बिहार के उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने 28 फरवरी2022 को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया। 

बजट के मुख्य अंश

  • 2022-23 के लिए बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) (मौजूदा मूल्यों पर) 7,45,310 करोड़ रुपए अनुमानित है। इसमें 2021-22 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 9.7% की वृद्धि है (6,79,473 करोड़ रुपए)। 2021-22 में जीएसडीपी में पिछले वर्ष की तुलना में 9.8% की दर से वृद्धि का अनुमान है (मौजूदा मूल्यों पर)। 
     
  • 2022-23 में व्यय (ऋण पुनर्भुगतान को छोड़कर) 2,23,021 करोड़ रुपए होने का अनुमान हैजो 2021-22 के संशोधित अनुमानों (2,46,379 करोड़ रुपए) से 9% कम है। साथ ही 2022-23 में राज्य द्वारा 14,670 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाया जाएगा। 2021-22 में व्यय (ऋण पुनर्भुगतान को छोड़कर) बजट अनुमान से 18% अधिक रहने का अनुमान है।
     
  • 2022-23 के लिए प्राप्तियां (उधारियों को छोड़कर) 1,97,136 करोड़ रुपए होने का अनुमान हैजो 2021-22 (1,69,541 करोड़ रुपए) के संशोधित अनुमानों से 16% अधिक है। 2021-22 में प्राप्तियां (उधारियों को छोड़कर) बजट अनुमान से 17,156 करोड़ रुपए कम (9% की कमी) होने का अनुमान है।
     
  • 2022-23 के लिए राजकोषीय घाटा 25,885 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 3.47%) पर लक्षित है। 2021-22 में संशोधित अनुमानों के अनुसारराजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 11.31% होने की उम्मीद हैजो जीएसडीपी के 2.97% के बजट अनुमान से काफी अधिक है।
     
  • 2022-23 के लिए राजस्व अधिशेष 4,748 करोड़ रुपए होने का अनुमान हैजोकि जीएसडीपी का 0.64% है। बजट स्तर पर अनुमानित जीएसडीपी के 1.21% के राजस्व अधिशेष की तुलना में 2021-22 में राज्य को 5.48% के राजस्व घाटे का अनुमान है।

नीतिगत विशिष्टताएं

  • जलभूजल की कमी वाले इलाकों में सतही जल के दोहन हेतु वैकल्पिक जल संसाधनों को विकसित किया जाएगा। इससे भूजल पुनर्भरण में भी मदद मिलेगी। जलापूर्ति योजनाओं के समुचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। पेयजल के उचित उपयोग और संबंधित व्यवहार परिवर्तन की दिशा में लक्षित जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
     
  • कृषिगन्ने को बढ़ावा देने के लिए बिहार गन्ना उद्योग निवेश संवर्धन नीति पर विचार किया जा रहा है। पशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा और एक पशु विकास संस्थान की स्थापना की जाएगी। सात निश्चय योजना-2 के अंतर्गत मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के कार्यक्रम चलाए जाएंगे। सभी 54 बाजार प्रांगणों के विकास के लिए कार्यक्रमों (नाबार्ड से ऋण के माध्यम से वित्त पोषित) को क्रियान्वित किया जाएगा। सात निश्चय योजना-2 के अंतर्गत 30 फीट तक के 361 पक्के चेक डैम बनाए जाएंगे। 

बिहार की अर्थव्यवस्था

  • जीएसडीपी: बिहार की जीएसडीपी (स्थिर कीमतों पर) 2020-21 में 2.5% बढ़ीजो कि 2019-20 में 7.4% की वृद्धि दर से कम है। 2020-21 में कृषि क्षेत्र के साथ-साथ सेवा क्षेत्र में मामूली संकुचन दर्ज किया गया। 2020-21 में बिहार की विकास दर राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि से अधिक थीजिसमें 2020-21 में 6.6% की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
     
  • क्षेत्र2020-21 में मौजूदा कीमतों परकृषिमैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों ने अर्थव्यवस्था में क्रमश 24%, 15% और 61% का योगदान दिया।
     
  • प्रति व्यक्ति जीएसडीपी2020-21 में बिहार की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी (मौजूदा कीमतों पर) 50,555 रुपए थीयह 2019-20 के आंकड़े से 2.6% अधिक है। 2020-21 में राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति जीडीपी 1,46,087 रुपए थी (मौजूदा कीमतों पर)। इसके अतिरिक्त 2020-21 में बिहार की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी देश के सभी राज्यों में सबसे कम थी।

रेखाचित्र  1 : बिहार में स्थिर मूल्यों पर (2011-12) जीएसडीपी और विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि 

 image

नोट: ये आंकड़े स्थिर मूल्यों (2011-12) के अनुसार हैं जिसका अर्थ है कि वृद्धि दर मुद्रास्फीति के लिए समायोजित की गई है। 
स्रोतबिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22; पीआरएस

 

 

2022-23 के लिए बजट अनुमान 

  • 2022-23 में व्यय (ऋण पुनर्भुगतान को छोड़कर) 2,23,021 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया है। यह 2021-22 के संशोधित अनुमान (2,46,379 करोड़ रुपए) से 9% कम है। इस व्यय को 1,97,136 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (उधारियों को छोड़कर) और 25,885 करोड़ रुपए की शुद्ध उधारी के माध्यम से पूरा करने का प्रस्ताव है। 2022-23 की प्राप्तियों (उधारियों को छोड़कर) में 2021-22 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 16% की वृद्धि की उम्मीद है। 2021-22 में प्राप्तियां बजट अनुमान से 9% कम रहने का अनुमान है।
     
  • 2022-23 में राज्य को 4,748 करोड़ रुपए के राजस्व अधिशेष का अनुमान हैजो कि जीएसडीपी का 0.64% है। इसकी तुलना में2020-21 में राज्य में राजस्व घाटा जीएसडीपी का 1.83% (11,325 करोड़ रुपये) दर्ज किया गया। 2021-22 में राज्य को जीएसडीपी के 5.48% (37,207 करोड़ रुपये) के राजस्व घाटे का अनुमान है।
     
  • 2022-23 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3.47% होने का अनुमान है जो केंद्रीय बजट 2022-23 में केंद्र सरकार द्वारा अनुमत जीएसडीपी के 4% की सीमा के भीतर है (जिसमें से 0.5% की छूट बिजली क्षेत्र के सुधार करने पर मिलेगी)। 2021-22 में राज्य ने जीएसडीपी के 11.31% के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया हैजो केंद्र सरकार द्वारा अनुमत जीएसडीपी की 4.5% की सीमा से काफी अधिक है (जिसमें से 0.5% की छूट बिजली क्षेत्र के सुधार करने पर मिलती है)। 

तालिका 1: बजट 2022-23 के मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)

मद

2020-21

वास्तविक

2021-22

बअ

2021-22

संअ

बअ 21-22 से संअ 21-22 में परिवर्तन का %

2022-23

बअ

संअ 21-22 से बअ 22-23 में परिवर्तन का % 

कुल व्यय

1,65,696

2,18,303

2,55,474

17%

2,37,691

-7%

(-) ऋण का पुनर्भुगतान

6,880

9,094

9,094

0%

14,670

61%

शुद्ध व्यय (E)

1,58,816

2,09,208

2,46,379

18%

2,23,021

-9%

कुल प्राप्तियां

1,64,904

2,18,503

2,13,461

-2%

2,37,892

11%

(-) उधारियां 

35,915

31,805

43,920

38%

40,756

-7%

शुद्ध प्राप्तियां (R)

1,28,989

1,86,698

1,69,541

-9%

1,97,136

16%

राजकोषीय घाटा (E-R)

29,827

22,511

76,838

241%

25,885

-66%

जीएसडीपी का %

4.82%

2.97%

11.31%

3.47%

राजस्व संतुलन

-11,325

9,196

-37,207

-505%

4,748

-113%

जीएसडीपी का %

-1.83%

1.21%

-5.48%

0.64%

प्राथमिक घाटा

17,343

7,994

62,321

680%

9,580

-85%

जीएसडीपी का %

2.80%

1.06%

9.17%

1.29%

नोट: बअ- बजट अनुमान; संअ- संशोधित अनुमान।
स्रोत: बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स 2022-23; बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22; पीआरएस

2022-23 में व्यय

  • 2022-23 में राजस्व व्यय 1,91,957 करोड़ रुपए होने का अनुमान हैजिसमें 2021-22 के संशोधित अनुमान (2,06,318 करोड़ रुपए) की तुलना में 7% की कमी है। इस खर्च में वेतनपेंशनब्याज और सब्सिडी का भुगतान शामिल है। वर्ष 2021-22 में संशोधित अनुमानों के अनुसार राजस्व व्यय बजट अनुमान से 17% अधिक रहने का अनुमान है।
     
  • 2022-23 में पूंजीगत परिव्यय 29,750 करोड़ रुपए होने का अनुमान हैजो 2021-22 के संशोधित अनुमान से 23% कम है। पूंजीगत परिव्यय में परिसंपत्तियों के सृजन का व्यय शामिल है। इसमें स्कूलअस्पतालों और सड़कों एवं पुलों के निर्माण पर होने वाला खर्च शामिल है। 2021-22 में पूंजीगत परिव्यय बजट अनुमान से 25% अधिक होने का अनुमान है।

2020-21 में वास्तविक व्यय

2020-21 में राज्य द्वारा वास्तविक व्यय (ऋण पुनर्भुगतान को छोड़कर) 1,58,816 करोड़ रुपए था जो 2,04,726 करोड़ रुपए के बजट अनुमान से 22% कम है। जहां प्राप्तियां (उधारियों को छोड़कर) बजट अनुमान से 55,363 करोड़ रुपए कम थीं, वहीं शुद्ध उधारी 8,306 करोड़ रुपए अधिक थी। राज्य ने जीएसडीपी के 2.97% के बजट अनुमान के मुकाबले जीएसडीपी का 4.82% राजकोषीय घाटा दर्ज किया। कषि और एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के कल्याण जैसे क्षेत्रों में वास्तविक खर्च बजट अनुमान से क्रमशः 52% और 76% कम था। विवरण के लिए अनुलग्नक 2 देखें।

तालिका 2बजट 2022-23 में व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2020-21

वास्तविक

2021-22

बअ

2021-22

संअ

बअ 21-22 से संअ 21-22 में परिवर्तन का %

2022-23

बअ

संअ 21-22 से बअ 22-23 में परिवर्तन का %

राजस्व व्यय

1,39,493

1,77,071

2,06,318

17%

1,91,957

-7%

पूंजीगत व्यय

18,209

30,788

38,465

25%

29,750

-23%

राज्यों द्वारा दिए गए ऋण

1,114

1,349

1,596

18%

1,315

-18%

शुद्ध व्यय

1,58,816

2,09,208

2,46,379

18%

2,23,021

-9%

स्रोत: बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स 2022-23; पीआरएस 

प्रतिबद्ध व्यय: राज्य के प्रतिबद्ध व्यय में आम तौर पर वेतन भुगतान, पेंशन और ब्याज से संबंधित व्यय शामिल होते हैं। अगर बजट में प्रतिबद्ध व्यय की मद के लिए बड़ा हिस्सा आबंटित किया जाता है तो इससे राज्य अन्य व्यय, जैसे विकासात्मक योजनाओं और पूंजीगत परिव्यय पर कम खर्च कर पाता है। 2022-23 में बिहार द्वारा प्रतिबद्ध व्यय मदों पर 70,307 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान हैजो कि उसकी राजस्व प्राप्तियों का 36% है। इसमें वेतन (राजस्व प्राप्तियों का 15%)पेंशन (12%)और ब्याज भुगतान (8%) पर होने वाला खर्च शामिल है। 2022-23 में प्रतिबद्ध व्यय 2021-22 के संशोधित अनुमान से 9% अधिक होने का अनुमान है। ब्याज भुगतान में 12% की वृद्धि का अनुमान है जबकि वेतन और पेंशन में क्रमशः 7% और 11% की वृद्धि का अनुमान है।

तालिका 3 : 2022-23 में प्रतिबद्ध व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2020-21

वास्तविक

2021-22

बअ

2021-22

संअ

बअ 21-22 से संअ 21-22 में परिवर्तन का %

2022-23

बअ

संअ 21-22 से बअ 22-23 में परिवर्तन का %

वेतन

20,659

27,237

27,901

2%

29,750

7%

पेंशन

19,635

21,817

21,820

0%

24,252

11%

ब्याज भुगतान

12,484

14,517

14,517

0%

16,305

12%

कुल प्रतिबद्ध व्यय

52,778

63,571

64,239

1%

70,307

9%

स्रोत: बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स 2022-23; पीआरएस

क्षेत्रवार व्यय: 2022-23 के दौरान बिहार के बजटीय व्यय का 67% हिस्सा निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए खर्च किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में बिहार और अन्य राज्यों द्वारा कितना व्यय किया जाता हैइसकी तुलना अनुलग्नक 1 में प्रस्तुत है।

तालिका 4 बिहार बजट 2022-23 में क्षेत्रवार व्यय (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2020-21 वास्तविक

2021-22

बअ

2021-22

संअ

2022-23

बअ

संअ 21-22 से बअ 22-23 में परिवर्तन का %

बजटीय प्रावधान

2022-23 बअ

शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति

27,347

39,467

48,593

40,828

-16%

  • छात्राओं को सीनियर सेकेंडरी पूरा करने के लिए नकद प्रोत्साहन राशि के तौर पर 400 करोड़ आबंटित किए गए हैं।
  • मिड डे मील योजना के लिए 300 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं।

ग्रामीण विकास

15,647

24,156

28,914

23,553

-19%

  • पीएमजीएसवाई के लिए 5,014 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं।
  • मनरेगा के लिए 2,500 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

9,152

13,012

17,506

15,898

-9%

  • शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रावधान के लिए 3,156 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन के लिए 120 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं।

समाज कल्याण एवं पोषण

15,764

12,610

17,819

13,208

-26%

  • मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के लिए 810 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। 

पुलिस

7,888

11,558

12,448

11,911

-4%

  • जिला पुलिस और ग्राम पुलिस के लिए क्रमशः 6,130 करोड़ रुपए और 1,307 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। 

ऊर्जा

8,625

8,473

9,938

11,376

14%

  • राज्य बिजली होल्डिंग निगम को सहायता देने के लिए 9,653 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं।

आवासन

4,941

9,075

9,948

9,405

-5%

  • इंदिरा आवास योजना के लिए 8,689 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। 

जिसमें सड़क एवं पुल

6,575

7,800

9,120

8,365

-8%

  • सड़कों और पुलों पर पूंजीगत परिव्यय के लिए 3,821 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। 

कृषि एवं संबंधित गतिविधियां

3,374

7,604

7,818

7,712

-1%

  • जैविक खेती के लिए 145 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 76 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं।

शहरी विकास

5,001

6,853

8,852

7,133

-19%

  • सभी के लिए घर- आवास योजना के लिए 524 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं। 

सभी क्षेत्रों में कुल व्यय का 

66%

68%

70%

67%

-4%

 

स्रोत: बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स 2022-23; पीआरएस

2022-23 में प्राप्तियां 

  • 2022-23 के लिए कुल राजस्व प्राप्तियां 1,96,705 करोड़ रुपए होने का अनुमान हैजो 2021-22 के संशोधित अनुमान से 16% अधिक है। इसमें से 47,523 करोड़ रुपए (24%) राज्य द्वारा अपने संसाधनों से जुटाए जाएंगेऔर 1,49,182 करोड़ रुपए (76%) केंद्र से आएंगे। केंद्र से संसाधन केंद्रीय करों (राजस्व प्राप्तियों का 46%) और अनुदान (राजस्व प्राप्तियों का 29%) में राज्य के हिस्से के रूप में होंगे।
     
  • केंद्रीय करों में हिस्सेदारी2022-23 में राज्य को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 91,181 करोड़ रुपए प्राप्त होने का अनुमान है जो 2021-22 के संशोधित अनुमानों से 22% अधिक है। हालांकि 2022-23 के अनुमान केंद्रीय बजट 2022-23 में पेश किए गए अनुमानों के बिल्कुल विपरीत हैं। केंद्रीय बजट 2022-23 के अनुसारबिहार को 82,139 करोड़ रुपए (राज्य के बजट में अनुमान से 10% कम) प्राप्त होने का अनुमान है। बजट में ऐसे ओवरएस्टिमेशन पर राज्य को बाद के चरण में 2022-23 के लिए नियोजित व्यय में कटौती करनी पड़ सकती है। 
     
  • राज्य का स्वयं कर राजस्व2022-23 में बिहार का कुल स्वयं कर राजस्व 41,387 करोड़ रुपए होने का अनुमान हैजो 2021-22 के संशोधित अनुमान से 18% अधिक है। जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में बिहार का स्वयं कर राजस्व 2020-21 में जीएसडीपी के 4.9% (वास्तविक के अनुसार) से बढ़कर 2022-23 में जीएसडीपी का 5.6% (बजट अनुमान के अनुसार) होने का अनुमान है। 2021-22 मेंजबकि जीएसडीपी के अनुमान में 10.2% की कमी की गई हैराज्य के स्वयं कर राजस्व या इसके किसी भी घटक में कोई बदलाव का अनुमान नहीं है जैसा कि तालिका में प्रस्तुत किया गया है (जिसके कारण स्वयं कर और जीएसडीपी अनुपात बजट स्तर पर 4.6% से संशोधित चरण में 5.2% तक बढ़ रहा है)।
     
  • राज्य का गैर-कर राजस्व2022-23 में बिहार को स्वयं गैर-कर राजस्व के रूप में 6,136 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान हैजो 2021-22 के संशोधित अनुमानों की तुलना में 11% अधिक है। 2021-22 में राज्य के स्वयं गैर-कर राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में 11% की कमी का अनुमान है।

तालिका 5 राज्य सरकार की प्राप्तियों का ब्रेकअप (करोड़ रुपए में)

मद

2020-21

वास्तविक

2021-22

बअ

2021-22

संअ

बअ 21-22 से संअ 21-22 में परिवर्तन का %

2022-23

बअ

संअ 21-22 से बअ 22-23 में परिवर्तन का %

राज्य के स्वयं कर

30,342

35,050

35,050

0%

41,387

18%

राज्य के स्वयं गैर कर राजस्व

6,201

5,505

5,505

0%

6,136

11%

केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी

59,861

91,181

74,789

-18%

91,181

22%

केंद्र से सहायतानुदान

31,764

54,531

53,766

-1%

58,001

8%

राजस्व प्राप्तियां

1,28,168

1,86,267

1,69,111

-9%

1,96,705

16%

गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां

820

430

430

0%

432

0%

शुद्ध प्राप्तियां

1,28,989

1,86,697

1,69,541

-9%

1,97,136

16%

नोट: बअ- बजट अनुमान; संअ- संशोधित अनुमान।   
स्रोत: बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स 2022-23; पीआरएस

  • 2022-23 में एसजीएसटी स्वयं कर राजस्व (60%) का सबसे बड़ा स्रोत हो सकता है। 2022-23 में एसजीएसटी राजस्व 24,721 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो 2021-22 के संशोधित अनुमानों से 20% अधिक है। जबकि बजट से संशोधित चरण में एसजीएसटी राजस्व के अनुमानों में कोई बदलाव नहीं हुआ हैजीएसटी क्षतिपूर्ति बजट स्तर पर 3,500 करोड़ रुपए से संशोधित चरण में बढ़कर 10,316 करोड़ रुपए होने का अनुमान है (6,816 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति की एवज में बैक टू बैक लोन सहित)।
  • 2021-22 के संशोधित अनुमानों की तुलना में सेल्स टैक्स/वैट और वाहनों पर टैक्स से प्राप्त होने वाले राजस्व में भी 20% की वृद्धि का अनुमान है (तालिका 6 देखें)

जून 2022 के अंत में जीएसटी क्षतिपूर्ति 

जब जीएसटी पेश किया गया थातो केंद्र सरकार ने राज्यों को उनके जीएसटी राजस्व में पांच साल की अवधि के लिए 14% चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि की गारंटी दी थी। ऐसा न होने पर केंद्र द्वारा राज्यों को इस कमी को दूर करने के लिए क्षतिपूर्ति अनुदान दिया जाता है। यह गारंटी जून 2022 में खत्म हो रही है। 2018-22 के दौरान बिहार ने गारंटीशुदा एसजीएसटी राजस्व स्तर हासिल करने के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान पर भरोसा किया है। 2021-22 में बिहार को जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान के रूप में 10,316 करोड़ रुपए प्राप्त होने का अनुमान हैजो उसके अपने कर राजस्व का लगभग 29% है। इसलिए जून 2022 के बाद बिहार को राजस्व प्राप्तियों के स्तर में गिरावट देखने को मिल सकती है।

तालिका 6 राज्य के स्वयं कर राजस्व के मुख्य स्रोत (करोड़ रुपए में)

कर

2020-21

वास्तविक

2021-22

बअ

2021-22

संअ

बअ 21-22 से संअ 21-22 में परिवर्तन का %

2022-23

बअ

संअ 21-22 से बअ 22-23 में परिवर्तन का %

राज्य जीएसटी

16,050

20,621

20,621

0%

24,721

20%

सेल्स टैक्स/वैट

6,031

6,010

6,010

0%

7,210

20%

स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क

4,206

5,000

5,000

0%

5,500

10%

वाहन टैक्स

2,268

2,500

2,500

0%

3,000

20%

भूराजस्व

302

500

500

0%

500

0%

बिजली पर टैक्स और ड्यूटी

1,355

250

250

0%

287

15%

जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान

4,359

3,500

3,500

0%

3,500

-

जीएसटी क्षतिपूर्ति ऋण

3,609

0

6,816

-

-

-

स्रोत: बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स 2022-23; पीआरएस

2022-23 के लिए घाटे और ऋण के लक्ष्य

बिहार के राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) एक्ट2006 में राज्य सरकार की बकाया देनदारियोंराजस्व घाटे और राजकोषीय घाटे को प्रगतिशील तरीके से कम करने के लक्ष्यों का प्रावधान है। 

राजस्व संतुलन: यह सरकार की राजस्व प्राप्तियों और व्यय के बीच का अंतर होता है। राजस्व घाटे का यह अर्थ होता है कि सरकार को अपना व्यय पूरा करने के लिए उधार लेने की जरूरत है जोकि भविष्य में पूंजीगत परिसंपत्तियों का सृजन नहीं करेगा, और न ही देनदारियों को कम करेगा। 2022-23 में बिहार को 4,748 करोड़ रुपये के राजस्व अधिशेष का अनुमान हैजो जीएसडीपी का 0.64% है। इसकी तुलना में 2020-21 में राज्य में जीएसडीपी का 1.83% (11,325 करोड़ रुपये) राजस्व घाटा दर्ज किया गया। 2021-22 में राज्य को जीएसडीपी के 5.48% (37,207 करोड़ रुपये) के राजस्व घाटे का अनुमान है।

राजकोषीय घाटा: यह कुल प्राप्तियों पर कुल व्यय की अधिकता होता है। यह अंतर सरकार द्वारा उधारियों के जरिए पूरा किया जाता है और राज्य सरकार की कुल देनदारियों में वृद्धि करता है। 2022-23 में राजकोषीय घाटा 25,885 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 3.47%) होने का अनुमान है। यह केंद्रीय बजट के अनुसार 2022-23 में केंद्र सरकार द्वारा अनुमत जीएसडीपी के 4% की सीमा के भीतर है (जिसमें से 0.5% की छूट बिजली क्षेत्र के सुधार करने पर मिलेगी)।

संशोधित अनुमानों के अनुसार 2021-22 में राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 11.31% रहने का अनुमान है जो कि जीएसडीपी के 2.97% के बजट अनुमान से काफी अधिक है। यह 2021-22 में केंद्र सरकार द्वारा अनुमत 4.5% की सीमा से भी काफी अधिक है (जिसमें से 0.5% की छूट बिजली क्षेत्र के सुधार करने पर मिलेगी)। इसलिए यह एक ओवरएस्टिमेशन होने की उम्मीद है। 2020-21 में भी संशोधित चरण में राज्य ने जीएसडीपी के 6.7% के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया जिसमें व्यय (ऋण पुनर्भुगतान को छोड़कर) बजट अनुमान से 7% अधिक होने का अनुमान है। हालांकि 2022-23 के बजट में प्रस्तुत वास्तविक के अनुसार, 2020-21 में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.82% था (केंद्र सरकार द्वारा 2020-21 में अनुमत 5% की सीमा के भीतर)। 2020-21 में व्यय (कर्ज पुनर्भुगतान को छोड़कर) बजट अनुमान से 22% कम था।

बकाया देनदारियां: वित्तीय वर्ष के अंत में राज्य की कुल उधारियां जमा होकर बकाया देनदारियां बन जाती हैं। इसमें पब्लिक एकाउंट्स की देनदारियां भी शामिल हैं। मार्च 2023 के अंत तकराज्य की बकाया देनदारियां जीएसडीपी का 38.66% होने का अनुमान है। 2019-20 की तुलना में बकाया देनदारियों में जीएसडीपी का लगभग 6.11% (जीएसडीपी का 32.55%) बढ़ने का अनुमान है।

रेखाचित्र 2: राजस्व एवं राजकोषीय संतुलन (जीएसडीपी का %)

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नोट: बअ- बजट अनुमानसंअ- संशोधित अनुमान। पॉजिटिव आंकड़ा अधिशेष और नेगेटिव घाटा दर्शाता है। *2023-24 और 2024-25 के आंकड़े अनुमान हैं।
स्रोत: बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स 2022-23; पीआरएस  
 

रेखाचित्र 3: बकाया देनदारियों के लक्ष्य (जीएसडीपी का %)

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नोट: बअ- बजट अनुमानसंअ- संशोधित अनुमान।
स्रोत: बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स 2022-23; पीआरएस 
  

 

बकाया सरकारी गारंटी: राज्यों की बकाया देनदारियों में कुछ अन्य देनदारियां शामिल नहीं हैं जो आकस्मिक हैं और जिन्हें कुछ मामलों में राज्यों को पूरा करना पड़ सकता है। राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (एसपीएसई) वित्तीय संस्थानों से जो उधारी लेती हैं, उनकी गारंटी राज्य सरकारें देती हैं। 2020-21 के अंत में राज्य की बकाया गारंटी जीएसडीपी का 2.7% होने का अनुमान है जो 2019-20 के अंत में जीसडीपी के 0.9% से काफी अधिक है। बिजली और सहकारी क्षेत्रों में गारंटी का स्तर काफी बढ़ा है।

अनुलग्नक 1: मुख्य क्षेत्रों में राज्य के व्यय की तुलना

निम्नलिखित रेखाचित्रों में छह मुख्य क्षेत्रों में अन्य राज्यों के औसत व्यय के अनुपात में बिहार के कुल व्यय की तुलना की गई है। क्षेत्र के लिए औसतउस क्षेत्र में 30 राज्यों (बिहार सहित) द्वारा किए जाने वाले औसत व्यय (2021-22 के बजटीय अनुमानों के आधार पर) को इंगित करता है। [1]

  • शिक्षा: 2022-23 में बिहार ने शिक्षा के लिए बजट का 18.4% हिस्सा आबंटित किया है। अन्य राज्यों द्वारा शिक्षा पर जितनी औसत राशि का आबंटन किया गया (15.2%) उसकी तुलना में बिहार का आबंटन अधिक है (2021-22 बजट अनुमान)।
  • स्वास्थ्य: बिहार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 7.2% का आबंटन किया है। अन्य राज्यों के औसत आबंटन (6%) से यह ज्यादा है।
  • कृषि: राज्य ने कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए अपने बजट का 3.5% हिस्सा आबंटित किया है। यह अन्य राज्यों के औसत आबंटनों (6.2%) से कम है।
  • ग्रामीण विकास: बिहार ने ग्रामीण विकास के लिए 10.6% का आबंटन किया है। यह अन्य राज्यों द्वारा ग्रामीण विकास के औसत आबंटन (5.7%) से ज्यादा है।
  • पुलिस: बिहार ने पुलिस के लिए अपने व्यय का 5.4आबंटित किया है जोकि राज्यों द्वारा पुलिस पर किए गए औसत व्यय (4.3%) से अधिक है।
  • सड़क और पुल: बिहार ने सड़कों और पुलों के लिए 3.8% का आबंटन किया है। यह अन्य राज्यों द्वारा सड़कों और पुलों के लिए औसत आबंटन (4.7%) से कम है।

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नोट: 2020-21, 2021-22 (बअ), 2021-22 (संअ)और 2022-23 (बअ) के आंकड़े बिहार के हैं। 
स्रोत: बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स 2022-23; विभिन्न राज्य बजट; पीआरएस। 

अनुलग्नक 2: 2020-21 के बजटीय अनुमानों और वास्तविक के बीच तुलना 

यहां तालिकाओं में 2021-22 के वास्तविक के साथ उस वर्ष के बजटीय अनुमानों के बीच तुलना की गई है। 

तालिका 7 प्राप्तियों और व्यय की झलक (करोड़ रुपए में) 

मद

2020-21 बअ

2020-21 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का 

शुद्ध प्राप्तियां (1+2)

1,84,352

1,28,989

-30%

1.  राजस्व प्राप्तियां (+++)

1,83,924

1,28,168

-30%

.     स्वयं कर राजस्व

34,750

30,342

-13%

.  स्वयं गैर कर राजस्व

5,239

6,201

18%

.     केंद्रीय करों में हिस्सा

91,181

59,861

-34%

.  केंद्र से सहायतानुदान

52,754

31,764

-40%

इसमें जीएसटी क्षतिपूर्ति

3,500

4,359

25%

2.  गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां 

428

820

92%

3.  उधारियां

27,609

35,915

30%

इसमें जीएसटी क्षतिपूर्ति ऋण

-

3,609

-

शुद्ध व्यय (4+5+6)

2,04,726

1,58,816

-22%

4.  राजस्व व्यय

1,64,751

1,39,493

-15%

5.  पूंजीगत परिव्यय

38,745

18,209

-53%

6.  ऋण और अग्रिम

1,230

1,114

-9%

7.  ऋण पुनर्भुगतान

7,035

6,880

-2%

राजस्व संतुलन*

19,173

-11,325

-159%

राजस्व संतुलन * (जीएसडीपी का %)

2.80%

-1.83%

 

राजकोषीय घाया

20,374

29,827

46%

राजकोषीय घाटा (जीएसडीपी का %)

2.97%

4.82%

 

नोटबअबजट अनुमान  *पॉजिटव चिन्ह अधिशेष और नेगेटिव चिन्ह घाटा दर्शाता है।  
स्रोतविभिन्न वर्षों के बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स; पीआरएस।

तालिका 8 राज्य के स्वयं कर राजस्व के घटक (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2020-21 बअ

2020-21 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का %

भूराजस्व

500

302

-40%

एसजीएसटी

20,800

16,050

-23%

स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क

4,700

4,206

-11%

वाहन टैक्स

2,500

2,268

-9%

सेल्स टैक्स/वैट

5,830

6,031

3%

बिजली पर टैक्स और ड्यूटी

250

1,355

442%

स्रोत: विभिन्न वर्षों के बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स; पीआरएस।

तालिका 9 मुख्य क्षेत्रों के लिए आबंटन (करोड़ रुपए में)

क्षेत्र

2020-21 बअ

2020-21 वास्तविक

बअ से वास्तविक में परिवर्तन का 

एसी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों का कल्याण

3,517

862

-76%

कृषि और संबंधित गतिविधियां

7,056

3,374

-52%

आवासन

9,317

4,941

-47%

ग्रामीण विकास

26,058

15,647

-40%

शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति

39,351

27,347

-31%

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण

5,213

3,844

-26%

शहरी विकास

6,637

5,001

-25%

पुलिस

10,022

7,888

-21%

जलापूर्ति और सैनिटेशन

8,054

6,387

-21%

परिवहन

8,107

6,777

-16%

इसमें सड़कें और पुल

7,603

6,575

-14%

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण

10,602

9,152

-14%

समाज कल्याण और पोषण

13,505

15,764

17%

बिजली

5,457

8,625

58%

स्रोत: विभिन्न वर्षों के बिहार बजट डॉक्यूमेंट्स; पीआरएस।

[1]  30 राज्यों में दिल्ली और जम्मू एवं कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

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