* |
69,689 |
71,250 |
80,000 |
12% |
80,000 |
0% |
|
केंद्रीय कैपेक्स लोन** |
2,269 |
200 |
5,124 |
2462% |
6,799 |
33% |
|
शुद्ध प्राप्तियां (R) |
93,235 |
1,12,431 |
1,18,166 |
5% |
1,26,740 |
7% |
|
राजकोषीय घाटा (E-R) |
39,711 |
34,201 |
37,237 |
9% |
39,971 |
7% |
|
जीएसडीपी का % |
4.7% |
3.8% |
4.2% |
|
4.1% |
|
|
राजस्व घाटा |
32,570 |
23,957 |
27,007 |
13% |
21,955 |
-19% |
|
जीएसडीपी का % |
3.9% |
2.7% |
3.0% |
|
2.2% |
|
|
प्राथमिक घाटा |
15,090 |
9,206 |
9,557 |
4% |
11,216 |
17% |
|
जीएसडीपी का % |
1.8% |
1.0% |
1.1% |
|
1.1% |
|
|
जीएसडीपी |
8,38,637 |
8,91,301 |
8,91,487 |
0% |
9,80,635 |
10% |
नोट: बअ बजट अनुमान है; संअ संशोधित अनुमान है। *वेज़ एंड मीन्स एडवांसेज (डब्ल्यूएमए) आरबीआई द्वारा दिए जाने वाले अल्पकालिक ऋण हैं। ये अल्पकालिक उधार होते हैं जिन्हें वर्ष के दौरान कई बार लिया जा सकता है और आमतौर पर इनका भुगतान वर्ष के भीतर ही कर दिया जाता है। **केंद्र सरकार 2020-21 से राज्य सरकारों को पूंजीगत व्यय के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है। इन ऋणों को राज्य की उधार सीमा की गणना से बाहर रखा गया है।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, प्राप्ति बजट पुस्तिका, अनुदान मांग खंड-I, पंजाब बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।
2026-27 में व्यय
|
बिजली पर सबसिडी अनुमान है कि पंजाब 2026-27 में बिजली सबसिडी पर 15,550 करोड़ रुपए खर्च करेगा (जो उसके बजट राजस्व का 12.3% है)। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) कृषि को 7,715 करोड़ रुपए (50%), (ii) घरेलू उपभोक्ताओं को 5,771 करोड़ रुपए (37%), और (iii) उद्योगों को 2,064 करोड़ रुपए (13%)। 2018-19 और 2025-26 के बीच राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली बिजली सबसिडी में 12% की वार्षिक दर से वृद्धि हुई। 16वें वित्त आयोग (2025) ने पाया कि लक्षित सबसिडी और हस्तांतरण असमानता को दूर करने के लिए प्रभावी उपाय हैं। उसने कहा कि कई राज्यों में बिजली सबसिडी लक्षित नहीं है। आयोग के एक अध्ययन में पाया गया कि पंजाब में सबसे अधिक उपभोग व्यय वाले 75% परिवारों को मुफ्त बिजली मिलती है। यह अध्ययन में विश्लेषण किए गए सभी राज्यों में दूसरा सबसे अधिक आंकड़ा है। स्रोत: 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट खंड-I; पीआरएस। |
-
2026-27 के लिए राजस्व व्यय 1,48,146 करोड़ रुपए प्रस्तावित है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 3% अधिक है। इसमें वेतन, पेंशन, ब्याज, अनुदान और सबसिडी पर होने वाला व्यय शामिल है।
-
2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय 18,381 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 76% अधिक है। यह कृषि और संबद्ध गतिविधियों, सड़कों एवं पुलों तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों में पूंजीगत व्यय के लिए आवंटन में वृद्धि के कारण है। पूंजीगत व्यय परिसंपत्तियों के सृजन पर होने वाले व्यय को दर्शाता है।
तालिका 2: बजट 2026-27 में व्यय (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
राजस्व व्यय |
1,25,776 |
1,35,698 |
1,43,523 |
6% |
1,48,146 |
3% |
|
पूंजीगत परिव्यय |
6,876 |
10,302 |
10,434 |
1% |
18,381 |
76% |
|
राज्य द्वारा दिए गए ऋण |
294 |
632 |
1,446 |
129% |
184 |
-87% |
|
शुद्ध व्यय |
1,32,946 |
1,46,632 |
1,55,402 |
6% |
1,66,711 |
7% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, पंजाब बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
प्रतिबद्ध व्यय: राज्य के प्रतिबद्ध व्यय में आम तौर पर वेतन, पेंशन और ब्याज के भुगतान पर व्यय शामिल होता है। बजट के एक बड़े हिस्से को प्रतिबद्ध व्यय की मदों के लिए आवंटित करने से पूंजीगत परिव्यय जैसी अन्य व्यय प्राथमिकताओं पर फैसला लेने का राज्य का लचीलापन सीमित हो जाता है। 2026-27 में पंजाब द्वारा प्रतिबद्ध व्यय पर 90,335 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान है जो उसकी अनुमानित राजस्व प्राप्तियों का 72% है। इसमें वेतन (राजस्व प्राप्तियों का 31%), पेंशन (18%), और ब्याज भुगतान (23%) पर खर्च शामिल है। 2024-25 में, वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, राजस्व प्राप्तियों का 85% प्रतिबद्ध व्यय पर खर्च किया गया।
तालिका 3: 2026-27 में प्रतिबद्ध व्यय (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
वेतन |
34,031 |
36,428 |
35,842 |
-2% |
39,115 |
9% |
|
पेंशन |
20,212 |
20,750 |
22,222 |
7% |
22,465 |
1% |
|
ब्याज भुगतान |
24,621 |
24,995 |
27,679 |
11% |
28,755 |
4% |
|
कुल |
78,863 |
82,174 |
85,743 |
4% |
90,335 |
5% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, पंजाब बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
क्षेत्रवार व्यय: 2026-27 के दौरान राज्य के बजटीय व्यय का 55% हिस्सा निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए खर्च किया जाएगा। अनुलग्नक 1 में प्रमुख क्षेत्रों में पंजाब के व्यय की तुलना, अन्य राज्यों से की गई है।
तालिका 4: पंजाब बजट 2026-27 में क्षेत्रवार व्यय (करोड़ रुपए में)
|
क्षेत्र |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन |
बजटीय प्रावधान 2026-27 बअ |
|
शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति |
16,571 |
19,110 |
19,076 |
21,503 |
13% |
|
|
सामाजिक कल्याण एवं पोषण |
8,943 |
9,501 |
11,290 |
18,775 |
66% |
|
|
कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां |
12,676 |
14,407 |
15,870 |
15,281 |
-4% |
|
|
पुलिस |
8,409 |
9,269 |
8,594 |
9,214 |
7% |
|
|
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण |
5,430 |
6,660 |
6,682 |
7,787 |
17% |
|
|
ऊर्जा |
9,831 |
7,710 |
7,645 |
5,798 |
-24% |
|
|
परिवहन |
1,902 |
2,392 |
2,844 |
5,153 |
81% |
|
|
शहरी विकास |
2,529 |
1,494 |
1,665 |
2,945 |
77% |
|
|
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण |
3,017 |
3,235 |
3,302 |
2,943 |
-11% |
|
|
ग्रामीण विकास |
1,056 |
1,896 |
2,162 |
2,858 |
32% |
|
|
सभी क्षेत्रों पर कुल व्यय का % |
53% |
52% |
51% |
55% |
|
|
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, पंजाब बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
2026-27 में प्राप्तियां
-
वर्ष 2026-27 के लिए कुल राजस्व प्राप्ति 1,26,190 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 8% अधिक है। इसमें से 86,537 करोड़ रुपए (69%) राज्य अपने संसाधनों से जुटाएगा और 39,653 करोड़ रुपए (31%) केंद्र से प्राप्त होंगे। केंद्र से प्राप्त संसाधन केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से (राजस्व प्राप्ति का 24%) और अनुदानों (राजस्व प्राप्ति का 7%) के रूप में होंगे।
-
हस्तांतरण: 2026-27 में केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 30,464 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 21% अधिक है। यह वृद्धि संभवतः 16वें वित्त आयोग के सुझावों के अनुसार पंजाब के हिस्से में हुई वृद्धि के कारण है (अधिक जानकारी के लिए अनुलग्नक 2 देखें)।
-
2026-27 में 9,189 करोड़ रुपए का केंद्रीय अनुदान अनुमानित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमानों से 9% अधिक है।
-
राज्य का स्वयं गैर कर राजस्व: पंजाब का कुल स्वयं गैर कर राजस्व 2026-27 में 15,687 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 20% कम है। 2025-26 में स्वयं गैर-कर राजस्व बजट से 60% अधिक रहने की उम्मीद है। इसका कारण संशोधित अनुमान के समय भूमि और संपत्ति की बिक्री से अनुमानित 8,300 करोड़ रुपए का राजस्व है। बजट बनाते समय इस मद से कोई राजस्व प्राप्त होने का अनुमान नहीं लगाया गया था। 2026-27 में इस मद के तहत 3,800 करोड़ रुपए के राजस्व का बजट बनाया गया है।
तालिका 5: राज्य सरकार की प्राप्तियों का ब्रेकअप (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
राज्य के स्वयं कर |
53,794 |
63,250 |
61,700 |
-2% |
70,851 |
15% |
|
राज्य के स्वयं गैर कर |
6,277 |
12,211 |
19,517 |
60% |
15,687 |
-20% |
|
केंद्रीय करों में हिस्सेदारी |
23,254 |
25,704 |
25,171 |
-2% |
30,464 |
21% |
|
केंद्र से सहायतानुदान |
9,882 |
10,576 |
10,127 |
-4% |
9,189 |
-9% |
|
राजस्व प्राप्तियां |
93,207 |
1,11,740 |
1,16,516 |
4% |
1,26,190 |
8% |
|
गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां |
28 |
690 |
1650 |
139% |
550 |
-67% |
|
शुद्ध प्राप्तियां |
93,235 |
1,12,431 |
1,18,166 |
5.1% |
1,26,740 |
7% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, पंजाब बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
|
आरबीआई से अल्पकालिक उधार आरबीआई केंद्र और राज्य सरकारों को वेज़ एंड मीन्स एडवांसेज (डब्ल्यूएमए) नामक एक व्यवस्था के माध्यम से अल्पकालिक ऋण (तीन महीने तक) प्रदान करता है। ये ऋण प्राप्तियों और व्यय दायित्वों के बीच असंतुलन को प्रबंधित करने में सहायक होते हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार आरबीआई से ओवरड्राफ्ट सुविधा का भी लाभ उठा सकती है। 2014-15 और 2023-24 के बीच पंजाब द्वारा डब्ल्यूएमए या ओवरड्राफ्ट का उपयोग करने की अवधि अधिकतर 221 से 344 दिनों के बीच रही। कैग (2025) ने पाया कि इतने अधिक दिनों की अवधि पूरे वर्ष इन अल्पकालिक ऋणों पर लगभग निरंतर निर्भरता को दर्शाती है। कैग ने पाया कि 2023-24 में 12 राज्यों ने डब्ल्यूएमए का लाभ नहीं उठाया था। इनमें गुजरात, कर्नाटक, ओड़िशा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्य शामिल हैं। 2026-27 में, पंजाब का अनुमान है कि इन व्यवस्थाओं के माध्यम से पूरे वर्ष में कुल ऋण 80,000 करोड़ रुपए होगा। यह राशि भी इसी वर्ष चुकाई जाएगी क्योंकि यह अल्पकालिक ऋण है। स्रोत: राज्य वित्त 2023-24 दशकीय विश्लेषण, कैग; रसीद पुस्तिका, पंजाब बजट 2026-27; पीआरएस। |
-
राज्य का स्वयं कर राजस्व: पंजाब का कुल स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 70,851 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान से 15% अधिक है। जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 2026-27 में 7.2% होने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (6.9%) से अधिक है। 2024-25 के वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में स्वयं कर राजस्व 6.4% था।
-
2026-27 में राज्य जीएसटी के स्वयं कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत (45% हिस्सा) होने का अनुमान है। राज्य के जीएसटी राजस्व में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 19% की वृद्धि होने का अनुमान है।
-
2026-27 में स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क से होने वाले राजस्व में 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 29% की वृद्धि होने की उम्मीद है।
तालिका 6: राज्य के स्वयं कर राजस्व के मुख्य स्रोत (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 बजटीय |
2025-26 संशोधित |
बअ 25-26 से संअ 25-26 में परिवर्तन का % |
2026-27 बजटीय |
संअ 25-26 से बअ 26-27 में परिवर्तन का % |
|
राज्य जीएसटी |
23,559 |
27,650 |
27,000 |
-2% |
32,000 |
19% |
|
राज्य उत्पाद शुल्क |
10,752 |
11,200 |
11,900 |
6% |
12,800 |
8% |
|
स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क |
5,781 |
7,000 |
7,000 |
0% |
9,000 |
29% |
|
सेल्स टैक्स/वैट |
6,883 |
8,200 |
7,750 |
-5% |
8,200 |
6% |
|
वाहन कर |
3,426 |
4,730 |
4,250 |
-10% |
4,700 |
11% |
|
बिजली पर कर और ड्यूटी |
3,093 |
3,745 |
3,300 |
-12% |
3,516 |
7% |
|
भूराजस्व |
108 |
230 |
110 |
-52% |
170 |
54% |
स्रोत: वार्षिक वित्तीय विवरण, पंजाब बजट दस्तावेज़ 2026-27; पीआरएस।
2026-27 के लिए घाटे और ऋण
पंजाब के राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन एक्ट, 2003 में राज्य सरकार की बकाया देनदारियों, राजस्व घाटे और राजकोषीय घाटे को प्रगतिशील तरीके से कम करने के लक्ष्यों का प्रावधान है।
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राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का प्रदर्शन मार्च 2023 तक पंजाब में 49 राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (एसपीएसई) थे। इनमें से 16 निष्क्रिय थे। एसपीएसई में राज्य सरकार का कुल निवेश लगभग 49,920 करोड़ रुपए था। इसमें इक्विटी पूंजी और एसपीएसई को दिए गए दीर्घकालिक ऋण शामिल थे। लगभग 99% निवेश विद्युत (45%) और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र (54%) के एसपीएसई में किया गया था। इस घाटे के लिए मुख्य रूप से तीन उद्यम जिम्मेदार थे: पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, पंजाब स्टेट ग्रेन्स प्रोक्योरमेंट कॉर्पोरेशन और पंजाब एग्रो फूडग्रेन्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड। इसके अलावा, घाटे में चल रहे 14 एसपीएसई की कुल संपत्ति संचित घाटे के कारण पूरी तरह से समाप्त हो गई थी। 16वें वित्त आयोग ने निष्क्रिय एसपीएसई को बंद करने और घाटे में चल रहे एसपीएसई की जांच करने का सुझाव दिया है। स्रोत: रिपोर्ट संख्या 2, 2024, राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट 2022-23, कैग; पीआरएस। |
राजस्व संतुलन: यह सरकार की राजस्व प्राप्तियों और राजस्व व्यय के बीच का अंतर होता है। राजस्व घाटे का यह अर्थ होता है कि सरकार को अपना व्यय पूरा करने के लिए उधार लेने की जरूरत है जोकि भविष्य में पूंजीगत परिसंपत्तियों का सृजन नहीं करेगा और न ही देनदारियों को कम करेगा। बजट में 2026-27 में 21,955 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 2.2%) के राजस्व घाटे का अनुमान लगाया गया है।
राजकोषीय घाटा: यह कुल व्यय और कुल प्राप्तियों के बीच का अंतर होता है। इस अंतर को सरकार द्वारा उधार लेकर पूरा किया जाता है जिससे कुल देनदारियों में वृद्धि होती है। 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.1% (39,971 करोड़ रुपए) होने का अनुमान है। 16वें वित्त आयोग ने 2026-31 की अवधि के लिए राज्यों के वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी का 3% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। उधार सीमा निर्धारित करते समय केंद्र सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय के लिए दिए गए 50 वर्षों के ब्याज मुक्त ऋणों को शामिल नहीं किया जाएगा। 2026-27 में केंद्रीय पूंजीगत व्यय ऋणों से प्राप्तियां 6,799 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 0.7%) बजट में निर्धारित की गई हैं।
संशोधित अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में पंजाब का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.2% रहने की उम्मीद है। यह बजट अनुमान (जीएसडीपी का 3.8%) से अधिक है। 2025-26 में, संशोधित अनुमानों के अनुसार केंद्रीय पूंजीगत व्यय ऋण 5,124 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 0.6%) रहने का अनुमान है, जो प्रारंभिक बजट अनुमान (200 करोड़ रुपए) से अधिक है।
2024-25 में, वास्तविक आंकड़ों के अनुसार, राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.7% था, जो बजट अनुमान (जीएसडीपी का 3.8%) से काफी अधिक है (अगले पृष्ठों में देखें)।
बकाया देनदारियां: बकाया देनदारियां किसी वित्तीय वर्ष के अंत में कुल उधारी का संचय होता है। इसमें भविष्य निधि जैसे सार्वजनिक खातों पर बकाया देनदारियां भी शामिल हैं। 2026-27 के अंत में बकाया देनदारियां जीएसडीपी का 45.1% होने का अनुमान है जो 2025-26 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 45.2%) से कुछ कम हैं।
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रेखाचित्र 2: राजस्व एवं राजकोषीय संतुलन (जीएसडीपी का %)
नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है। |
रेखाचित्र 3: बकाया देनदारियां (जीएसडीपी का %)
नोट: *2027-28 के बाद के आंकड़े अनुमान हैं। ऊपर दिए गए आंकड़ों में जीएसटी क्षतिपूर्ति ऋण शामिल नहीं हैं, जिनका भुगतान केंद्र सरकार द्वारा किया जाना है। RE संशोधित अनुमान है; BE बजट अनुमान है। |
बकाया सरकारी गारंटी: राज्यों की बकाया देनदारियों में कुछ अन्य आकस्मिक देनदारियां शामिल नहीं होती हैं, जिनका भुगतान राज्यों को कुछ मामलों में करना पड़ सकता है। राज्य सरकारें वित्तीय संस्थानों से राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (एसपीएसई) के ऋणों की गारंटी देती हैं। 31 मार्च, 2026 तक राज्य की बकाया गारंटी लगभग 23,654 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो पंजाब की जीएसडीपी का 2.7% है।
अनुलग्नक 1: मुख्य क्षेत्रों में राज्य के व्यय की तुलना
निम्नलिखित रेखाचित्रों में पंजाब द्वारा 2026-27 में छह प्रमुख क्षेत्रों पर किए गए व्यय की तुलना सभी क्षेत्रों पर किए गए कुल व्यय के अनुपात से की गई है। क्षेत्र के लिए औसत, उस क्षेत्र में 31 राज्यों (पंजाब सहित) द्वारा किए जाने वाले औसत व्यय (2025-26 के बजटीय अनुमानों के आधार पर) को इंगित करता है।[1]
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शिक्षा: पंजाब ने 2026-27 में अपने व्यय का 12.9% शिक्षा के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा शिक्षा के लिए आवंटित औसत राशि (14.5%) से कम है।
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स्वास्थ्य: पंजाब ने 2026-27 में अपने व्यय का 4.7% स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा स्वास्थ्य के लिए आवंटित औसत राशि (6.2%) से कम है।
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ग्रामीण विकास: पंजाब ने 2026-27 में अपने व्यय का 1.7% ग्रामीण विकास के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा ग्रामीण विकास के लिए आवंटित औसत राशि (4.9%) से कम है।
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कृषि: पंजाब ने 2026-27 में अपने व्यय का 9.2% कृषि के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा कृषि के लिए आवंटित औसत राशि (5.7%) से अधिक है।
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पुलिस: पंजाब ने 2026-27 में अपने व्यय का 5.5% पुलिस के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा सड़कों और पुलों के लिए आवंटित औसत राशि (4.0%) से अधिक है।
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ऊर्जा: पंजाब ने 2026-27 में अपने व्यय का 3.5% ऊर्जा के लिए आवंटित किया है। यह 2025-26 में राज्यों द्वारा ऊर्जा के लिए आवंटित औसत राशि (5.3%) से कम है।
नोट: 2024-25, 2025-26 (बअ), 2025-26 (संअ), और 2026-27 (बअ) के आंकड़े पंजाब के हैं।
स्रोत: वार्षिक वित्तीय वक्तव्य, पंजाब बजट दस्तावेज 2026-27; विभिन्न राज्य बजट; पीआरएस।
अनुलग्नक 2: वर्ष 2026-31 के लिए 16वें वित्त आयोग के सुझाव
16वें वित्त आयोग (चेयर: डॉ. अरविंद पनगढ़िया) की रिपोर्ट 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश की गई। उसके सुझाव 2026-27 से 2030-31 तक की पांच-वर्षीय अवधि के लिए लागू होंगे। 16वें आयोग (एफसी) ने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों के हिस्से को 41% निर्धारित करने का सुझाव दिया है। यह हिस्सा 15वें वित्त आयोग की अवधि (2021-26) के समान ही अपरिवर्तित बना हुआ है। विभाज्य पूल की गणना केंद्रीय सरकार द्वारा जुटाए गए कुल कर राजस्व में से कर वसूलने की लागत, उपकर और अधिभारों को घटाने के बाद की जाती है। 16वें वित्त आयोग ने राज्यों के हिस्से के निर्धारण के लिए संशोधित मानदंड प्रस्तावित किए हैं। 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट का संक्षिप्त सारांश यहां देखें। 16वें वित्त आयोग के सुझावों के आधार पर, पंजाब को 2026-31 की अवधि के लिए केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में 2% हिस्सा मिलेगा।
16वें वित्त आयोग ने पांच वर्षों की अवधि में 9.47 लाख करोड़ रुपए के अनुदानों का सुझाव दिया है। इनमें निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए अनुदान शामिल हैं: (i) शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकाय, और (ii) आपदा प्रबंधन। 16वें वित्त आयोग ने 15वें वित्त आयोग द्वारा सुझाए गए निम्नलिखित अनुदानों को बंद कर दिया है: (i) राजस्व घाटा अनुदान, (ii) शिक्षा, न्याय, सांख्यिकी और कृषि के लिए क्षेत्र-विशिष्ट अनुदान, और (iii) राज्य-विशिष्ट अनुदान। 2026-31 की अवधि के लिए पंजाब के लिए प्रस्तावित अनुदानों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) शहरी स्थानीय निकायों के लिए 7,834 करोड़ रुपए, (ii) ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 8,486 करोड़ रुपए, और (iii) आपदा प्रबंधन अनुदान के रूप में 2,477 करोड़ रुपए। इसके अतिरिक्त, लुधियाना और अमृतसर अपशिष्ट जल प्रबंधन प्रणाली के विकास के लिए विशेष अवसंरचना अनुदान (प्रत्येक 5,000 करोड़ रुपए तक) के पात्र होंगे। राज्यों को एक लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले आस-पास के बड़े शहरी स्थानीय निकाय में अर्ध-शहरी गांवों के विलय के लिए एकमुश्त अनुदान भी प्राप्त होगा।
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तालिका 7: केंद्र द्वारा हस्तांतरित करों में प्रत्येक राज्य का हिस्सा (100 में से)
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तालिका 8: वर्ष 2026-31 के लिए राज्यवार अनुदान सहायता का विवरण (करोड़ रुपए में)
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स्रोत: 14वें, 15वें और 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट्स; पीआरएस।
तालिका 9: केंद्रीय बजट 2026-27 के अनुसार राज्यों को हस्तांतरित कर (करोड़ रुपए में)
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राज्य |
2024-25 वास्तविक |
2025-26 संशोधित |
2026-27 बजटीय |
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आंध्र प्रदेश |
51,564 |
56,374 |
64,362 |
|
अरुणाचल प्रदेश |
22,386 |
24,475 |
20,665 |
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असम |
39,855 |
43,572 |
49,725 |
|
बिहार |
1,28,151 |
1,40,105 |
1,51,832 |
|
छत्तीसगढ़ |
43,409 |
47,459 |
50,427 |
|
गोवा |
4,918 |
5,377 |
5,571 |
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गुजरात |
44,314 |
48,448 |
57,311 |
|
हरियाणा |
13,926 |
15,225 |
20,772 |
|
हिमाचल प्रदेश |
10,575 |
11,562 |
13,950 |
|
झारखंड |
42,135 |
46,066 |
51,236 |
|
कर्नाटक |
46,467 |
50,802 |
63,050 |
|
केरल |
24,527 |
26,815 |
36,355 |
|
मध्य प्रदेश |
1,00,019 |
1,09,348 |
1,12,134 |
|
महाराष्ट्र |
80,486 |
87,994 |
98,306 |
|
मणिपुर |
9,123 |
9,974 |
9,554 |
|
मेघालय |
9,773 |
10,684 |
9,631 |
|
मिजोरम |
6,371 |
6,965 |
8,608 |
|
नागालैंड |
7,250 |
7,926 |
7,341 |
|
ओड़िशा |
57,692 |
63,074 |
67,460 |
|
पंजाब |
23,023 |
25,171 |
30,464 |
|
राजस्थान |
76,779 |
83,940 |
90,446 |
|
सिक्किम |
4,944 |
5,405 |
5,113 |
|
तमिलनाडु |
51,971 |
56,819 |
62,531 |
|
तेलंगाना |
26,782 |
29,280 |
33,181 |
|
त्रिपुरा |
9,021 |
9,862 |
9,783 |
|
उत्तर प्रदेश |
2,28,565 |
2,49,885 |
2,68,911 |
|
उत्तराखंड |
14,245 |
15,573 |
17,415 |
|
पश्चिम बंगाल |
95,852 |
1,04,793 |
1,10,119 |
|
कुल |
12,74,121 |
13,92,971 |
15,26,255 |
नोट: 2024-25 के वास्तविक आंकड़े और 2025-26 के संशोधित अनुमान पिछले वर्षों में हुए अतिरिक्त या कम हस्तांतरण को समायोजित करने के बाद केंद्रीय बजट में प्रस्तुत किए गए हैं।
स्रोत: केंद्रीय बजट दस्तावेज 2026-27; पीआरएस।
अनुलग्नक 3: 2024-25 के बजटीय अनुमानों और वास्तविक के बीच तुलना
यहां तालिकाओं में 2024-25 के वास्तविक के साथ उस वर्ष के बजटीय अनुमानों के बीच तुलना की गई है।
तालिका 10: प्राप्तियों और व्यय की झलक (करोड़ रुपए में)
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मद |
2024-25 बअ |
2024-25 वास्तविक |
बअ से वास्तविक में परिवर्तन का % |
|
शुद्ध प्राप्तियां (1+2) |
1,04,586 |
93,235 |
-11% |
|
1. राजस्व प्राप्तियां (क+ख+ग+घ) |
1,03,936 |
93,207 |
-10% |
|
क. स्वयं कर राजस्व |
58,900 |
53,794 |
-9% |
|
ख. स्वयं गैर कर राजस्व |
11,246 |
6,277 |
-44% |
|
ग. केंद्रीय करों में हिस्सा |
22,041 |
23,254 |
6% |
|
घ. केंद्र से सहायतानुदान |
11,748 |
9,882 |
-16% |
|
2. गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां |
650 |
28 |
-96% |
|
3. उधारियां |
98,831 |
1,13,918 |
15% |
|
इनमें केंद्रीय कैपेक्स लोन |
1,900 |
2,269 |
19% |
|
शुद्ध व्यय (4+5+6) |
1,35,051 |
1,32,946 |
-2% |
|
4. राजस्व व्यय |
1,27,134 |
1,25,776 |
-1% |
|
5. पूंजीगत परिव्यय |
7,445 |
6,876 |
-8% |
|
6. ऋण और अग्रिम |
472 |
294 |
-38% |
|
7. ऋण पुनर्भुगतान |
69,867 |
79,515 |
14% |
|
राजस्व घाटा |
23,198 |
32,570 |
40% |
|
राजस्व घाटा (जीएसडीपी का %) |
2.89% |
3.88% |
- |
|
राजकोषीय घाटा |
30,465 |
39,711 |
30% |
|
राजकोषीय घाटा (जीएसडीपी का %) |
3.80% |
4.74% |
- |
स्रोत: पंजाब के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।
तालिका 11: राज्य के स्वयं कर राजस्व के घटक (करोड़ रुपए में)
|
मद |
2024-25 बअ |
2024-25 वास्तविक |
बअ से वास्तविक में परिवर्तन का % |
|
भूराजस्व |
230 |
108 |
-53% |
|
वाहन कर |
4,350 |
3,426 |
-21% |
|
सेल्स टैक्स/वैट |
8,550 |
6,883 |
-19% |
|
बिजली पर टैक्स और ड्यूटी |
3,500 |
3,093 |
-12% |
|
राज्य जीएसटी |
25,750 |
23,559 |
-9% |
|
स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क |
5,750 |
5,781 |
1% |
|
राज्य उत्पाद शुल्क |
10,350 |
10,752 |
4% |
स्रोत: पंजाब के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।
तालिका 12: मुख्य क्षेत्रों के लिए आवंटन (करोड़ रुपए में)
|
क्षेत्र |
2024-25 बअ |
2024-25 वास्तविक |
बअ से वास्तविक में परिवर्तन का % |
|
आवास |
1,501 |
291 |
-81% |
|
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण |
1,505 |
864 |
-43% |
|
परिवहन |
2,340 |
1,902 |
-19% |
|
जिसमें सड़कें और पुल शामिल हैं |
1,865 |
1,574 |
-16% |
|
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण |
6,171 |
5,430 |
-12% |
|
जलापूर्ति एवं स्वच्छता |
1,549 |
1,378 |
-11% |
|
कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां |
13,660 |
12,676 |
-7% |
|
शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति |
17,330 |
16,571 |
-4% |
|
ग्रामीण विकास |
1,086 |
1,056 |
-3% |
|
सामाजिक कल्याण एवं पोषण |
9,004 |
8,943 |
-1% |
|
पुलिस |
8,453 |
8,409 |
-1% |
|
ऊर्जा |
7,934 |
9,831 |
24% |
|
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण |
2,107 |
3,017 |
43% |
|
शहरी विकास |
1,344 |
2,529 |
88% |
स्रोत: पंजाब के विभिन्न वर्षों के बजट दस्तावेज; पीआरएस।
[1] 31 राज्यों में दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर और पुद्दूचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत रिपोर्ट आपके समक्ष सूचना प्रदान करने के लिए प्रस्तुत की गई है। पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च (पीआरएस) के नाम उल्लेख के साथ इस रिपोर्ट का पूर्ण रूपेण या आंशिक रूप से गैर व्यावसायिक उद्देश्य के लिए पुनःप्रयोग या पुनर्वितरण किया जा सकता है। रिपोर्ट में प्रस्तुत विचार के लिए अंततः लेखक या लेखिका उत्तरदायी हैं। यद्यपि पीआरएस विश्वसनीय और व्यापक सूचना का प्रयोग करने का हर संभव प्रयास करता है किंतु पीआरएस दावा नहीं करता कि प्रस्तुत रिपोर्ट की सामग्री सही या पूर्ण है। पीआरएस एक स्वतंत्र, अलाभकारी समूह है। रिपोर्ट को इसे प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के उद्देश्यों अथवा विचारों से निरपेक्ष होकर तैयार किया गया है। यह सारांश मूल रूप से अंग्रेजी में तैयार किया गया था। हिंदी रूपांतरण में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता की स्थिति में अंग्रेजी के मूल सारांश से इसकी पुष्टि की जा सकती है।

